राजसमंद के 100 फीट रोड पोश इलाके में स्थित एक जॉकी शोरूम में आज शॉर्ट सर्किट होने से अचानक भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही राजसमंद नगर परिषद और दमकल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके के हालात देखने से आशंका जताई जा रही है कि शोरूम में लगे नए इनवर्टर में धमाका हुआ, जिसके बाद वहां रखे कपड़ों ने आग पकड़ ली। इस हादसे में शोरूम में रखा लाखों रुपये का सामान और दुकान के अंदर बना लाखों का फर्नीचर जलकर राख हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि आग के कारण शोरूम के कांच नहीं टूटे, अन्यथा यह आग आसपास के अन्य भवनों में भी फैल सकती थी। इस घटना के पीछे लापरवाही की बात भी सामने आई है। दरअसल, दिल्ली के एक बड़े होटल में अग्निशमन सुरक्षा उपकरण न होने के कारण लगी भीषण आग के बाद, केंद्र सरकार ने सख्त आदेश जारी किए थे। इन आदेशों की पालना में राजसमंद फायर ऑफिसर द्वारा एक महीने पहले ही इस शोरूम सहित कई बड़े भवनों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन शोरूम मालिक ने इसे हल्के में लिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। नगर परिषद राजसमंद के फायरमैन पूरण पूरी ने घटना की पुष्टि की है। इस हादसे के बाद अब असिस्टेंट फायर ऑफिसर के निर्देश पर दमकल विभाग द्वारा सभी संबंधित स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है और द्वितीय नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
राजसमंद के 100 फीट रोड पोश इलाके में स्थित एक जॉकी शोरूम में आज शॉर्ट सर्किट होने से अचानक भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही राजसमंद नगर परिषद और दमकल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके के हालात देखने से आशंका जताई जा रही है कि शोरूम में लगे नए इनवर्टर में धमाका हुआ, जिसके बाद वहां रखे कपड़ों ने आग पकड़ ली। इस हादसे में शोरूम में रखा लाखों
रुपये का सामान और दुकान के अंदर बना लाखों का फर्नीचर जलकर राख हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि आग के कारण शोरूम के कांच नहीं टूटे, अन्यथा यह आग आसपास के अन्य भवनों में भी फैल सकती थी। इस घटना के पीछे लापरवाही की बात भी सामने आई है। दरअसल, दिल्ली के एक बड़े होटल में अग्निशमन सुरक्षा उपकरण न होने के कारण लगी भीषण आग के बाद, केंद्र सरकार ने सख्त आदेश जारी किए थे। इन आदेशों की पालना में राजसमंद
फायर ऑफिसर द्वारा एक महीने पहले ही इस शोरूम सहित कई बड़े भवनों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन शोरूम मालिक ने इसे हल्के में लिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। नगर परिषद राजसमंद के फायरमैन पूरण पूरी ने घटना की पुष्टि की है। इस हादसे के बाद अब असिस्टेंट फायर ऑफिसर के निर्देश पर दमकल विभाग द्वारा सभी संबंधित स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है और द्वितीय नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
- राजसमंद के सलोदा गांव में संपूर्ण मेवाड़ में पालीवाल समाज द्वारा चलाए जा रहे परिवार परिचय एवं जनगणना अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में 24 श्रेणी पालीवाल समाज सेवा समिति के मनोनीत उपाध्यक्ष गोपाल जी कटारा, समाजसेवी दिनेश जी पालीवाल (उनवास), संजय जी पालीवाल (केलवा), गिरिराज व्यास (मुंडोल) और युवा संयोजक मनोज जी पालीवाल (भगवान्दा) व हर्ष जी पालीवाल (उनवास) उपस्थित रहे। बैठक सालोर गांव के प्रतिनिधि सदस्यों राजेंद्र जी पालीवाल, विनोद जी पालीवाल, ओम जी पालीवाल, गिरिराज जी पालीवाल, बंशी लाल जी पालीवाल, गोपी लाल जी पालीवाल, तरुण जी पालीवाल, प्रकाश जी पालीवाल, श्याम जी पालीवाल और रमेश जी पालीवाल के सानिध्य में संपन्न हुई। बैठक के दौरान समाज के युवा संयोजकों हर्ष जी उनवास और मनोज जी पालीवाल ने अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस मुहिम के तहत अब तक मेवाड़ क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में जनसंपर्क किया जा चुका है, जहां बुजुर्गों के साथ-साथ सैकड़ों युवाओं का भी भारी उत्साह और समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, राजेंद्र जी पालीवाल और विनोद जी पालीवाल ने समाज में लिए गए कई सकारात्मक निर्णयों की जानकारी दी। वहीं, ओम जी पालीवाल और तरुण जी पालीवाल ने युवाओं से इस पुनीत कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया। गांव के वरिष्ठ समाजजन गिरिराज जी पालीवाल, गोपी लाल जी पालीवाल और बंशी लाल जी पालीवाल ने भी समाज के उत्थान के लिए अपने सुझाव रखे। इस अभियान को सलोदा में सुचारू रूप से चलाने के लिए गांव में जनगणना हेतु गिरिराज जी पालीवाल, राजेंद्र जी पालीवाल, सुरेश जी पालीवाल, ओम जी पालीवाल और कृष्ण गोपाल जी पालीवाल को सर्वसम्मति से जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में उपस्थित सभी समाजजनों द्वारा परिवार परिचय एवं जनगणना के पोस्टर का विमोचन कर सलोदा गांव में इस अभियान की शुरुआत की गई। बैठक के अंत में ओम जी पालीवाल और रमेश जी पालीवाल ने सभी उपस्थित वरिष्ठ जनों और युवाओं का आभार प्रकट किया।1
- राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बनेडिया में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गांव के मुख्य मार्गों से जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही निबंध, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम के संयोजक और मास्टर ट्रेनर प्रेम सिंह राणावत ने गतिविधियों की जानकारी साझा की। मुख्य वक्ता और प्रधानाचार्य सुनीता खंडेलवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसके अलावा, व्याख्याता गोपाललाल शर्मा ने नशे की रोकथाम के उपायों के बारे में बताया, जबकि धर्मवीर कसाना ने विभिन्न प्रकार के नशे और उनसे होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस विशेष अवसर पर मनोज कुमार शर्मा, प्रकाश चौधरी, पुखराज सिंह, प्रियंका भंडारी, शेली शर्मा, प्रेम सोनी, रामचंद्र सेन, गणेशलाल कुमावत, गिर्राज प्रसाद मीणा, गायत्री टांक, मीरा सोनी, सुरेश कुमार और रोशन नाई सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।2
- राजस्थान में सरकारी रिकॉर्ड से 'दलित' शब्द को हटाने के आदेश पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस सरकारी फैसले को लेकर राज्य में लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस आदेश पर इतना बवाल क्यों मचा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस कार्रवाई की भी बात सामने आ रही है, जिसने इस विवाद को और अधिक हवा दे दी है।1
- राजस्थान के पाली जिले के बाली से सामने आया यह वीडियो बारिश के इस दौर में पर्यावरण को लेकर एक बड़ा संदेश दे रहा है।1
- चित्तौड़गढ़ से तीन बेहद प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। इन प्रेरक तस्वीरों में स्वास्थ्य सेवा, गौसेवा और मेवाड़ की बेटी द्वारा जिले का मान बढ़ाए जाने की कहानी शामिल है, जो हर किसी को प्रेरित कर रही है।1
- चित्तौड़गढ़ की बढ़वाई पंचायत से जुड़े एक मामले में, एक साल पहले स्वीकृत हुए 24 फीट के रास्ते पर तहसील के तहसीलदार और पटवारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने में भारी तकलीफ हो रही है और वे काफी परेशान हैं। खास तौर पर बारिश के मौसम में स्थिति बदतर हो जाती है, जब इस मार्ग पर बाइक या फोर-व्हीलर ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन यहां से पैदल ही जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आम रास्ता विधायक (MLA) फंड से बने 'मामादेव बंध' के कारण बंद हो गया है। यह बांध 1 करोड़ 50 हजार की लागत से स्वीकृत हुआ था, जिससे ग्रामीणों को कोई फायदा होने के बजाय उनका रास्ता ही बंद हो गया है। बांध निर्माण के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें आने-जाने का रास्ता दिया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं दिया गया। जब ग्रामीणों ने इस बारे में ठेकेदार से बात की, तो उसने साफ कह दिया कि आगे से जो निर्देश आया है, वह वही करेगा। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से बहुत कोशिश की, लेकिन आज दिन तक उनकी इस समस्या पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है।4
- राजसमंद के कुंवारिया तहसील के पीपली आचार्यन गांव में स्थित शमशान भूमि में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कुमावत कंस्ट्रक्शन की ओर से शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों और कंपनी के पदाधिकारियों ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। मानसून सीजन के तहत शुरू किए गए इस अभियान में कंपनी ने पूरे क्षेत्र में कुल 6 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान के माध्यम से पीपल, नीम और फलदार पौधे रोपे जाएंगे, ताकि क्षेत्र में हरियाली बढ़े, पर्यावरण संतुलित रहे और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। इस कार्यक्रम में उपसरपंच मुकेश कुमावत, छगनलाल कुमावत, हितेश कुमावत, राज सिंह जाट, देवेंद्र गुर्जर, भगवत सिंह, मंगनीराम कुमावत, कन्हैयालाल माली, किशनलाल धोबी, किशन, पवन कुमावत, गणपत नायक, देव सिंह, दीपक कुमार पारीक, कालीचरण गुर्जर, नरेश तेली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर मौजूद युवाओं ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और जनसहभागिता से चलने वाले ऐसे अभियान हरित राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।4
- राजसमंद के भीम स्थित गोहाना रिको कॉटन मिल में शॉर्ट सर्किट होने के कारण भीषण आग लग गई। इस हादसे के बाद भारी मशक्कत की गई और करीब चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया।1