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धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित जिला अस्पताल में कांग्रेसी नेताओं ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। नेताओं ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पूरे अस्पताल में इमरजेंसी सेवा में केवल एक ही चिकित्सक तैनात मिला, वहीं अन्य चिकित्सकों के कमरे बंद पाए गए और उन पर ताले लटके थे। इसके अतिरिक्त, बंद पड़े पर्चा काउंटरों पर भी कांग्रेसी नेताओं ने गहरी आपत्ति जताई। युवा रामवीर पोसवाल ने इस स्थिति को लेकर प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन व्यवस्थाओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
रोहित वर्मा
धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित जिला अस्पताल में कांग्रेसी नेताओं ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। नेताओं ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पूरे अस्पताल में इमरजेंसी सेवा में केवल एक ही चिकित्सक तैनात मिला, वहीं अन्य चिकित्सकों के कमरे बंद पाए गए और उन पर ताले लटके थे। इसके अतिरिक्त, बंद पड़े पर्चा काउंटरों पर भी कांग्रेसी नेताओं ने गहरी आपत्ति जताई। युवा रामवीर पोसवाल ने इस स्थिति को लेकर प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन व्यवस्थाओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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- धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित जिला अस्पताल में कांग्रेसी नेताओं ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। नेताओं ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पूरे अस्पताल में इमरजेंसी सेवा में केवल एक ही चिकित्सक तैनात मिला, वहीं अन्य चिकित्सकों के कमरे बंद पाए गए और उन पर ताले लटके थे। इसके अतिरिक्त, बंद पड़े पर्चा काउंटरों पर भी कांग्रेसी नेताओं ने गहरी आपत्ति जताई। युवा रामवीर पोसवाल ने इस स्थिति को लेकर प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन व्यवस्थाओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।4
- बसेड़ी/धौलपुर क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी, प्रतिष्ठित जमींदार और सामाजिक, धार्मिक तथा राजनीतिक क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती वृंदावन सिंह 'सिहौली वालों' का शुक्रवार प्रातः करीब 4 बजे 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। स्वर्गीय ठाकुर हेम सिंह के पुत्र वृंदावन सिंह के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वृंदावन सिंह को उनके सादगीपूर्ण जीवन, कर्मठता, मेहनत और जनसेवा के लिए दूर-दूर तक जाना जाता था। उन्होंने जीवनभर सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और गरीब तथा जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहायता की। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उनके रहते कोई भी जरूरतमंद भूखा या असहाय नहीं रहता था। उनके राजनीतिक जीवन में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्ष 1979 में उन्होंने अपने छोटे भाई को ग्राम पंचायत अतरसूमा का सरपंच बनवाकर उल्लेखनीय जीत दिलाई। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत की पहली सरकार के दौरान अपने मित्र दाताराम केन को रूपवास से जनता पार्टी का टिकट दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन पर जगनेर मंडी समिति अध्यक्ष दामोदर प्रसाद अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे व्यापार जगत की अपूरणीय क्षति बताया, जिसके शोक स्वरूप जगनेर व्यापारियों ने मंडी समिति बंद रखी। ग्वाल बाबा कमेटी के अध्यक्ष रामकुमार मुखिया ने कहा कि ग्वाल बाबा को धार्मिक नगरी बनाने में वृंदावन सिंह का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। व्यापार संघ अध्यक्ष नरेश अग्रवाल और ग्राम पंचायत अतरसूमा के सरपंच राकेश ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वृंदावन सिंह का संपूर्ण जीवन सेवा, सादगी और समाजहित के लिए समर्पित रहा। उनका निधन क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है, और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई है।1
- धौलपुर, राजस्थान के बसेड़ी गांव स्थित नंकटे का पूरा में रास्ते की हालत बेहद खराब है, जिससे वहां के युवाओं को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दयनीय स्थिति पर टिप्पणी करने और ऐसे रास्तों के अपने अनुभव साझा करने की अपील की गई है।1
