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छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतरीवंदन योजना के लिए केवाईसी करने के लिए क्या करें क्या न करें..
तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतरीवंदन योजना के लिए केवाईसी करने के लिए क्या करें क्या न करें..
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- Post by तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम1
- सक्ती जिले के सिंहितराय गांव में वेदांता लिमिटेड बिजली संयंत्र में भीषण औद्योगिक दुर्घटना, जिसमें कम से कम नौ श्रमिकों की मौत हो गई और चालीस से अधिक अन्य घायल हो गए। यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई जब एक बॉयलर ट्यूब में कथित तौर पर विस्फोट हो गया, जिससे एक अराजक स्थिति और श्रमिकों के बीच भगदड़ जैसी भीड़ हो गई। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमों द्वारा मलबे के नीचे फंसे श्रमिकों का पता लगाने के लिए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया था। गंभीर रूप से घायलों को जिंदल फोर्टिस सहित रायगढ़ के अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और सुरक्षा चूक की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।1
- पटना, 14 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में माननीय नेता श्री नीतीश कुमार जी के प्रस्ताव पर श्री सम्राट चौधरी जी को बिहार का नया मुख्यमंत्री चुना गया। समस्त एनडीए परिवार ने एकमत से उन पर विश्वास व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने पर सम्राट चौधरी जी ने कहा — _"संकल्प से सिद्धि तक, विकसित बिहार की ओर हमारा दृढ़ कदम! यह विश्वास मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि बिहार की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसके लिए मैं हृदय से कोटि-कोटि धन्यवाद करता हूँ।"_ उन्होंने इस अवसर पर माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी, जदयू कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय कुमार झा जी, श्री राजीव रंजन सिंह 'ललन सिंह' जी, श्री जीतन राम मांझी जी, श्री बी. एल. संतोष जी, श्री विनोद तावड़े जी, श्री उपेंद्र कुशवाहा जी, श्री संजय सरावगी जी तथा श्री भीखूभाई दलसानिया जी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया। "यह समर्थन हमारे सामूहिक संकल्प को और अधिक मजबूत करता है कि हम विकास, प्रगति, सुशासन और जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते हुए बिहार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे" — सम्राट चौधरी बिहार में NDA सरकार अब 'सुशासन, विकास और जनसेवा' के संकल्प के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।1
- जहर बनी दवाई या धोखा? धमधा में 4 एकड़ फसल बर्बाद, न्याय के लिए भटकता रहा किसान लोकेशन - धमधा रिपोर्टर -हेमंत उमरे धमधा क्षेत्र के बसनी गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां किसानों ने एक कृषि केंद्र पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित किसान अनुभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि बसनी गांव के सरपंच पति सत कुमार निषाद की लगभग चार एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। किसान का आरोप है कि यह नुकसान कृषि केंद्र से खरीदी गई दवाई और सामग्री के कारण हुआ, जो या तो घटिया थी या गलत तरीके से दी गई थी। जिसमें शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है। किसान की शिकायत पर धमधा एसडीएम सोनल डेविड ने कृषि विस्तारक अधिकारी को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धमधा नगर गेट के सामने संचालित गुरुद्धन कृषि केंद्र, जिसके संचालक कृष्णा साहू बताए जा रहे हैं,जीन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं: किसानों को पक्के बिल की जगह कच्ची रसीद देना जीएसटी नियमों का उल्लंघन दवाइयों को अधिक कीमत पर बेचना नुकसान होने पर किसानों को बहला-फुसलाकर मामला दबाना किसानों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कई किसान पहले भी इस कृषि केंद्र के चक्कर काट चुके हैं। कुछ को मुआवजे का आश्वासन दिया गया, तो कुछ को थोड़ी रकम देकर चुप करा दिया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है और जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, किसानों का भरोसा अब प्रशासन पर से उठता जा रहा है क्योंकि अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बढ़ता आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या किसानों को न्याय मिलेगा? क्या दोषी कृषि केंद्र संचालक पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? इस घटना ने न सिर्फ कृषि व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि किसानों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।1
- रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन निश्चय” के तहत तिल्दा-नेवरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने नारकोटिक एक्ट के एक मामले में उड़ीसा के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, थाना तिल्दा-नेवरा में दर्ज अपराध क्रमांक 41/26, धारा 20(बी), 22(सी) एनडीपीएस एक्ट एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत 28 जनवरी 2026 को वार्ड क्रमांक-22 सासाहोली स्थित अटल निवास में छापेमारी की गई थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने महिला आरोपी मधु मिश्रा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 73 किलोग्राम गांजा, 790 नग प्रतिबंधित टैबलेट (नाइट्रोसन), 1,87,000 रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, एक टैब और 3 बटनदार चाकू सहित कुल करीब 41.75 लाख रुपये की सामग्री जब्त की थी। मामले में आगे जांच करते हुए पुलिस ने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर कार्रवाई जारी रखी। तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर उड़ीसा निवासी दो आरोपियों की पहचान की गई, जिन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रणब कुमार नाईक (उम्र 29 वर्ष, जिला कालाहांडी) और सफीकुल रहमान खान (उम्र 35 वर्ष, जिला नुवापाड़ा) शामिल हैं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मधु मिश्रा को गांजा और प्रतिबंधित टैबलेट की सप्लाई करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर एंड-टू-एंड कार्रवाई की जा रही है।2
- डॉ.बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर मुस्लिम कुरैशी समाज द्वारा खीर एवं पानी का वितरण किया गया1
- ब्रेकिंग न्यूज़.... गरियाबंद जिले के ग्राम चरौदा में एक ही रात में तीन घरों में ताबड़तोड़ चोरी की वारदात। अज्ञात चोरों ने दुरेंद्र सेन, चेतन पटेल और नरेंद्र साहू के घरों को बनाया निशाना। लाखों रुपए के सोने-चांदी के गहने और नगदी पार। गांव में पहले भी चोरी और आगजनी की घटनाएं आ चुकी हैं सामने। ग्रामीणों ने अवैध शराब और गांजा बिक्री को बताया बढ़ते अपराध का कारण। पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, आरोपियों को छोड़ने का आरोप। मामले की जांच जारी, गांव में दहशत का माहौल।3
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन) भारत की संसद द्वारा सितंबर 2023 में पारित एक ऐतिहासिक कानून है, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करता है। इस कानून का उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें नीति निर्माता बनाना है, जो 2029 के चुनावों से प्रभावी होने की संभावना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम की मुख्य विशेषताएं: 33% आरक्षण: लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी। अवधि: यह आरक्षण 15 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। लागू करने की प्रक्रिया: परिसीमन (Delimitation) के बाद यह कानून लागू होगा, जिसके 2029 तक प्रभावी होने की उम्मीद है। सीटों का रोटेशन: प्रत्येक परिसीमन के बाद आरक्षित सीटों को रोटेट (बदलना) किया जाएगा। SC/ST आरक्षण: आरक्षित सीटों में से ही अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल है। अधिनियम का महत्व: यह भारतीय राजनीति में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व (वर्तमान में लोकसभा में लगभग 14-15%) को सीधे संबोधित करता है। यह अधिनियम मातृशक्ति को सम्मानित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य केवल महिलाओं का विकास नहीं, बल्कि महिला-नेतृत्व में विकास सुनिश्चित करना है जागरूकता अभियान: इस अधिनियम के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और अन्य जागरूकता कार्यक्रम, जैसे कि Instagram और YouTube पर प्रचार, चलाए जा रहे हैं।1