logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है... दिल्ली: योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है... 99% लोग सिर्फ़ सुनी-सुनाई बातों के आधार पर वीडियो बनाने में लगे हुए हैं... यह बात साफ़ होनी चाहिए: न तो पतंजलि का गाय का घी और न ही उसकी कोई दवा नकली है और स्वामी रामदेव में भी कुछ भी नकली नहीं है..."

14 hrs ago
user_ब्रेकिंग हरिद्वार
ब्रेकिंग हरिद्वार
भीकियासैंण, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
14 hrs ago

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है... दिल्ली: योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है... 99% लोग सिर्फ़ सुनी-सुनाई बातों के आधार पर वीडियो बनाने में लगे हुए हैं... यह बात साफ़ होनी चाहिए: न तो पतंजलि का गाय का घी और न ही उसकी कोई दवा नकली है और स्वामी रामदेव में भी कुछ भी नकली नहीं है..."

More news from Uttarakhand and nearby areas
  • टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों को दिया प्रशिक्षण अल्मोड़ा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हवालबाग विकासखंड में बुधवार को जनप्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विकासखंड सभागार में क्षेत्र पंचायत प्रमुख हिमानी कुंडू की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को टीबी रोग की पहचान, लक्षण, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रांशु डेनियल ने टीबी के प्रमुख लक्षणों और उपचार की जानकारी देते हुए बताया कि हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन और बलगम की जांच के माध्यम से टीबी की पहचान की जाती है। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता लगाकर नियमित उपचार कराने से टीबी को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने और संदिग्ध मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि टीबी का उपचार सरकार की ओर से निशुल्क कराया जाता है। डॉ. पूनम ने भी टीबी के लक्षणों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। ब्लॉक प्रमुख हिमानी कुंडू ने जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन आनंद सिंह मेहता ने किया। समापन पर उपस्थित लोगों ने टीबी जागरूकता की शपथ ली। इस दौरान खंड विकास अधिकारी संतोष जेठी, एबीडीओ रमेश सिंह कनवाल, एडीओ पंचायत तनुज गोस्वामी, प्रधान संगठन अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल, महामंत्री विनोद जोशी, उपाध्यक्ष चन्द्रिका तिवारी, शिवराज नयाल सहित जनप्रतिनिधि और विकासखंड के कार्मिक मौजूद रहे।
    1
    टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों को दिया प्रशिक्षण
अल्मोड़ा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हवालबाग विकासखंड में बुधवार को जनप्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विकासखंड सभागार में क्षेत्र पंचायत प्रमुख हिमानी कुंडू की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को टीबी रोग की पहचान, लक्षण, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रांशु डेनियल ने टीबी के प्रमुख लक्षणों और उपचार की जानकारी देते हुए बताया कि हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन और बलगम की जांच के माध्यम से टीबी की पहचान की जाती है। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता लगाकर नियमित उपचार कराने से टीबी को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने और संदिग्ध मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि टीबी का उपचार सरकार की ओर से निशुल्क कराया जाता है। डॉ. पूनम ने भी टीबी के लक्षणों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। ब्लॉक प्रमुख हिमानी कुंडू ने जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन आनंद सिंह मेहता ने किया। समापन पर उपस्थित लोगों ने टीबी जागरूकता की शपथ ली। इस दौरान खंड विकास अधिकारी संतोष जेठी, एबीडीओ रमेश सिंह कनवाल, एडीओ पंचायत तनुज गोस्वामी, प्रधान संगठन अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल, महामंत्री विनोद जोशी, उपाध्यक्ष चन्द्रिका तिवारी, शिवराज नयाल सहित जनप्रतिनिधि और विकासखंड के कार्मिक मौजूद रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    11 hrs ago
  • योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है... दिल्ली: योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है... 99% लोग सिर्फ़ सुनी-सुनाई बातों के आधार पर वीडियो बनाने में लगे हुए हैं... यह बात साफ़ होनी चाहिए: न तो पतंजलि का गाय का घी और न ही उसकी कोई दवा नकली है और स्वामी रामदेव में भी कुछ भी नकली नहीं है..."
    1
    योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है...
