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मुस्लिम जिहादियों की मानसिकता पर टिप्पणी करते हुए, एक व्यक्ति से तब सवाल किया गया जब उससे हिंदुराष्ट्र और गाय माता को राष्ट्रमाता बनाने के विषय पर पूछा गया। इस सवाल को सुनते ही, कथित मुस्लिम व्यक्ति गुस्से में आ गया और माइक छोड़कर मौके से भाग निकला।
Amit upadhyay
मुस्लिम जिहादियों की मानसिकता पर टिप्पणी करते हुए, एक व्यक्ति से तब सवाल किया गया जब उससे हिंदुराष्ट्र और गाय माता को राष्ट्रमाता बनाने के विषय पर पूछा गया। इस सवाल को सुनते ही, कथित मुस्लिम व्यक्ति गुस्से में आ गया और माइक छोड़कर मौके से भाग निकला।
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- मथुरा के रजिस्ट्री कार्यालयों में इन दिनों कामकाज पूरी तरह से ठप है। प्रदेश भर के अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे हैं, जिसके कारण आज लगातार पाँचवें दिन भी उनका धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार जिस नई 'ई-पंजीकरण' व्यवस्था को लागू कर रही है, वह वास्तव में विभागों का निजीकरण है। उनका कहना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल उनकी आजीविका पर संकट आएगा, बल्कि हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। अधिवक्ता सोहन लाल शर्मा ने इस कदम को उनके रोजगार पर सीधा कुठाराघात बताया है। दूसरी ओर, शासन का तर्क है कि 'उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली 2024' के तहत 'प्रेरणा सॉफ्टवेयर' के माध्यम से इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जन-सुलभ बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ई-पंजीकरण के तहत बायोमेट्रिक, डिजिटल पहचान और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की जा रही है। हालांकि, अधिवक्ता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।4
- केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने मथुरा में एक मीडिया संवाद आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की 'सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास' के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों तथा जनपद मथुरा में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र के साथ देश में शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनकल्याणकारी बनाया गया है। उन्होंने विशेष रूप से डीबीटी और आधार-आधारित व्यवस्था की सराहना की, जिसके माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे फर्जी लाभार्थियों पर सफलतापूर्वक रोक लगी है और सरकारी धन की बचत हुई है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से करोड़ों लोगों को सीधे लाभ मिला है। इनमें मुफ्त राशन, जनधन खाते, मुद्रा ऋण, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वनिधि योजना जैसी प्रमुख पहलें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल इंडिया, भारतनेट, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं ने देश के विकास को नई दिशा और गति प्रदान की है। जनपद मथुरा में इन योजनाओं की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 3,10,857 किसानों को लाभ हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3,006 और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1,422 आवासों का निर्माण किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 43,873 आवास बनाए गए। पीएम स्वनिधि योजना से 50,290 स्ट्रीट वेंडर्स लाभान्वित हुए हैं, और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 1,91,537 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 9,62,858 गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। उज्ज्वला योजना से 1,37,732 परिवारों को, जनधन योजना के तहत 5.29 लाख खाते खोलकर, अटल पेंशन योजना में 1,11,062 लाभार्थियों को और कन्या सुमंगला योजना से 29,522 बालिकाओं को लाभ पहुंचाया गया है। निःशुल्क राशन योजना के तहत 4,64,377 परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं टैबलेट एवं स्मार्टफोन वितरण योजना से 68,469 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में, एमएसपी पर गेहूं खरीद में 77,638 किसानों को लगभग ₹719.64 करोड़ का भुगतान किया गया, धान खरीद में 5,427 किसानों को ₹61.18 करोड़ और श्रीअन्न खरीद में 3,746 किसानों को ₹40.45 करोड़ का भुगतान हुआ। सिंचाई हेतु 9,763 उथले, 666 मध्यम गहरे तथा 111 गहरे नलकूपों का निर्माण किया गया है, साथ ही 35 चेकडैम और 119 रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित की गई हैं। पशुपालन की दिशा में 69 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया और 71 गौशालाओं में 22,155 गौवंश संरक्षित हैं, जबकि 7 वृहद गौ आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं तथा 7 नए केंद्र निर्माणाधीन हैं। आधारभूत संरचना में, लोक निर्माण विभाग द्वारा 300.79 किलोमीटर लंबी 194 नई सड़कों का निर्माण कराया गया है, और मथुरा में लगभग ₹67.40 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त सर्किट हाउस का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस मीडिया संवाद में तेजवीर सिंह, विनोद अग्रवाल, हरिशंकर राजू यादव और निर्भय पाण्डेय सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।4
