जोगिंद्रनगर में बड़ा हादसा टला: एचआरटीसी बस 100 मीटर गहरी खाई में गिरी, चालक ने कूदकर बचाई जान हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुन्नू-कुफरी-नशधरा रूट पर चलने वाली एचआरटीसी मंडी डिपो की एक बस बटाहर के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे बस मंडी के लिए रवाना हो रही थी। जैसे ही चालक बस को बटाहर बस स्टॉप के पास मोड़ रहा था, उसी दौरान हादसा हो गया। उस समय बस में केवल चालक ही मौजूद था। बताया जा रहा है कि परिचालक जितेंद्र कुमार बस के बाहर खड़े होकर चालक गोपाल सिंह को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इसी दौरान दलदली मिट्टी में बस के पहिए फिसल गए, जिससे चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सीधे खाई में गिर गई। हादसे के दौरान चालक गोपाल सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए बस से कूदकर अपनी जान बचा ली। बस गिरते ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखचे उड़ गए। गनीमत यह रही कि बस में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचित किया गया। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जोगिंद्रनगर में बड़ा हादसा टला: एचआरटीसी बस 100 मीटर गहरी खाई में गिरी, चालक ने कूदकर बचाई जान हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुन्नू-कुफरी-नशधरा रूट पर चलने वाली एचआरटीसी मंडी डिपो की एक बस बटाहर के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे बस मंडी के लिए रवाना हो रही थी। जैसे ही चालक बस को बटाहर बस स्टॉप के पास मोड़ रहा था, उसी दौरान हादसा हो गया। उस समय बस में केवल चालक ही मौजूद था। बताया जा रहा है कि परिचालक जितेंद्र कुमार बस के बाहर खड़े होकर चालक गोपाल सिंह को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इसी दौरान दलदली मिट्टी में बस के पहिए फिसल गए, जिससे चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सीधे खाई में गिर गई। हादसे के दौरान चालक गोपाल सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए बस से कूदकर अपनी जान बचा ली। बस गिरते ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखचे उड़ गए। गनीमत यह रही कि बस में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचित किया गया। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जोगिंद्रनगर में बड़ा हादसा टला: एचआरटीसी बस 100 मीटर गहरी खाई में गिरी, चालक ने कूदकर बचाई जान हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुन्नू-कुफरी-नशधरा रूट पर चलने वाली एचआरटीसी मंडी डिपो की एक बस बटाहर के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे बस मंडी के लिए रवाना हो रही थी। जैसे ही चालक बस को बटाहर बस स्टॉप के पास मोड़ रहा था, उसी दौरान हादसा हो गया। उस समय बस में केवल चालक ही मौजूद था। बताया जा रहा है कि परिचालक जितेंद्र कुमार बस के बाहर खड़े होकर चालक गोपाल सिंह को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इसी दौरान दलदली मिट्टी में बस के पहिए फिसल गए, जिससे चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सीधे खाई में गिर गई। हादसे के दौरान चालक गोपाल सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए बस से कूदकर अपनी जान बचा ली। बस गिरते ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखचे उड़ गए। गनीमत यह रही कि बस में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचित किया गया। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जोगिंद्रनगर में बड़ा हादसा टला: एचआरटीसी बस 100 मीटर गहरी खाई में गिरी, चालक ने कूदकर बचाई जान हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुन्नू-कुफरी-नशधरा रूट पर चलने वाली एचआरटीसी मंडी डिपो की एक बस बटाहर के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6:30 बजे बस मंडी के लिए रवाना हो रही थी। जैसे ही चालक बस को बटाहर बस स्टॉप के पास मोड़ रहा था, उसी दौरान हादसा हो गया। उस समय बस में केवल चालक ही मौजूद था। बताया जा रहा है कि परिचालक जितेंद्र कुमार बस के बाहर खड़े होकर चालक गोपाल सिंह को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इसी दौरान दलदली मिट्टी में बस के पहिए फिसल गए, जिससे चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सीधे खाई में गिर गई। हादसे के दौरान चालक गोपाल सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए बस से कूदकर अपनी जान बचा ली। बस गिरते ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखचे उड़ गए। गनीमत यह रही कि बस में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचित किया गया। प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
