सबलगढ़ में नगर पालिका परिषद से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह सोमवार को 25वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पार्षदों ने प्रशासन पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने की मांग तेज़ कर दी है। पार्षदों का आरोप है कि नालियों से निकाला गया कचरा कई स्थानों पर अब भी पड़ा है, जिसके बारिश में पुनः नालियों में बहने की आशंका है, इसलिए इसका तत्काल उठाव और उचित निस्तारण ज़रूरी है। इसके साथ ही, उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। पार्षदों और समाजसेवियों ने बताया कि लगातार आवाज़ उठाने के बाद प्रशासन कुछ सफाई और निर्माण कार्यों में जुटा है, लेकिन नगर पालिका के कार्यों, खर्चों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित जानकारियां अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ के कहने पर जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई आवेदन भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद जानकारी देने में टालमटोल की जा रही है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने ज़ोर देकर कहा कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुसार हुए हैं, तो जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही को लोकतंत्र की मूल भावना बताते हुए कहा कि जनता को हर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस संघर्ष को जारी रखने की बात दोहराई और कहा, "सच की राह कठिन सही, मगर मंज़िल जरूर मिलेगी, जनता की आवाज दबाने वालों को एक दिन जवाब जरूर मिलेगा।" पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर उनका यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इस सत्याग्रह के दौरान पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ सहित नगर के अनेक समाजसेवी भी सत्याग्रह स्थल पर पहुँचे और इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
सबलगढ़ में नगर पालिका परिषद से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह सोमवार को 25वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पार्षदों ने प्रशासन पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने की मांग तेज़ कर दी है। पार्षदों का आरोप है कि नालियों से निकाला गया कचरा कई स्थानों पर अब भी पड़ा है, जिसके बारिश में पुनः नालियों में बहने की आशंका है, इसलिए इसका तत्काल उठाव और उचित निस्तारण ज़रूरी है। इसके साथ ही, उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। पार्षदों और समाजसेवियों ने बताया कि लगातार आवाज़ उठाने के बाद प्रशासन कुछ सफाई और निर्माण कार्यों में जुटा है, लेकिन नगर पालिका के कार्यों, खर्चों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित जानकारियां अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ के कहने पर जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई आवेदन भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद जानकारी देने में टालमटोल की जा रही है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने ज़ोर देकर कहा कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुसार हुए हैं, तो जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही को लोकतंत्र की मूल भावना बताते हुए कहा कि जनता को हर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस संघर्ष को जारी रखने की बात दोहराई और कहा, "सच की राह कठिन सही, मगर मंज़िल जरूर मिलेगी, जनता की आवाज दबाने वालों को एक दिन जवाब जरूर मिलेगा।" पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर उनका यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इस सत्याग्रह के दौरान पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ सहित नगर के अनेक समाजसेवी भी सत्याग्रह स्थल पर पहुँचे और इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
- सबलगढ़ में नगर पालिका परिषद से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह सोमवार को 25वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पार्षदों ने प्रशासन पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने की मांग तेज़ कर दी है। पार्षदों का आरोप है कि नालियों से निकाला गया कचरा कई स्थानों पर अब भी पड़ा है, जिसके बारिश में पुनः नालियों में बहने की आशंका है, इसलिए इसका तत्काल उठाव और उचित निस्तारण ज़रूरी है। इसके साथ ही, उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। पार्षदों और समाजसेवियों ने बताया कि लगातार आवाज़ उठाने के बाद प्रशासन कुछ सफाई और निर्माण कार्यों में जुटा है, लेकिन नगर पालिका के कार्यों, खर्चों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित जानकारियां अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ के कहने पर जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई आवेदन भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद जानकारी देने में टालमटोल की जा रही है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने ज़ोर देकर कहा कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुसार हुए हैं, तो जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही को लोकतंत्र की मूल भावना बताते हुए कहा कि जनता को हर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस संघर्ष को जारी रखने की बात दोहराई और कहा, "सच की राह कठिन सही, मगर मंज़िल जरूर मिलेगी, जनता की आवाज दबाने वालों को एक दिन जवाब जरूर मिलेगा।" पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर उनका यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक नगरवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इस सत्याग्रह के दौरान पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद रचना अशरफ सहित नगर के अनेक समाजसेवी भी सत्याग्रह स्थल पर पहुँचे और इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया।1
- मुरैना जिले के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरावली में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के हिस्से-बंटवारे को लेकर विवाद छिड़ गया। इस पारिवारिक विवाद के चलते पति-पत्नी के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद, घायल पति-पत्नी जौरा थाने पहुंचे और वहां उपस्थित होकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई।1
- मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील के ब्रत्तोखर गांव में बारिश के कारण स्थिति बेहद खराब हो गई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, गांव में बारिश से पैदा हुई बदहाली को दूर करने के लिए सरपंच द्वारा कोई काम नहीं कराया जा रहा है, जिस पर ग्रामीणों ने असंतोष व्यक्त किया है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे में महाकालेश्वर पूजा सेवा समिति की नवीन कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इस दौरान एडवोकेट योगेश कुमार शर्मा बोहरे को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि मोहन सिंह सिकरवार को मंत्री और गजानंद सोनी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। भक्ति और सेवा के संकल्प के साथ गठित हुई इस नवीन कार्यकारिणी को सेवा समिति द्वारा फूल-मालाएं पहनाकर और साफा बांधकर शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।3
- बाड़ी SP विकास सांगवान के निर्देशों पर क्षेत्र में ए-श्रेणी की नाकाबंदी की गई। ASP श्रवण कुमार झोरड़ के नेतृत्व में बाड़ी, बाड़ी सदर, बसेड़ी, आंगई, सरमथुरा, नादनपुर और डांग बसई क्षेत्रों में यह कार्रवाई हुई, जिसमें DSP महेंद्र मीणा भी मौके पर उपस्थित रहे। ASP झोरड़ ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में नाकाबंदी की। इस दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, ओवरलोड वाहनों, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वालों और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के साथ-साथ मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। बाड़ी क्षेत्र में थानाप्रभारी देवेंद्र शर्मा और बाड़ी सदर थाना क्षेत्र में थानाप्रभारी मोहर सिंह मीणा ने बिजौली चौकी पर विशेष रूप से यह कार्यवाही सुनिश्चित की।1
- प्रदेश में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा में हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें से बड़ी संख्या में छात्र ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, जिन्हें अक्सर आर्थिक और परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम और दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए, छात्रों के आवागमन को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए और NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के महत्व को देखते हुए, विनम्र आग्रह किया गया है कि परीक्षा दिवस पर निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, प्रमुख मार्गों पर विशेष बसों का संचालन भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को आवागमन में कोई असुविधा न हो। राज्य सरकार द्वारा यह सुविधा प्रदान करने से छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उनके भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में वे बिना किसी बाधा के शामिल हो सकें। अतः, विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा का निवेदन किया गया है।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले में, पंचायत बहादुरपुर के गांव भंवरे का पुरा के वार्ड संख्या 10 में ग्रामीण एक गंभीर सड़क समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायत के अनुसार, नक्शा उपलब्ध होने के बावजूद भी रास्ता नहीं बन पा रहा है, क्योंकि खेत वाले दबंगई दिखाते हुए इसे रोक रहे हैं। बताया गया है कि करीब चार से पांच लोग रास्ते को अवरुद्ध कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, स्कूली बच्चे भी पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। यह समस्या पिछले लगभग 15 से 20 सालों से बनी हुई है, जहां नक्शा होने के बावजूद भी सड़क का मार्ग बंद है।1
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद की जनसमस्याओं और कार्यशैली को लेकर पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह सोमवार को 25वें दिन भी लगातार जारी रहा। पार्षदों का आरोप है कि एक ओर प्रशासन शहर में सफाई और निर्माण कार्यों में सक्रिय दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर वे इन कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। पार्षदों ने दावा किया कि नालियों से निकाला गया कचरा अभी भी कई स्थानों पर पड़ा हुआ है, जो बारिश होने पर वापस नालियों में बह जाता है। उन्होंने इस कचरे को तत्काल उठाकर उचित स्थान पर निस्तारण करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पार्षदों और समाजसेवियों ने यह भी कहा कि नगर की समस्याओं पर लगातार आवाज उठाने के बावजूद नगर पालिका के कार्यों, खर्चों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से जुड़ी जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि सीएमओ के कहने पर आरटीआई भी लगाई गई, लेकिन फिर भी जानकारी देने में टालमटोल की जा रही है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस पर कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुसार हुए हैं, तो जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र की मूल भावना है, और जनता को हर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। पचौरी ने यह भी कहा, "सच की राह कठिन सही, मगर मंज़िल जरूर मिलेगी, जनता की आवाज दबाने वालों को एक दिन जवाब जरूर मिलेगा।" पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष जारी रहेगा और वे तब तक सत्याग्रह समाप्त नहीं करेंगे जब तक नगरवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इस दौरान पार्षद कैलाश चंद भगत और पार्षद रचना अशरफ सहित अनेक समाजसेवी भी सत्याग्रह स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।1