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पिछले 3 महीने से प्रोटेस्टर को रोक रही दिल्ली पुलिस ही आज धरने पर बैठ गई। दरअसल, वकीलों की मांग पर एक ACP और इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी इसका विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस जिन पत्रकारों को प्रोटेस्ट कवर करने से लगातार रोकती रही, उन्हीं ने आज ये प्रोटेस्ट कवर कर उनकी बात को प्रमुखता से उठाया।
Mukesh Rportar
पिछले 3 महीने से प्रोटेस्टर को रोक रही दिल्ली पुलिस ही आज धरने पर बैठ गई। दरअसल, वकीलों की मांग पर एक ACP और इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी इसका विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस जिन पत्रकारों को प्रोटेस्ट कवर करने से लगातार रोकती रही, उन्हीं ने आज ये प्रोटेस्ट कवर कर उनकी बात को प्रमुखता से उठाया।
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- पिछले 3 महीने से प्रोटेस्टर को रोक रही दिल्ली पुलिस ही आज धरने पर बैठ गई। दरअसल, वकीलों की मांग पर एक ACP और इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी इसका विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस जिन पत्रकारों को प्रोटेस्ट कवर करने से लगातार रोकती रही, उन्हीं ने आज ये प्रोटेस्ट कवर कर उनकी बात को प्रमुखता से उठाया।1
- यूपी डीजीपी का बड़ा बयान: 'पुलिस और पत्रकार एक-दूसरे के पूरक', सोशल मीडिया और नए दौर की पत्रकारिता पर संदेश लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पुलिस और मीडिया के आपसी संबंधों को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और पत्रकार एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि समाज के सजग प्रहरी और एक-दूसरे के पूरक हैं। पारदर्शी कानून व्यवस्था और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए दोनों के बीच आपसी तालमेल और संवाद बेहद जरूरी है। डिजिटल युग और सोशल मीडिया की ताकत मौजूदा दौर में सूचना के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए यह बात भी रेखांकित हो रही है कि अब पत्रकारिता केवल पारंपरिक टीवी कैमरों या अखबारों तक सीमित नहीं रह गई है। जमीनी स्तर पर सक्रिय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर तेजी से सूचनाएं आम जनता तक पहुंचा रहे हैं। वरिष्ठ और समझदार पुलिस अधिकारी इस बात को भली-भांति समझते हैं कि डिजिटल मीडिया की पहुंच आज गांव-देहात के अंतिम व्यक्ति तक है। ऐसे में सोशल मीडिया क्रिएटर्स और स्वतंत्र पत्रकारों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है। मुख्य बिंदु: आपसी समन्वय पर जोर: पुलिस विभाग और ग्राउंड मीडिया के बीच विश्वास और सम्मान का माहौल बनाना समय की मांग है। सोशल मीडिया की जमीनी ताकत: मुख्यधारा के मीडिया से पहले कई बार जमीनी हकीकत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सामने आती है, जिसे सुलझे हुए अधिकारी गंभीरता से लेते हैं। जिम्मेदारी का अहसास: जहां एक तरफ अधिकारियों को स्वतंत्र व डिजिटल मीडिया कर्मियों की भूमिका को स्वीकार करना होगा, वहीं कंटेंट क्रिएटर्स और पत्रकारों से भी निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की अपेक्षा की गई है ताकि भ्रामक जानकारियों पर लगाम लग सके। डीजीपी के इस रुख से साफ है कि प्रशासन अब नए दौर के सूचना तंत्र और डिजिटल मीडिया की मौजूदगी को नकारने के बजाय उसके साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।1
- बिजनौर में कबूतर के चक्कर में 12 साल का बच्चा टावर पर चढ़ा, मचा हड़कंप! बिजनौर में कबूतर के चक्कर में 12 साल का बच्चा टावर पर चढ़ा, मचा हड़कंप।टावर पर कर्मचारी की गैरमौजूदगी का उठाया फायदा, बड़ा हादसा टला; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल जनपद बिजनौर के थाना नजीबाबाद क्षेत्र के कस्बे में। कबूतर पकड़ने के चक्कर में 12 साल का एक बच्चा टावर पर चढ़ गया। ऊंचाई पर बच्चे को देखकर राहगीरों के होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर किसी की नजर टावर पर चढ़े बच्चे पर टिकी थी और लोगों के दिलों में एक ही सवाल था—आखिर बच्चा इतनी ऊंचाई पर पहुंचा कैसे।बताया जा रहा है कि टावर पर उस समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कर्मचारी की गैरमौजूदगी का फायदा उठाते हुए बच्चा टावर पर चढ़ गया। इस घटना ने टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते बच्चे को नहीं देखा जाता तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।