- रिपोर्ट 31 मार्च सैंज (बुद्धि सिंह ठाकुर ): शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का समय न्यौछावर करने वाले राजेंद्र शर्मा 31 मार्च को अपनी राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इस अवसर पर पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैंज में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षक का भावपूर्ण स्वागत किया। विद्यार्थियों और प्रबंधन द्वारा यादगार विदाई समारोह की शुरुआत में स्कूल के पूर्व व वर्तमान प्रबंधन और विद्यार्थियों द्वारा राजेंद्र शर्मा जी का भव्य स्वागत किया गया। विद्यार्थियों ने फूल-मालाओं और गीतों के साथ अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। स्कूल प्रशासन ने उनके 40 वर्षों के सेवाकाल को संस्थान के लिए एक 'स्वर्ण युग' बताया और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। शून्य से शिखर तक का सफर सैंज घाटी की रैला पंचायत के जीवा गांव के एक साधारण परिवार में जन्मे राजेंद्र शर्मा की यात्रा प्रेरणादायक रही है: शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय शरण-II से करने के बाद उन्होंने सैंज स्कूल से ही अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद प्रभाकर, स्नातक, एमए (हिंदी), जेबीटी और बीएड जैसी उच्च शिक्षा मेरिट के साथ हासिल की। करियर की शुरुआत: वर्ष 1987 में जेबीटी अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मझाण और खुन्न जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दीं। पदोन्नति: जेबीटी से सफर शुरू कर वे भाषा अध्यापक और टीजीटी हिंदी के पद तक पहुँचे। सेवा के मुख्य केंद्र राजेंद्र शर्मा ने अपने 40 वर्ष 03 माह के कार्यकाल में कई विद्यालयों को सींचा, जिनमें मुख्य रूप से: प्रारंभिक चरण: राजकीय केंद्र प्राथमिक विद्यालय सैंज, मंगलौर, पुखरी, करटाह और शरण-II। वरिष्ठ चरण: वराण, ढालपुर कुल्लू, खल्याणी और अंत में पीएम श्री सैंज। भविष्य का संकल्प और आभार विदाई के क्षणों में भावुक होते हुए राजेंद्र शर्मा ने कहा, "मैंने जीवन भर कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया है और मेरा प्रयास हमेशा विद्यार्थियों की भलाई रहा है। सरकारी सेवा भले ही समाप्त हो रही हो, लेकिन समाज की भलाई के लिए मैं आगे भी सक्रिय रहूँगा।" उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में सहयोग देने के लिए सभी सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। अपनी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में उन्होंने अपने पैतृक गांव जीवा (सिउंड) में सभी शुभचिंतकों के लिए धाम (पारंपरिक भोज) का आयोजन भी किया है।1
- शिमला। हिमाचल प्रदेश में चेस्टर हिल में भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने सफ़ाई दी है. साथ ही हिमाचल सरकार के पूर्व तीन मुख्य सचिवों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. IAS संजय गुप्ता ने पूर्व मुख्य सचिव प्रमोद सक्सेना और RD धीमान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए इन IAS अधिकारियों की इंटीग्रिटी पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और RD धीमान की इंटीग्रिटी डाउटफुल है ऐसे में वे उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं. संजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और RD धीमान के कहने पर ही उनके खिलाफ चेस्टर हिल मामले को लेकर छोटा शिमला में शिकायत दी गई. मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि पूरे मामले में उनके खिलाफ छोटा शिमला पुलिस थाना में दर्ज की गई शिकायत पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक है. मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि उन पर 3 एकड़ ज़मीन लेने का जो आरोप लगाया जा रहा है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है. उन्होंने कहा कि यह ज़मीन जुलाई 2025 में सरकार की विधिवत अनुमति के बाद ली गई. इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई है. कम रेट पर जमीन खरीदने के आरोपों पर संजय गुप्ता ने कहा कि ज़मीन का कलेक्टर रेट 1 करोड़ 10 लाख रुपये था और उनकी ओर से जमीन एक करोड़ 35 लाख में खरीदी गई. खरीदारी के स्रोत