- धौलपुर सदर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, एक कट्टा, एक पोना, एक एयरगन, 54 जिंदा कारतूस, तीन खाली कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी अवैध हथियारों की तस्करी की फिराक में थे। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे अवैध हथियारों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के पर्यवेक्षण और शहर वृत्ताधिकारी कृष्णराज जांगिड़ के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। सदर थाना प्रभारी महेश मीणा के नेतृत्व में थाना सदर पुलिस और डीएसटी टीम ने कंचनपुर रोड पर स्थित अरऊआ नाले के पास छापेमारी कर लोकेन्द्र (46) पुत्र फूल सिंह गुर्जर निवासी कोलुआ, थाना कंचनपुर, और मोहित (26) पुत्र महेंद्र सिंह ठाकुर निवासी वरखेड़ा, थाना सैपऊ को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, लोकेन्द्र के कब्जे से एक अवैध .32 बोर की पिस्टल, दो मैगजीन, 15 जिंदा कारतूस (7.65 बोर), एक देशी कट्टा (.315 बोर), पांच जिंदा कारतूस (.315 बोर) और एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (आरजे-11 एसयू-7024) मिली। वहीं, मोहित के पास से एक एयरगन, एक पोना (.315 बोर), 30 जिंदा कारतूस (.306 बोर), चार जिंदा कारतूस (.315 बोर) और तीन खाली कारतूस (.306 बोर) बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सदर थाना में प्रकरण संख्या 273/2026 दर्ज कर धारा 112(2) बीएनएस और 3/25(1), 25(6) आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने आरोपियों का रिमांड प्राप्त कर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।2
- धौलपुर जिले में मुहर्रम की दसवीं तारीख को पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में श्रद्धा एवं अकीदत के साथ भव्य ताजियों के जुलूस निकाले गए। शहर में करीब 500 ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जबकि पूरे जिले में लगभग दो हजार ताजियों का शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में विसर्जन हुआ। ये जुलूस शहर के तलैया, पुराना शहर, पटपरा, बजरिया, बड़ेपीर, गडरपुरा, हाथीवान, कच्ची कुई और पुरानी सराय सहित विभिन्न मोहल्लों से सुबह शुरू होकर देर शाम तक चलते रहे। सभी ताजिए मुख्य जुलूस में शामिल होकर निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इन जुलूसों में करीब 500 ताजिए, लगभग दो दर्जन बैंड, एक दर्जन ढोल-ताशा दल और पांच अखाड़ों ने भाग लिया। मातमी धुनों के बीच अखाड़ों द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक एवं हैरतअंगेज करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। मुहर्रम के इस आयोजन को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर पूरे जुलूस की लगातार निगरानी की गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शहर के विभिन्न स्थानों पर रोशनी, पेयजल और लंगर की व्यवस्था की गई थी। ताजियों के दर्शन के लिए सभी समुदायों के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उमड़े, जिससे पूरे आयोजन के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की एक सुंदर मिसाल देखने को मिली। धौलपुर के अलावा, बाड़ी, बसेड़ी, राजाखेड़ा, मनियां, सरमथुरा और सैंपऊ सहित जिले के विभिन्न कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुहर्रम पर ताजियों के जुलूस निकाले गए। मातमी माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया। इस प्रकार, पूरे जिले में मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण, श्रद्धापूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।4
- धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे में शुक्रवार को ताजियों का जुलूस पूरी शांति के साथ निकाला गया। यह जुलूस कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरा। शाम को करबला में मातमी धुनों के साथ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरमथुरा के वृत्ताधिकारी सहित थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे।1
- सरमथुरा में सफाईकर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया।1
- मोहर्रम की दसवीं के अवसर पर धौलपुर जिले में ताजिए और आलम का विशाल जुलूस निकाला गया, जिसके बाद उन्हें कर्बला और चंबल नदी में सुपुर्दे खाक किया गया। इस पर्व के तहत, मोहर्रम की नौ तारीख को जिले भर में ताजिए एवं अलम रखे गए थे, और जायरीनों ने पूरी रात जियारत की थी। शुक्रवार को ताजिए एवं आलम का जुलूस सुबह से उठना शुरू हुआ और देर शाम तक जारी रहा। जुलूस में चल रहे युवाओं और अखाड़ों के उस्तादों ने हैरत अंगेज कारनामे दिखाए। यह जुलूस सब्जी मंडी और बजरिया क्षेत्र से शुरू होकर तलैया, हाथीवान, मदीना कॉलोनी, कोटला, पटपरा, बड़ापीर, कच्ची कुई, पुरानी सराय समेत शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा। इस दौरान बैंड और ढोल-ताशों की मातमी धुन बज रही थी और युवाओं ने तलवार एवं लाठी से कलाबाजियां दिखाते हुए नारे लगाए। जिन मार्गों से जुलूस निकला, वहां श्रद्धालुओं ने छबील लगाई और लंगर भी लुटाए। इस मौके पर ताजियों और अलम पर लोग दुआ मांगते दिखे, वहीं जिन लोगों की दुआ कुबूल हो गई थी, उन्होंने ताजिये एवं अलम पर कुछ न कुछ चढ़ाया। मातमी धुन के साथ ताजिए कर्बला पहुंचे, जहां उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। कुछ लोगों ने ताजियों को चंबल नदी में भी सुपुर्दे खाक किया। इस आयोजन को देखने के लिए शहर भर से विभिन्न समुदाय के लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए, जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। धौलपुर शहर के साथ-साथ बाड़ी, बसेड़ी, राजाखेड़ा, मनियां, सरमथुरा और सैपऊ सहित पूरे जिले में देर रात तक मातमी धुन के साथ ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शाम को पुराने शहर से भी ताजिए और अलम निकाले गए।4