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#बहराइच में गैस सिलेंडर की किल्लत और डीलरों की मनमानी बहराइच। जनपद में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता को बुरी तरह परेशान कर दिया है। घरों के चूल्हे ठंडे पड़ने की नौबत आ गई है। एक ओर महिलाएं और बुजुर्ग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई गैस एजेंसी डीलरों पर मनमानी और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि आम उपभोक्ता को हफ्तों तक गैस नहीं मिल रही, जबकि वही सिलेंडर ब्लैक में ऊंचे दामों पर बेचे जाने की चर्चा पूरे जनपद में हो रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एचपी, इण्डेन और भारत गैस की कई एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को गैस न मिलने की शिकायत लगातार सामने आ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद भी कई-कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जा रही। जब लोग एजेंसी पर पहुंचते हैं तो उन्हें “स्टॉक खत्म है” कहकर लौटा दिया जाता है। इससे आम जनता में भारी आक्रोश है। सूत्रों की मानें तो गैस की कमी का असली कारण सप्लाई की कमी नहीं बल्कि डीलरों की कथित कालाबाजारी है। आरोप है कि एजेंसियों पर आम ग्राहकों को गैस नहीं दी जाती, लेकिन वही सिलेंडर होटल, ढाबों और प्रभावशाली लोगों को पीछे के रास्ते से ऊंचे दामों में उपलब्ध करा दिए जाते हैं। जहां सरकारी रेट पर सिलेंडर लगभग 900 से 1000 रुपये के आसपास मिलता है, वहीं मजबूर लोगों को 1500 से 2000 रुपये तक देकर गैस खरीदनी पड़ रही है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब वे एजेंसी कर्मचारियों से सिलेंडर न मिलने का कारण पूछते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्रता का सामना करना पड़ता है। कुछ स्थानों पर तो कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से बदसलूकी और धमकी देने की शिकायत भी सामने आई है। इससे जनता में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल इतनी बड़ी समस्या के बावजूद संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने जांच और छापेमारी नहीं की तो गैस की कालाबाजारी और बढ़ सकती है। जनता पूछ रही है कि आखिर गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम कब लगेगी। रमजान का महीना चल रहा है और ऐसे समय में रसोई गैस की कमी ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा। जनता की मांग गैस एजेंसियों की तत्काल जांच हो कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो उपभोक्ताओं को समय पर गैस की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए रसद विभाग और प्रशासन नियमित निगरानी करे #BAHRAICH #UTTAR #PRADESH #GUYS #KILLER #AAM #JANATA #VIRAL #NEWS #INDIATV24UP #Indialiveup

3 hrs ago
user_सकील अहमद
सकील अहमद
Media company बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

#बहराइच में गैस सिलेंडर की किल्लत और डीलरों की मनमानी बहराइच। जनपद में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता को बुरी तरह परेशान कर दिया है। घरों के चूल्हे ठंडे पड़ने की नौबत आ गई है। एक ओर महिलाएं और बुजुर्ग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई गैस एजेंसी डीलरों पर मनमानी और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि आम उपभोक्ता को हफ्तों तक गैस नहीं मिल रही, जबकि वही सिलेंडर ब्लैक में ऊंचे दामों पर बेचे जाने की चर्चा पूरे जनपद में हो रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एचपी, इण्डेन और भारत गैस की कई एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को गैस न मिलने की शिकायत लगातार सामने आ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद भी कई-कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जा रही। जब लोग एजेंसी पर पहुंचते हैं तो उन्हें “स्टॉक खत्म है” कहकर लौटा दिया जाता है। इससे आम जनता में भारी आक्रोश है। सूत्रों की मानें तो गैस की कमी का असली कारण सप्लाई की कमी नहीं बल्कि डीलरों की कथित कालाबाजारी है। आरोप है कि एजेंसियों पर आम ग्राहकों को गैस नहीं दी जाती, लेकिन वही सिलेंडर होटल, ढाबों और प्रभावशाली लोगों को पीछे के रास्ते से ऊंचे दामों में उपलब्ध करा दिए जाते हैं। जहां सरकारी रेट पर सिलेंडर लगभग 900 से 1000 रुपये के आसपास मिलता है, वहीं मजबूर लोगों को 1500 से 2000 रुपये तक देकर गैस खरीदनी पड़ रही है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब वे एजेंसी कर्मचारियों से सिलेंडर न मिलने का कारण पूछते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्रता का सामना करना पड़ता है। कुछ स्थानों पर तो कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से बदसलूकी और धमकी देने की शिकायत भी सामने आई है। इससे जनता में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल इतनी बड़ी समस्या के बावजूद संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने जांच और छापेमारी नहीं की तो गैस की कालाबाजारी और बढ़ सकती है। जनता पूछ रही है कि आखिर गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम कब लगेगी। रमजान का महीना चल रहा है और ऐसे समय में रसोई गैस की कमी ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा। जनता की मांग गैस एजेंसियों की तत्काल जांच हो कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो उपभोक्ताओं को समय पर गैस की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए रसद विभाग और प्रशासन नियमित निगरानी करे #BAHRAICH #UTTAR #PRADESH #GUYS #KILLER #AAM #JANATA #VIRAL #NEWS #INDIATV24UP #Indialiveup

