ललितपुर पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्री कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी तालबेहट श्री आशीष मिश्रा के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध-विरोधी अभियान के तहत, थाना पूराकला पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना पूराकला में पंजीकृत मु0अ0सं0 97/26, धारा 65(1)/351(3) बीएनएस और ¾ पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शिवम अहिरवार पुत्र श्यामलाल अहिरवार (उम्र लगभग 21 वर्ष, निवासी ग्राम धमना, थाना पूराकलां, जनपद ललितपुर) के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी 03 जून 2026 को की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार और कांस्टेबल विष्णु प्रताप सिंह शामिल थे। अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
ललितपुर पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्री कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी तालबेहट श्री आशीष मिश्रा के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध-विरोधी अभियान के तहत, थाना पूराकला पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना पूराकला में पंजीकृत मु0अ0सं0 97/26, धारा 65(1)/351(3) बीएनएस और ¾ पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शिवम अहिरवार पुत्र श्यामलाल अहिरवार (उम्र लगभग 21 वर्ष, निवासी ग्राम धमना, थाना पूराकलां, जनपद ललितपुर) के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी 03 जून 2026 को की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार और कांस्टेबल विष्णु प्रताप सिंह शामिल थे। अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
- ललितपुर पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्री कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी तालबेहट श्री आशीष मिश्रा के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध-विरोधी अभियान के तहत, थाना पूराकला पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना पूराकला में पंजीकृत मु0अ0सं0 97/26, धारा 65(1)/351(3) बीएनएस और ¾ पाक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शिवम अहिरवार पुत्र श्यामलाल अहिरवार (उम्र लगभग 21 वर्ष, निवासी ग्राम धमना, थाना पूराकलां, जनपद ललितपुर) के रूप में हुई है। उसकी गिरफ्तारी 03 जून 2026 को की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार और कांस्टेबल विष्णु प्रताप सिंह शामिल थे। अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पृथ्वीपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गैलवारा में पदस्थ सचिव रवि यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सचिव रवि यादव एक हितग्राही से उसके कार्य के एवज में रिश्वत की मांग करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से प्राप्त ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, अब नागरिक अपने फोन का उपयोग करके अपनी जमीन और दूसरों की जमीन पर हुए कब्जे की जानकारी देख सकते हैं। यह सुविधा लोगों को यह जानने में मदद करती है कि उनकी जमीन पर किसने कब्जा किया है और यह भी कि उन्होंने किसी और की जमीन पर कितना कब्जा किया हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के बल्देवगढ़ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शिक्षक समय पर स्कूल न खुलने का विरोध कर रहे ग्रामीणों को अपशब्द कहता हुआ दिखाई दे रहा है। शिक्षक ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन से भड़क गया था, जिसके बाद उसने अनुचित शब्दों का प्रयोग किया। इस घटना के संबंध में ओबीसी चतुर्भुज कुशवाहा, विवेक श्रोत्रिय, कलेक्टर टीकमगढ़ नीलेश दादा यादव, उत्तम नापित, सीताराम लोधी, राजपूत फुटेर, और पीआरओ टीकमगढ़ डॉ. कौशल प्रजापति को टैग किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के तालगांव में ग्रामीणों को सड़क की बदहाल स्थिति के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तालगांव शहर के ताला गांव से लेकर बड़ी पुलिया तक करीब 200 मीटर की यह सड़क खराब हालत में है, जिससे लोगों को आने-जाने में बहुत दिक्कत और गंभीर परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं। विशेष रूप से, बच्चे, नौजवान और बूढ़े-बुजुर्ग इस खराब सड़क के कारण अत्यधिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही 26 वर्षीय सुखवाती यादव को समय पर इलाज और चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई, जिसके चलते अस्पताल परिसर के फर्श पर ही समय से पहले बच्चे का जन्म हो गया। परिजनों का आरोप है कि मौके पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने समय रहते प्रसूता की मदद नहीं की, जिसके कारण यह दर्दनाक स्थिति पैदा हुई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, और मामले की जांच तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।1