मथुरा जनपद में करीब दो दशक पुराने सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाले के मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं, जिनमें से एक पीड़ित नेम सिंह पुत्र स्व० मानसिंह निवासी नगला रामताल, भाग सुनरख बाँगर, तहसील व जिला मथुरा अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। विवादित भूमि खसरा नंबर 422 बाकै ग्राम रामताल, सुनरख बाँगर, तहसील सदर, जिला मथुरा में स्थित है, जिस पर प्रार्थी का पुराना, शान्तिपूर्ण और वास्तविक कब्ज़ा चला आ रहा है। इस सम्पत्ति के मालिकाना हक़, बैनामा निरस्तीकरण और स्थायी निषेधाज्ञा को लेकर न्यायालय द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन, मथुरा में दिनांक 11.09.2017 से एक दीवानी वाद 'नेम सिंह बनाम सनसिटी' विचाराधीन है। दीवानी मुकदमे के लंबित रहने के दौरान, सिटी मजिस्ट्रेट, मथुरा द्वारा धारा 146 सीआर.पी.सी. के तहत पारित कुर्की के आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूरी तरह रद्द कर दिया था। यह आदेश प्रार्थनापत्र अंतर्गत धारा 482 नंबर 14910/2022 'नेम सिंह आदि बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आदि' में दिनांक 02.01.2023 को पारित किया गया था। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि यह मामला सिविल कोर्ट के अधीन है और इस ज़मीन को किसी भी व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकता। इसके बावजूद, सनसिटी द्वारा नेम सिंह की इस ज़मीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है, जिसके चलते पीड़ित नेम सिंह लगातार अदालत और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में अदालत और आला अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं, या फिर पीड़ित को यूँ ही दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेंगी। यह भी सवाल है कि मथुरा में वर्षों से चला आ रहा यह सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाला आख़िर कब थमेगा।
मथुरा जनपद में करीब दो दशक पुराने सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाले के मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं, जिनमें से एक पीड़ित नेम सिंह पुत्र स्व० मानसिंह निवासी नगला रामताल, भाग सुनरख बाँगर, तहसील व जिला मथुरा अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। विवादित भूमि खसरा नंबर 422 बाकै ग्राम रामताल, सुनरख बाँगर, तहसील सदर, जिला मथुरा में स्थित है, जिस पर प्रार्थी का पुराना, शान्तिपूर्ण और वास्तविक कब्ज़ा चला आ रहा है। इस सम्पत्ति के मालिकाना हक़, बैनामा निरस्तीकरण और स्थायी निषेधाज्ञा को लेकर न्यायालय द्वितीय अपर सिविल जज
सीनियर डिवीजन, मथुरा में दिनांक 11.09.2017 से एक दीवानी वाद 'नेम सिंह बनाम सनसिटी' विचाराधीन है। दीवानी मुकदमे के लंबित रहने के दौरान, सिटी मजिस्ट्रेट, मथुरा द्वारा धारा 146 सीआर.पी.सी. के तहत पारित कुर्की के आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूरी तरह रद्द कर दिया था। यह आदेश प्रार्थनापत्र अंतर्गत धारा 482 नंबर 14910/2022 'नेम सिंह आदि बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आदि' में दिनांक 02.01.2023 को पारित किया गया था। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि यह मामला सिविल कोर्ट के अधीन है और इस ज़मीन को
किसी भी व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकता। इसके बावजूद, सनसिटी द्वारा नेम सिंह की इस ज़मीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है, जिसके चलते पीड़ित नेम सिंह लगातार अदालत और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में अदालत और आला अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं, या फिर पीड़ित को यूँ ही दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेंगी। यह भी सवाल है कि मथुरा में वर्षों से चला आ रहा यह सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाला आख़िर कब थमेगा।
- मुस्लिम जिहादियों की मानसिकता पर टिप्पणी करते हुए, एक व्यक्ति से तब सवाल किया गया जब उससे हिंदुराष्ट्र और गाय माता को राष्ट्रमाता बनाने के विषय पर पूछा गया। इस सवाल को सुनते ही, कथित मुस्लिम व्यक्ति गुस्से में आ गया और माइक छोड़कर मौके से भाग निकला।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने राज्य में आयुष्मान कार्ड बनाने को लेकर एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 14 में से 14 अगस्त तक आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।1