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण निर्माण करने पर 14 लोगों को नोटिस जारी अवैध प्लेटों के खिलाफ कार्यवाही की तैयारी बहराइच। शहर के विनियमित क्षेत्र में अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अब कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी है। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि अवैध प्लाटिंग करने वाले अवैध प्लटरों के खिलाफ विधि कार्यवाही अमल में लाई जाएगी साथ ही उन्होंने बताया कि विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण अवैध रूप से निर्माण कार्य कर रहे 14 लोगों को नोटिस जारी की गई है और यह कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
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    विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण निर्माण करने पर 14 लोगों को नोटिस जारी अवैध प्लेटों के खिलाफ कार्यवाही की तैयारी
बहराइच। शहर के विनियमित क्षेत्र में अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अब कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी है। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि अवैध प्लाटिंग करने वाले अवैध प्लटरों के खिलाफ विधि कार्यवाही अमल में लाई जाएगी साथ ही उन्होंने बताया कि विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कारण अवैध रूप से निर्माण कार्य कर रहे 14 लोगों को नोटिस जारी की गई है और यह कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
    user_Arshad Quddus Reporter
    Arshad Quddus Reporter
    Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • Post by सकील अहमद
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    Post by सकील अहमद
    user_सकील अहमद
    सकील अहमद
    Media company बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सड़क किनारे लघुशंका करते समय करंट की चपेट में आया युवक बहराइच के नानपारा इलाके में एक युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। 22 वर्षीय छुट्टन कुरैशी सड़क किनारे लघुशंका कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बहराइच मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल युवक बकरा के कारोबार से जुड़े हैं और नानपारा नई बस्ती देहाती के निवासी हैं। उनके भाई सद्दाम कुरैशी ने बताया कि अचानक हुए हादसे से परिवार में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायल युवक के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।
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    सड़क किनारे लघुशंका करते समय करंट की चपेट में आया युवक
बहराइच के नानपारा इलाके में एक युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। 22 वर्षीय छुट्टन कुरैशी सड़क किनारे लघुशंका कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बहराइच मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घायल युवक बकरा के कारोबार से जुड़े हैं और नानपारा नई बस्ती देहाती के निवासी हैं। उनके भाई सद्दाम कुरैशी ने बताया कि अचानक हुए हादसे से परिवार में हड़कंप मच गया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायल युवक के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।
    user_Pradeep
    Pradeep
    रिपोर्ट बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मिहींपुरवा CHC विवाद: महिला कर्मचारियों के आरोप, वीडियो वायरल और राजनीति की एंट्री मिहींपुरवा बहराइच। मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। महिला कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप और जांच पर उठते सवालों के बीच अब इस पूरे विवाद में राजनीति की भी एंट्री होती दिख रही है। महिला कर्मचारियों का धरना, अधीक्षक पर गंभीर आरोप कुछ दिन पहले एएनएम, आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधीक्षक डॉ. थानेदार ने एक महिला एएनएम के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। आरोप यह भी है कि कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए और बाद में दबाव बनाकर उनसे सिग्नेचर कराने की कोशिश की गई। धरने में शामिल महिलाओं का कहना था कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में कहा गया —“सिग्नेचर कर दो, नहीं भी करोगी तो मेरा कुछ नहीं होगा।” वीडियो भी चर्चा में इस पूरे विवाद के बीच एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें बताया जा रहा है कि डॉ. थानेदार महिला कर्मचारियों से आक्रोशित और तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच पर सवाल मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच पूरी तरह निष्पक्ष हुई। कुछ सूत्रों का दावा है कि जांच एकतरफा रही और मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई। राजनीति: संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इतने गंभीर आरोपों और विवाद के बावजूद डॉ. थानेदार को फिर से चार्ज मिल गया है। स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें कथित रूप से सरोज सोनकर (बलहा विधायक) और अक्षयवर लाल गोंड (बहराइच सांसद) के संरक्षण में दोबारा जिम्मेदारी दी गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह सवाल जरूर उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार कैसे सौंप दिए गए। जनता के सवाल महिला कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? अगर आरोप सही हैं तो एफआईआर क्यों नहीं हुई? जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? क्या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? स्वास्थ्य केंद्र, जो जनता के भरोसे का प्रतीक होना चाहिए, वहां अगर महिला कर्मचारियों को ही सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चिंताजनक संकेत है। अब निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं— क्या सच्चाई सामने आएगी या फिर सत्ता और सिस्टम के दबाव में यह मामला भी दब जाएगा?
