लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय के बगल में स्थित ऐतिहासिक कबीर मठ की 83 डिसमिल जमीन का अवैध रूप से एग्रीमेंट किए जाने के विरोध में कबीरपंथियों में भारी आक्रोश फैल गया है। बिहार और अन्य राज्यों से पहुंचे सैकड़ों कबीरपंथियों ने मठ परिसर में प्रदर्शन कर भू-माफियाओं के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। कबीरपंथी शंभू दास के नेतृत्व में संतों ने कबीर मठ से रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय होते हुए रामगढ़ गांव तक झंडा-बैनर लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शपथ ली है कि यदि कोई मठ की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो संत कबीर की तरह यहां सैकड़ों समाधि स्थल बन जाएंगे, लेकिन मठ की जमीन किसी भी हाल में नहीं छोड़ी जाएगी। मठ की देखरेख कर रहे कामेश्वर दास ने बताया कि इस कबीर मठ की स्थापना 5 जनवरी 1972 को तत्कालीन मठाधीश प्रयाग दास के समय हुई थी। उनके निधन के बाद शिष्या तारा दासीन इसकी देखरेख करती थीं, जो पिछले कई वर्षों से गायब हैं। आरोप लगाया गया है कि तारा दासीन ने अचानक मठ की जमीन का भू-माफियाओं के हाथों अवैध रूप से एग्रीमेंट कर दिया है। मठ के नाम पर कुल 83 डिसमिल जमीन दर्ज है, जिसमें खाता संख्या 217, खेसरा 784, तौजी नंबर 4344, जमाबंदी 45 के तहत मौजा दूरडीह की 71 डिसमिल और अन्य खसरा की 12 डिसमिल जमीन शामिल है। यह जमीन रामगढ़ गांव के बिहारी पंडित, सरवन पंडित, कारू पंडित और राम पंडित द्वारा मठ को दान में दी गई थी। प्रदर्शन में शामिल संजय दास, गणेश दास बैरागी, अशोक दास बैरागी, पंजाबी दास, राधे बाबा, सरवन दास और महेंद्र दास समेत दर्जनों संतों ने स्पष्ट किया कि बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के 2015 के आदेश के अनुसार मठ की जमीन को मठाधीश या उनका कोई शिष्य नहीं बेच सकता। विशेष परिस्थिति होने पर भी केवल न्यायालय के आदेश से ही इसकी बिक्री संभव है। संतों का कहना है कि मठ की जमीन का उपयोग केवल सतगुरु कबीर साहेब के सेवादार ही कर सकते हैं। इस अवैध एग्रीमेंट के विरोध में कबीरपंथियों ने जिला पदाधिकारी, बिहार सरकार और बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड को लिखित आवेदन देने का निर्णय लिया है।
लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय के बगल में स्थित ऐतिहासिक कबीर मठ की 83 डिसमिल जमीन का अवैध रूप से एग्रीमेंट किए जाने के विरोध में कबीरपंथियों में भारी आक्रोश फैल गया है। बिहार और अन्य राज्यों से पहुंचे सैकड़ों कबीरपंथियों ने मठ परिसर में प्रदर्शन कर भू-माफियाओं के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। कबीरपंथी शंभू दास के नेतृत्व में संतों ने कबीर मठ से रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय होते हुए रामगढ़ गांव तक झंडा-बैनर लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शपथ ली है कि यदि कोई मठ की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो संत कबीर की तरह यहां सैकड़ों समाधि स्थल बन जाएंगे, लेकिन मठ की जमीन किसी भी हाल में नहीं छोड़ी जाएगी। मठ की देखरेख कर रहे कामेश्वर दास ने बताया कि इस कबीर मठ की स्थापना 5 जनवरी 1972 को तत्कालीन मठाधीश प्रयाग दास के समय हुई थी। उनके निधन के बाद शिष्या तारा दासीन इसकी देखरेख करती थीं, जो पिछले कई वर्षों से गायब हैं। आरोप लगाया गया है कि तारा दासीन ने अचानक मठ की जमीन का भू-माफियाओं के हाथों अवैध रूप से एग्रीमेंट कर दिया है। मठ के नाम पर कुल 83 डिसमिल जमीन दर्ज है, जिसमें खाता संख्या 217, खेसरा 784, तौजी नंबर 4344, जमाबंदी 45 के तहत मौजा दूरडीह की 71 डिसमिल और अन्य खसरा की 12 डिसमिल जमीन शामिल है। यह जमीन रामगढ़ गांव के बिहारी पंडित, सरवन पंडित, कारू पंडित और राम पंडित द्वारा मठ को दान में दी गई थी। प्रदर्शन में शामिल संजय दास, गणेश दास बैरागी, अशोक दास बैरागी, पंजाबी दास, राधे बाबा, सरवन दास और महेंद्र दास समेत दर्जनों संतों ने स्पष्ट किया कि बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के 2015 के आदेश के अनुसार मठ की जमीन को मठाधीश या उनका कोई शिष्य नहीं बेच सकता। विशेष परिस्थिति होने पर भी केवल न्यायालय के आदेश से ही इसकी बिक्री संभव है। संतों का कहना है कि मठ की जमीन का उपयोग केवल सतगुरु कबीर साहेब के सेवादार ही कर सकते हैं। इस अवैध एग्रीमेंट के विरोध में कबीरपंथियों ने जिला पदाधिकारी, बिहार सरकार और बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड को लिखित आवेदन देने का निर्णय लिया है।
