Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुरैना जिले के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरावली में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के हिस्से-बंटवारे को लेकर विवाद छिड़ गया। इस पारिवारिक विवाद के चलते पति-पत्नी के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद, घायल पति-पत्नी जौरा थाने पहुंचे और वहां उपस्थित होकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई।
Mahesh singh
मुरैना जिले के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरावली में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के हिस्से-बंटवारे को लेकर विवाद छिड़ गया। इस पारिवारिक विवाद के चलते पति-पत्नी के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद, घायल पति-पत्नी जौरा थाने पहुंचे और वहां उपस्थित होकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मुरैना जिले के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरावली में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के हिस्से-बंटवारे को लेकर विवाद छिड़ गया। इस पारिवारिक विवाद के चलते पति-पत्नी के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद, घायल पति-पत्नी जौरा थाने पहुंचे और वहां उपस्थित होकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई।1
- सबलगढ़ में नगर पालिका परिषद से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह सोमवार को 25वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पार्षदों ने प्रशासन पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने की मांग तेज़ कर दी है। पार्षदों का आरोप है कि नालियों से निकाला गया कचरा कई स्थानों पर अब भी पड़ा है, जिसके बारिश में पुनः नालियों में बहने की आशंका है, इसलिए इसका तत्काल उठाव और उचित निस्तारण ज़रूरी है। इसके साथ ही, उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। पार्षदों और समाजसेवियों ने बताया कि लगातार आवाज़ उठाने के बाद प्रशासन कुछ सफाई और निर्माण कार्यों में जुटा है, लेकिन नगर पालिका के कार्यों, खर्चों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित जानकारियां अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ के कहने पर जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई आवेदन भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद जानकारी देने में टालमटोल की जा रही है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने ज़ोर देकर कहा कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुसार हुए हैं, तो जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही को लोकतंत्र की मूल भावना बताते हुए कहा कि जनता को हर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस संघर्ष को जारी रखने की बात दोहराई और कहा, "सच की राह कठिन सही, मगर मंज़िल जरूर मिलेगी, जनता की आवाज दबाने वालों को एक दिन जवाब जरूर मिलेगा।" पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर उनका यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इस सत्याग्रह के दौरान पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ सहित नगर के अनेक समाजसेवी भी सत्याग्रह स्थल पर पहुँचे और इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया।1
- हिमाचल प्रदेश में हुए नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर शानदार जीत दर्ज की है, जहाँ कुल चार में से तीन निगमों पर 'कमल' खिला है। इन चुनावों के परिणामों के अनुसार, भाजपा ने मंडी में 14 में से 12 सीटें जीतकर धमाकेदार प्रदर्शन किया, वहीं धर्मशाला में 17 में से 11 सीटें हासिल कीं। सोलन नगर निगम में भी पार्टी ने 17 में से 10 सीटें अपने नाम कीं। यह प्रभावशाली जीत भाजपा के विकास मॉडल और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के गहरे विश्वास को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।1
- बाड़ी SP विकास सांगवान के निर्देशों पर क्षेत्र में ए-श्रेणी की नाकाबंदी की गई। ASP श्रवण कुमार झोरड़ के नेतृत्व में बाड़ी, बाड़ी सदर, बसेड़ी, आंगई, सरमथुरा, नादनपुर और डांग बसई क्षेत्रों में यह कार्रवाई हुई, जिसमें DSP महेंद्र मीणा भी मौके पर उपस्थित रहे। ASP झोरड़ ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में नाकाबंदी की। इस दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, ओवरलोड वाहनों, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के साथ-साथ मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। बाड़ी क्षेत्र में थानाप्रभारी देवेंद्र शर्मा और बाड़ी सदर थाना क्षेत्र में थानाप्रभारी मोहर सिंह मीणा ने बिजौली चौकी पर विशेष रूप से यह कार्यवाही सुनिश्चित की।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले में, पंचायत बहादुरपुर के गांव भंवरे का पुरा के वार्ड संख्या 10 में ग्रामीण एक गंभीर सड़क समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायत के अनुसार, नक्शा उपलब्ध होने के बावजूद भी रास्ता नहीं बन पा रहा है, क्योंकि खेत वाले दबंगई दिखाते हुए इसे रोक रहे हैं। बताया गया है कि करीब चार से पांच लोग रास्ते को अवरुद्ध कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, स्कूली बच्चे भी पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। यह समस्या पिछले लगभग 15 से 20 सालों से बनी हुई है, जहां नक्शा होने के बावजूद भी सड़क का मार्ग बंद है।1