- मथुरा में एसएसपी श्लोक कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए छटीकरा चौकी इंचार्ज शशांक कौशिक को अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई स्थानीय व्यापारियों और विक्रेताओं की शिकायतों के आधार पर की गई, जिसमें जांच के बाद आरोप सही पाए गए। इस मामले में चौकी इंचार्ज समेत कुल तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया है कि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। जानकारी के अनुसार, अवैध वसूली का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इससे वास्तव में भ्रष्टाचार पर लगाम लग पाएगी।1
- मथुरा के थाना हाइवे क्षेत्र स्थित सारंग विहार बालाजी पुरम में दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, उनका बेटा आकाश अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहा था, तभी पड़ोस में रहने वाले दो युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि पहले आकाश को गाली-गलौज की गई, और जब उसने विरोध किया तो दोनों ने मिलकर लात-घूंसों और डंडों से उस पर बेरहमी से हमला कर दिया। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर वहीं छोड़कर चले गए। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने थाना हाइवे में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि ऐसे दबंगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके के आम लोगों में भय का माहौल बन सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है और दबंग आरोपियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- मथुरा जनपद में करीब दो दशक पुराने सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाले के मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं, जिनमें से एक पीड़ित नेम सिंह पुत्र स्व० मानसिंह निवासी नगला रामताल, भाग सुनरख बाँगर, तहसील व जिला मथुरा अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। विवादित भूमि खसरा नंबर 422 बाकै ग्राम रामताल, सुनरख बाँगर, तहसील सदर, जिला मथुरा में स्थित है, जिस पर प्रार्थी का पुराना, शान्तिपूर्ण और वास्तविक कब्ज़ा चला आ रहा है। इस सम्पत्ति के मालिकाना हक़, बैनामा निरस्तीकरण और स्थायी निषेधाज्ञा को लेकर न्यायालय द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन, मथुरा में दिनांक 11.09.2017 से एक दीवानी वाद 'नेम सिंह बनाम सनसिटी' विचाराधीन है। दीवानी मुकदमे के लंबित रहने के दौरान, सिटी मजिस्ट्रेट, मथुरा द्वारा धारा 146 सीआर.पी.सी. के तहत पारित कुर्की के आदेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूरी तरह रद्द कर दिया था। यह आदेश प्रार्थनापत्र अंतर्गत धारा 482 नंबर 14910/2022 'नेम सिंह आदि बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आदि' में दिनांक 02.01.2023 को पारित किया गया था। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि यह मामला सिविल कोर्ट के अधीन है और इस ज़मीन को किसी भी व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकता। इसके बावजूद, सनसिटी द्वारा नेम सिंह की इस ज़मीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है, जिसके चलते पीड़ित नेम सिंह लगातार अदालत और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में अदालत और आला अधिकारी क्या निर्णय लेते हैं, या फिर पीड़ित को यूँ ही दर-दर की ठोकरें खानी पड़ेंगी। यह भी सवाल है कि मथुरा में वर्षों से चला आ रहा यह सनसिटी हाईटेक भूमि घोटाला आख़िर कब थमेगा।3
- मथुरा की छाता तहसील से तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव बिलौटी में NH-19 के किनारे स्थित जिस जमीन को प्रशासन ने NHAI की भूमि बताते हुए बुलडोजर चलाकर खाली कराया था, आज उसी जगह एक निजी व्यक्ति की बाउंड्रीवॉल खड़ी दिखाई दे रही है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान उन्हें न तो कोई उचित नोटिस दिया गया और न ही अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिला। प्रशासन ने जमीन को NHAI की संपत्ति कहकर ध्वस्त किया और कब्जा हटवा दिया। हालाँकि, इस कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद उसी जमीन पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू हो गया। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि जमीन वास्तव में NHAI की थी, तो उस पर निजी निर्माण कैसे हो गया। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या NHAI ने यह बाउंड्रीवॉल बनवाई, या किसी सरकारी विभाग ने निर्माण कराया, या फिर किसी निजी व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। जब निर्माण करा रहे व्यक्ति से पूछा गया, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और सिर्फ तहसीलदार साहब से बात करने को कहा। वहीं, इस मामले में तहसीलदार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे संदेह और गहरा गया है। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि जमीन सरकारी थी, तो उस पर निजी बाउंड्रीवॉल कैसे खड़ी हो गई, और यदि यह निर्माण वैध है, तो प्रशासन सामने आकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहा है। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NHAI के नाम पर जमीन खाली कराकर किसी और को फायदा पहुंचाया गया है, या इसके पीछे कोई और सच्चाई है जो अभी सामने आनी बाकी है। जनता इन सवालों के जवाब चाहती है और फिलहाल निगाहें जिला प्रशासन पर हैं, क्योंकि यह आरोप लग रहा है कि जिला प्रशासन ही एक दबंग को गरीबों की जमीन पर काबिज करा रहा है।4
- भावनपुर किला रोड पर एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक ऑल्टो कार के बीच सीधी टक्कर हो गई। यह घटना भावनपुर किला रोड पर घटित हुई।1