मथुरा जिले के ब्रज क्षेत्र स्थित कमई गाँव, जो राधा रानी की प्रिय सखी विशाखा जी से जुड़े श्री विशाखा रमण बिहारी मंदिर के धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, वहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुँचते हैं। हालाँकि, गाँव में लंबे समय से जारी गंभीर पेयजल संकट के कारण इन श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गाँव के सरकारी विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी पर्याप्त पेयजल व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते कई स्थानों पर लोगों को दूसरे गाँवों से पानी लाना पड़ता है। गर्मी के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से कठिनाई झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होने के बावजूद गाँव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए आकर भी पानी की व्यवस्था न होने से प्यासे लौटने को विवश हो जाते हैं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा है कि सभी लोगों की समस्याओं पर समान रूप से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी के मद्देनजर, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से गाँव में स्थायी पेयजल व्यवस्था, सार्वजनिक जल बिंदु, पानी की टंकी और विद्यालय, अस्पताल तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में तत्काल जलापूर्ति सुनिश्चित करने की पुरज़ोर माँग की है। यह समस्या देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में हाल के वर्षों में गंभीर रूप ले चुकी है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।
मथुरा जिले के ब्रज क्षेत्र स्थित कमई गाँव, जो राधा रानी की प्रिय सखी विशाखा जी से जुड़े श्री विशाखा रमण बिहारी मंदिर के धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, वहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुँचते हैं। हालाँकि, गाँव में लंबे समय से जारी गंभीर पेयजल संकट के कारण इन श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों
ने आरोप लगाया है कि गाँव के सरकारी विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी पर्याप्त पेयजल व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते कई स्थानों पर लोगों को दूसरे गाँवों से पानी लाना पड़ता है। गर्मी के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से कठिनाई झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक
पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होने के बावजूद गाँव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए आकर भी पानी की व्यवस्था न होने से प्यासे लौटने को विवश हो जाते हैं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा है कि सभी लोगों की समस्याओं पर समान रूप से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी के मद्देनजर,
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से गाँव में स्थायी पेयजल व्यवस्था, सार्वजनिक जल बिंदु, पानी की टंकी और विद्यालय, अस्पताल तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में तत्काल जलापूर्ति सुनिश्चित करने की पुरज़ोर माँग की है। यह समस्या देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में हाल के वर्षों में गंभीर रूप ले चुकी है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है।
- मथुरा से लखनऊ विधानसभा कूच के दौरान एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई, जिसमें कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। प्रशासन ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया को उनके घर पर ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्यकर्ताओं के साथ होली गेट तक पहुंचने में सफल रहे। आंदोलन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया सहित कई अन्य एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को बुलंद किया। गिरफ्तारी के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल और अन्य युवा पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को शांतिपूर्ण ढंग से विधानसभा तक पहुंचाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और अन्य छात्र नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकना उचित नहीं है और छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।3