- प्रदेश में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा में हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें से बड़ी संख्या में छात्र ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, जिन्हें अक्सर आर्थिक और परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम और दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए, छात्रों के आवागमन को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए और NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के महत्व को देखते हुए, विनम्र आग्रह किया गया है कि परीक्षा दिवस पर निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, प्रमुख मार्गों पर विशेष बसों का संचालन भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को आवागमन में कोई असुविधा न हो। राज्य सरकार द्वारा यह सुविधा प्रदान करने से छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उनके भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में वे बिना किसी बाधा के शामिल हो सकें। अतः, विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा का निवेदन किया गया है।1
- धौलपुर के सैंपऊ रोड पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का मचकुंड प्रसंग, सुदामा चरित्र, नव योगेश्वर संवाद और शुकदेव पूजन के साथ आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। अंतिम दिन की कथा में उमड़े जनसैलाब से पूरा हॉल भक्तिमय माहौल में सराबोर नज़र आया, जिससे श्रद्धालुओं में गहरा आध्यात्मिक उत्साह देखने को मिला। कथा के सातवें और अंतिम दिन, पूज्य महाराज सर्वेश प्रपन्नाचार्य ने धौलपुर स्थित मचकुंड तीर्थराज को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने राजा मुचुकुन्द और कालयवन वध प्रसंग का अत्यंत रसपूर्ण एवं भावपूर्ण वर्णन करते हुए समझाया कि कैसे कालयवन द्वारा मथुरा पर आक्रमण करने पर भगवान श्रीकृष्ण रणभूमि छोड़कर भागे और 'रणछोड़' कहलाए। यह भगवान की एक अद्भुत लीला थी, जिसके तहत कालयवन उनका पीछा करते हुए धौलपुर के मौनी सिद्ध पहाड़ पर स्थित एक गुफा में जा पहुँचा। गुफा के भीतर त्रेतायुग के प्रतापी सूर्यवंशी राजा मुचुकुन्द गहरी नींद में सो रहे थे, जिन्हें इंद्र देव से यह वरदान प्राप्त था कि जो भी उन्हें नींद से जगाएगा, वह उनकी पहली दृष्टि पड़ते ही भस्म हो जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी चतुराई से अपना पीतांबर सो रहे राजा मुचुकुन्द पर डाल दिया। अहंकार में अंधे कालयवन ने मुचुकुन्द को ही श्रीकृष्ण समझकर उन्हें लात मार दी, जिससे राजा मुचुकुन्द की आंखें खुल गईं और कालयवन जलकर भस्म हो गया। इस घटना के बाद, राजा मुचुकुन्द ने सम्मुख खड़े साक्षात भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और राजपाठ तथा सांसारिक मोह त्यागकर प्रभु के चरणों में शरणागति ले ली। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि कालयवन वास्तव में मनुष्य के भीतर का 'अहंकार और वासना' है, जिसका अंत केवल ईश्वर की शरण में जाने पर ही संभव है। महाराज श्री ने भगवान कृष्ण और सुदामा की निश्छल मित्रता का भी मार्मिक चित्रण किया, यह बताते हुए कि सच्ची मित्रता में अमीरी-गरीबी की कोई दीवार नहीं होती। उन्होंने भावुकता से बताया कि कैसे सुदामा जी जब द्वारिका पहुँचे, तो प्रभु श्री कृष्ण ने नंगे पैर दौड़कर उनका स्वागत किया, जिसे सुनकर पंडाल में मौजूद कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा को आगे बढ़ाते हुए नव योगेश्वर संवाद पर उन्होंने कहा कि राजा निमि और नौ योगेश्वरों के बीच का संवाद भागवत महापुराण का हृदय है, जिसमें योगेश्वरों ने बताया कि भगवान की भक्ति ही शाश्वत है। शुकदेव पूजन में कथाव्यास ने शुकदेव जी महाराज को साक्षात वैराग्य का प्रतीक बताया और कहा कि उनके आगमन और पूजन से जीवन के सारे अंधकार दूर हो जाते हैं। महाराज श्री ने सात दिनों के सार को समेटते हुए कहा कि भागवत श्रवण से केवल मोक्ष ही नहीं मिलता, बल्कि यह हमें जीवन जीने की सही कला सिखाता है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से व्यसन मुक्ति, माता-पिता की सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कथा के परीक्षित महाराम शर्मा और उमा शर्मा सहित कमल, विमल, मनीष, यज्ञपति सूतैल, सियाराम शर्मा, गिरीश ब्रह्मा, पवन शर्मा, श्याम, रामू, मुकेश सूतैल और अन्य अनेक श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर कथा पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया।3
- जौरा शहर के गांधी वाचनालय में शहर कांग्रेस कमेटी और किसान कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त तत्वावधान में एक गांधीवादी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के संबंध में दिए गए बयान के विरोध में आयोजित किया गया था, जिस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी गंभीर आपत्ति जताई। विरोध प्रदर्शन के दौरान, उपस्थित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी वाचनालय में बैठकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने ईश्वर से मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि प्रदान करने की कामना की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक और जिम्मेदार पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा विपक्ष के नेता के लिए अशोभनीय भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक परंपराओं के बिल्कुल विपरीत है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सभी जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे मर्यादित भाषा और शालीन व्यवहार बनाए रखें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री से भविष्य में इस प्रकार की कोई भी टिप्पणी न करने की अपील की। इस अवसर पर किसान कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक यादव, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुरारी लाल अमर, अजय जैन, ओमप्रकाश सखलेचा, रामहेत नेताजी, उस्मानी, बनवारी लाल और दिलीप मित्तल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1