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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में पीजी ब्लॉक में हो रहे घटिया निर्माण को लेकर भाजपा विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा विधायक ने निर्माण कार्य में लापरवाही और खराब गुणवत्ता को लेकर संबंधित ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई। इस मामले के सामने आने के बाद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे निर्माण कार्य की बारीकी से जांच करने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
Prashant mishra
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में पीजी ब्लॉक में हो रहे घटिया निर्माण को लेकर भाजपा विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा विधायक ने निर्माण कार्य में लापरवाही और खराब गुणवत्ता को लेकर संबंधित ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई। इस मामले के सामने आने के बाद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे निर्माण कार्य की बारीकी से जांच करने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
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- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में पीजी ब्लॉक में हो रहे घटिया निर्माण को लेकर भाजपा विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा विधायक ने निर्माण कार्य में लापरवाही और खराब गुणवत्ता को लेकर संबंधित ठेकेदार को जमकर लताड़ लगाई। इस मामले के सामने आने के बाद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे निर्माण कार्य की बारीकी से जांच करने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।1
- पीलीभीत के बीसलपुर में पाइप चोरी के विवाद को लेकर एक खूनी संघर्ष हो गया। इस टकराव में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से दो लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।1
- पीलीभीत के बीसलपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में करीब 3 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से बन रहे भवन में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों पर शनिवार को भारी हंगामा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विधायक विवेक वर्मा ने निर्माणाधीन भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मौके पर ही एक ईंट तोड़कर उसकी कमजोरी दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती खतरे में है। विधायक ने तत्काल पीलीभीत के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया और विशेषज्ञों की टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और गुणवत्ता से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब स्थानीय लोगों ने भी पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- पीलीभीत के बरखेड़ा विकास खंड के अंतर्गत महदखास गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में भारी धांधली का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान पर पात्र लोगों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 के आवास प्लस सर्वे में उनके परिवारों का सर्वे तो किया गया था, लेकिन पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि अपात्रों के नाम जोड़ दिए गए। एक महिला शिकायतकर्ता ने सीधा आरोप लगाया है कि ग्राम सचिव और प्रधान ने आवास का लाभ दिलाने के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर उसका नाम सूची से बाहर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव में कुल 228 परिवारों का सर्वे हुआ था, लेकिन पात्रता सूची में सिर्फ 38 नामों को ही शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पीलीभीत के डीएम और सीडीओ को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। इस खबर के सामने आने के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र में संयुक्त जनादेश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बबलू श्रीवास्तव जी और पार्टी के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंच रहे हैं। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारी लोगों के बीच जाकर सीधे उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं।1
- बरेली में 'मिस्टर मिस मिसेज आइकॉनिक फेस ऑफ इंडिया 2026' के सीजन 5 का पहला ऑडिशन बेहद भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस शानदार आयोजन को आप ख़बर जंक्शन बरेली न्यूज़ चैनल पर देख रहे हैं।1
- पीलीभीत के मां गोमती उद्गम स्थल पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में वृक्षारोपण महायज्ञ 2026 अभियान (एक पेड़ मां के नाम) के सफल क्रियान्वयन को लेकर तैयारियों से संबंधित बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने के लिए सभी लोगों से अपील की है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण केवल एक सरकारी योजना या कार्य नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने जीवन में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रत्येक नागरिक से इस अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया। इसके साथ ही, नोडल अधिकारियों द्वारा जनपद में बड़े स्तर पर पौधारोपण कराने के उद्देश्य से जन जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, डीएफओ सामाजिक वानिकी, डीसी मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार, गोमती ट्रस्ट के पदाधिकारी, ग्रामीण और ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।4
- बरेली जंक्शन पर शुक्रवार सुबह इंसानियत और सूझबूझ की एक अद्भुत मिसाल सामने आई। वंदे भारत एक्सप्रेस से उतरे एक पूर्व सैनिक सुरेश की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह प्लेटफॉर्म नंबर-2 की सीढ़ियों के पास बेहोश होकर गिर पड़े। कुछ ही पलों में उनकी नब्ज और ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगा, जिससे पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच अपने रिश्तेदार को लेने स्टेशन पहुंचे शहर के प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. परमेंद्र माहेश्वरी किसी फरिश्ते की तरह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना एक पल गंवाए स्थिति को समझा और तत्काल मरीज को सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया। लगातार कई मिनट तक पूरी निष्ठा और धैर्य के साथ किए गए प्रयास रंग लाए और पूर्व सैनिक सुरेश की रुकी हुई सांसें व धड़कन फिर से चलने लगीं। होश में आने पर सुरेश ने बताया कि वह पहले से हृदय रोग से पीड़ित हैं और इलाज के लिए मिलिट्री अस्पताल जा रहे थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। डॉ. परमेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और यदि समय रहते सही तरीके से सीपीआर दिया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से भी इस जीवनरक्षक तकनीक को सीखने की अपील की। इस दौरान यात्रियों, जीआरपी, रेलवे कर्मचारियों और ऑटो चालकों ने भी पूरा सहयोग किया। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने डॉक्टर की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और सेवा भावना की जमकर सराहना करते हुए उन्हें "मसीहा" बताया।1