सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके। निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क
समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ
बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने
पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति
खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके। निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
- जामताड़ा न्यूज:ठंडारडीह घटना के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन को घेरा घटना के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन को घेरा करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ठंडारडीह गांव में विगत दिनों हुई घटना के विरोध में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन से उपद्रवियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के कथित गलत बयान या कृत्य के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, न कि भीड़ जुटाकर मारपीट और तोड़फोड़ की जाए। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भूदेव महतो के घर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके तथा परिजनों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने जान से मारने के प्रयास, घर में तोड़फोड़ और सामान लूटने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं संविधान और कानून व्यवस्था के विरुद्ध हैं। सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को सरकार, विधायक या मंत्री का चेहरा देखने के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। मौके पर जिला उपाध्यक्ष सुकुमार सरखेल, जिला मंत्री आभा आर्या व संजू देवी, नगर अध्यक्ष प्रदीप राउत, सह कार्यालय मंत्री पिंटू गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, लखिन्द्र सिंह, लालटू नायक समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- Writing 4 घंटे की मैराथन बैठक के बाद बड़ा दावा छाताबाद प्रभावितों और BCCL के बीच समझौते पर सहमति! मुआवजा और पुनर्वास को लेकर बनी बात लेकिन CMD की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस!1
- ईद मिलाद-उल-नबी से पहले गिरिडीह में मंगलवार को 5 बजे बड़ा चौक से निकला गया फ्लैग मार्च ईद मिलाद-उल-नबी से पहले गिरिडीह में मंगलवार को 5 बजे बड़ा चौक से फ्लैग मार्च निकाला गया। पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस ईद मिलाद-उल-नबी को लेकर गिरिडीह में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. विमल कुमार के नेतृत्व में शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया।1
- महेशाबथान में यात्रियों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली महेशाबथान में यात्रियों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली का मामला गहराया,यात्रायों ने प्रसाशन से इन् माफियों पर लगाम लगाने का मंगा किया है।1
- rasta600mitar bahut खरब है gara sirampur pan jhanakpur po satpahri par jarmundi जिला Dumka Jharkhand1
- एडभान्स टेक्नोलॉजी के तहत इस पथ का निर्माण किया जा रहा है क्या रघुनाथपूर बारमसिया पथ पर चल रहा है यह कार्य1
- # JMM कार्यकर्ताओं और छात्रों की झड़प पर बढ़ा विवाद, ABVP ने FIR को लेकर उठाए सवाल गिरिडीह, 21 अगस्त को JMM कार्यकर्ताओं और छात्रों के बीच हुई झड़प का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।** इस घटना को लेकर अब FIR दर्ज करने के मुद्दे पर भी विवाद गहराता नजर आ रहा है। **“एक पक्ष की FIR दर्ज, दूसरे पक्ष की शिकायत पर क्यों सवाल?”** इसी मुद्दे को लेकर आज ABVP के प्रदेश सह मंत्री **मंटू मुर्मू** ने अपने अन्य साथियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ओर से दी जा रही शिकायत और FIR को थाने में दर्ज नहीं किया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से कथित तौर पर झूठी FIR दर्ज कर ली गई है। मंटू मुर्मू ने कहा कि जब वे FIR दर्ज कराने के लिए थाने जाते हैं, तो थाना प्रभारी कई अन्य अधिकारियों को फोन कर यह पूछते हैं कि आगे क्या करना है। उन्होंने बताया कि आज उनकी ओर से थाना में लिखित आवेदन दे दिया गया है। **उन्होंने साफ कहा कि अगर उनकी FIR दर्ज नहीं की जाती है, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने और कानूनी प्रक्रिया के तहत FIR दर्ज कराने को बाध्य होंगे।** **“अब मामला सिर्फ झड़प का नहीं, बल्कि न्याय और कार्रवाई का बनता जा रहा है!”** वहीं, मंटू मुर्मू ने अपने भाई द्वारा दिए गए उस बयान को भी बेबुनियाद बताया, जो उनसे जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि यह बयान राजनीतिक दबाव का नतीजा है। मंटू मुर्मू ने कहा कि वे कई वर्षों से **अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद** से जुड़े हुए हैं और इस मामले में लगाए जा रहे आरोपों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। **अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? और क्या मंटू मुर्मू की ओर से दी गई शिकायत पर भी FIR दर्ज की जाएगी?**3
- केंद्र के खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन का ऐलान। जामताड़ा: केंद्र सरकार द्वारा खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026 पारित किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री के जामताड़ा स्थित आवास पर कांग्रेस जिला प्रभारी सुल्तान अहमद ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।1
- “रिकॉर्ड कर लो… सरकार बदलते ही हिसाब होगा!” वायरल ऑडियो ने गरमाई झारखंड की सियासत1