यूक्रेन की 'रोबोट आर्मी' ने रचा इतिहास: बिना एक भी सैनिक के रूसी पोजिशन पर कब्जा, रूसी सैनिकों ने रोबोट्स के सामने सरेंडर कर दिया। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ | अपडेट: 15 अप्रैल 2026 कीव: यूक्रेन-रूस युद्ध में एक अनोखा और ऐतिहासिक मोड़ आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमीर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि उनकी सेना ने युद्ध के इतिहास में पहली बार केवल ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम (UGVs) और एरियल ड्रोन्स की मदद से एक रूसी सैन्य पोजिशन पर कब्जा कर लिया। इस पूरे अभियान में कोई यूक्रेनी पैदल सैनिक (इन्फैंट्री) शामिल नहीं था और यूक्रेन की तरफ से एक भी सैनिक का नुकसान नहीं हुआ। रूसी सैनिकों ने रोबोट्स और ड्रोन्स के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जेलेंस्की ने यूक्रेन के आर्म्स मेकर्स डे (शस्त्र निर्माताओं दिवस) पर अपने संबोधन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, "इस युद्ध के इतिहास में पहली बार दुश्मन की पोजिशन को पूरी तरह से मानवरहित प्लेटफॉर्म्स—ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन्स—की मदद से कब्जे में लिया गया। कब्जाधारी (रूसी सैनिक) सरेंडर कर दिए और यह ऑपरेशन बिना इन्फैंट्री और हमारी तरफ से किसी नुकसान के अंजाम दिया गया।" क्या हुआ इस अभियान में? यूक्रेनी सेना ने केवल ड्रोन्स और ग्राउंड रोबोट्स का इस्तेमाल किया। रोबोट्स ने सबसे खतरनाक जगहों पर हमला किया और पोजिशन पर कब्जा जमाया। रूसी सैनिकों ने रोबोट के पास आने पर खुद को बचाने के लिए सरेंडर कर दिया (कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वे विस्फोट से बचने के लिए निकल आए)। यूक्रेन की तरफ शून्य हताहत (zero losses)। जेलेंस्की ने कुछ रोबोट सिस्टम्स के नाम भी लिए, जैसे Ratel, TerMIT, Ardal, Rys, Zmiy, Protector और Volia। रोबोट आर्मी की ताकत जेलेंस्की ने बताया कि 2026 के पहले तीन महीनों में यूक्रेन के ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम ने 22,000 से ज्यादा मिशन पूरे किए हैं। इससे हजारों यूक्रेनी सैनिकों की जान बचाई जा सकी है। उन्होंने कहा कि "भविष्य मोर्चे पर आ चुका है और यूक्रेन उसे बना रहा है।" यह घटना युद्ध के तरीके को बदलने वाली मानी जा रही है। पहले ड्रोन्स हवाई हमलों के लिए इस्तेमाल होते थे, लेकिन अब ग्राउंड रोबोट्स पैदल सैनिकों की जगह ले रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आधुनिक युद्ध का नया दौर है, जहां इंसानों की बजाय मशीनें सबसे आगे होंगी। नोट: यह दावा जेलेंस्की और यूक्रेनी सेना का है। रूसी पक्ष से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्रोत: न्यूयॉर्क पोस्ट, पोलिटिको, बिजनेस इंसाइडर, न्यूजवीक, द इंडिपेंडेंट और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स (14-15 अप्रैल 2026)।
यूक्रेन की 'रोबोट आर्मी' ने रचा इतिहास: बिना एक भी सैनिक के रूसी पोजिशन पर कब्जा, रूसी सैनिकों ने रोबोट्स के सामने सरेंडर कर दिया। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ | अपडेट: 15 अप्रैल 2026 कीव: यूक्रेन-रूस युद्ध में एक अनोखा और ऐतिहासिक मोड़ आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमीर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि उनकी सेना ने युद्ध के इतिहास में पहली बार केवल ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम (UGVs) और एरियल ड्रोन्स की मदद से एक रूसी सैन्य पोजिशन पर कब्जा कर लिया। इस पूरे अभियान में कोई यूक्रेनी पैदल सैनिक (इन्फैंट्री) शामिल नहीं था और यूक्रेन की तरफ से एक भी सैनिक का नुकसान नहीं हुआ। रूसी सैनिकों ने रोबोट्स और ड्रोन्स के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जेलेंस्की ने यूक्रेन के आर्म्स मेकर्स डे (शस्त्र निर्माताओं दिवस) पर अपने संबोधन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, "इस युद्ध के इतिहास में पहली बार दुश्मन की पोजिशन को पूरी तरह से मानवरहित प्लेटफॉर्म्स—ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन्स—की मदद से कब्जे में लिया गया। कब्जाधारी (रूसी सैनिक) सरेंडर कर दिए और यह ऑपरेशन बिना इन्फैंट्री और हमारी तरफ से किसी नुकसान के अंजाम दिया गया।" क्या हुआ इस अभियान में? यूक्रेनी सेना ने केवल ड्रोन्स और ग्राउंड रोबोट्स का इस्तेमाल किया। रोबोट्स ने सबसे खतरनाक जगहों पर हमला किया और पोजिशन पर कब्जा जमाया। रूसी सैनिकों ने रोबोट के पास आने पर खुद को बचाने के लिए सरेंडर कर दिया (कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि वे विस्फोट से बचने के लिए निकल आए)। यूक्रेन की तरफ शून्य हताहत (zero