दिल्ली: योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, "... पतंजलि आज लगभग 700 रुपये प्रति लीटर के भाव पर गाय का घी उपलब्ध करा पा रही है... 99% लोग सिर्फ़ सुनी-सुनाई बातों के आधार पर वीडियो बनाने में लगे हुए हैं... यह बात साफ़ होनी चाहिए: न तो पतंजलि का गाय का घी और न ही उसकी कोई दवा नकली है और स्वामी रामदेव में भी कुछ भी नकली नहीं है..."
    user_ब्रेकिंग हरिद्वार
    ब्रेकिंग हरिद्वार
    भीकियासैंण, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • आज से छोटे होने लगेंगे दिन और लंबी होंगी रातें, डॉ शशिभूषण पांडेय, आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार आज 23 सितंबर को शरद विषुव का दिन और भूमध्य रेखा पर के ऊपर सूर्य, कितना गजब का संयोग है। अब सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में खिसकना शुरू हो जाएगा और उत्तरी गोलार्ध में ठंड की ठिठुरन शुरू होने लगेगी। इतना ही अब रातें लंबी शुरू होने लगेगी और दक्षिणी गोलार्ध में ठीक इसके उल्टा हो रहा होगा। उत्तरी गोलार्ध में दिनों के छोटे होने का क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा यानी शीत अयनांत तक। पृथ्वी के अपने अक्ष में झुकाव के कारण दिन और रात के समय में अंतर आता है, जो पूरे वर्ष चलता है। अब बुधवार को सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगा और इसके बाद दक्षिण की ओर खिसकना शुरू हो जाएगा। यानी उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने लगेंगे और दक्षिणी गोलार्ध में रातें छोटी और दिन लंबे होने लगेंगे। उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने की प्रक्रिया 21/22 दिसम्बर तक जारी रहेगी। इसके बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि पुनः लंबी होनी शुरू हो जाएगी। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि पृथ्वी के अपने अक्ष में झुके होने के कारण दिन रात छोटे बड़े ही नहीं होते बल्कि ऋतुओं में भी परिवर्तन आता है। पृथ्वी के अपने अक्ष में 23.5 डिग्री झुका होना अपने आप में पृथ्वीवासियों के लिए वरदान है। जिस कारण विभिन्न ऋतुएं हर वर्ष आती हैं और विभिन्न मौसम देखने को मिलते हैं। बहरहाल अब सूर्य की किरणे उत्तरी गोलार्ध में तिरछी पड़ने लगेगी और ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध में सूर्य की किरणे सीधी पड़नी शुरू हो जाएंगी और गर्मी का मौसम शुरू हो जाएगा। खगोलविद अमर पाल सिंह। एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत। भारतीय खगोल परंपरा और इसका सांस्कृतिक महत्व क्या है खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्राचीन भारतीय खगोल-विज्ञान में सूर्य की गति, अयन, नक्षत्र और ऋतु-चक्र का गहरा अध्ययन किया गया है, प्राचीन कालीन भारतीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नक्षत्र शब्द का उपयोग तारों या तारक-समूहों के लिए भी होता है और चंद्रमा के आकाशीय मार्ग को 27 भागों में बांटने के लिए भी होता है, जैसा कि हम जानते हैं कि चंद्रमा, तारों की पृष्ठभूमि के सापेक्ष लगभग 27.3 दिनों में एक चक्र पूरा करता है,इसलिए प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में चंद्र-पथ को 27 नक्षत्रों में विभाजित किया गया है, लेकिन साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि अयन-चलन के कारण विषुव बिंदुओं और नक्षत्रों का आपसी स्थान लंबे समय में बदलता रहता है, इसी वजह से अलग-अलग ऐतिहासिक काल में कृत्तिका, धनिष्ठा, श्रवण, चित्रा और रेवती जैसे नक्षत्रों को वर्ष या नक्षत्र-क्रम की शुरुआत से जोड़ा गया था और प्राचीन भारतीय ग्रंथों में अयन और ऋतु-परिवर्तन से जुड़े उल्लेख इस बात का संकेत भी देते हैं कि आकाशीय घटनाओं का समय, कृषि और