पीलीभीत के बरखेड़ा थाना परिसर में रविवार को श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में ग्राम प्रधानों, धर्मगुरुओं, चौकीदारों, नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लेकर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष निर्देश दिया कि कांवड़ जत्थों के प्रस्थान से पहले ग्राम प्रधान और चौकीदार अनिवार्य रूप से स्थानीय थाने या बीट कांस्टेबल को सूचित करें ताकि आवश्यक पुलिस प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जा सकें। इसके साथ ही, थाना प्रभारी ने लोगों से किसी भी भ्रामक अफवाह पर ध्यान न देने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और क्षेत्र में शांति व गरिमा के साथ इस पावन पर्व को मनाने का संकल्प लिया।
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना परिसर में रविवार को श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में ग्राम प्रधानों, धर्मगुरुओं, चौकीदारों, नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लेकर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष निर्देश दिया कि कांवड़ जत्थों के प्रस्थान से पहले ग्राम प्रधान और चौकीदार अनिवार्य रूप से स्थानीय थाने या बीट कांस्टेबल को सूचित करें ताकि आवश्यक पुलिस प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जा सकें। इसके साथ ही, थाना प्रभारी ने लोगों से किसी भी भ्रामक अफवाह पर ध्यान न देने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और क्षेत्र में शांति व गरिमा के साथ इस पावन पर्व को मनाने का संकल्प लिया।
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में पीजी ब्लॉक में हो रहे घटिया निर्माण को लेकर भाजपा विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा विधायक ने निर्माण कार्य में लापरवाही और खराब गुणवत्ता को लेकर संबंधित ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई। इस मामले के सामने आने के बाद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे निर्माण कार्य की बारीकी से जांच करने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।1
- पीलीभीत के बीसलपुर में पाइप चोरी के विवाद को लेकर एक खूनी संघर्ष हो गया। इस टकराव में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से दो लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।1
- पीलीभीत के बीसलपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 3 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से बन रहे भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर शनिवार को भारी हंगामा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विधायक विवेक वर्मा ने निर्माणाधीन भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मौके पर ही एक ईंट तोड़कर उसकी कमजोरी दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती खतरे में है। विधायक ने तत्काल पीलीभीत के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया और विशेषज्ञों की टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और गुणवत्ता से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब स्थानीय लोगों ने भी पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- पीलीभीत के बरखेड़ा विकास खंड के अंतर्गत महदखास गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में भारी धांधली का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान पर पात्र लोगों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 के आवास प्लस सर्वे में उनके परिवारों का सर्वे तो किया गया था, लेकिन पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। एक महिला शिकायतकर्ता ने सीधा आरोप लगाया है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने आवास का लाभ दिलाने के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर उसका नाम सूची से बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव में कुल 228 परिवारों का सर्वे हुआ था, लेकिन पात्रता सूची में सिर्फ 38 नामों को ही शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पीलीभीत के डीएम और सीडीओ को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। इस खबर के सामने आने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- औरैया में मंडी समिति गेट के सामने स्थित रॉयल्स गार्डन में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की कार्यकारिणी परिचय बैठक का आयोजन किया गया। शनिवार 11 जुलाई को संपन्न हुई इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पदाधिकारी एवं संरक्षक राजेश शुक्ला ने की, जबकि इसका शुभारंभ जिला अध्यक्ष विमल पांडेय द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य रूप से संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ नव नियुक्त पदाधिकारियों का परिचय कराया गया। वक्ताओं ने संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने का संकल्प लिया। बैठक में कुछ गंभीर समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान बिहार में बिहार पुलिस द्वारा भरत तिवारी की की गई हत्या के मामले को उठाते हुए इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग की गई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। इसके अलावा, भगवान हनुमान जी से संबंधित कथित विवादित टिप्पणी और प्रस्तुति के विषय पर भी उपस्थित पदाधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई और धार्मिक आस्थाओं के सम्मान की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। इस बैठक में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के विशेष आमंत्रित सदस्य श्रवण कुमार अवस्थी, राजू कुशवाहा (प्रधान), नीरज पोरवाल, किसान मोर्चा के अरविंद त्रिवेदी, युवा मोर्चा के राजा दुबे, अनुसूचित मोर्चा के परशुराम दोहरे, हरिओम प्रजापति तथा महिला मोर्चा की मंजुली मिश्रा, राधा देवी, राजकुमारी, प्रीति त्रिपाठी, ममता देवी, शांति देवी, ईशा देवी, अनामिका और गरुड़ सेना की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कांती भदोरिया उपस्थित रहीं। इनके साथ ही दिव्या, रूबी, जिला उपाध्यक्ष गोपाल अवस्थी, दिबियापुर प्रभारी विशाल पांडेय, महामंत्री आरती नंदन तिवारी व योगेश त्रिपाठी, पूर्व प्रधान जटापुर सत्यनारायण दीक्षित, बृजेश कुमार पांडेय, रामजी, रोहित त्रिपाठी, संजू कुशवाहा, रामवीर, रामदीन, सियाराम बाथम और जिला प्रवक्ता एडवोकेट अजय अंजुम चौबे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने और संगठन को और मजबूत बनाने के संकल्प के साथ सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।1
- बरेली जिले के फतेहगंज पूर्वी थाना पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस पुलिस कार्रवाई के दौरान अभियुक्त के पास से अवैध अस्लाह, कारतूस, नकदी, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इस पूरे मामले के संबंध में सीओ फरीदपुर श्री संदीप सिंह ने आधिकारिक बयान देकर कार्रवाई की जानकारी साझा की है।1
- एक अंतिम चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अब आप जानें और आपका कर्म जाने, क्योंकि समय का चक्र परे है।1
- पीलीभीत के मां गोमती उद्गम स्थल पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान (एक पेड़ मां के नाम) के सफल क्रियान्वयन को लेकर तैयारियों से संबंधित बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने के लिए सभी लोगों से अपील की है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण केवल एक सरकारी योजना या कार्य नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने जीवन में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रत्येक नागरिक से इस अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, नोडल अधिकारियों द्वारा जनपद में बड़े स्तर पर पौधारोपण कराने के उद्देश्य से जन जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, डीएफओ सामाजिक वानिकी, डीसी मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, गोमती ट्रस्ट के पदाधिकारी, ग्रामीण और ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।4