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Writing 4 घंटे की मैराथन बैठक के बाद बड़ा दावा छाताबाद प्रभावितों और BCCL के बीच समझौते पर सहमति! मुआवजा और पुनर्वास को लेकर बनी बात लेकिन CMD की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस!
जनता न्यूज़ 24
Writing 4 घंटे की मैराथन बैठक के बाद बड़ा दावा छाताबाद प्रभावितों और BCCL के बीच समझौते पर सहमति! मुआवजा और पुनर्वास को लेकर बनी बात लेकिन CMD की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस!
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- बी सी सी एल द्वारा लाया गया कोल मेगा प्रोजेक्ट को लेकर एक चर्चा समाज सेवी विजय कुमार झा के साथ आईए जानते हैं उन्होंने इस संबंध में क्या कुछ कहा इस खबर में,,,,,,,,,,,,,,,,,।1
- थाना प्रभारी को गाली-धमकी के आरोपों पर जयराम महतो का बड़ा बयान1
- धनबाद पुलिस को मिला नया कलेवर समाहरणालय स्थित एसएसपी कार्यालय के जीर्णोद्धार के बाद बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी श्री शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने वैदिक रीति-रिवाज से उद्घाटन किया। आधुनिक सुविधाओं से लैस कार्यालय में फ्रंट ऑफिस, टेलीफोन व कंप्यूटर सेक्शन तथा मुलाकातियों के लिए टोकन व्यवस्था होगी। शिकायतों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखकर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। आईजी महोदय ने एसएसपी श्री प्रभात कुमार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे आधुनिक एवं व्यवस्थित पुलिसिंग का मॉडल बताया। इसके बाद धनबाद थाना परिसर में नव निर्मित हरित वाटिका का भी उद्घाटन किया गया। संदीप दत्ता की रिपोर्ट धनबाद से।1
- बरवाअड्डा थाना परिसर में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों की बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के साथ हुई झड़प के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है..1
- सीसीएल अस्पताल पर भू-धंसान का कहर, दो भवन क्षतिग्रस्त—इलाके में मचा हड़कंप गिरिडीह में मंगलवार की अहले सुबह भू-धंसान की बड़ी घटना ने बनियाडीह सीसीएल गिरिडीह एरिया में हड़कंप मचा दिया। बनियाडीह सीसीएल का एरिया अस्पताल अचानक जमीन धंसने की चपेट में आ गया। भू-धंसान इतना जोरदार था कि अस्पताल की दो इमारतों का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि सड़क समेत आसपास के बड़े भू-भाग में चौड़ी-चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते अस्पताल कर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनकी ड्यूटी थी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे अन्य कर्मियों के साथ बाहर निकलने पर जमीन और भवन में धंसान होता दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का जायजा लिया और भू-धंसान से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर की स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। अस्पताल के संवेदनशील हिस्से में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा के लिए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले इलाके में प्रवेश न कर सके। निरीक्षण के दौरान जीएम ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि भू-धंसान की घटना की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में अचानक हुए इस भू-धंसान के पीछे आखिर वजह क्या है और क्या आसपास का इलाका भी खतरे की जद में है। सीसीएल प्रबंधन की जांच के बाद ही इसकी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को असुरक्षित मानते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।6
- ईद मिलाद-उल-नबी से पहले गिरिडीह में मंगलवार को 5 बजे बड़ा चौक से निकला गया फ्लैग मार्च ईद मिलाद-उल-नबी से पहले गिरिडीह में मंगलवार को 5 बजे बड़ा चौक से फ्लैग मार्च निकाला गया। पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस ईद मिलाद-उल-नबी को लेकर गिरिडीह में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. विमल कुमार के नेतृत्व में शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया।1
- जामताड़ा में प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप। जामताड़ा। दुमका रोड स्थित एसएस अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने और धनबाद में इलाज के दौरान मौत होने से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान जामताड़ा सदर थाना के चलना पंचायत अंतर्गत भंडारों गांव निवासी 20 वर्षीय सुनीता मरांडी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुनीता को 21 अगस्त को प्रसव के लिए एसएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद उसने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 22 अगस्त को चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे धनबाद के जेपी अस्पताल ले गए, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पति मुकेश हांसदा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल को 22 हजार रुपये दिए गए थे। परिजनों का आरोप है कि सीजर के दौरान नस कटने के बाद सुनीता की स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला की मौत की सूचना के बाद परिजनों ने एसएस अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। इसके बाद जामताड़ा-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर मुआवजे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा ने बताया कि मौके पर पुलिस बल भेजा गया है और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।1
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