मथुरा से लखनऊ विधानसभा कूच के दौरान एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई, जिसमें कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। प्रशासन ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया को उनके घर पर ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्यकर्ताओं के साथ होली गेट तक पहुंचने में सफल रहे। आंदोलन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया सहित कई अन्य एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को बुलंद किया। गिरफ्तारी के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल और अन्य युवा पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को शांतिपूर्ण ढंग से विधानसभा तक पहुंचाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और अन्य छात्र नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकना उचित नहीं है और छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
मथुरा से लखनऊ विधानसभा कूच के दौरान एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई, जिसमें कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। प्रशासन ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया को उनके घर पर ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्यकर्ताओं के साथ
होली गेट तक पहुंचने में सफल रहे। आंदोलन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया सहित कई अन्य एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को बुलंद किया। गिरफ्तारी के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल और अन्य युवा पदाधिकारियों
ने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को शांतिपूर्ण ढंग से विधानसभा तक पहुंचाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और अन्य छात्र नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकना उचित नहीं है और छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
- मथुरा के रजिस्ट्री कार्यालयों में इन दिनों कामकाज पूरी तरह से ठप है। प्रदेश भर के अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे हैं, जिसके कारण आज लगातार पाँचवें दिन भी उनका धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार जिस नई 'ई-पंजीकरण' व्यवस्था को लागू कर रही है, वह वास्तव में विभागों का निजीकरण है। उनका कहना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल उनकी आजीविका पर संकट आएगा, बल्कि हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। अधिवक्ता सोहन लाल शर्मा ने इस कदम को उनके रोजगार पर सीधा कुठाराघात बताया है। दूसरी ओर, शासन का तर्क है कि 'उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली 2024' के तहत 'प्रेरणा सॉफ्टवेयर' के माध्यम से इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जन-सुलभ बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ई-पंजीकरण के तहत बायोमेट्रिक, डिजिटल पहचान और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की जा रही है। हालांकि, अधिवक्ता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।4
- मथुरा की छाता तहसील से तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव बिलौटी में NH-19 के किनारे स्थित जिस जमीन को प्रशासन ने NHAI की भूमि बताते हुए बुलडोजर चलाकर खाली कराया था, आज उसी जगह एक निजी व्यक्ति की बाउंड्रीवॉल खड़ी दिखाई दे रही है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान उन्हें न तो कोई उचित नोटिस दिया गया और न ही अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिला। प्रशासन ने जमीन को NHAI की संपत्ति कहकर ध्वस्त किया और कब्जा हटवा दिया। हालाँकि, इस कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद उसी जमीन पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू हो गया। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि जमीन वास्तव में NHAI की थी, तो उस पर निजी निर्माण कैसे हो गया। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या NHAI ने यह बाउंड्रीवॉल बनवाई, या किसी सरकारी विभाग ने निर्माण कराया, या फिर किसी निजी व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। जब निर्माण करा रहे व्यक्ति से पूछा गया, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और सिर्फ तहसीलदार साहब से बात करने को कहा। वहीं, इस मामले में तहसीलदार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे संदेह और गहरा गया है। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि जमीन सरकारी थी, तो उस पर निजी बाउंड्रीवॉल कैसे खड़ी हो गई, और यदि यह निर्माण वैध है, तो प्रशासन सामने आकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहा है। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NHAI के नाम पर जमीन खाली कराकर किसी और को फायदा पहुंचाया गया है, या इसके पीछे कोई और सच्चाई है जो अभी सामने आनी बाकी है। जनता इन सवालों के जवाब चाहती है और फिलहाल निगाहें जिला प्रशासन पर हैं, क्योंकि यह आरोप लग रहा है कि जिला प्रशासन ही एक दबंग को गरीबों की जमीन पर काबिज करा रहा है।4
