जंतर-मंतर पर अपने भविष्य और अधिकारों की बात सड़कों पर रख रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और वहां से आ रही घायल छात्रों की तस्वीरों ने पूरी व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद पेपर लीक और भ्रष्टाचार का दंश झेल रहे देश के युवा जब न्याय की उम्मीद लेकर सड़कों पर उतरे, तो उनका सामना लाठियों से कराया गया। जंतर-मंतर से आई ये तस्वीरें सिर्फ घायल शरीर ही नहीं दिखातीं, बल्कि लाखों छात्रों के टूटते विश्वास की दर्दनाक कहानी भी बयां करती हैं। इस दमनकारी रवैये के खिलाफ तीखा आक्रोश जताते हुए मांग की गई है कि हर घायल छात्र को तुरंत न्याय मिले, हर शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और अनावश्यक बल प्रयोग करने वालों की जवाबदेही भी तय की जाए। देश के युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनने की अपील की गई है, क्योंकि लोकतंत्र लाठियों और डर से नहीं, बल्कि न्याय और संवाद से चलता है। देश को मजबूत बनाने के लिए मेहनत करने वाले इन युवाओं के विश्वास को मजबूत रखना बेहद आवश्यक है।
जंतर-मंतर पर अपने भविष्य और अधिकारों की बात सड़कों पर रख रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और वहां से आ रही घायल छात्रों की तस्वीरों ने पूरी व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद पेपर लीक और भ्रष्टाचार का दंश झेल रहे देश के युवा जब न्याय की उम्मीद लेकर सड़कों पर उतरे, तो उनका सामना लाठियों से कराया गया। जंतर-मंतर से आई ये तस्वीरें सिर्फ घायल शरीर ही नहीं दिखातीं, बल्कि लाखों छात्रों के टूटते विश्वास की दर्दनाक कहानी भी बयां करती हैं। इस दमनकारी रवैये के खिलाफ तीखा आक्रोश जताते हुए मांग की गई है कि हर घायल छात्र को तुरंत न्याय मिले, हर शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और अनावश्यक बल प्रयोग करने वालों की जवाबदेही भी तय की जाए। देश के युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनने की अपील की गई है, क्योंकि लोकतंत्र लाठियों और डर से नहीं, बल्कि न्याय और संवाद से चलता है। देश को मजबूत बनाने के लिए मेहनत करने वाले इन युवाओं के विश्वास को मजबूत रखना बेहद आवश्यक है।
- समस्तीपुर के समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आगामी 15 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस राजकीय समारोह की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने समारोह को गरिमामय, भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को विद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आकर्षक प्रभात फेरी आयोजित करने तथा पुलिस विभाग को परेड, सलामी समारोह की तैयारियों, नियमित रिहर्सल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, खेल विभाग को खेलकूद प्रतियोगिताओं की कार्ययोजना बनाने और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को स्वतंत्रता संग्राम तथा बिहार की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत उच्चस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। जिला कल्याण पदाधिकारी को महादलित टोलों में ध्वजारोहण के लिए स्थलों का चिन्हांकन कर सूची उपलब्ध कराने तथा नगर आयुक्त को प्रमुख चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई और रंग-रोगन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नजारत उप समाहर्ता को संबंधित स्थलों पर माल्यार्पण एवं अन्य व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में मंच व पंडाल निर्माण, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन, यातायात और पार्किंग प्रबंधन जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था संधारण और पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता श्री ब्रजेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री राजेश सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कामेश्वर प्रसाद गुप्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- बॉलीवुड के किंग सलमान खान का एक वीडियो देखने की बात कही जा रही है। इस वीडियो को देखने के बाद ही दर्शकों को यह पता चल पाएगा कि आखिर असली किंग कौन है।1
- वैशाली के समाहरणालय में अब लोगों को हर जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) श्रीमती वर्षा सिंह ने यहां 'May I Help You' सहायता केंद्र का शुभारंभ किया है। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की जानकारी, अधिकारियों के कक्ष, जनसुविधाओं और जनता दरबार से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां अब एक ही काउंटर पर उपलब्ध होंगी। बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह सेवा पूरी तरह से तेज, सरल और नागरिक-अनुकूल है, जो नागरिकों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।1
- जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में सोमवार को समस्तीपुर शहर के स्टेडियम गोलंबर से आरवाईए एवं भाकपा-माले के बैनर तले एक आक्रोश मार्च निकाला गया और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस जुलूस में शामिल छात्र-युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा में हो रही धांधली के कारण देश के लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रही है। जनक्रांति कार्यालय से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, पेपर लीक, शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कारनामों को देखते हुए बिहार के पूर्णिया में छात्र पूरी तरह से तोड़फोड़ पर उतारू हो गए हैं और जमकर हंगामा कर रहे हैं।1
- जंतर-मंतर पर अपने भविष्य और अधिकारों की बात सड़कों पर रख रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और वहां से आ रही घायल छात्रों की तस्वीरों ने पूरी व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद पेपर लीक और भ्रष्टाचार का दंश झेल रहे देश के युवा जब न्याय की उम्मीद लेकर सड़कों पर उतरे, तो उनका सामना लाठियों से कराया गया। जंतर-मंतर से आई ये तस्वीरें सिर्फ घायल शरीर ही नहीं दिखातीं, बल्कि लाखों छात्रों के टूटते विश्वास की दर्दनाक कहानी भी बयां करती हैं। इस दमनकारी रवैये के खिलाफ तीखा आक्रोश जताते हुए मांग की गई है कि हर घायल छात्र को तुरंत न्याय मिले, हर शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और अनावश्यक बल प्रयोग करने वालों की जवाबदेही भी तय की जाए। देश के युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनने की अपील की गई है, क्योंकि लोकतंत्र लाठियों और डर से नहीं, बल्कि न्याय और संवाद से चलता है। देश को मजबूत बनाने के लिए मेहनत करने वाले इन युवाओं के विश्वास को मजबूत रखना बेहद आवश्यक है।1
- बिहार में अपने अधिकारों, शिक्षा और रोजगार की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया है, जिसमें कई युवाओं को गंभीर चोटें आई हैं। इस घटना में कई युवाओं के सिर फट गए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। यह दृश्य हर संवेदनशील नागरिक को झकझोर देने वाला है। चोटिल हुए ये युवा कोई दुश्मन नहीं हैं, बल्कि इसी देश के बेटे-बेटियां हैं, जिनके सपनों में उनके परिवार का भविष्य और देश का कल बसता है। इस दर्दनाक घटना के बाद हर घायल युवा के साथ एक मां का दिल रो रहा है, एक पिता की उम्मीद टूट रही है और पूरे परिवार का सपना घायल हो रहा है। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन नागरिकों की आवाज को सुनना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। देश का भविष्य लाठियों से नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और संवाद से ही मजबूत होता है। इसी आक्रोश के साथ इस घटना के वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की मांग की जा रही है।1