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झुंझुनूं में प्राइवेट स्कूल बंद, सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे स्कूल संचालक कलेक्टर कार्यालय पर गरजे निजी स्कूल संचालक, बोले—मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन झुंझुनूं में निजी स्कूलों का शक्ति प्रदर्शन, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
BAGAR NEWS RAJASTHAN
झुंझुनूं में प्राइवेट स्कूल बंद, सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे स्कूल संचालक कलेक्टर कार्यालय पर गरजे निजी स्कूल संचालक, बोले—मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन झुंझुनूं में निजी स्कूलों का शक्ति प्रदर्शन, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
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- कलेक्टर कार्यालय पर गरजे निजी स्कूल संचालक, बोले—मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन झुंझुनूं में निजी स्कूलों का शक्ति प्रदर्शन, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी झुंझुनूं में निजी स्कूल संचालकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिले के प्राइवेट स्कूल बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।1
- नेता गाड़ी में बैठे निकल गए जनता बारिश में होती रही परेशान नेता गाड़ी में बैठे निकल गए जनता बारिश में होती रही परेशान1
- सीएचसी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, जिम्मेदार बच रहे हैं जिम्मेदारी से मंडावा। मरीज इलाज के लिए अस्पताल जाता है ताकि उसको वहां पर सरकार की सभी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। ऐसा ही देखने को मिला मुकुंदगढ़ रोड स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर। अस्पताल में बिजली सप्लाई बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा हालांकि जनरेटर भी लगा हुआ है ताकि बिजली सप्लाई बाधित होने पर उसको चालू किया जा सके। जब बिजली गुल थी तो उस जनरेटर को चालू नहीं किया गया था कारण क्या वह किसी को पता नहीं। हालांकि सीएचसी प्रभारी डॉ विनोद राहड़ का दावा था कि बिजली सप्लाई बंद के दौरान अस्पताल के वार्डों में पंखे इनवर्टर से चल रहे थे लेकिन ऐसा कुछ नहीं था एक वार्ड में मरीज बेड पर बैठे हुए नजर आ रहे थे उसमें तथा पर्ची काउंटर के सामने जो बैंच लगी है उस पर भी मरीज बैठे थे लेकिन वहां पर कोई पंखा नहीं चल रहा था और बंद पड़े थे। जबकि चिकित्सक व अन्य स्टाफ कर्मियों के रूम में पंखे जरूर चल रहे थे। जब सरकार ने अस्पताल में जनरेटर की सुविधा दे रखी है उसके बाद भी उसको नहीं चलाना गंभीर मामला है, जनरेटर के लिए तेल वह मेंटेनेंस का खर्चा भी सरकार वहन करती है तो फिर बिजली सप्लाई बंद होने पर जनरेटर नहीं चलाना इसके लिए उच्च अधिकारियों को संज्ञान में लेना चाहिए ताकि आगे से इस तरह की कोई लापरवाही सामने ना आए। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर विनोद राहड़ का तर्क अजीब लगा क्योंकि उन्होंने कहा कुछ देर के लिए बिजली जाती है जिसके कारण जनरेटर नहीं चलाया जाता। राहड़ ने कहा अस्पताल गैलरी में लगे पंखे चलाने का कोई औचित्य नहीं है यह संसाधनों का मिसयूज है। बात ठीक है आपके रूम में तो पंखे चालू रहेंगे लेकिन 10- 15 मिनट तक मरीजो को यह सुविधा नहीं मिले तो आपको कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकार ने सुविधा दी है तो वह देनी पड़ेगी चाहे बिजली सप्लाई 15 मिनट तक के लिए बंद हो या 1 घंटे तक।1
- झुंझुनूं में निजी स्कूल संचालकों का बड़ा प्रदर्शन, 10 दिन में RTE भुगतान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन झुंझुनूं में निजी स्कूल संचालकों का बड़ा प्रदर्शन, 10 दिन में RTE भुगतान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन बुहाना/झुंझुनूं। प्राइवेट स्कूल संघर्ष समिति, झुंझुनूं के आह्वान पर मंगलवार को जिलेभर के निजी स्कूल संचालकों और स्टाफ ने सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालक और स्कूलों की पीली बसें सड़कों पर उतरीं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की कथित दमनकारी और शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समिति ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग द्वारा 'शाला संबलन ऐप' के माध्यम से स्कूलों की जांच कर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही लंबे समय से लंबित RTE भुगतान नहीं होने से निजी स्कूल आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि शाला संबलन ऐप के माध्यम से हो रही जांच पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई और लंबित RTE भुगतान जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। बुहाना ब्लॉक से भी बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालकों ने प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान गजेंद्र शेखावत (धुलवा), मोहन सिंह, राजेश शर्मा, विकास दौराता, अजय बोहरा, विकास मान, राजवीर अहलावत, गजेंद्र शर्मा और संगीता शर्मा सहित अनेक संचालक मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निजी स्कूल वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन सरकार की नीतियों और भुगतान में देरी से संचालकों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सभी ने एकजुट होकर मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1
- धमाकेदार इंट्री नोएडा में मुंछ वाले चाचा की आप को कैसी लगी इन्ट्री कांमेंट कर जरूर बताये। ।1
- झुंझुनूं में प्राइवेट स्कूल बंद, सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे स्कूल संचालक कलेक्टर कार्यालय पर गरजे निजी स्कूल संचालक, बोले—मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन झुंझुनूं में निजी स्कूलों का शक्ति प्रदर्शन, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी1
- गर्ववती महिला और धारदार हथियार से हमला महिला सीकर sk अस्पताल में भर्ती1