# JMM कार्यकर्ताओं और छात्रों की झड़प पर बढ़ा विवाद, ABVP ने FIR को लेकर उठाए सवाल गिरिडीह, 21 अगस्त को JMM कार्यकर्ताओं और छात्रों के बीच हुई झड़प का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।** इस घटना को लेकर अब FIR दर्ज करने के मुद्दे पर भी विवाद गहराता नजर आ रहा है। **“एक पक्ष की FIR दर्ज, दूसरे पक्ष की शिकायत पर क्यों सवाल?”** इसी मुद्दे को लेकर आज ABVP के प्रदेश सह मंत्री **मंटू मुर्मू** ने अपने अन्य साथियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ओर से दी जा रही शिकायत और FIR को थाने में दर्ज नहीं किया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से कथित तौर पर झूठी FIR दर्ज कर ली गई है। मंटू मुर्मू ने कहा कि जब वे FIR दर्ज कराने के लिए थाने जाते हैं, तो थाना प्रभारी कई अन्य अधिकारियों को फोन कर यह पूछते हैं कि आगे क्या करना है। उन्होंने बताया कि आज उनकी ओर से थाना में लिखित आवेदन दे दिया गया है। **उन्होंने साफ कहा कि अगर उनकी FIR दर्ज नहीं की जाती है, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने और कानूनी प्रक्रिया के तहत FIR दर्ज कराने को बाध्य होंगे।** **“अब मामला सिर्फ झड़प का नहीं, बल्कि न्याय और कार्रवाई का बनता जा रहा है!”** वहीं, मंटू मुर्मू ने अपने भाई द्वारा दिए गए उस बयान को भी बेबुनियाद बताया, जो उनसे जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि यह बयान राजनीतिक दबाव का नतीजा है। मंटू मुर्मू ने कहा कि वे कई वर्षों से **अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद** से जुड़े हुए हैं और इस मामले में लगाए जा रहे आरोपों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। **अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? और क्या मंटू मुर्मू की ओर से दी गई शिकायत पर भी FIR दर्ज की जाएगी?**
# JMM कार्यकर्ताओं और छात्रों की झड़प पर बढ़ा विवाद, ABVP ने FIR को लेकर उठाए सवाल गिरिडीह, 21 अगस्त को JMM कार्यकर्ताओं और छात्रों के बीच हुई झड़प का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।** इस घटना को लेकर अब FIR दर्ज करने के मुद्दे पर भी विवाद गहराता नजर आ रहा है। **“एक पक्ष की FIR दर्ज, दूसरे पक्ष की शिकायत पर क्यों सवाल?”** इसी मुद्दे को लेकर आज ABVP के प्रदेश सह मंत्री **मंटू मुर्मू** ने अपने अन्य साथियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ओर से दी जा रही शिकायत और FIR को थाने में
दर्ज नहीं किया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से कथित तौर पर झूठी FIR दर्ज कर ली गई है। मंटू मुर्मू ने कहा कि जब वे FIR दर्ज कराने के लिए थाने जाते हैं, तो थाना प्रभारी कई अन्य अधिकारियों को फोन कर यह पूछते हैं कि आगे क्या करना है। उन्होंने बताया कि आज उनकी ओर से थाना में लिखित आवेदन दे दिया गया है। **उन्होंने साफ कहा कि अगर उनकी FIR दर्ज नहीं की जाती है, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने और कानूनी प्रक्रिया के तहत FIR दर्ज कराने को बाध्य होंगे।** **“अब मामला सिर्फ झड़प का नहीं, बल्कि
न्याय और कार्रवाई का बनता जा रहा है!”** वहीं, मंटू मुर्मू ने अपने भाई द्वारा दिए गए उस बयान को भी बेबुनियाद बताया, जो उनसे जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि यह बयान राजनीतिक दबाव का नतीजा है। मंटू मुर्मू ने कहा कि वे कई वर्षों से **अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद** से जुड़े हुए हैं और इस मामले में लगाए जा रहे आरोपों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। **अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? और क्या मंटू मुर्मू की ओर से दी गई शिकायत पर भी FIR दर्ज की जाएगी?**
- सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके। निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।6
- बरवाअड्डा थाना परिसर में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों की बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के साथ हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है..1
- जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप। जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान जामताड़ा सदर थाना के चलना पंचायत अंतर्गत भंडारों गांव निवासी 20 वर्षीय सुनीता मरांडी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 22 अगस्त को चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे धनबाद के जेपी अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति मुकेश हांसदा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद सुनीता की स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला की मौत की सूचना के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। इसके बाद जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा ने बताया कि मौके पर पुलिस बल भेजा गया है और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।1
- जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप; परिजनों ने किया हंगामा जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका सुनीता मरांडी (20) जामताड़ा सदर प्रखंड अंतर्गत चलना पंचायत के भंडारों गांव की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। 22 अगस्त को उसे रेफर किया गया। बाद में धनबाद के जेपी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। पति मुकेश हसदा ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद महिला की स्थिति बिगड़ी। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की तथा जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।1
- धनबाद पुलिस को मिला नया कलेवर समाहरणालय स्थित एसएसपी कार्यालय के जीर्णोद्धार के बाद बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी श्री शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने वैदिक रीति-रिवाज से उद्घाटन किया। आधुनिक सुविधाओं से लैस कार्यालय में फ्रंट ऑफिस, टेलीफोन व कंप्यूटर सेक्शन तथा मुलाकातियों के लिए टोकन व्यवस्था होगी। शिकायतों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखकर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। आईजी महोदय ने एसएसपी श्री प्रभात कुमार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे आधुनिक एवं व्यवस्थित पुलिसिंग का मॉडल बताया। इसके बाद धनबाद थाना परिसर में नव निर्मित हरित वाटिका का भी उद्घाटन किया गया। संदीप दत्ता की रिपोर्ट धनबाद से।1
- बी सी सी एल द्वारा लाया गया कोल मेगा प्रोजेक्ट को लेकर एक चर्चा समाज सेवी विजय कुमार झा के साथ आईए जानते हैं उन्होंने इस संबंध में क्या कुछ कहा इस खबर में,,,,,,,,,,,,,,,,,।1
- थाना प्रभारी को गाली-धमकी के आरोपों पर जयराम महतो का बड़ा बयान1
- *सिहोडीह पटेलनगर में जलजमाव से बेहाल लोगों को मिली राहत* *नगर निगम की मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त व वार्ड पार्षद की पहल लाई रंग* *अतिक्रमण करने वालों को लगाई फटकार, जेसीबी से हटाया अतिक्रमण; सड़क किनारे गड्ढा खोद पानी निकासी की बनाई राह* गिरिडीह। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 स्थित सिहोडीह पटेलनगर में पिछले कई दिनों से जलजमाव की समस्या से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली। नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। नगर आयुक्त विजय सिंह बिरुवा दल-बल के साथ जलजमाव वाले स्थल पर पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को लेकर संबंधित लोगों को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से अतिक्रमण हटाया गया तथा सड़क किनारे गड्ढा खोदकर जमा पानी की निकासी की व्यवस्था कराई गई। पानी निकलने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। बताया गया कि पिछले चार दिनों से नाली का गंदा पानी सड़क पर जमा था और कई घरों में भी पानी प्रवेश कर रहा था। जलजमाव के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। बारिश के बाद स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा रहने के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सड़क नहीं बल्कि स्विमिंग पूल बन गया हो। जलजमाव के कारण गंदगी और दुर्गंध भी फैल रही थी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। स्थानीय लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम की मेयर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर सुमित कुमार, वार्ड पार्षद अशोक राम, नगर आयुक्त विजय सिंह बिरुवा और सिटी मैनेजर मंजूर आलम समेत नगर निगम के कई पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान की दिशा में पहल की। नगर निगम की टीम द्वारा पानी की निकासी कराए जाने के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की काफी भीड़ जुट गई। लोगों ने जलजमाव से तत्काल राहत मिलने पर नगर निगम प्रशासन की पहल की सराहना की। हालांकि, स्थानीय लोगों ने स्थायी नाली निर्माण और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग भी दोहराई, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।4