को लेकर संजय गुप्ता ने कहा कि उन्होंने 75 लाख रुपये जून महीने में जीपीएफ से लिए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे विनय शर्मा द्वारा की गई शिकायत प्रेरित और वाहवाही लेने के उद्देश्य से की गई है है. मुख्य सचिव ने कहा कि उन्होंने बिजली बोर्ड के चेयरमैन रहते हुए 5 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा कमाकर दिया था. उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले पारदर्शिता के साथ लिए गए थे. उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली को बदनाम करने के लिए यह साजिश रची जा रही है. उन्होंने आगे बताया कि एक ग्रोवर और पूर्व मुख्य सचिव आरडी धीमान के खिलाफ 2 FIR पहले ही विजिलेंस में है. साथ ही ईडी ने भी इस मामले को टेकअप किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 130 करोड़ की लागत वाली कुनिहार-नालागढ़ लाइन में नियमों की अवहेलना हुई थी जिनकी जांच चल रही है. संजय गुप्ता ने कहा कि विधायक सतपाल सत्ती के OID से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने डाउटफुल इंटीग्रेटि वाले अधिकारियों को एक्सटेंशन न देने के साथ निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्य सचिव और हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना की इंटिग्रिटी डाउटफुल रही है. हिमाचल सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ने भी उनकी इंटिग्रिटी पर सवाल उठाए हैं. मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के साफ निर्देश हैं कि जिन अधिकारियों की इंटिग्रिटी डाउटफुल है, उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद नहीं दिया जाएगा. इसी वजह से यह पूरा षड़यंत्र रचा गया है. इसके अलावा संजय गुप्ता ने चेस्टर हिल मामले में पूर्व रेरा चीफ़ श्रीकांत बालदि पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर चेस्टर हल में कुछ गड़बड़ी थी भी फिर भी इसकी रेरा से अप्रूवल पूर्व IAS अधिकारी श्रीकांत बालदि के समय में दी गई थी. उन्होंने पूर्व अधिकारियों प्रबोध सक्सेना और RD धीमान का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन अधिकारियों द्वारा विपक्ष और आम जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा संजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया और सभी तथ्य उनके ध्यान में नहीं लाए गए. Byte - IAS संजय गुप्ता, मुख्य सचिव4
- हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के जुखाला क्षेत्र के गांव धमतल निवासी 47 वर्षीय किसान रवि दत्त आज प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने हैं। रासायनिक खेती में बढ़ती लागत और मिट्टी की उर्वरता में गिरावट को देखते हुए रविदत्त ने वर्ष 2018 में प्राकृतिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। आज उनके खेतों में उगाई जा रही फसलें जहां पर्यावरण के अनुकूल हैं तो वहीं तैयार उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित एवं लाभकारी हैं। रवि दत्त बताते हैं कि पहले वे भी अन्य किसानों की तरह रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग करते थे, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही थी और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2018 में इस पद्धति को अपनाने की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में प्राकृतिक खेती के माध्यम से मक्की, गेहूं, कोदरा, दालें, मटर, टमाटर सहित अन्य सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए वर्ष 2018 में ही देसी नस्सल की गिर गाय भी पाली है। वर्तमान में उनके पास गिर नस्सल की दो बड़ी गायें तथा एक बच्छड़ी है। वह कहते हैं कि देशी गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार जीवामृत, घनजीवामृत तथा अन्य प्राकृतिक घोलों का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसलें स्वस्थ रहती हैं। रवि दत्त का कहना है कि उन्होंने गत वर्ष प्राकृतिक तौर पर तैयार लगभग 4 क्विंटल मक्की को जिला आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से विक्रय किया है। उन्हें 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1600 रुपये की आय प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त वह गेहूं सहित अन्य पारंपरिक फसलों तथा सब्जियों का भी नियमित तौर पर उत्पादन कर रहे हैं जिनका उन्हें अच्छे दाम प्राप्त हो रहे हैं। रवि दत्त का कहना है कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक तौर पर तैयार होने वाली फसलों गेहूं, मक्की, हल्दी इत्यादि के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर एक बेहतरीन कदम उठाया है जिससे प्रदेश के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। *क्या कहते हैं अधिकारी :* _उपनिदेशक कृषि कुलभूषण धीमान_ का कहना है कि जिला बिलासपुर में वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की गई है। वर्तमान में लगभग 8 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा 1094 हैक्टेयर में विभिन्न तरह की फसलों का प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से 85 किसानों से लगभग 116 क्विंटल हल्दी की खरीद की गई है। इसी अवधि के दौरान जिला में 32 किसानों से लगभग 49 क्विंटल मक्की तथा 42 किसानों से लगभग 62 क्विंटल गेंहू की भी खरीद की है। उन्होंने बताया कि यह खरीद प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें हल्दी के लिए 90 रुपये, मक्की के लिए 40 रूपये तथा गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई है। _उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार_ का कहना है कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों तथा निर्णयों को समयबद्ध क्रियान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को समयबद्ध लाभान्वित किया जा सके।3
- *बिलासपुर का ऐतिहासिक बम्म दंगल 2026 | युवराज अमृतसर बना विजेता | सौरव ने जीता हिमाचल केसरी U21*1
- घुमारवीं, 31 मार्च (राकेश): घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घुमारवीं पुल के समीप आज एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर (नंबर PB 08 EK 2473) मेला ग्राउंड की ओर झूले लेकर जा रहा था। इसी दौरान उतराई में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खाई की ओर लटक गया। ट्रैक्टर में सवार दो लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। इस घटना में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। समय रहते बड़ा हादसा टलने से क्षेत्र में राहत का माहौल है।1
- Ladange Saathi Theater Garup Patiala Punjab Written by Director Inayat Ali ji1
- सोना चांदी चोरी मामले में समान सहित एक प्रवासी हरोली पुलिस ने लिया हिरासत में1
- हिमाचल में एंट्री टैक्स की बढ़ी दरें वापस, पुराने रेट ही रहेंगे लागू,बड़ी मशीनरी वाहनों पर मामूली वृद्धि - राजेश धर्माणि शिमला:हिमाचल में एंट्री टैक्स को लेकर सियासी घमासान के बीच आज पूर्णतः विराम लग गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में आने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर बढ़ाए गए एंट्री टैक्स (प्रवेश शुल्क) को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणि ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने जनता और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई दरों को वापस लेने का निर्णय लिया है। मंत्री धर्माणि ने कहा कि विशेष रूप से 5-सीटर यात्री वाहनों (प्राइवेट और कमर्शियल) के लिए एंट्री टैक्स की बढ़ी हुई दरों को घटाकर फिर से ₹70 कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश की टैक्सियों को अब पूरी तरह से इस टैक्स से छूट (Exemption) दी गई है। अब हिमाचल की टैक्सियों से कोई एंट्री टैक्स नहीं लिया जाएगा। मंत्री ने विपक्ष (भाजपा) द्वारा किए जा रहे विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फैसला विपक्ष के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी पार्टी की लीडरशिप और पंजाब के मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेताओं के सुझावों पर जनहित में लिया है। उन्होंने बताया कि पहले दरों में वृद्धि NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के मानदंडों के साथ समानता लाने के लिए की गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इसे वापस लेने के निर्देश दिए। राजेश धर्माणि ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि टैक्स बढ़ने से पर्यटक वापस जा रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई एक ऐसा पर्यटक दिखा दें जो मात्र ₹50-60 के टैक्स अंतर की वजह से हिमाचल न आया हो। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें केवल सोशल मीडिया और विपक्ष द्वारा गुमराह करने के लिए फैलाई जा रही हैं।1
- *सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में ABVP का हंगामा | कुलपति का घेराव, 10 दिन का अल्टीमेटम | Mandi News*1