- मथुरा से लखनऊ विधानसभा कूच के दौरान एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई, जिसमें कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। प्रशासन ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया को उनके घर पर ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्यकर्ताओं के साथ होली गेट तक पहुंचने में सफल रहे। आंदोलन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया सहित कई अन्य एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को बुलंद किया। गिरफ्तारी के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल और अन्य युवा पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को शांतिपूर्ण ढंग से विधानसभा तक पहुंचाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और अन्य छात्र नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र हितों की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकना उचित नहीं है और छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।3
- मथुरा की रोशन विहार कॉलोनी और गायत्री विहार कॉलोनी में टूटी सड़कें व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही हैं, जहाँ विकास के बुलंद दावों के बावजूद स्थानीय लोग बदहाल सड़क निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। कॉलोनीवासियों ने जनप्रतिनिधियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर इस गंभीर समस्या के तत्काल समाधान की अपील की है। निवासियों के अनुसार, लगभग 200 मीटर लंबी यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और इसमें जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। यह मार्ग लोहेवन जाने वाले रास्ते से भी जुड़ा है, जिसके कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों का आवागमन होता है। खराब सड़क के कारण न केवल कॉलोनीवासी, बल्कि राहगीर भी भारी परेशानी झेल रहे हैं। सेना, पुलिस विभाग और सरकारी विद्यालयों से जुड़े परिवार भी इसी क्षेत्र में रहते हैं, जिन्हें रोजाना नौकरी और स्कूल सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी जोखिम भरे मार्ग से गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जहाँ सड़क पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी कठिनाई होती है, साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान कई बार इस समस्या की ओर आकर्षित कराया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण या मरम्मत का कोई काम शुरू नहीं हुआ है। अब कॉलोनीवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जनहित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। लोगों का सवाल है कि 'सड़क बदहाल, जनता बेहाल, कब मिलेगी राहत, जनता त्रस्त, प्रशासन मस्त?' यह टूटी सड़क व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है, जो प्रशासन की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार दोपहर अपने एक दिवसीय धार्मिक दौरे के तहत वृंदावन और गोवर्धन का रुख किया। वृंदावन स्थित यशोगोपाल रिज़ॉर्ट में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखे प्रहार किए। अजय राय ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की बदहाली और विभिन्न सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है और आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन सरकार इन बुनियादी समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाने में लगी है। अजय राय ने वृंदावन जैसे पवित्र तीर्थ स्थल पर भी बुनियादी सुविधाओं की कमी और स्थानीय निवासियों की परेशानियों को उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार केवल विज्ञापनों में विकास दिखाती है, जबकि जमीनी हकीकत बदतर है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस ही भाजपा की जनविरोधी नीतियों का सही विकल्प है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने और लोगों के बीच जाकर सरकार की विफलताओं को उजागर करने का आह्वान किया।1
- हापुड़ के थाना बहादुरगढ़ पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले एक गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है।1
- एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मथुरा से लखनऊ विधानसभा कूच के लिए रवाना हुए। इस आंदोलन का नेतृत्व एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल कर रहे थे, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे। प्रशासन ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया को उनके घर पर ही रोकने की कोशिश की, लेकिन वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ होली गेट तक पहुँचने में सफल रहे। आंदोलन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया सहित कई एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को मजबूती से उठाया। गिरफ्तारी के बाद यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनाम धन्य तिवारी, जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल और अन्य युवा पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात विधानसभा तक पहुँचाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हर्ष चौरसिया और अन्य छात्र नेताओं ने इस प्रशासनिक कार्रवाई को छात्र हितों की आवाज़ को दबाने का प्रयास बताया, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। नेताओं ने शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक रोकने की आलोचना करते हुए कहा कि यह उचित नहीं है और छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।4