वाइस चेयरमैन वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद सतीश पाठक का भव्य स्वागत* श्रावस्ती।सिरसिया विकास खंड के पिपरहवा गांव में भव्य स्वागत किया गया। इस स्वागत समारोह में सैकड़ों की संख्या में लोग अपने नेता से मिलने पहुंचे। इस अवसर पर दिनेश कुमार पाठक, अवनिश सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश यादव और प्रणित सुभाष मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मंच से जनता को संबोधित करते हुए और मीडिया से बात करते हुए भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के सतीश पाठक ने कहा, "यह स्वागत मेरा नहीं, बल्कि आपकी अटूट आस्था और विश्वास का सम्मान है। मैं क्षेत्र के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहूंगा।" उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं और आगामी योजनाओं पर भी अपनी बात रखी। इस दौरान मंच पर उपस्थित जिले के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने सतीश पाठक को माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उनके काफिले के पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया गया। रास्ते भर में ग्रामवासियों और कार्यकर्ताओं ने उन पर फूलों की वर्षा की और 'विजयी भव' के नारे लगाए। समारोह के बाद सतीश पाठक ने शंकरपुर और राजपुर में वृक्षारोपण भी किया।
वाइस चेयरमैन वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद सतीश पाठक का भव्य स्वागत* श्रावस्ती।सिरसिया विकास खंड के पिपरहवा गांव में भव्य स्वागत किया गया। इस स्वागत समारोह में सैकड़ों की संख्या में लोग अपने नेता से मिलने पहुंचे। इस अवसर पर दिनेश कुमार पाठक, अवनिश सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश यादव और प्रणित सुभाष मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मंच से जनता को संबोधित करते हुए और मीडिया से बात करते हुए भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के सतीश पाठक ने कहा, "यह स्वागत मेरा नहीं, बल्कि आपकी अटूट आस्था और विश्वास
का सम्मान है। मैं क्षेत्र के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहूंगा।" उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं और आगामी योजनाओं पर भी अपनी बात रखी। इस दौरान मंच पर उपस्थित जिले के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने सतीश पाठक को माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उनके काफिले के पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया गया। रास्ते भर में ग्रामवासियों और कार्यकर्ताओं ने उन पर फूलों की वर्षा की और 'विजयी भव' के नारे लगाए। समारोह के बाद सतीश पाठक ने शंकरपुर और राजपुर में वृक्षारोपण भी किया।
- बाल संरक्षण को लेकर श्रावस्ती पुलिस सक्रिय, एएचटी व एसजेपीयू की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न श्रावस्ती। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार कक्ष में अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चन्द्र उत्तम की अध्यक्षता में थाना एएचटी व विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बालश्रम की रोकथाम, पॉक्सो एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल विवाह पर नियंत्रण तथा बच्चों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक की शुरुआत में अपर पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित पदाधिकारीगण से परिचय प्राप्त कर उनसे फीडबैक लिया। इसके बाद महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जारी एसओपी के तहत अनुसंधान, थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों/विवेचकों तथा जनपद में कार्यरत एनजीओ के समक्ष आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ ही बाल गुमशुदगी, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम और बाल श्रम पुनर्वास के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने सभी बाल कल्याण अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बाल श्रम के विरुद्ध चल रही सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने जनपद में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी अधिकारी गांवों में लगातार चौपाल लगाकर लोगों को बाल विवाह न करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही ग्राम प्रधानों और समाज के संभ्रांत लोगों से अपील की कि यदि बाल विवाह से संबंधित कोई मामला संज्ञान में आए तो तत्काल पुलिस और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।बैठक के दौरान निर्देश दिया गया कि बाल अपराध से जुड़े संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। साथ ही बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने और पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और शहरी बस्तियों में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक एएचटी राजकुमार सरोज, एसएसबी से निरीक्षक मुकेश लाल दास, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से दिनेश वर्मा, थाना एएचटी से सतीश कुमार, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष विश्राम पासवान, एएचटी व एसजेपीयू के अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- आजमगढ़ में ओपी राजभर का सपा पर तीखा हमला, बोले– अखिलेश ने चाचा शिवपाल को लात मारकर भगाया ओपी राजभर का पलटवार: “छोटे लोग ही लगे तब सपा की सरकार बनी” सपा पर राजभर का तंज: “न नौ मन गेहूं होईहै, न राधे गंवने जईहै”1
- Post by सकील अहमद1