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय के बगल में स्थित ऐतिहासिक कबीर मठ की 83 डिसमिल जमीन का अवैध रूप से एग्रीमेंट किए जाने के विरोध में कबीरपंथियों में भारी आक्रोश फैल गया है। बिहार और अन्य राज्यों से पहुंचे सैकड़ों कबीरपंथियों ने मठ परिसर में प्रदर्शन कर भू-माफियाओं के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। कबीरपंथी शंभू दास के नेतृत्व में संतों ने कबीर मठ से रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय होते हुए रामगढ़ गांव तक झंडा-बैनर लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शपथ ली है कि यदि कोई मठ की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो संत कबीर की तरह यहां सैकड़ों समाधि स्थल बन जाएंगे, लेकिन मठ की जमीन किसी भी हाल में नहीं छोड़ी जाएगी। मठ की देखरेख कर रहे कामेश्वर दास ने बताया कि इस कबीर मठ की स्थापना 5 जनवरी 1972 को तत्कालीन मठाधीश प्रयाग दास के समय हुई थी। उनके निधन के बाद शिष्या तारा दासीन इसकी देखरेख करती थीं, जो पिछले कई वर्षों से गायब हैं। आरोप लगाया गया है कि तारा दासीन ने अचानक मठ की जमीन का भू-माफियाओं के हाथों अवैध रूप से एग्रीमेंट कर दिया है। मठ के नाम पर कुल 83 डिसमिल जमीन दर्ज है, जिसमें खाता संख्या 217, खेसरा 784, तौजी नंबर 4344, जमाबंदी 45 के तहत मौजा दूरडीह की 71 डिसमिल और अन्य खसरा की 12 डिसमिल जमीन शामिल है। यह जमीन रामगढ़ गांव के बिहारी पंडित, सरवन पंडित, कारू पंडित और राम पंडित द्वारा मठ को दान में दी गई थी। प्रदर्शन में शामिल संजय दास, गणेश दास बैरागी, अशोक दास बैरागी, पंजाबी दास, राधे बाबा, सरवन दास और महेंद्र दास समेत दर्जनों संतों ने स्पष्ट किया कि बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के 2015 के आदेश के अनुसार मठ की जमीन को मठाधीश या उनका कोई शिष्य नहीं बेच सकता। विशेष परिस्थिति होने पर भी केवल न्यायालय के आदेश से ही इसकी बिक्री संभव है। संतों का कहना है कि मठ की जमीन का उपयोग केवल सतगुरु कबीर साहेब के सेवादार ही कर सकते हैं। इस अवैध एग्रीमेंट के विरोध में कबीरपंथियों ने जिला पदाधिकारी, बिहार सरकार और बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड को लिखित आवेदन देने का निर्णय लिया है।1
- बिहार के लखीसराय में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक (मद्य निषेध) पद के लिए प्रारंभिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जा रही है। रविवार को पूर्वाहन 9:00 बजे से जिले के कुल आठ परीक्षा केंद्रों पर एकल पाली में इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस परीक्षा में कुल 3 हजार 833 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के उद्देश्य से सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षार्थियों को काफी कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। पूरी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक केंद्र पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।1
- जमुई के कचहरी रोड स्थित श्रीकृष्णा सिंह कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक भव्य समारोह में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने गोल्डन जिम के नए हाईटेक विंग का उद्घाटन किया है। इस अत्याधुनिक जिम के शुरू होने से स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। उद्घाटन के दौरान खेल मंत्री ने जिम में स्थापित आधुनिक विदेशी मशीनों, नए कार्डियो सेक्शन, क्रॉसफिट एरिया और जुंबा हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने इन अत्याधुनिक सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में फिट रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि नियमित व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक तनाव को भी कम करता है। समारोह में जिम के संचालक प्रशांत किशोर, प्रियांशु किशोर और हेमा किशोर ने खेल मंत्री का स्वागत किया। प्रियांशु किशोर ने बताया कि लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए कार्डियो, एरोबिक्स, क्रॉसफिट और जुंबा के लिए अलग-अलग हाईटेक हॉल बनाए गए हैं, जहां अनुभवी और प्रमाणित ट्रेनर्स प्रशिक्षण देंगे। इसके अलावा, जिम में पहली बार ट्रस्टेड हेल्थ सप्लीमेंट काउंटर की भी शुरुआत की गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि गोल्डन जिम का यह नया हाईटेक विंग जमुई में फिटनेस संस्कृति को एक नई पहचान देगा। इस सुविधा के चालू हो जाने से अब लोगों को बेहतर फिटनेस और कसरत सुविधाओं के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।1
- जमुई के मिलन हॉल में AWPL आयुर्वेद द्वारा "संकल्प ट्रेनिंग" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमुई जिले के डायमंड लीडर अजय कुमार उपस्थित रहे। इस ट्रेनिंग सत्र में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लीडरों, सलाहकारों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायमंड लीडर अजय कुमार ने उपस्थित सदस्यों को कंपनी के सिस्टम के अनुसार काम करने, अपनी टीमों को मजबूत बनाने और लक्ष्य आधारित कार्यशैली अपनाने को लेकर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को बेस्ट जीत, गोवा टार्गेट और नैनीताल जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को आसानी से हासिल करने की रणनीतियों को विस्तार से समझाया। इस दौरान कंपनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ब्रॉन्ज, सिल्वर और गोल्ड रैंक हासिल करने वाले लीडरों को सम्मानित भी किया गया। सम्मान पाने वाले इन लीडरों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए दूसरे सदस्यों को भी लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया। सत्र के अंत में सभी लीडरों और सलाहकारों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे कंपनी के सिस्टम का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए स्वयं आगे बढ़ेंगे और अपनी टीम तथा सहयोगियों को लगातार सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह पूरा आयोजन बेहद उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ।4
- शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इस बीच, सांसद अरुण भारती ने विद्यालय के निर्माण स्थल का शिलान्यास कर दिया है।1
- जमुई की राजनीति में रविवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के व्यवसायी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मुकेश साह ने अपने लगभग 150 समर्थकों के साथ जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इसे राजद के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। जमुई स्थित जदयू कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री एवं बिहार प्रदेश जदयू के नव-नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित सिंह ने मुकेश साह और उनके समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर जदयू कार्यकर्ताओं ने सुमित सिंह का भव्य स्वागत किया और नए सदस्यों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। जदयू की सदस्यता लेने के बाद मुकेश साह ने कहा कि वे जदयू की नीतियों और एनडीए सरकार की कार्यशैली से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने व्यवसायियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने और संगठन को मजबूत बनाने का अपना संकल्प दोहराया। इस दौरान पूर्व मंत्री सुमित सिंह ने कहा कि संगठन की मजबूती ही जीत की कुंजी है। इस कार्यक्रम में जदयू जिलाध्यक्ष शैलेंद्र महतो सहित कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिसे जमुई में जदयू के बड़े शक्ति प्रदर्शन और संगठन को मिली नई ताकत के रूप में देखा जा रहा है।1
- शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता से मुलाकात करने विधायक रणधीर कुमार सोनी उसके गांव पहुंचे। विधायक ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर इस दुखद घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिया। विधायक के आगमन के दौरान गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्रित हो गए। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना को बीते कई दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है, ताकि पीड़िता और उसके पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।1
- लखीसराय के रामगढ़ प्रखंड की औरे पंचायत अंतर्गत डकरा गांव में 300 एकड़ कृषि भूमि को जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिला पदाधिकारी (डीएम) ने शनिवार को स्थल निरीक्षण किया। यह निरीक्षण सहयोग पोर्टल पर मिली एक शिकायत के बाद किया गया, जहां जलजमाव के कारण खरीफ और रबी की फसलें लगातार प्रभावित हो रही थीं। निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता शत्रुघ्न सिंह और स्थानीय ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि हर साल पानी जमा होने से धान की कटाई में देरी होती है और रबी फसलों की बुवाई समय पर नहीं हो पाती, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला पदाधिकारी ने तकनीकी अधिकारियों के साथ बैठक की। स्थल, प्राकृतिक ढाल और नक्शे का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि जल निकासी के लिए रामगढ़ शाखा नहर के किलोमीटर 17.27 से 18.07 और मोरमा वितरणी के किलोमीटर 0.00 से 0.60 के बाएं किनारे लगभग 1400 मीटर लंबा कच्चा नाला या पइन बनाया जाएगा। इस पइन के माध्यम से जमा पानी को मोरमा वितरणी में बहाया जा सकेगा, जिससे डकरा गांव की करीब 300 एकड़ भूमि को जलजमाव से राहत मिलने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान मौके पर अपर जिला समाहर्ता, सिंचाई विभाग जमुई के अधीक्षण अभियंता, सिकंदरा-जमुई के कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई लखीसराय के अधिकारी और रामगढ़ के अंचल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला पदाधिकारी ने लघु सिंचाई प्रमंडल लखीसराय के कार्यपालक अभियंता को प्रस्तावित योजना का विस्तृत प्राक्कलन और तकनीकी प्रतिवेदन जल्द तैयार कर सक्षम प्राधिकार को भेजने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, सिंचाई प्रमंडल सिकंदरा के कार्यपालक अभियंता को योजना के लिए जल्द एनओसी जारी करने को कहा ताकि कार्य बिना किसी देरी के शुरू हो सके। इसके अलावा, नहर की चार्ट भूमि पर वृक्षारोपण के लिए वन विभाग को भूमि हस्तांतरित करने हेतु रामगढ़, चानन, लखीसराय और सूर्यगढ़ा के अंचल अधिकारियों को खाता, खेसरा, रकबा सहित जरूरी राजस्व अभिलेख तुरंत उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। डीएम ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है।1