losses)। जेलेंस्की ने कुछ रोबोट सिस्टम्स के नाम भी लिए, जैसे Ratel, TerMIT, Ardal, Rys, Zmiy, Protector और Volia। रोबोट आर्मी की ताकत जेलेंस्की ने बताया कि 2026 के पहले तीन महीनों में यूक्रेन के ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम ने 22,000 से ज्यादा मिशन पूरे किए हैं। इससे हजारों यूक्रेनी सैनिकों की जान बचाई जा सकी है। उन्होंने कहा कि "भविष्य मोर्चे पर आ चुका है और यूक्रेन उसे बना रहा है।" यह घटना युद्ध के तरीके को बदलने वाली मानी जा रही है। पहले ड्रोन्स हवाई हमलों के लिए इस्तेमाल होते थे, लेकिन अब ग्राउंड रोबोट्स पैदल सैनिकों की जगह ले रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आधुनिक युद्ध का नया दौर है, जहां इंसानों की बजाय मशीनें सबसे आगे होंगी। नोट: यह दावा जेलेंस्की और यूक्रेनी सेना का है। रूसी पक्ष से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्रोत: न्यूयॉर्क पोस्ट, पोलिटिको, बिजनेस इंसाइडर, न्यूजवीक, द इंडिपेंडेंट और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स (14-15 अप्रैल 2026)।
- दुर्ग में भीम जयंती के मौके पर आयोजित कव्वाली में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की उपस्थिति पर पार्षद अजीत वैध ने क्या कहा सुनते हैं।1
- सोनभद्र में ट्रकों की टक्कर से भीषण आग, लोगों की निष्क्रियता पर उठे सवाल! मदद की जगह वीडियो, इंसानियत पर गंभीर सवाल... क्या इंसान इतना सस्ता हो गया हैं कि वो इंसान ड्राइवर फस गया धीरे धीरे आग बढ़ती गईं कोई भी नहीं मदद के लिये आघे नही आया लेकिन वीडियो तो बननी चाहिए. पोस्ट करना हैं और तो और हस्ते हस्ते इंजॉय करते हुए वीडियो बनाई जान रहिये तो मोबाइल एक तरह का बीमारी बन गया हैं क्योंकि लोगो सब तरह के चीज को छोड़ सकता है लेकिन मोबाइल नहीं छोड़ सकता... ये लोग बचा सकते थे लेकिन बचा लेंंगे तो विडिओ के लिए फिर और न्यूज़ कहा से लाएंगे....1
- Post by सत्य के अंजोर न्यूज1
- स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्राओं ने लिया पुलिस सिस्टम का अनुभव, मिली देश सेवा की प्रेरणा थाने में पहुंचीं छात्राएं, सीखी कानून और सुरक्षा की बारीकियां1
- Post by तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम1
- सक्ती जिले के सिंहितराय गांव में वेदांता लिमिटेड बिजली संयंत्र में भीषण औद्योगिक दुर्घटना, जिसमें कम से कम नौ श्रमिकों की मौत हो गई और चालीस से अधिक अन्य घायल हो गए। यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई जब एक बॉयलर ट्यूब में कथित तौर पर विस्फोट हो गया, जिससे एक अराजक स्थिति और श्रमिकों के बीच भगदड़ जैसी भीड़ हो गई। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमों द्वारा मलबे के नीचे फंसे श्रमिकों का पता लगाने के लिए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया था। गंभीर रूप से घायलों को जिंदल फोर्टिस सहित रायगढ़ के अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और सुरक्षा चूक की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।1
- पटना, 14 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में माननीय नेता श्री नीतीश कुमार जी के प्रस्ताव पर श्री सम्राट चौधरी जी को बिहार का नया मुख्यमंत्री चुना गया। समस्त एनडीए परिवार ने एकमत से उन पर विश्वास व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने पर सम्राट चौधरी जी ने कहा — _"संकल्प से सिद्धि तक, विकसित बिहार की ओर हमारा दृढ़ कदम! यह विश्वास मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि बिहार की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसके लिए मैं हृदय से कोटि-कोटि धन्यवाद करता हूँ।"_ उन्होंने इस अवसर पर माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी, जदयू कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय कुमार झा जी, श्री राजीव रंजन सिंह 'ललन सिंह' जी, श्री जीतन राम मांझी जी, श्री बी. एल. संतोष जी, श्री विनोद तावड़े जी, श्री उपेंद्र कुशवाहा जी, श्री संजय सरावगी जी तथा श्री भीखूभाई दलसानिया जी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया। "यह समर्थन हमारे सामूहिक संकल्प को और अधिक मजबूत करता है कि हम विकास, प्रगति, सुशासन और जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते हुए बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे" — सम्राट चौधरी बिहार में NDA सरकार अब 'सुशासन, विकास और जनसेवा' के संकल्प के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़… तिल्दा-नेवरा से दिल दहला देने वाली खबर घटना रात करीब 8 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है।” तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत1