“जूते हाथ में, पानी में पैर—पिंडरा में ऐसा है ‘विकास’ का हाल” कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा पिंडरा में विकास की तस्वीर कुछ ऐसी नजर आ रही है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। यहां विकास की गंगा इस कदर बह रही है कि लोग सड़क पर चलने के बजाय हाथ में चप्पल और जूते लेकर चलने को मजबूर हो गए हैं। पहली ही बारिश ने गांव की सड़कों की हकीकत उजागर कर दी है। प्राइमरी विद्यालय के ठीक सामने साल 2024 में बनी सड़क हो या हाल के वर्षों में तैयार किए गए रास्ते, सभी जगह जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। स्थिति यह है कि स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बरसात अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन हालात पहले ही बदतर हो चुके हैं। अन्नपूर्णा भवन से लेकर प्राइमरी विद्यालय तक का रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बने हुए महज डेढ़ से दो साल ही हुए हैं, लेकिन जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल यही समस्या सामने आती है। गांव के लोग राशन लेने तक के लिए इसी पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई ऐसे इलाके भी हैं जहां आज तक सड़कों पर ईंट तक नहीं रखी गई है। ऐसे में बारिश के दिनों में वहां चलना और भी मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति न सिर्फ आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी सीधा असर डाल रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे, या हर साल की तरह इस बार भी बारिश के साथ समस्याएं बढ़ती रहेंगी? गांव के लोग अब समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
“जूते हाथ में, पानी में पैर—पिंडरा में ऐसा है ‘विकास’ का हाल” कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा पिंडरा में विकास की तस्वीर कुछ ऐसी नजर आ रही है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। यहां विकास की गंगा इस कदर बह रही है कि लोग सड़क पर चलने के बजाय हाथ में चप्पल और जूते लेकर चलने को मजबूर हो गए हैं। पहली ही बारिश ने गांव की सड़कों की हकीकत उजागर कर दी है। प्राइमरी विद्यालय के ठीक सामने साल 2024 में बनी सड़क हो या हाल के वर्षों में तैयार किए गए रास्ते, सभी जगह जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। स्थिति यह है कि स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बरसात अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन हालात पहले ही बदतर हो चुके हैं। अन्नपूर्णा भवन से लेकर प्राइमरी विद्यालय तक का रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बने हुए महज डेढ़ से दो साल ही हुए हैं, लेकिन जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल यही समस्या सामने आती है। गांव के लोग राशन लेने तक के लिए इसी पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई ऐसे इलाके भी हैं जहां आज तक सड़कों पर ईंट तक नहीं रखी गई है। ऐसे में बारिश के दिनों में वहां चलना और भी मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति न सिर्फ आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी सीधा असर डाल रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे, या हर साल की तरह इस बार भी बारिश के साथ समस्याएं बढ़ती रहेंगी? गांव के लोग अब समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
- कुशीनगर जिले के सुकरौली विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा पिंडरा में विकास की तस्वीर कुछ ऐसी नजर आ रही है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। यहां विकास की गंगा इस कदर बह रही है कि लोग सड़क पर चलने के बजाय हाथ में चप्पल और जूते लेकर चलने को मजबूर हो गए हैं। पहली ही बारिश ने गांव की सड़कों की हकीकत उजागर कर दी है। प्राइमरी विद्यालय के ठीक सामने साल 2024 में बनी सड़क हो या हाल के वर्षों में तैयार किए गए रास्ते, सभी जगह जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। स्थिति यह है कि स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बरसात अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन हालात पहले ही बदतर हो चुके हैं। अन्नपूर्णा भवन से लेकर प्राइमरी विद्यालय तक का रास्ता पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बने हुए महज डेढ़ से दो साल ही हुए हैं, लेकिन जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल यही समस्या सामने आती है। गांव के लोग राशन लेने तक के लिए इसी पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई ऐसे इलाके भी हैं जहां आज तक सड़कों पर ईंट तक नहीं रखी गई है। ऐसे में बारिश के दिनों में वहां चलना और भी मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति न सिर्फ आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी सीधा असर डाल रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे, या हर साल की तरह इस बार भी बारिश के साथ समस्याएं बढ़ती रहेंगी? गांव के लोग अब समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।1
- Post by MANOJ KUMAR YADAV1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | कुशीनगर 🚨 📍 बिहार सीमा के पास शराब बरामदगी की चर्चा तेज ➡️ तरयासुजान थाना क्षेत्र के गांव रामपुर बंगरा का मामला ➡️ तमकुहीराज थाना की डिबनी बजरवा पुलिस चौकी से जुड़े पुलिसकर्मी के पहुंचने की सूचना ➡️ पुलिस टीम के साथ कार्रवाई की चर्चा 💬 चर्चा में क्या है? ▪️ एक व्यक्ति के घर से अवैध शराब बरामद होने की बात ▪️ तरयासुजान थाना व चौकी तिनफेडिया पुलिस को भनक तक नहीं! 🔊 वायरल वीडियो में शराब बरामदगी की बात खुद बता रही पुलिस ▪️ घटना आज रविवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही 📢 सबसे बड़ा सवाल ❓ आखिर स्थानीय पुलिस को जानकारी क्यों नहीं? ❓ प्रेस नोट जारी न होने से कार्रवाई पर उठ रहे सवाल 📲 वीडियो क्लिप वायरल, सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप ⚠️ सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी ✍️ ब्रेकिंग अपडेट जारी…1
- देवरिया की धरती से हम समाजवादी पार्टी का यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि हमारी राजनीति केवल किताबों तक सीमित नहीं है। हम “कलेक्शन फॉर्म” भरने या औपचारिकता निभाने नहीं आए हैं, बल्कि समाज में एक बौद्धिक और सामाजिक क्रांति लाने आए हैं। हम यहाँ लोगों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देने नहीं आए, बल्कि उस सच्चाई को सामने लाने आए हैं जो सड़कों पर दिखती है। वह सच्चाई जो किसानों के पसीने में खेतों में बहती है… वह सच्चाई जो बेरोजगार युवाओं की आँखों में सवाल बनकर जलती है… हम उसी हकीकत की आवाज़ उठाने आए हैं, और जनता के हक़ की लड़ाई को मजबूती देने आए हैं।1
- कीमती सामान को कुड़ो में देख रह गये चकित एक ऐसा पौधा है जिसका नाम है आकाश बावर इस पौधे को अमर बेल के नाम से भी जाना जाता है यह पौधा बहुत ही लाभदायक है इस पौधे से कोरोना काल में कोरोना मरीजों को इस पौधे से बहुत शायता मिला और इसी पौधे से पशुवो को भी बहुत फायदा होता है वाही मनुष्यों को भी कई बीमारियों से लाभ मिलता है जैसे हड्डी के दर्द बुखार. शरीर में अकड़न हड्डी के टूटने में. लाइबर का कोई दिक्क़त हो तो आकाश भवर आयुर्वेदिक है इसका कोई पेड़ नहीं होता है ना पत्ता होता है ना कोई जड़ होता है जानवर के शरीर में किसी भी प्रकार का भीमारी होगा उसको दूर करेगा यह कुदरती दवा है इस आयुर्वेदिक दवा को गर्म पानी में डाल कर उबाला जाता है फिर उसी उबले पानी को पिया जाता है इस दवा के बारे में जाने क्या कहना है जानकर का2
- Post by Mantu Verma Jay Shri Ram1
- **चलती बस में लगी भीषण आग, ड्राइवर और मालिक ने कूदकर बचाई जान** जिला संवाददाता सागर पाठक कुशीनगर। जनपद के तरयासुजान क्षेत्र अंतर्गत सलेमगढ़ खास के पास हाईवे पर रविवार देर रात एक चलती बस में अचानक भीषण आग लग गई। घटना रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। बस जयपुर से बिहार जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संदिग्ध परिस्थितियों में बस में अचानक आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उस समय बस में केवल ड्राइवर और बस मालिक ही मौजूद थे। आग की लपटें तेजी से फैलती देख दोनों ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक बस का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- सिद्धार्थनगर में हुई घटना ने दिल झकझोर दिया 😔 5 बच्चे पानी की टंकी पर चढ़ गए थे, जिसमें एक मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। दो बच्चों का इलाज चल रहा है, वहीं दो बच्चे टंकी पर फंसे थे, जिन्हें प्रशासन ने अपनी सूझबूझ और साहस से हेलीकॉप्टर 🚁 की मदद से सुरक्षित बचा लिया। सिद्धार्थनगर प्रशासन की तत्परता और बहादुरी काबिल-ए-तारीफ है 👏 ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल बच्चे जल्द स्वस्थ हों और दिवंगत आत्मा को शांति मिले 🙏 #Siddharthnagar #UPPolice #RescueOperation #YogiGovernment #PrayForChildren #indianarmy1