पंचांग-निर्माण के लिए सावधानी से देखा जाता था और आधुनिक खगोलविद एवं इतिहासकार इन उल्लेखों की विशेष व्याख्या करते समय अयन-चलन और प्राचीन गणनाओं को भी ध्यान में रखते हैं, साथ ही विभिन्न सभ्यताओं ने विषुव को अपने-अपने सांस्कृतिक ढंग से समझा जैसे कि मिस्र में कई मंदिरों और स्थापत्य संरचनाओं का संबंध सौर दिशाओं और आकाशीय घटनाओं से रहा है एवं मेक्सिको के चिचेन इत्ज़ा स्थित कुकुलकान पिरामिड पर विषुव के आसपास बनने वाली प्रकाश-छाया की आकृति सांप जैसी दिखाई देती है, हालांकि इस प्रभाव की मूल मंशा को लेकर पुरातत्वविदों में पूरी सहमति नहीं भी हो सकती है। लेकिन अगर हम बात करें सितंबर विषुव 2026 की तो पाते हैं कि इसका इसलिए विशेष महत्वपूर्ण है कि यह केवल दिन और रात के लगभग बराबर होने की घटना नहीं, बल्कि पृथ्वी की धुरी, सूर्य की आभासी गति, ऋतु-चक्र, नक्षत्र-पद्धति, अयन-चलन और मानव सभ्यता के आकाश-अवलोकन को जोड़ने वाला वैज्ञानिक पड़ाव है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 23 सितंबर 2026 की सुबह होने वाला यह विषुव हमें निश्चित तौर पर यह खगोलीय याद दिलाएगा कि पृथ्वी का झुकाव और उसकी सूर्य के चारों ओर गति हमारे मौसम, कृषि, दिन के उजाले और जीवन की लय को लगातार प्रभावित करते हैं,इसीलिए समस्त खगोल प्रेमियों को इसका अवलोकन एवं सटीक प्रमाणित वैज्ञानिक एवं गणितीय और विशेष खगोलीय जानकारियों से ओत प्रोत होना ही चाहिए।
    1
    आज से छोटे होने लगेंगे दिन और लंबी होंगी रातें, डॉ शशिभूषण पांडेय, 

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार 
आज 23 सितंबर को शरद विषुव का दिन और भूमध्य रेखा पर के ऊपर सूर्य, कितना गजब का संयोग है। अब सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में खिसकना शुरू हो जाएगा और उत्तरी गोलार्ध में ठंड की ठिठुरन शुरू होने लगेगी। इतना ही अब रातें लंबी शुरू होने लगेगी और दक्षिणी गोलार्ध में ठीक इसके उल्टा हो रहा होगा। उत्तरी गोलार्ध में दिनों के छोटे होने का क्रम 22 दिसंबर तक जारी रहेगा यानी शीत अयनांत तक। 
पृथ्वी के अपने अक्ष में झुकाव के कारण दिन और रात के समय में अंतर आता है, जो पूरे वर्ष चलता है। अब बुधवार को सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगा और इसके बाद दक्षिण की ओर खिसकना शुरू हो जाएगा। यानी उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने लगेंगे और दक्षिणी गोलार्ध में रातें छोटी और दिन लंबे होने लगेंगे। उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे होने की प्रक्रिया 21/22 दिसम्बर तक जारी रहेगी। इसके बाद उत्तरी गोलार्ध में दिन की अवधि पुनः लंबी होनी शुरू हो जाएगी। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि पृथ्वी के अपने अक्ष में झुके होने के कारण दिन रात छोटे बड़े ही नहीं होते बल्कि ऋतुओं में भी परिवर्तन आता है। पृथ्वी के अपने अक्ष में 23.5 डिग्री झुका होना अपने आप में पृथ्वीवासियों के लिए वरदान है। जिस कारण विभिन्न ऋतुएं हर वर्ष आती हैं और विभिन्न मौसम देखने को मिलते हैं। बहरहाल अब सूर्य की किरणे उत्तरी गोलार्ध में तिरछी पड़ने लगेगी और ठंड का मौसम शुरू हो जाएगा। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध में सूर्य की किरणे सीधी पड़नी शुरू हो जाएंगी और गर्मी का मौसम शुरू हो जाएगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह।
एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत।
भारतीय खगोल परंपरा और इसका सांस्कृतिक महत्व क्या है 
