Shuru
Apke Nagar Ki App…
2027 चुनाव से पहले सपा पर डिप्टी CM का बड़ा हमला | केशव मौर्य बोले- अखिलेश सिर्फ अफवाह फैला रहे
EN Daily National
2027 चुनाव से पहले सपा पर डिप्टी CM का बड़ा हमला | केशव मौर्य बोले- अखिलेश सिर्फ अफवाह फैला रहे
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Anand Kumar2
- Post by Abc Hindustan1
- Post by KAMLESHKUMAR1
- आकाशवाणी 18 2 2026 ई0 आज बुधवार है। बुधवार का दिन भगवान गणेश जी को अर्पित माना जाता है। आइए! भगवान गणेश जी का ध्यान करते हुए प्रभू के श्री चरणों में हाजिरी लगाते हुए आज के दिनचर्या का प्रारंभ करते हैं । अऊम गंग गणपतए नमः । गणपतये नमः गणपतये नमः गणपतये नमः गणपतये नमः गणपतये नमः गणपतये नमः गणपतये नमः गणपति नमः गणपतये नमः गणपतए नमः 🌺🙏✍️🌹🌺1
- विकास पुरुष एके शर्मा कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश1
- *पसमांदा समाज को आबादी के अनुपात में मिले राजनीतिक हिस्सेदारी : मु. इसहाक अंसारी* *2027 विधानसभा चुनाव में PDA के तहत 64 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की मांग, संवैधानिक अधिकार संवाद कार्यक्रम में उठी आवाज* ✍️ *आशु सिंह* संतकबीरनगर। ओबीसी श्रेणी के पसमांदा एवं दलित मुस्लिम समाज के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर आयोजित “जागरूकता एवं संवैधानिक अधिकार संवाद कार्यक्रम” में समाज के नेताओं ने अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का नेतृत्व ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद इसहाक अंसारी ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पसमांदा समाज लंबे समय से सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से उपेक्षित रहा है। जब तक वंचित तबकों को उनके संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की सही जानकारी नहीं होगी, तब तक वास्तविक सामाजिक न्याय संभव नहीं है। इस उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाकर समाज को संगठित करने की जरूरत है। प्रेस वार्ता के दौरान मु. इसहाक अंसारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि “हम समाजवादी विचारधारा के साथ हैं और रहेंगे, लेकिन हमें हमारी आबादी के अनुसार राजनीतिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।” उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग की कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के तहत पसमांदा समाज को आबादी के अनुपात में कम से कम 64 सीटों पर चुनाव लड़ाया जाए। उन्होंने कहा कि पसमांदा समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़े बिना सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी है। यदि समाज को निर्णय प्रक्रिया में प्रतिनिधित्व मिलेगा, तभी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा के प्रसार और युवाओं को राजनीति में आगे आने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पसमांदा और दलित मुस्लिम समाज को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए गांव-गांव संवाद कार्यक्रम चलाकर लोगों को संगठित किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठजन उपस्थित रहे। अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, शिक्षा के विस्तार और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।1
- 2027 चुनाव से पहले सपा पर डिप्टी CM का बड़ा हमला | केशव मौर्य बोले- अखिलेश सिर्फ अफवाह फैला रहे1
- Post by Abc Hindustan1
- Post by KAMLESHKUMAR1