मदरसे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सपा नेताओं और प्रशासन के बीच हुई नोकझोंक सिद्धार्थनगर जिले के पथरा थाना क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में स्थित अरबिया जियाउल उलूम मदरसे पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर सात जेसीबी मशीनों के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा। मदरसा ध्वस्त किए जाने की सूचना पर समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान प्रशासन और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया गया कि अरबिया जियाउल उलूम मदरसे का निर्माण वर्ष 1968 में हुआ था। तभी से यहां मदरसे का संचालन किया जा रहा था। मदरसे में करीब 350 बच्चे उर्दू की तालीम हासिल कर रहे थे। मदरसे का पंजीकरण वक्फ बोर्ड में होने की बात बताई जा रही है, हालांकि सरकार से इसे मान्यता नहीं मिल सकी थी। मदरसे की जमीन को लेकर चकबंदी विभाग में मुकदमा भी चल रहा है। मदरसे की देखरेख कर रहे ग्राम प्रधान इरशाद अहमद के मुताबिक, जमीन के अभिलेखों में मदरसा संचालक अब्दुल सलाम के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त बस्ती मंडल की ओर से एसडीएम और चकबंदी विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि मुकदमा लंबित होने और जांच के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे मदरसे को ध्वस्त कर दिया। इरशाद अहमद का आरोप है कि मदरसा ध्वस्त करने से पहले प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि मदरसा संचालक अब्दुल सलाम इस समय मुंबई में हैं। कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कार्रवाई के दौरान सपा नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल गरमा गया। प्रशासनिक अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई। पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन की ओर से मदरसा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किस आधार पर की गई, इसे लेकर अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
मदरसे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सपा नेताओं और प्रशासन के बीच हुई नोकझोंक सिद्धार्थनगर जिले के पथरा थाना क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में स्थित अरबिया जियाउल उलूम मदरसे पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर सात जेसीबी मशीनों के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा। मदरसा ध्वस्त किए जाने की सूचना पर समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान प्रशासन और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया गया कि अरबिया जियाउल उलूम मदरसे का निर्माण वर्ष 1968 में हुआ था। तभी से यहां मदरसे का संचालन किया जा रहा था। मदरसे में करीब 350 बच्चे उर्दू की तालीम हासिल कर रहे थे। मदरसे का पंजीकरण वक्फ बोर्ड में होने की बात बताई जा रही है, हालांकि सरकार से इसे मान्यता नहीं मिल सकी थी। मदरसे की जमीन को लेकर चकबंदी विभाग में मुकदमा भी चल रहा है। मदरसे की देखरेख कर रहे ग्राम प्रधान इरशाद अहमद के मुताबिक, जमीन के अभिलेखों में मदरसा संचालक अब्दुल सलाम के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त बस्ती मंडल की ओर से एसडीएम और चकबंदी विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि मुकदमा लंबित होने और जांच के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे मदरसे को ध्वस्त कर दिया। इरशाद अहमद का आरोप है कि मदरसा ध्वस्त करने से पहले प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि मदरसा संचालक अब्दुल सलाम इस समय मुंबई में हैं। कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कार्रवाई के दौरान सपा नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल गरमा गया। प्रशासनिक अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई। पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन की ओर से मदरसा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किस आधार पर की गई, इसे लेकर अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
- मदरसे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सपा नेताओं और प्रशासन के बीच हुई नोकझोंक सिद्धार्थनगर जिले के पथरा थाना क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में स्थित अरबिया जियाउल उलूम मदरसे पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर सात जेसीबी मशीनों के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा। मदरसा ध्वस्त किए जाने की सूचना पर समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान प्रशासन और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया गया कि अरबिया जियाउल उलूम मदरसे का निर्माण वर्ष 1968 में हुआ था। तभी से यहां मदरसे का संचालन किया जा रहा था। मदरसे में करीब 350 बच्चे उर्दू की तालीम हासिल कर रहे थे। मदरसे का पंजीकरण वक्फ बोर्ड में होने की बात बताई जा रही है, हालांकि सरकार से इसे मान्यता नहीं मिल सकी थी। मदरसे की जमीन को लेकर चकबंदी विभाग में मुकदमा भी चल रहा है। मदरसे की देखरेख कर रहे ग्राम प्रधान इरशाद अहमद के मुताबिक, जमीन के अभिलेखों में मदरसा संचालक अब्दुल सलाम के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त बस्ती मंडल की ओर से एसडीएम और चकबंदी विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि मुकदमा लंबित होने और जांच के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे मदरसे को ध्वस्त कर दिया। इरशाद अहमद का आरोप है कि मदरसा ध्वस्त करने से पहले प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि मदरसा संचालक अब्दुल सलाम इस समय मुंबई में हैं। कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कार्रवाई के दौरान सपा नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल गरमा गया। प्रशासनिक अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई। पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन की ओर से मदरसा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किस आधार पर की गई, इसे लेकर अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है।1
- सिद्धार्थ नगर ब्यूरो रिपोर्ट यूपी के सिद्धार्थनगर में मंगलवार को मदरसे के आधे से ज्यादा हिस्से को बुलडोजर चला कर ढहा दिया गया।1
- Post by Mishrilal1
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- नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, खेसरहा पुलिस ने भेजा जेल नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, खेसरहा पुलिस ने भेजा जेल बांसी,सिद्धार्थनगर। अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना खेसरहा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में वांछित एक अभियुक्त को पंचमोहनी इंटर कॉलेज सड़क तिराहे के पास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बाँसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष खेसरहा अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। दिनांक 16 अगस्त 2026 को थाना खेसरहा पर पंजीकृत मु०अ०सं० 114/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 137(2), 87, 352, 351(3), एससी/एसटी एक्ट की प्रासंगिक धाराओं और 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी घटना के बाद से ही वांछित चल रहा था।गिरफ्तार अभियुक्त नाम: मोहम्मद इजरान पुत्र अलीजान निवासी कुनौना, थाना खेसरहा, जनपद सिद्धार्थनगरअभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ०नि० श्री वीरेन्द्र सिंह यादव चौकी प्रभारी कुर्थिया, उ०नि० मुन्नीलाल आरक्षी देवानन्द शामिल रहे।1
- *शामली मे लाइव आत्मदाह की कोशिश...* जमीनी विवाद को लेकर उठाया आत्मघाती कदम... कानूनगो पर जमीन की नपाई रोकने के एवज में 10 लाख की रिश्वत पड़ोसी से मिलीभगत का आरोप दिल्ली के सफरदगंज में जिंदगी मौत से जूझ रहा पीड़ित। कानूनगो पर जमीन की नपाई रोकने के एवज में 10 लाख की रिश्वत पड़ोसी से मिलीभगत का आरोप दिल्ली के सफरदगंज में जिंदगी मौत से जूझ रहा पीड़ित।1
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