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्राचीन भारतीय खगोल-विज्ञान में सूर्य की गति, अयन, नक्षत्र और ऋतु-चक्र का गहरा अध्ययन किया गया है, प्राचीन कालीन भारतीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नक्षत्र शब्द का उपयोग तारों या तारक-समूहों के लिए भी होता है और चंद्रमा के आकाशीय मार्ग को 27 भागों में बांटने के लिए भी होता है, जैसा कि हम जानते हैं कि चंद्रमा, तारों की पृष्ठभूमि के सापेक्ष लगभग 27.3 दिनों में एक चक्र पूरा करता है,इसलिए प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में चंद्र-पथ को 27 नक्षत्रों में विभाजित किया गया है, लेकिन साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि अयन-चलन के कारण विषुव बिंदुओं और नक्षत्रों का आपसी स्थान लंबे समय में बदलता रहता है, इसी वजह से अलग-अलग ऐतिहासिक काल में कृत्तिका, धनिष्ठा, श्रवण, चित्रा और रेवती जैसे नक्षत्रों को वर्ष या नक्षत्र-क्रम की शुरुआत से जोड़ा गया था और प्राचीन भारतीय ग्रंथों में अयन और ऋतु-परिवर्तन से जुड़े उल्लेख इस बात का संकेत भी देते हैं कि आकाशीय घटनाओं का समय, कृषि और पंचांग-निर्माण के लिए सावधानी से देखा जाता था और आधुनिक खगोलविद एवं इतिहासकार इन उल्लेखों की विशेष व्याख्या करते समय अयन-चलन और प्राचीन गणनाओं को भी ध्यान में रखते हैं, साथ ही विभिन्न सभ्यताओं ने विषुव को अपने-अपने सांस्कृतिक ढंग से समझा जैसे कि मिस्र में कई मंदिरों और स्थापत्य संरचनाओं का संबंध सौर दिशाओं और आकाशीय घटनाओं से रहा है एवं मेक्सिको के चिचेन इत्ज़ा स्थित कुकुलकान पिरामिड पर विषुव के आसपास बनने वाली प्रकाश-छाया की आकृति सांप जैसी दिखाई देती है, हालांकि इस प्रभाव की मूल मंशा को लेकर पुरातत्वविदों में पूरी सहमति नहीं भी हो सकती है।
लेकिन अगर हम बात करें सितंबर विषुव 2026 की तो पाते हैं कि इसका इसलिए विशेष महत्वपूर्ण है कि यह केवल दिन और रात के लगभग बराबर होने की घटना नहीं, बल्कि पृथ्वी की धुरी, सूर्य की आभासी गति, ऋतु-चक्र, नक्षत्र-पद्धति, अयन-चलन और मानव सभ्यता के आकाश-अवलोकन को जोड़ने वाला वैज्ञानिक पड़ाव है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 23 सितंबर 2026 की सुबह होने वाला यह विषुव हमें निश्चित तौर पर यह खगोलीय याद दिलाएगा कि पृथ्वी का झुकाव और उसकी सूर्य के चारों ओर गति हमारे मौसम, कृषि, दिन के उजाले और जीवन की लय को लगातार प्रभावित करते हैं,इसीलिए समस्त खगोल प्रेमियों को इसका अवलोकन एवं सटीक प्रमाणित वैज्ञानिक एवं गणितीय और विशेष खगोलीय जानकारियों से ओत प्रोत होना ही चाहिए।
    user_NTL
    NTL
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • नम आँखों से माँ नंदा-सुनंदा को दी विदाई: जयकारों और छोलिया नृत्य के साथ नैनी झील में हुआ डोला विसर्जन नैनीताल के ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव का समापन हो गया है, जहाँ श्रद्धालुओं ने अत्यंत भावुक क्षणों के बीच माँ नंदा-सुनंदा को अश्रुपूर्ण विदाई दी। पारंपरिक कुमाऊँनी वाद्य यंत्रों (ढोल-दमाऊ) की थाप, छोलिया नृत्य और "जय माँ नंदा" के गगनभेदी जयकारों के बीच माँ की भव्य डोला यात्रा निकाली गई। तल्लीताल और मल्लीताल के प्रमुख बाजारों से गुजरते हुए देश-विदेश से आए पर्यटकों और स्थानीय जनता ने माँ पर पुष्पवर्षा की। बेटी की विदाई की तरह नम आँखों से नैनी झील में मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान भीड़ नियंत्रण और महिला-बाल सुरक्षा के लिए नैनीताल पुलिस की मुस्तैद व्यवस्थाओं की भी हर तरफ सराहना हुई।
    1
    नम आँखों से माँ नंदा-सुनंदा को दी विदाई: जयकारों और छोलिया नृत्य के साथ नैनी झील में हुआ डोला विसर्जन