मामले की सूचना मिलने पर जाब्तागंज चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। कबूतर के पीछे टावर तक पहुंचा बच्चा जाब्तागंज चौकी इंचार्ज लव गिरी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चा कबूतर पकड़ने के चक्कर में टावर पर चढ़ गया था। पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया है। बच्चा इतनी ऊंचाई तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच-पड़ताल की जा रही है। टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि टावर पर कोई कर्मचारी मौजूद क्यों नहीं था? क्या टावर की सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति तैनात नहीं था? यदि कोई बच्चा इतनी आसानी से टावर पर चढ़ सकता है तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा।बच्चे की जान जोखिम में डालने वाली इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए टावर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करना और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।गनीमत रही कि पुलिस ने समय रहते बच्चे को सुरक्षित नीचे उतार लिया, वरना कबूतर पकड़ने का यह शौक किसी बड़े हादसे में बदल सकता था। ब्यूरो रिपोर्ट प्रीतम सिंह जनपद बिजनौर4
- थाना नगीना देहात क्षेत्र में पढ़ने वाले ग्राम छोटा कानपुर का मामला प्रकाश में आया है एक नाबालिक बच्चा मोटरसाइकिल चलता हुआ नजर आया हिंदी न्यूज़ चैनल के संवादाता मोहम्मद सलीम मलिक ने बच्चों से बातचीत की तो बच्चे ने कहा यह मोटरसाइकिल मेरे पापा ने मुझे लेकर दी है माता-पिता अपने बच्चों की जिंदगी से कर रहे हैं खिलवाड़ छोटे नाबालिक बच्चे कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन देखकर अपनी आंखें मूंदे हुए हैं सालाना में मोटरसाइकिल सवार में नाबालिक बच्चों के एक्सीडेंटल केस की आंकड़े लाखों में हो जाते हैं फिर भी माता-पिता अपने बच्चों को सही सीख नहीं दे रहे हैं जिन हाथों में कलम होना चाहिए उन हाथों में मोटरसाइकिल दी जा रही है बिना हेलमेट लगाए हुए वीडियो में साफ तौर से देखा जा सकता है एक नाबालिक बच्चा मोटरसाइकिल लेकर नजीबाबाद से रायपुर की ओर आता हुआ दिखाई दे रहा है जबकि रायपुर सादात में थाना स्थित है लेकिन कोई भी कर्मचारी या पुलिसकर्मी नाबालिक बच्चों को रोकने का साहस नहीं करते मोहम्मद सलीम मलिक की खास रिपोर्ट1
- *थाना नई मण्डी पुलिस द्वारा चोरी के अभियोग का सफल अनावरण करते हुए दौराने पुलिस मुठभेड 01 शातिर चोर अभियुक्त की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नई मण्डी राजू कुमार साव की बाइट-*1
- *पुलिस व पत्रकारों के रिश्तों को लेकर DGP यूपी राजीव कृष्ण ने बयान दिया।* *पुलिस व पत्रकारों के रिश्तों को लेकर DGP यूपी राजीव कृष्ण ने बयान दिया।*1
- राष्ट्रीय ग्रहणी दिवस थे टाइम्स ऑफ़ इंडिया सुबह के शुभ विचार मोबाइल न देने के कारण बच्चा रोता रहा मोबाइल न देने के कारण घर में बच्चा पूरा दिन रोता रहा मोबाइल की ऐसी लट बच्चों ने खाना पीना भी नहीं खाया जिस कारण हो गया रोटी-रोटी पूरा हाल हरमन कर दिया मोबाइल थे टाइम्स ऑफ़ इंडिया यह है भारत में आधुनिक पत्रकारिता की मजबूत नियम रखने वाली ऐतिहासिक शुरुआत है राष्ट्रीयकरण राष्ट्रीय ग्रहणी दिवस इस दिन में आता है अपने पूरे परिवार को सुख में चलने का गृहणी का काम होता है घर में सुबह उठकर सबको खुश रखने की खुशी में लगी रहती है अपनी खुशियों को छोड़कर ग्रहणी दिवस और सुविचार देखने के लिए चैनल को लाइक कमेंट शेयर फॉलो करते रहेंगे हिंदी भारत कुलदीप कुमार बरा गांव खेड़की जिला मुजफ्फरनगर एबीसी न्यूज़ रिपोर्ट4
- बिजनौर में यातायात माह नवंबर का शुभारंभ। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया बिजनौर में यातायात माह नवंबर का शुभारंभ किया गया है।अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है।सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यातायात माह नवंबर 2026 का शुभारंभ किया गया है। पुलिस लाइन बिजनौर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन और अपर पुलिस अधीक्षक कृष्ण गोपाल सिंह नगर बिजनौर व क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में यातायात माह का शुभारंभ किया है। दरअसल आपको बता दें बिजनौर जनपद के पुलिस लाइन से यातायात माह नवंबर का शुभारंभ किया गया है।अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर पुलिस अधीक्षक नगर, बिजनौर द्वारा क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद सहित अन्य अधिकारीगण की उपस्थिति में पुलिस लाइन बिजनौर में यातायात माह नवम्बर-2026 का शुभारम्भ किया गया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने यातायात पुलिस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। इस अवसर पर उपस्थित व्यक्तियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने व नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की गई। साथ ही सभी को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। एसपी सिटी कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करें, स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। इस दौरान शिवसेना के जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे2