शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव में रविवार शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 30 वर्षीय युवक कैलू यादव की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई। मृतक गांव के ही मितन यादव का पुत्र था। घटना के समय खेत में ट्रैक्टर से जुताई का काम चल रहा था, तभी अचानक ट्रैक्टर पलट गया और कैलू यादव उसके नीचे गंभीर रूप से दब गए। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। कैलू यादव मजदूरी करके अपने चार बच्चों और परिवार का भरण-पोषण करते थे, और जिस ट्रैक्टर से यह हादसा हुआ, उसका मालिक उनका चचेरा भाई बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है। परिजनों का कहना है कि कैलू को फोन करके खेत पर बुलाया गया था, जिससे उन्हें इस घटना में साजिश की आशंका है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की मांग की है। सूचना मिलते ही अरियरी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेज दिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से हुसैनाबाद गांव में मातम का माहौल है।
शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव में रविवार शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 30 वर्षीय युवक कैलू यादव की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई। मृतक गांव के ही मितन यादव का पुत्र था। घटना के समय खेत में ट्रैक्टर से जुताई का काम चल रहा था, तभी अचानक ट्रैक्टर पलट गया और कैलू यादव उसके नीचे गंभीर रूप से दब गए। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। कैलू यादव मजदूरी करके अपने चार बच्चों और परिवार का भरण-पोषण करते थे, और जिस ट्रैक्टर से यह हादसा हुआ, उसका मालिक उनका चचेरा भाई बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है। परिजनों का कहना है कि कैलू को फोन करके खेत पर बुलाया गया था, जिससे उन्हें इस घटना में साजिश की आशंका है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की मांग की है। सूचना मिलते ही अरियरी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेज दिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से हुसैनाबाद गांव में मातम का माहौल है।
- शेखपुरा के चर्चित दुष्कर्म मामले में आरोपी द्वारा न्यायालय में आत्मसमर्पण किए जाने के बाद ग्रामीणों की ओर से अधिवक्ता आशुतोष कुमार ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सक्रियता और लगातार की गई कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, जिस दिशा में प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। अधिवक्ता आशुतोष कुमार ने मामले में निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने की भी अपील की है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।1
- शेखपुरा के चर्चित दुष्कर्म मामले के आरोपी अजय यादव उर्फ गोरका ने सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इस संबंध में एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही थी, जिसके बाद आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। एसडीपीओ के अनुसार, पुलिस जल्द ही आरोपी को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि मामले की गहन जांच की जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा और 3 महीने के भीतर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना अपनी प्राथमिकता बताया है।1
- लखीसराय के नया बाजार पुलिस केंद्र में आयोजित पीपिंग समारोह में पीटीसी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 16 पुलिस जवानों को सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया गया है। सोशल मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार और पुलिस उपाधीक्षक रक्षित ने इन जवानों के कंधों पर सितारे सजाकर उन्हें इस नई जिम्मेदारी की कमान सौंपी। इस गरिमामयी अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने नवपदोन्नत अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पदोन्नति सम्मान के साथ-साथ कर्तव्यों और जिम्मेदारियों में वृद्धि का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से पूरी ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भावना के साथ जनता के प्रति संवेदनशील रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। इस समारोह में नया बाजार पुलिस केंद्र के कई वरीय अधिकारी और पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक स्थित कबीर मठ की जमीन का अवैध रूप से एग्रीमेंट किए जाने का मामला सामने आया है। इस अवैध एग्रीमेंट की वजह से कबीर पंथियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- नवादा जिले के पकरीबरांवा में आयोजित RCM अभियान जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पूरा सेमिनार हॉल "गांव-गांव शहर-शहर RCM की चली लहर" के नारे से गूंज उठा। इस अभियान के तहत गांव-गांव और शहर-शहर में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है, जिसकी लहर अब हर तरफ देखने को मिल रही है।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय के बगल में स्थित ऐतिहासिक कबीर मठ की 83 डिसमिल जमीन का अवैध रूप से एग्रीमेंट किए जाने के विरोध में कबीरपंथियों में भारी आक्रोश फैल गया है। बिहार और अन्य राज्यों से पहुंचे सैकड़ों कबीरपंथियों ने मठ परिसर में प्रदर्शन कर भू-माफियाओं के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। कबीरपंथी शंभू दास के नेतृत्व में संतों ने कबीर मठ से रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय होते हुए रामगढ़ गांव तक झंडा-बैनर लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शपथ ली है कि यदि कोई मठ की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो संत कबीर की तरह यहां सैकड़ों समाधि स्थल बन जाएंगे, लेकिन मठ की जमीन किसी भी हाल में नहीं छोड़ी जाएगी। मठ की देखरेख कर रहे कामेश्वर दास ने बताया कि इस कबीर मठ की स्थापना 5 जनवरी 1972 को तत्कालीन मठाधीश प्रयाग दास के समय हुई थी। उनके निधन के बाद शिष्या तारा दासीन इसकी देखरेख करती थीं, जो पिछले कई वर्षों से गायब हैं। आरोप लगाया गया है कि तारा दासीन ने अचानक मठ की जमीन का भू-माफियाओं के हाथों अवैध रूप से एग्रीमेंट कर दिया है। मठ के नाम पर कुल 83 डिसमिल जमीन दर्ज है, जिसमें खाता संख्या 217, खेसरा 784, तौजी नंबर 4344, जमाबंदी 45 के तहत मौजा दूरडीह की 71 डिसमिल और अन्य खसरा की 12 डिसमिल जमीन शामिल है। यह जमीन रामगढ़ गांव के बिहारी पंडित, सरवन पंडित, कारू पंडित और राम पंडित द्वारा मठ को दान में दी गई थी। प्रदर्शन में शामिल संजय दास, गणेश दास बैरागी, अशोक दास बैरागी, पंजाबी दास, राधे बाबा, सरवन दास और महेंद्र दास समेत दर्जनों संतों ने स्पष्ट किया कि बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के 2015 के आदेश के अनुसार मठ की जमीन को मठाधीश या उनका कोई शिष्य नहीं बेच सकता। विशेष परिस्थिति होने पर भी केवल न्यायालय के आदेश से ही इसकी बिक्री संभव है। संतों का कहना है कि मठ की जमीन का उपयोग केवल सतगुरु कबीर साहेब के सेवादार ही कर सकते हैं। इस अवैध एग्रीमेंट के विरोध में कबीरपंथियों ने जिला पदाधिकारी, बिहार सरकार और बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड को लिखित आवेदन देने का निर्णय लिया है।1
- पटना जिले के मोकामा में गंगा किनारे कटाव के बावजूद एक बुजुर्ग अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 30 फीट नीचे धसान वाले रास्ते से उतरकर गंगा स्नान करने पहुंच गए। इस घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस चौंकाने वाले वाकये को देखकर लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि बुजुर्ग का यह कदम उनकी हिम्मत को दर्शाता है या फिर मूर्खता को।1