कानपुर देहात के राजपुर कस्बे के मोहल्ला कन्हैया नगर में मंगलवार रात करीब 10 बजे एक विद्युत ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ, जिससे उसकी केबल में आग लग गई। इस घटना के कारण कन्हैया नगर के लगभग 50 घरों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई और लोगों को उमस भरी गर्मी में पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी। तेज धमाके के बाद केबल से आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और पानी डालकर आग बुझाई गई। मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मचारियों ने जाँच में केबल जलने की बात कही और ट्रांसफार्मर से दोबारा फ्यूज जोड़कर बिजली चालू करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। लगभग 21 घंटे के लंबे इंतजार के बाद, बुधवार शाम 7 बजे के बाद नई केबल जोड़ने और ट्रांसफार्मर की खूंटी बदलने पर ही विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। राजपुर के अवर अभियंता राहुल साहू ने बताया कि गर्मी में लोड बढ़ने के कारण केबल जल गई थी, जिसे बदलकर आपूर्ति चालू कराई गई है।
कानपुर देहात के राजपुर कस्बे के मोहल्ला कन्हैया नगर में मंगलवार रात करीब 10 बजे एक विद्युत ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ, जिससे उसकी केबल में आग लग गई। इस घटना के कारण कन्हैया नगर के लगभग 50 घरों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई और लोगों को उमस भरी गर्मी में पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी। तेज धमाके के बाद केबल से आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और पानी डालकर आग बुझाई गई। मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मचारियों ने जाँच में केबल जलने की बात कही और ट्रांसफार्मर से दोबारा फ्यूज जोड़कर बिजली चालू करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। लगभग 21 घंटे के लंबे इंतजार के बाद, बुधवार शाम 7 बजे के बाद नई केबल जोड़ने और ट्रांसफार्मर की खूंटी बदलने पर ही विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। राजपुर के अवर अभियंता राहुल साहू ने बताया कि गर्मी में लोड बढ़ने के कारण केबल जल गई थी, जिसे बदलकर आपूर्ति चालू कराई गई है।
- कानपुर देहात के राजपुर कस्बे के मोहल्ला कन्हैया नगर में मंगलवार रात करीब 10 बजे एक विद्युत ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ, जिससे उसकी केबल में आग लग गई। इस घटना के कारण कन्हैया नगर के लगभग 50 घरों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई और लोगों को उमस भरी गर्मी में पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी। तेज धमाके के बाद केबल से आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और पानी डालकर आग बुझाई गई। मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मचारियों ने जाँच में केबल जलने की बात कही और ट्रांसफार्मर से दोबारा फ्यूज जोड़कर बिजली चालू करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। लगभग 21 घंटे के लंबे इंतजार के बाद, बुधवार शाम 7 बजे के बाद नई केबल जोड़ने और ट्रांसफार्मर की खूंटी बदलने पर ही विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। राजपुर के अवर अभियंता राहुल साहू ने बताया कि गर्मी में लोड बढ़ने के कारण केबल जल गई थी, जिसे बदलकर आपूर्ति चालू कराई गई है।1
- कानपुर देहात में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सम्मान और उसके आसपास फैलाई जा रही गंदगी के मुद्दे को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी का आरोप है कि अकबरपुर तहसील क्षेत्र के फतेहपुर रोशनाई गांव में पिछले लगभग 30 वर्षों से स्थापित बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के पास हाल ही में एक व्यक्ति को जमीन का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके बाद से वहां लगातार गंदगी फैलाई जा रही है। उनका कहना है कि स्थानीय लोग और उनके समर्थक समय-समय पर साफ-सफाई करते हैं, लेकिन संबंधित व्यक्ति फिर से गंदगी फैला देता है। वारसी ने बताया कि इस संबंध में तहसील और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, परंतु किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें यह धरना देना पड़ा। उन्होंने एक दिन पहले जिलाधिकारी को भी मामले से अवगत कराया था, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। धरने पर बैठे पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि यह धरना फिलहाल सांकेतिक है। यदि प्रशासन ने शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की और समस्या का समाधान नहीं किया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। पूर्व सांसद के धरने पर बैठने की खबर पूरे जिला मुख्यालय में चर्चा का विषय बनी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एडीएम प्रशासन अमित कुमार मौके पर पहुंचे और पूर्व सांसद की समस्या को जमीन पर बैठकर सुना। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।3
- कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, डी. के. शिवकुमार ने लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में समर्थकों की उपस्थिति रही, जो इस अवसर के महत्व को दर्शाती है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद, डी. के. शिवकुमार ने राज्य के समग्र विकास, सुशासन, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को अपनी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डी. के. शिवकुमार के नेतृत्व में कर्नाटक में विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। इस शपथ ग्रहण के साथ ही कर्नाटक में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत हो गई है, जिससे राज्य को नया नेतृत्व मिला है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नंदना गांव में बीती रात मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई। तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते गांव निवासी शिवप्यारी देवी का मकान अचानक ढह गया, जिससे घर के भीतर रखा कटिया मशीन, अलमारी, संदूक, बेड सहित गृहस्थी का सारा कीमती सामान मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित शिवप्यारी देवी ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा ने उन्हें पूरी तरह बेघर कर दिया है। मकान गिरने के कारण उनके सामने रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, और वह इस भीषण मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने व वहीं खाना बनाने को मजबूर हैं। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। सिकंदरा के उपजिलाधिकारी (SDM) प्रद्युम्न कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजा। उन्होंने लेखपाल को घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर नुकसान का सटीक आकलन करने का निर्देश दिया है, साथ ही आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट तैयार होते ही उसे नियमानुसार शासन को भेजा जाएगा, ताकि पीड़ित महिला को जल्द से जल्द उचित सरकारी सहायता मिल सके।1
- राजपुर कस्बे के अम्बेडकर नगर वार्ड में मंगलवार शाम नगर पंचायत द्वारा लगाए गए वाटर कूलर फ्रीजर में करंट उतर आने से दो सगी बहनें झुलस गईं। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चियों को अस्पताल पहुँचाया। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, अम्बेडकर नगर स्थित मस्जिद के पास नगर पंचायत का वाटर कूलर फ्रीजर लगा हुआ है। मंगलवार शाम रहमत की पुत्रियां मारिया (8 वर्ष) और महक (7 वर्ष) ठंडा पानी पीने वहाँ पहुँची थीं। इसी दौरान, मारिया जैसे ही वाटर कूलर के संपर्क में आईं, वह उसमें उतरे करंट की चपेट में आ गईं और चीखते हुए नीचे गिर पड़ीं। अपनी बड़ी बहन को तड़पता देख, महक ने उसे बचाने के लिए पकड़ा, जिससे वह भी करंट की चपेट में आ गई और दोनों बहनें ज़मीन पर गिर गईं। बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े और किसी तरह उन्हें करंट के प्रभाव से अलग कर सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने दोनों बच्चियों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) राजपुर में भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। इस संबंध में राजपुर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीति त्रिपाठी ने बुधवार सुबह बताया कि वाटर कूलर फ्रीजर में करंट आने के कारणों की जाँच कराई जाएगी, जिसके लिए मैकेनिक को बुलाया गया है और जाँच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मंगलवार शाम करीब 4 बजे सिकंदरा कस्बे के सूर्या ओवरब्रिज के पास नेशनल हाईवे किनारे आगमन हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उनके काफिले का पूर्व विधानसभा सपा प्रत्याशी प्रभाकर पांडे और कार्यकर्ताओं ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने को अपना मुख्य उद्देश्य बताया। उन्होंने जोर दिया कि गाय को केवल राष्ट्रीय पशु नहीं, बल्कि माता के रूप में सम्मान मिलना चाहिए। इस दौरान, उन्होंने उपस्थित लोगों से हाथ उठवाकर गौ संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि जो लोग गाय को केवल पशु मानते हैं, उसे नुकसान पहुंचाते हैं, या ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, उनका विरोध किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करें जो गौ माता को उचित सम्मान दिलाने के पक्षधर हों। शंकराचार्य ने आजादी के बाद के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सबसे पहले गाय को सम्मानजनक दर्जा देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि यदि मुख्यमंत्री गाय को माता कहें तो इसमें कोई बुराई नहीं है, और इसे पुत्र के साथ माता-पिता का नाम जुड़ने जैसा ही स्पष्ट संबंध बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जनता और मतदाता इस महत्वपूर्ण मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे। लगभग 20 मिनट के संबोधन के बाद उनका काफिला अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गया। इस दौरान थाना सिकंदरा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैदी से काम किया। कार्यक्रम में मोहन यादव, नीरज मिश्रा, विपिन मिश्रा, अनुपम यादव, अजय बाजपेई सहित कई अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।4
- दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद, औरैया जनपद में अग्निशमन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) तेजवीर सिंह और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी देवेश तिवारी के नेतृत्व में जिले के विभिन्न होटलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान होटलों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों और फायर सेफ्टी उपकरणों की क्रियाशीलता, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। अभियान के दौरान, कई होटल संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में तत्काल बचाव और राहत कार्यों की जानकारी दी, साथ ही होटल प्रबंधन को फायर सेफ्टी उपकरणों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। फायर विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत होटल संचालकों और कर्मचारियों को आग से बचाव एवं जनहानि रोकने के संबंध में जागरूक भी किया गया, जिससे जनपद में लोगों की सुरक्षा को लेकर फायर विभाग पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय नजर आया।4
- कानपुर देहात के रनियाँ थाना क्षेत्र के चिरौरा गांव में उपद्रवियों ने एक मंदिर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, शरारती तत्वों ने इस धार्मिक प्रतिमा को खंडित किया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग की। पुलिस को खबर मिलते ही वह मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है। इस घटना के बाद धर्मिक संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया है, जिससे यह क्षेत्र संवेदनशील हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) कार्यकर्ता विवेक कुमार ने भी इस संबंध में अपनी बात रखी है।3