सरदारशहर जर्जर भवन में चल रही नगर परिषद, बढ़ती आबादी के बीच जगह की कमी से जूझ रहा प्रशासनः प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी । सरदारशहर जर्जर भवन में चल रही नगर परिषद, बढ़ती आबादी के बीच जगह की कमी से जूझ रहा प्रशासनः नगरपालिका से नगर परिषद बनने के बाद बढ़ा कामकाज, लेकिन पुराने भवन में ही सीमित संसाधनों के साथ चल रहा संचालन शहर की नगरपालिका को करीब तीन वर्ष पहले नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। नगर परिषद बनने के बाद शहर का दायरा, विकास कार्यों की संख्या और प्रशासनिक जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं। इसके बावजूद परिषद का मौजूदा भवन अब भी पुराने ढांचे और सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है। भवन में जगह की कमी के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद परिसर में विभिन्न शाखाओं के अधिकारी सीमित स्थान में बैठकर अपना कार्य करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार परिषद भवन में बेसमेंट, भूमि शाखा तथा निर्माण शाखा के अधिकारी परिषद में बने एक ही बड़े हाल में बैठकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वहीं तकनीकी शाखा से जुड़े करीब छह अधिकारी भी इसी परिसर में कार्यरत हैं, जिनके लिए अलग-अलग कक्षों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कार्य व्यवस्था प्रभावित होती नजर आती है। दिन-प्रतिदिन बढ़ती जनसंख्या और नगर परिषद बनने के बाद कामकाज के विस्तार के चलते परिषद में आने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे, निर्माण स्वीकृति, नामांतरण सहित अन्य कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक परिषद पहुंचते हैं। ऐसे में एक ही स्थान पर कई शाखाओं के संचालन के कारण भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों को इधर-उधर बैठकर ही अपना काम निपटाना पड़ता है। परिषद भवन की स्थिति को लेकर यह भी चर्चा सामने आती रही है कि भवन काफी पुराना और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। सूत्रों के मुताबिक भवन को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जर्जर घोषित किए जाने की बात भी कही जाती है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद कर्मचारी और अधिकारी इसी भवन में बैठकर रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य करने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब सरदारशहर को नगर परिषद का दर्जा मिल चुका है तो उसी अनुरूप परिषद के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त और पर्याप्त स्थान वाला भवन भी होना चाहिए। इससे न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि आमजन को भी अपने कार्यों के लिए अलग-अलग शाखाओं में व्यवस्थित सुविधा मिल सकेगी। शहर के जानकारों का मानना है कि यदि परिषद के लिए नया भवन बनाया जाता है या वर्तमान भवन का विस्तार किया जाता है तो इससे प्रशासनिक कार्यों की गति बेहतर होगी और आमजन को भी राहत मिल सकेगी। फिलहाल सीमित स्थान और बढ़ते कामकाज के बीच नगर परिषद प्रशासन को व्यवस्थाओं को संतुलित करते हुए काम करना पड़ रहा है।
सरदारशहर जर्जर भवन में चल रही नगर परिषद, बढ़ती आबादी के बीच जगह की कमी से जूझ रहा प्रशासनः प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी । सरदारशहर जर्जर भवन में चल रही नगर परिषद, बढ़ती आबादी के बीच जगह की कमी से जूझ रहा प्रशासनः नगरपालिका से नगर परिषद बनने के बाद बढ़ा कामकाज, लेकिन पुराने भवन में ही सीमित संसाधनों के साथ चल रहा संचालन शहर की नगरपालिका को करीब तीन वर्ष पहले नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। नगर परिषद बनने के बाद शहर का दायरा, विकास कार्यों की संख्या और प्रशासनिक जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं। इसके बावजूद परिषद का मौजूदा भवन अब भी पुराने ढांचे और सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है। भवन में जगह की कमी के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद परिसर में विभिन्न शाखाओं के अधिकारी सीमित स्थान में बैठकर अपना कार्य करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार परिषद
