स्थानीय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगदही में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों सचित्र तुलसीपुर, संवाददाता । स्थानीय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगदही में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जनपद स्तरीय जांच टीम ने गांव पहुंचकर विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीण विकास कुमार, गुड्डू, राजेश कुमार, पंडित जवाहरलाल,भोला राम, राम दास आदि लोगों का आरोप है कि पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सामुदायिक शौचालय पर अधिकांश समय ताला लगा रहता है। शौचालय में पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण आम लोग उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसके बावजूद संचालन और रखरखाव के नाम पर लगातार भुगतान किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव में विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। बढ़ते दबाव के बाद जनपद स्तर की टीम ने गांव पहुंचकर अमृत सरोवर, खड़ंजा निर्माण, सामुदायिक शौचालय समेत कई कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके पर कार्यों की गुणवत्ता, अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान भी किया। जांच के बाद गांव में यह चर्चा तेज हो गई है कि कई मामलों में अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इस संबंध में बीडीओ सुनील कुमार आर्य ने बताया कि ग्राम पंचायत से संबंधित लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके आधार पर जांच कराई गई है। जांच टीम ने निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला स्तर पर भेज दी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस बार भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगदही में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों सचित्र तुलसीपुर, संवाददाता । स्थानीय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरगदही में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जनपद स्तरीय जांच टीम ने गांव पहुंचकर विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीण विकास कुमार, गुड्डू, राजेश कुमार, पंडित जवाहरलाल,भोला राम, राम दास आदि लोगों का आरोप है कि पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सामुदायिक शौचालय पर अधिकांश समय ताला लगा रहता है। शौचालय में पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण आम लोग उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसके बावजूद संचालन और रखरखाव के नाम पर लगातार भुगतान किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि गांव में विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। बढ़ते दबाव के बाद जनपद स्तर की टीम ने गांव पहुंचकर अमृत सरोवर, खड़ंजा निर्माण, सामुदायिक शौचालय समेत कई कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके पर कार्यों की गुणवत्ता, अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान भी किया। जांच के बाद गांव में यह चर्चा तेज हो गई है कि कई मामलों में अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इस संबंध में बीडीओ सुनील कुमार आर्य ने बताया कि ग्राम पंचायत से संबंधित लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके आधार पर जांच कराई गई है। जांच टीम ने निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला स्तर पर भेज दी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस बार भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- bhangha kla gulharya rod he Bhai bahut kharb he koi banwata nahi he1
- सरकारी दावों की खुली पोल 10 साल, लाखों का खर्च, फिर भी ग्रामीण खेतों में जाने को मजबूर! सरकारी दावों की खुली पोल 10 साल, लाखों का खर्च, फिर भी ग्रामीण खेतों में जाने को मजबूर! बलरामपुर के विकासखंड तुलसीपुर की ग्राम पंचायत सिकटीहिवा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत लाखों रुपये खर्च कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन हकीकत यह है कि पिछले 10 वर्षों से इस पर ताला लटका हुआ है। दावे बनाम हकीकत ग्रामीणों का आरोप: ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि निर्माण के बाद से आज तक एक दिन के लिए भी यह शौचालय नहीं खोला गया। महिलाएं और बुजुर्ग आज भी खुले में शौच जाने को विवश हैं। अधिकारी का तर्क: ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का दावा है कि शौचालय सुबह 5:00 से 9:00 बजे तक खुलता है। जमीनी स्थिति: शौचालय की छत पर रखी पानी की टंकियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त और बदहाल हैं। जब पानी की व्यवस्था ही नहीं है, तो शौचालय का उपयोग कैसे संभव है? यह स्थिति अधिकारी के दावों को पूरी तरह कागजी साबित करती है। "क्या स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य सिर्फ इमारतें खड़ी करना है या जनता को सुविधा देना? लाखों के बजट का बंदरबांट आखिर कब तक चलेगा?" शासन-प्रशासन से अनुरोध है कि इस मामले का संज्ञान लें और दोषियों पर कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को उनके अधिकार की सुविधा उपलब्ध कराएं। ग्राम पंचायत सिकटीहिवा, विकासखंड तुलसीपुर, बलरामपुर 2
- शौच मुक्त भारत दिखता कागजो में जमीनी हकीकत वर्षो से नही खुला ग्राम पंचायत सिक्तिःवा शौचालय का ताला सोच मुक्त अभियान भले ही कागजों में दौड़ रहा है लेकिन धरातल की तस्वीरों से अंदाजा लगा सकते है कि लाखों खर्च के बाद भी सामुदायिक शौचालय में वर्षो से ताला लगा हुआ की जानकारी ग्रामीणों ने दी है जबकि इसके निर्माण में लगभग 7 लाख 2021,22 में खर्च और मरम्मत 2022,23 में 3 लाख की जानकारी मिल रही उसके बाद भी सिक्तिःवा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को शौच के लिए आज भी खेतो में जाना पड़ता है फिर कैसे हो शौच मुक्क्त भारत का सपना साकार जब इस प्रकार से ग्राम प्रधान और सचिव के द्वारा सिर्फ कागजो में ही विकास करवाया गया हो जिसकी पुष्टि खण्ड विकास अधिकारी तुलसीपुर से बात करने पर भी की जाती है कि हमारे जांच में भी शौचालय बन्द मिला है जबकि जिम्मेदार द्वारा दावा किया जाता है कि खुलता है ।1
- गौरा चौराहा क्षेत्र में बालक का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी गौरा चौराहा क्षेत्र में बालक का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी बलरामपुर जिले के थाना गौरा चौराहा क्षेत्र में एक बालक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।1
- Phir use vot de kon raha hai😀😀...................... Phir use vot de kon raha hai😀😀😀1
- उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में "बहू-बेटी सम्मेलन" आयोजित कर महिलाओं को सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। इसमें सरकारी योजनाओं, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा से बचाव और आत्मरक्षा के बारे में जागरूक कर आत्मनिर्भर बनने को प्रेरित किया गया। यह पहल महिलाओं को निर्भीक होकर समाज में अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी।1
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का ऐलान किया है। पार्टी ने साफ किया है कि जरूरत पड़ी तो वह भाजपा से अलग होकर भी चुनाव लड़ेगी, जिसका अंतिम फैसला चिराग पासवान लेंगे। यह ऐलान श्रावस्ती में हुई एक संगठन समीक्षा बैठक में किया गया, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल मच गई है।3
- समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका 30 नेता ओपी राजभर पार्टी में शामिल समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका 30 नेता ओपी राजभर पार्टी में शामिल1