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एडभान्स टेक्नोलॉजी के तहत इस पथ का निर्माण किया जा रहा है क्या रघुनाथपूर बारमसिया पथ पर चल रहा है यह कार्य
मो० साबिर अंसारी
एडभान्स टेक्नोलॉजी के तहत इस पथ का निर्माण किया जा रहा है क्या रघुनाथपूर बारमसिया पथ पर चल रहा है यह कार्य
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- महेशाबथान में यात्रियों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली महेशाबथान में यात्रियों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली का मामला गहराया,यात्रायों ने प्रसाशन से इन् माफियों पर लगाम लगाने का मंगा किया है।1
- rasta600mitar bahut खरब है gara sirampur pan jhanakpur po satpahri par jarmundi जिला Dumka Jharkhand1
- जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप। जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान जामताड़ा सदर थाना के चलना पंचायत अंतर्गत भंडारों गांव निवासी 20 वर्षीय सुनीता मरांडी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 22 अगस्त को चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे धनबाद के जेपी अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति मुकेश हांसदा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद सुनीता की स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला की मौत की सूचना के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। इसके बाद जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा ने बताया कि मौके पर पुलिस बल भेजा गया है और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।1
- जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप; परिजनों ने किया हंगामा जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका सुनीता मरांडी (20) जामताड़ा सदर प्रखंड अंतर्गत चलना पंचायत के भंडारों गांव की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। 22 अगस्त को उसे रेफर किया गया। बाद में धनबाद के जेपी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। पति मुकेश हसदा ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद महिला की स्थिति बिगड़ी। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की तथा जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।1
- सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके। निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।6
- जामताड़ा न्यूज:ठंडारडीह घटना के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन को घेरा घटना के दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन को घेरा करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ठंडारडीह गांव में विगत दिनों हुई घटना के विरोध में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन से उपद्रवियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के कथित गलत बयान या कृत्य के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, न कि भीड़ जुटाकर मारपीट और तोड़फोड़ की जाए। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भूदेव महतो के घर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके तथा परिजनों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने जान से मारने के प्रयास, घर में तोड़फोड़ और सामान लूटने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं संविधान और कानून व्यवस्था के विरुद्ध हैं। सत्यानंद झा बाटुल ने प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को सरकार, विधायक या मंत्री का चेहरा देखने के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। मौके पर जिला उपाध्यक्ष सुकुमार सरखेल, जिला मंत्री आभा आर्या व संजू देवी, नगर अध्यक्ष प्रदीप राउत, सह कार्यालय मंत्री पिंटू गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, लखिन्द्र सिंह, लालटू नायक समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- पाकुड़: सामूहिक दुष्कर्म मामले में 9 दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद, 50-50 हजार का जुर्माना पाकुड़:जिले की एक अदालत ने हिरणपुर थाना क्षेत्र में हुए एक खौफनाक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम , पाकुड़, कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 9 दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376-D के तहत अंतिम सांस तक (प्राकृतिक जीवन के शेष रहने तक) कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पति को बंधक बनाकर दिया था वारदात को अंजाम प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 1 जून 2024 की शाम लगभग 6:30 बजे की है। पीड़िता (19 वर्ष) अपने पति के साथ हिरणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सहरपुर स्थित काजू बागान में टहलने गई थी। इसी दौरान अचानक कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़िता के पति को पकड़कर बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की, उसके कपड़े फाड़ दिए और झाड़ियों में ले जाकर बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में हिरणपुर थाना में कांड संख्या 35/2024, दिनांक 02.06.2024 दर्ज किया गया था। अदालत में पेश हुए 6 अहम गवाह सत्र वाद संख्या 143/2024 के तहत चली इस सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाह अदालत में पेश किए गए। न्यायालय ने अपराध को माना मानवता के खिलाफ अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि इस घटना ने न केवल पीड़िता को गहरी पीड़ा दी है, बल्कि मानवता और सामाजिक मान्यताओं की नींव को भी हिलाकर रख दिया है। बचाव पक्ष द्वारा दोषियों की कम उम्र का हवाला देकर नरमी बरतने की अपील को अदालत ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एक सभ्य समाज में महिलाओं की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे जघन्य अपराधों में कड़ी सजा भविष्य के लिए एक नजीर बननी चाहिए। मानवेन मरांडी (28) चंदन सोरेन उर्फ चांद सोरेन (29) विवेक सोरेन (22) लखीराम मृधा उर्फ बाबूलाल मरांडी (22)जेने हांसदा (27)विश्वनाथ हेम्ब्रम (24)पांडु हेम्ब्रम (30)मिस्त्री हेम्ब्रम (30)सकल हांसदा (34) अदालत ने उक्त 9 अभियुक्तों (सभी निवासी- ग्राम कस्तूरी, थाना हिरणपुर, पाकुड़) को दोषी करार दिया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का निर्देश अदालत ने भा०द०वि की धारा 376- डी के तहत सभी 9 दोषियों को प्राकृतिक जीवन के अंत तक कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा, प्रत्येक दोषी पर 50,000 रुपये (पचास हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने निर्देश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त शत-प्रतिशत राशि पीड़िता को उसकी मानसिक और शारीरिक पीड़ा के मुआवजे के रूप में दी जाए। साथ ही, अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) पाकुड़ को 'विक्टिम कंपनसेशन स्कीम' के तहत पीड़िता के लिए अतिरिक्त उचित मुआवजे का निर्धारण करने का भी आदेश दिया है।1