- सड़क किनारे लघुशंका करते समय करंट की चपेट में आया युवक बहराइच के नानपारा इलाके में एक युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। 22 वर्षीय छुट्टन कुरैशी सड़क किनारे लघुशंका कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बहराइच मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल युवक बकरा के कारोबार से जुड़े हैं और नानपारा नई बस्ती देहाती के निवासी हैं। उनके भाई सद्दाम कुरैशी ने बताया कि अचानक हुए हादसे से परिवार में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायल युवक के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।3
- मिहींपुरवा CHC विवाद: महिला कर्मचारियों के आरोप, वीडियो वायरल और राजनीति की एंट्री मिहींपुरवा बहराइच। मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। महिला कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप और जांच पर उठते सवालों के बीच अब इस पूरे विवाद में राजनीति की भी एंट्री होती दिख रही है। महिला कर्मचारियों का धरना, अधीक्षक पर गंभीर आरोप कुछ दिन पहले एएनएम, आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधीक्षक डॉ. थानेदार ने एक महिला एएनएम के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। आरोप यह भी है कि कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए और बाद में दबाव बनाकर उनसे सिग्नेचर कराने की कोशिश की गई। धरने में शामिल महिलाओं का कहना था कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में कहा गया —“सिग्नेचर कर दो, नहीं भी करोगी तो मेरा कुछ नहीं होगा।” वीडियो भी चर्चा में इस पूरे विवाद के बीच एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें बताया जा रहा है कि डॉ. थानेदार महिला कर्मचारियों से आक्रोशित और तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच पर सवाल मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच पूरी तरह निष्पक्ष हुई। कुछ सूत्रों का दावा है कि जांच एकतरफा रही और मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई। राजनीति: संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इतने गंभीर आरोपों और विवाद के बावजूद डॉ. थानेदार को फिर से चार्ज मिल गया है। स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें कथित रूप से सरोज सोनकर (बलहा विधायक) और अक्षयवर लाल गोंड (बहराइच सांसद) के संरक्षण में दोबारा जिम्मेदारी दी गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह सवाल जरूर उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार कैसे सौंप दिए गए। जनता के सवाल महिला कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? अगर आरोप सही हैं तो एफआईआर क्यों नहीं हुई? जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? क्या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? स्वास्थ्य केंद्र, जो जनता के भरोसे का प्रतीक होना चाहिए, वहां अगर महिला कर्मचारियों को ही सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चिंताजनक संकेत है। अब निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं— क्या सच्चाई सामने आएगी या फिर सत्ता और सिस्टम के दबाव में यह मामला भी दब जाएगा?1
- Post by कृष्ण कुमार आजाद1
- दर्दनाक बेटे की मौत पर एक पिता की मार्मिक चीख.... बाराबंकी: चार साल के बच्चे की मौत,परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बाराबंकी जनपद के जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर में उस समय मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब एक चार वर्षीय बच्चे को गंभीर हालत में लाया गया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही उसके पिता और दादा फूट-फूटकर रोने लगे, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।बहराइच जनपद के फखरपुर क्षेत्र निवासी रवि प्रकाश पाठक के चार वर्षीय बेटे अंशुमान को कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था।परिजन उसका इलाज स्थानीय सरकारी अस्पताल में करा रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। बताया जा रहा है कि जब बुखार ज्यादा बढ़ गया और बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर लखनऊ जा रहे थे लेकिन रास्ते में अचानक उसकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। एंबुलेंस चालक ने स्थिति को देखते हुए बच्चे को वापस बाराबंकी जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाना बेहतर समझा।अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की,तो पता चला कि उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया तो वहीं बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में भी शोक का माहौल बन गया और मौजूद लोग भी परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।1
- जिलाधिकारी ने जनता दर्शन के दौरान सुनी जनसमस्याएं श्रावस्ती,। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय ने प्रतिदिन की तरह सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में फरियादियों की समस्याओं को सुना और उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान जिलाधिकारी को 13 शिकायतें प्राप्त हुई, जो विभिन्न विभागों से सम्बन्धित थी, इन शिकायतों को तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट प्रेषित करने हेतु सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर अब अधिकारियों की जवाबदेही तय की जायेगी। इसलिए समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण अपने कार्यालय में समस्त कार्य दिवसों में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक स्वयं जनसुनवाई करें एवं उनकी समस्याओं का समय सीमा के अन्दर निस्तारण कराना भी सुनिश्चित करें।1