- मथुरा की रोशन विहार कॉलोनी और गायत्री विहार कॉलोनी में टूटी सड़कें व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही हैं, जहाँ विकास के बुलंद दावों के बावजूद स्थानीय लोग बदहाल सड़क निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने जनप्रतिनिधियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर इस गंभीर समस्या के तत्काल समाधान की अपील की है। निवासियों के अनुसार, लगभग 200 मीटर लंबी यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और इसमें जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। यह मार्ग लोहेवन जाने वाले रास्ते से भी जुड़ा है, जिसके कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों का आवागमन होता है। खराब सड़क के कारण न केवल कॉलोनीवासी, बल्कि राहगीर भी भारी परेशानी झेल रहे हैं। सेना, पुलिस विभाग और सरकारी विद्यालयों से जुड़े परिवार भी इसी क्षेत्र में रहते हैं, जिन्हें रोजाना नौकरी और स्कूल सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी जोखिम भरे मार्ग से गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जहाँ सड़क पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी कठिनाई होती है, साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान कई बार इस समस्या की ओर आकर्षित कराया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण या मरम्मत का कोई काम शुरू नहीं हुआ है। अब कॉलोनीवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। लोगों का सवाल है कि 'सड़क बदहाल, जनता बेहाल, कब मिलेगी राहत, जनता त्रस्त, प्रशासन मस्त?' यह टूटी सड़क व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है, जो प्रशासन की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।1
- मथुरा जनपद के कोसीकलाँ स्थित पौराणिक रत्नाकर कुंड, जिसे तालाब शाही भी कहा जाता है, के महाकाल घाट पर आज पुरुषोत्तम मास की कृष्ण पक्ष शिवरात्रि के शुभ अवसर पर भव्य आयोजन किए गए। इस दौरान छप्पन भोग सहित एक विशाल महाआरती का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के तहत, घाट पर श्री गिरिराज महाराज की विश्राम मुद्रा में एक दिव्य झांकी भी सजाई गई। साथ ही, इस पावन अवसर पर एक भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि पुरुषोत्तम मास को लेकर रत्न सागर कुंड पर छप्पन भोग का विशेष आयोजन हुआ।1
- मथुरा में अवैध वसूली के एक मामले में एक सब-इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद, अवैध वसूली में संलिप्त उसके फरार साथियों पर पुलिस ने ₹25,000 का इनाम घोषित किया है। पूरे मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे अपराधों के प्रति प्रशासन गंभीर है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले से आए दो बेटों ने अपनी 80 वर्षीय वृद्ध माता को पालकी (कांवड़) में बिठाकर गोवर्धन स्थित श्री गिर्राज जी की परिक्रमा कराई है। इस दृश्य को कलयुग में मातृ-पितृ भक्ति का एक अद्भुत और प्रेरणादायक उदाहरण बताया जा रहा है, जो साक्षात श्रवण कुमार के चरित्र को जीवंत करता है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा संदेश देती है, जहाँ सच्ची श्रद्धा देखने को मिलती है और यह दिखाया जाता है कि भगवान की भक्ति और माता-पिता की सेवा दोनों एक समान हैं। यह कार्य संस्कारों के महत्व को भी रेखांकित करता है, जिसमें आधुनिक दौड़भाग भरी जिंदगी में भी कुछ लोग अपने माता-पिता के प्रति सर्वोच्च सम्मान और कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हैं। साथ ही, यह उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा और सीख है जो अपने बुजुर्गों को अकेला छोड़ देते हैं।1
- मथुरा के रजिस्ट्री कार्यालयों में इन दिनों कामकाज पूरी तरह से ठप है। प्रदेश भर के अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे हैं, जिसके कारण आज लगातार पाँचवें दिन भी उनका धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार जिस नई 'ई-पंजीकरण' व्यवस्था को लागू कर रही है, वह वास्तव में विभागों का निजीकरण है। उनका कहना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल उनकी आजीविका पर संकट आएगा, बल्कि हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। अधिवक्ता सोहन लाल शर्मा ने इस कदम को उनके रोजगार पर सीधा कुठाराघात बताया है। दूसरी ओर, शासन का तर्क है कि 'उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली 2024' के तहत 'प्रेरणा सॉफ्टवेयर' के माध्यम से इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जन-सुलभ बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ई-पंजीकरण के तहत बायोमेट्रिक, डिजिटल पहचान और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की जा रही है। हालांकि, अधिवक्ता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।4
- मथुरा जनपद के छाता क्षेत्र में ग्राम बिलौटी स्थित NH 19 किनारे की एक जमीन को प्रशासन ने NHAI की भूमि बताते हुए बुलडोजर चलाकर खाली कराया था। इस कार्रवाई के पीछे तर्क था कि जमीन NHAI की है और उसे अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। हालांकि, अब उसी खाली कराई गई जमीन पर एक निजी व्यक्ति की बाउंड्री वॉल खड़ी दिखाई दे रही है। पीड़ित का दावा है कि प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने के कुछ ही दिनों बाद इस जमीन पर बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य शुरू हो गया था। यह घटना NHAI के नाम पर हुई कार्रवाई और उसके बाद उसी जमीन पर निजी निर्माण को लेकर कई सवाल खड़े करती है।1
- भावनपुर किला रोड पर एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक ऑल्टो कार के बीच सीधी टक्कर हो गई। यह घटना भावनपुर किला रोड पर घटित हुई।1