नैनीताल के ऐतिहासिक नंदा देवी महोत्सव का समापन हो गया है, जहाँ श्रद्धालुओं ने अत्यंत भावुक क्षणों के बीच माँ नंदा-सुनंदा को अश्रुपूर्ण विदाई दी। पारंपरिक कुमाऊँनी वाद्य यंत्रों (ढोल-दमाऊ) की थाप, छोलिया नृत्य और "जय माँ नंदा" के गगनभेदी जयकारों के बीच माँ की भव्य डोला यात्रा निकाली गई। तल्लीताल और मल्लीताल के प्रमुख बाजारों से गुजरते हुए देश-विदेश से आए पर्यटकों और स्थानीय जनता ने माँ पर पुष्पवर्षा की। बेटी की विदाई की तरह नम आँखों से नैनी झील में मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान भीड़ नियंत्रण और महिला-बाल सुरक्षा के लिए नैनीताल पुलिस की मुस्तैद व्यवस्थाओं की भी हर तरफ सराहना हुई।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • मुर्गी बाड़े में घुसा गुलदार, दर्जनों मुर्गियों को बनाया निवाला मुर्गी बाड़े में घुसा गुलदार, दर्जनों मुर्गियों को बनाया निवाला बागेश्वर-अल्मोड़ा सीमा से लगे कंगाड़छीना इलाके में गुलदार ने एक पोल्ट्री फार्म में घुसकर जमकर आतंक मचाया। गुलदार ने करीब आधे घंटे के भीतर दर्जनों मुर्गियों को मार डाला। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो गुलदार मुर्गी बाड़े के गेट के पास बैठा गुर्रा रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग और अल्मोड़ा बिनसर वाइल्डलाइफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया और अपने साथ ले गई। पोल्ट्री फार्म मालिक ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
    1
    मुर्गी बाड़े में घुसा गुलदार, दर्जनों मुर्गियों को बनाया निवाला
मुर्गी बाड़े में घुसा गुलदार, दर्जनों मुर्गियों को बनाया निवाला
बागेश्वर-अल्मोड़ा सीमा से लगे कंगाड़छीना इलाके में गुलदार ने एक पोल्ट्री फार्म में घुसकर जमकर आतंक मचाया। गुलदार ने करीब आधे घंटे के भीतर दर्जनों मुर्गियों को मार डाला। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो गुलदार मुर्गी बाड़े के गेट के पास बैठा गुर्रा रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग और अल्मोड़ा बिनसर वाइल्डलाइफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया और अपने साथ ले गई। पोल्ट्री फार्म मालिक ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • UPI पर टैक्स को लेकर बवाल! 15 अक्टूबर से UPI बंद करेंगे व्यापारी? अलीगढ़ में बड़ा विरोध | G Express क्या सच में 15 अक्टूबर से दुकानों पर UPI पेमेंट बंद हो जाएगी...? क्या UPI पर टैक्स को लेकर व्यापारियों ने बड़ा फैसला ले लिया है...? इस वीडियो में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आए उस विरोध प्रदर्शन की पूरी कहानी दिखाई गई है, जहां व्यापारियों ने UPI पेमेंट पर कथित अतिरिक्त शुल्क के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बाजारों में पोस्टर लगाए गए, दुकानदारों ने ग्राहकों को जानकारी दी और 15 अक्टूबर से केवल नकद भुगतान लेने की बात कही। वीडियो में आप देखेंगे कि कई व्यापारियों ने "NO CARD, NO UPI, ONLY CASH" जैसे पोस्टर लगाए हैं और दावा किया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे डिजिटल भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। हालांकि, यह विरोध प्रदर्शन व्यापारियों की मांगों और उनके दावों पर आधारित है। इस वीडियो में पूरे घटनाक्रम, बाजार का माहौल, व्यापारियों के बयान और इस विवाद से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है। अगर आप UPI News, Digital Payment Update, Business News, Uttar Pradesh News और ऐसी बड़ी खबरों की सही जानकारी चाहते हैं, तो वीडियो को अंत तक जरूर देखें। 👍 वीडियो पसंद आए तो Like करें। 💬 अपनी राय Comment में जरूर बताएं। 🔔 G Express को Subscribe करें और Bell Icon दबाएं ताकि हर बड़ी खबर सबसे पहले मिले।
    1
    UPI पर टैक्स को लेकर बवाल! 15 अक्टूबर से UPI बंद करेंगे व्यापारी? अलीगढ़ में बड़ा विरोध | G Express
क्या सच में 15 अक्टूबर से दुकानों पर UPI पेमेंट बंद हो जाएगी...? क्या UPI पर टैक्स को लेकर व्यापारियों ने बड़ा फैसला ले लिया है...?
