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बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिहींपुरवा तहसील की ग्राम सभा वेलहन महेशपुर के राजापुर ग्रांट क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह निर्माणाधीन सड़क लगभग 400 मीटर लंबी है।
Vinay Singh
बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिहींपुरवा तहसील की ग्राम सभा वेलहन महेशपुर के राजापुर ग्रांट क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह निर्माणाधीन सड़क लगभग 400 मीटर लंबी है।
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- बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिहींपुरवा तहसील की ग्राम सभा वेलहन महेशपुर के राजापुर ग्रांट क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह निर्माणाधीन सड़क लगभग 400 मीटर लंबी है।1
- लखीमपुर खीरी जनपद के ग्राम जंगल माटेरा में बारिश के बाद गंभीर जलभराव से जनजीवन बेहाल है। गांव की गलियां और सड़कें तालाब में बदल गई हैं, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इस स्थिति में ग्रामीण प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब उसे नींद से जगाया जाएगा और कब उन्हें इस जलभराव से राहत मिलेगी। संबंधित अधिकारियों से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कर ग्रामीणों को राहत दिलाने की मांग की गई है।1
- Post by SUNIL KUMAR1
- मटेरा मौजा लीला के ग्राम धर्मपुर में नालियों की बदहाली के कारण स्थानीय जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के चलते कई लोगों के घरों में पानी भर रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि काफी समय हो गया है, सालों से इस नाली की कोई मरम्मत नहीं हुई है, जिसके कारण यह गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों ने जब इस समस्या को लेकर मौजूदा प्रधान से शिकायत की, तो प्रधान ने यह कहते हुए काम कराने से इनकार कर दिया कि सरकार ने उन्हें इस काम के लिए न तो कोई पैसा दिया है और न ही नालियों का काम करने की इजाजत मिली है, इसलिए वे अपनी तरफ से काम कैसे कराएं। इस पर जनता ने आरोप लगाया है कि प्रधान ने उन्हें बेवकूफ बनाने का काम किया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि इस मामले में कार्रवाई की जाए और जनता के लिए काम किया जाए, ताकि उन्हें इस परेशानी से निजात मिल सके।1
- बहराइच जिले की नानपारा तहसील के नगर पंचायत रूपईडीहा अंतर्गत बरथानवा वार्ड नंबर 9 में कथित 'विकास' की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में सड़क और नाली की स्थिति इतनी खराब है कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि सड़क नाली पर बनी है या नाली सड़क पर। यह अव्यवस्था स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस समस्या को लेकर शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं, लेकिन शिकायत करने पर केवल इतना बताया गया कि काम हो जाएगा, यह नहीं बताया गया कि कब तक। इस अस्पष्ट आश्वासन और समाधान में हो रही देरी के कारण लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण जल्द से जल्द नहीं कराया गया, तो वे अपनी शिकायत को लेकर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से मुलाकात करेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।1
- लखीमपुर खीरी से मिली जानकारी के अनुसार, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सैनिक दीपेंद्र अवस्थी के पीड़ित माता-पिता ने अपने पुत्र के मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में दीपेंद्र को पूरी तरह से मेडिकल फिट पाए जाने के बाद एसएसबी में आरक्षी पद पर भर्ती किया गया था। उनका दावा है कि भर्ती के उपरांत मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित चंदूखेड़ी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टर अनूप कुमार से कथित विवाद के बाद दीपेंद्र के साथ षड्यंत्रपूर्वक गलत इलाज किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रताड़ना का यह सिलसिला ट्रेनिंग सेंटर से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के रानीडंगा, सिलीगुड़ी स्थित बटालियन तक जारी रहा। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया है कि एक स्वस्थ सैनिक की गलत "अनफिट मेडिकल रिपोर्ट" तैयार की गई और प्रतिबंधित दवाओं के माध्यम से उसके जीवन को बर्बाद कर दिया गया। माता-पिता ने बताया कि उन्होंने जून 2019 में बटालियन कमांडेंट, डीआईजी, आईजी मेडिकल और एसएसबी मुख्यालय दिल्ली तक कई शिकायतें भेजी थीं, जिनमें बेटे की सुरक्षा और बटालियन बदलने की मांग की गई थी, लेकिन आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का यह भी कहना है कि कथित तौर पर गलत मेडिकल रिपोर्ट 12 जून 2019 को तैयार की गई, जिसके आधार पर 18 मार्च 2020 को कोविड-19 महामारी के दौरान सैनिक दीपेंद्र अवस्थी को सेवा से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस घटना से सैनिक मानसिक आघात का शिकार हो गया, जिसे परिवार ने "षड्यंत्रपूर्वक की गई हत्या" करार दिया है। इस मामले में लखीमपुर खीरी के थाना कोतवाली सदर में अपराध संख्या 1298/2020 के तहत न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि चूंकि आरोपित केंद्र सरकार से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी द्वारा शासन को सीबीआई जांच की संस्तुति भेजी गई थी। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बावजूद भी मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी गई है। अब पीड़ित माता-पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री से न्याय दिलाने तथा मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि इतने वर्षों से न्याय की गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।1
- बहराइच जिले के नानपारा स्थित शंकरपुर ग्राम के धर्मपुर मौजा के लीलापारा में बारिश के कारण स्थानीय जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि यहां की नालियों का काम या उनकी मरम्मत काफी सालों से नहीं हुई है, जिसके चलते बरसात होने पर स्थिति और बिगड़ जाती है। इस गंभीर समस्या से खासकर गरीब मजदूरों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने, नालियों की मरम्मत का काम कराने और पानी की उचित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- लखीमपुर खीरी के थाना मैलानी क्षेत्र में एक महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उसने दावा किया है कि दबंगों द्वारा मारपीट और छेड़छाड़ का शिकार होने के बाद जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंची, तो उसके साथ अभद्रता की गई। महिला पीड़िता के अनुसार, थाने में महिला पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और उस पर दबाव बनाकर जबरन समझौते के कागजात पर उसका अंगूठा लगवा लिया। इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला न्याय के लिए गुहार लगाती दिखाई दे रही है। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप पीड़िता द्वारा लगाए गए हैं, और इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच तथा पुलिस का पक्ष आना अभी शेष है।1