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    मिहींपुरवा CHC विवाद: महिला कर्मचारियों के आरोप, वीडियो वायरल और राजनीति की एंट्री
मिहींपुरवा बहराइच। मोतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। महिला कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप और जांच पर उठते सवालों के बीच अब इस पूरे विवाद में राजनीति की भी एंट्री होती दिख रही है।
महिला कर्मचारियों का धरना, अधीक्षक पर गंभीर आरोप
कुछ दिन पहले एएनएम, आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधीक्षक डॉ. थानेदार ने एक महिला एएनएम के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। आरोप यह भी है कि कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए और बाद में दबाव बनाकर उनसे सिग्नेचर कराने की कोशिश की गई।
धरने में शामिल महिलाओं का कहना था कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर धमकी भरे अंदाज में कहा गया —“सिग्नेचर कर दो, नहीं भी करोगी तो मेरा कुछ नहीं होगा।”
वीडियो भी चर्चा में
इस पूरे विवाद के बीच एक वीडियो भी सामने आने की चर्चा है, जिसमें बताया जा रहा है कि डॉ. थानेदार महिला कर्मचारियों से आक्रोशित और तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जांच पर सवाल
मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच पूरी तरह निष्पक्ष हुई। कुछ सूत्रों का दावा है कि जांच एकतरफा रही और मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई।
राजनीति: संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इतने गंभीर आरोपों और विवाद के बावजूद डॉ. थानेदार को फिर से चार्ज मिल गया है। स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें कथित रूप से सरोज सोनकर (बलहा विधायक) और अक्षयवर लाल गोंड (बहराइच सांसद) के संरक्षण में दोबारा जिम्मेदारी दी गई।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह सवाल जरूर उठ रहा है कि गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार कैसे सौंप दिए गए।
जनता के सवाल
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
अगर आरोप सही हैं तो एफआईआर क्यों नहीं हुई?
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?
क्या यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
स्वास्थ्य केंद्र, जो जनता के भरोसे का प्रतीक होना चाहिए, वहां अगर महिला कर्मचारियों को ही सम्मान और सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम के लिए चिंताजनक संकेत है।
अब निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं—
क्या सच्चाई सामने आएगी या फिर सत्ता और सिस्टम के दबाव में यह मामला भी दब जाएगा?
    user_Mohit Nepali
    Mohit Nepali
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by कृष्ण कुमार आजाद
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    Post by कृष्ण कुमार आजाद
    user_कृष्ण कुमार आजाद
    कृष्ण कुमार आजाद
    बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • #jaishreeram
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    #jaishreeram
    user_Ravi Verma Bahraich
    Ravi Verma Bahraich
    Lawyer बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Kasim
    1
    Post by Kasim
    user_Kasim
    Kasim
    Local News Reporter Bahraich, Uttar Pradesh•
    23 hrs ago
  • बहराइच। दरगाह शरीफ के अंदर स्थित होटल में शातिर चोर का तांडव करीब 20 हजार का सामान और 5 हजार की नगदी लेकर चोर फरार चोरी करते हुए आरोपी की तस्वीर CCTV कैमरे में कैद एक महीने में तीन ताबड़तोड़ चोरी से होटल मालिक में दहशत दरगाह परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल दरगाह के पहरेदार असरफ की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह घटना के बाद रात्रि गश्त करने वाले पहरेदारों पर भी उंगलियां चोरी की वारदात से इलाके में मचा हड़कंप पुलिस मामले की जांच में जुटी मामला थाना दरगाह शरीफ क्षेत्र के दरगाह परिसर का
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    बहराइच। दरगाह शरीफ के अंदर स्थित होटल में शातिर चोर का तांडव
करीब 20 हजार का सामान और 5 हजार की नगदी लेकर चोर फरार
चोरी करते हुए आरोपी की तस्वीर CCTV कैमरे में कैद
एक महीने में तीन ताबड़तोड़ चोरी से होटल मालिक में दहशत
दरगाह परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
दरगाह के पहरेदार असरफ की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह
घटना के बाद रात्रि गश्त करने वाले पहरेदारों पर भी उंगलियां
चोरी की वारदात से इलाके में मचा हड़कंप
पुलिस मामले की जांच में जुटी
मामला थाना दरगाह शरीफ क्षेत्र के दरगाह परिसर का
    user_Mohit Nepali
    Mohit Nepali
    Local News Reporter बहराइच, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
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