इस वीडियो में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आए उस विरोध प्रदर्शन की पूरी कहानी दिखाई गई है, जहां व्यापारियों ने UPI पेमेंट पर कथित अतिरिक्त शुल्क के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बाजारों में पोस्टर लगाए गए, दुकानदारों ने ग्राहकों को जानकारी दी और 15 अक्टूबर से केवल नकद भुगतान लेने की बात कही।
वीडियो में आप देखेंगे कि कई व्यापारियों ने "NO CARD, NO UPI, ONLY CASH" जैसे पोस्टर लगाए हैं और दावा किया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे डिजिटल भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
हालांकि, यह विरोध प्रदर्शन व्यापारियों की मांगों और उनके दावों पर आधारित है। इस वीडियो में पूरे घटनाक्रम, बाजार का माहौल, व्यापारियों के बयान और इस विवाद से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है।
अगर आप UPI News, Digital Payment Update, Business News, Uttar Pradesh News और ऐसी बड़ी खबरों की सही जानकारी चाहते हैं, तो वीडियो को अंत तक जरूर देखें।
👍 वीडियो पसंद आए तो Like करें। 💬 अपनी राय Comment में जरूर बताएं। 🔔 G Express को Subscribe करें और Bell Icon दबाएं ताकि हर बड़ी खबर सबसे पहले मिले।
    user_G EXPRESS
    G EXPRESS
    Local News Reporter दुगनाकुरी, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • उत्तराखंड के नैनीताल में आयोजित प्रसिद्ध नंदा देवी महोत्सव के शुभ अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य रूप से उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने माँ नैना देवी मंदिर पहुंचकर पवित्र आचमन किया और विधिवत पूजा-अर्चना व पाठ में भाग लिया मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए देवी माँ का आशीर्वाद लिया। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और सीएम ने स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं मुख्यमंत्री ने नंदा देवी महोत्सव के सफल आयोजन और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने के प्रयासों की सराहना की #nainitalnews #uttarakhandnews
    1
    उत्तराखंड के नैनीताल में आयोजित प्रसिद्ध नंदा देवी महोत्सव के शुभ अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य रूप से उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने माँ नैना देवी मंदिर पहुंचकर पवित्र आचमन किया और विधिवत पूजा-अर्चना व पाठ में भाग लिया मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए देवी माँ का आशीर्वाद लिया। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और सीएम ने स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं मुख्यमंत्री ने नंदा देवी महोत्सव के सफल आयोजन और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने के प्रयासों की सराहना की #nainitalnews #uttarakhandnews
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
  • मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से भक्तिमय हुई सरोवर नगरी। नैनीताल मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से भक्तिमय हुई सरोवर नगरी नैनीताल। मां नंदा देवी महोत्सव के तहत बुधवार को मां नंदा-सुनंदा के डोले की भव्य शोभायात्रा निकली। डोले के दर्शन के लिए नगर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। मां के जयकारों से सरोवर नगरी का वातावरण भक्तिमय हो गया। डोले के नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मां नंदा-सुनंदा का स्वागत किया और दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और भक्ति गीतों ने माहौल को और आध्यात्मिक बना दिया। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से पूरा नगर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में डोले के दर्शन और मां की एक झलक पाने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। पर्वतीय संस्कृति और आस्था से जुड़े इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। जय मां नंदा-सुनंदा।
    4
    मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से भक्तिमय हुई सरोवर नगरी।
नैनीताल
मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से भक्तिमय हुई सरोवर नगरी
नैनीताल। मां नंदा देवी महोत्सव के तहत बुधवार को मां नंदा-सुनंदा के डोले की भव्य शोभायात्रा निकली। डोले के दर्शन के लिए नगर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। मां के जयकारों से सरोवर नगरी का वातावरण भक्तिमय हो गया।
डोले के नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मां नंदा-सुनंदा का स्वागत किया और दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और भक्ति गीतों ने माहौल को और आध्यात्मिक बना दिया। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी।
मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से पूरा नगर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में डोले के दर्शन और मां की एक झलक पाने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। पर्वतीय संस्कृति और आस्था से जुड़े इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में बाहर से आए श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।
जय मां नंदा-सुनंदा।
    user_NTL
    NTL
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.