- मथुरा में एसएसपी श्लोक कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए छटीकरा चौकी इंचार्ज शशांक कौशिक को अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई स्थानीय व्यापारियों और विक्रेताओं की शिकायतों के आधार पर की गई, जिसमें जांच के बाद आरोप सही पाए गए। इस मामले में चौकी इंचार्ज समेत कुल तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया है कि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। जानकारी के अनुसार, अवैध वसूली का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इससे वास्तव में भ्रष्टाचार पर लगाम लग पाएगी।1
- मथुरा के थाना हाइवे क्षेत्र स्थित सारंग विहार बालाजी पुरम में दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, उनका बेटा आकाश अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहा था, तभी पड़ोस में रहने वाले दो युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि पहले आकाश को गाली-गलौज की गई, और जब उसने विरोध किया तो दोनों ने मिलकर लात-घूंसों और डंडों से उस पर बेरहमी से हमला कर दिया। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर वहीं छोड़कर चले गए। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने थाना हाइवे में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि ऐसे दबंगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके के आम लोगों में भय का माहौल बन सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है और दबंग आरोपियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- मथुरा जनपद में करीब दो दशक पुराने सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाले के मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं, जिनमें से एक पीड़ित नेम सिंह पुत्र स्व० मानसिंह निवासी नगला रामताल, भाग सुनरख बाँगर, तहसील व जिला मथुरा अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। विवादित भूमि खसरा नंबर 422 बाकै ग्राम रामताल, सुनरख बाँगर, तहसील सदर, जिला मथुरा में स्थित है, जिस पर प्रार्थी का पुराना, शान्तिपूर्ण और वास्तविक कब्ज़ा चला आ रहा है। इस सम्पत्ति के मालिकाना हक़, बैनामा निरस्तीकरण और स्थायी निषेधाज्ञा को लेकर न्यायालय द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन, मथुरा में दिनांक 11.09.2017 से एक दीवानी वाद 'नेम सिंह बनाम सनसिटी' विचाराधीन है। दीवानी मुकदमे के लंबित रहने के दौरान, सिटी मजिस्ट्रेट, मथुरा द्वारा धारा 146 सीआर.पी.सी. के तहत पारित कुर्की के आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूरी तरह रद्द कर दिया था। यह आदेश प्रार्थनापत्र अंतर्गत धारा 482 नंबर 14910/2022 'नेम सिंह आदि बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आदि' में दिनांक 02.01.2023 को पारित किया गया था। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि यह मामला सिविल कोर्ट के अधीन है और इस ज़मीन को किसी भी व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकता। इसके बावजूद, सनसिटी द्वारा नेम सिंह की इस ज़मीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है, जिसके चलते पीड़ित नेम सिंह लगातार अदालत और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में अदालत और आला अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं, या फिर पीड़ित को यूँ ही दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेंगी। यह भी सवाल है कि मथुरा में वर्षों से चला आ रहा यह सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाला आख़िर कब थमेगा।3
- मथुरा के थाना जैत क्षेत्र से पुलिस भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें मु०अ०सं० 0469/25 की जांच कर रहे उपनिरीक्षक हरेन्द्र सिंह पर मुकदमा वादी से ₹70,000 रिश्वत लेने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता छैल बिहारी के अनुसार, विवेचक हरेन्द्र सिंह ने उनके पिता, जो इस मामले के वादी हैं, से आरोपपत्र दाखिल कराने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के नाम पर यह धनराशि ली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रुपये लेने के बावजूद न तो अभी तक आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है और न ही मामले में अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। छैल बिहारी का दावा है कि उनके पास विवेचक द्वारा रुपये लेने की बात स्वीकार करने की फोन रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने अब उच्च अधिकारियों से अपनी रकम वापस दिलाने के साथ-साथ संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मथुरा पुलिस में कथित रूप से बढ़ते भ्रष्टाचार के बीच, इस दरोगा पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पैसे लेने का यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस विभाग का कहना है कि आरोपों की सत्यता मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।2
- भावनपुर किला रोड पर एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक ऑल्टो कार के बीच सीधी टक्कर हो गई। यह घटना भावनपुर किला रोड पर घटित हुई।1