भवन में बेसमेंट, भूमि शाखा तथा निर्माण शाखा के अधिकारी परिषद में बने एक ही बड़े हाल में बैठकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वहीं तकनीकी शाखा से जुड़े करीब छह अधिकारी भी इसी परिसर में कार्यरत हैं, जिनके लिए अलग-अलग कक्षों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कार्य व्यवस्था प्रभावित होती नजर आती है। दिन-प्रतिदिन बढ़ती जनसंख्या और नगर परिषद बनने के बाद कामकाज के विस्तार के चलते परिषद में आने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे, निर्माण स्वीकृति, नामांतरण सहित अन्य कार्यों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक परिषद पहुंचते हैं। ऐसे में एक ही स्थान पर कई शाखाओं के संचालन के कारण भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों को इधर-उधर बैठकर ही अपना काम निपटाना पड़ता है। परिषद भवन की स्थिति को लेकर यह भी चर्चा सामने आती रही है कि भवन काफी पुराना और जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। सूत्रों के मुताबिक भवन को
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जर्जर घोषित किए जाने की बात भी कही जाती है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इसके बावजूद कर्मचारी और अधिकारी इसी भवन में बैठकर रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य करने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब सरदारशहर को नगर परिषद का दर्जा मिल चुका है तो उसी अनुरूप परिषद के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त और पर्याप्त स्थान वाला भवन भी होना चाहिए। इससे न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि आमजन को भी अपने कार्यों के लिए अलग-अलग शाखाओं में व्यवस्थित सुविधा मिल सकेगी। शहर के जानकारों का मानना है कि यदि परिषद के लिए नया भवन बनाया जाता है या वर्तमान भवन का विस्तार किया जाता है तो इससे प्रशासनिक कार्यों की गति बेहतर होगी और आमजन को भी राहत मिल सकेगी। फिलहाल सीमित स्थान और बढ़ते कामकाज के बीच नगर परिषद प्रशासन को व्यवस्थाओं को संतुलित करते हुए काम करना पड़ रहा है।
- बीदासर क्षेत्र के गांव घंटियाल के मुक्तिधाम में अज्ञात कारणों से आग लग गई। सूचना के बाद दमकल कर्मियों ने दमकल की सहायता से आग पर काबू पाया। #fire #churu #bidasar2
- चूरू में सामूहिक रोजा इफ्तार | मदीना मुसाफिरखाना में सर्व समाज ने की अमन-चैन की दुआ Churu जिला मुख्यालय स्थित मदीना मुसाफिरखाना में आथूना मोहल्ला टीम और नौजवान कमेटी की ओर से सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रोजेदारों के साथ सर्व समाज के लोगों ने भी शिरकत की और देश-प्रदेश में अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआएं कीं। रमजान के पवित्र महीने में रोजा इफ्तार सूर्यास्त के समय रोजा खोलने की एक महत्वपूर्ण रस्म होती है। दिनभर रोजा रखने के बाद रोजेदार खजूर, पानी और विभिन्न व्यंजनों के साथ इफ्तार करते हैं। मदीना मस्जिद के इमाम मौलाना हाफिज अब्बास ने रोजा इफ्तार की दुआ पढ़ाई और रमजान के महीने में आत्म-संयम, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने सामूहिक रूप से इफ्तार किया और देश-विदेश में शांति, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। #ChuruNews, #RajasthanNews, #Ramadan, #Ramzan2026, #RozaIftar, #IftarParty, #Churu, #RamadanKareem, #CommunityEvent, #Shekhawati, #PeaceAndUnity, #LocalNews, #IndiaNews, #MuslimCommunity, #LatestNews #INTERVIEWERINDIA1
- Post by Amit Sharma1
- महिला दिवस पर पुलिस की जागरूकता पहल: महिलाओं को बताए अधिकार, साइबर अपराध से बचाव के तरीके बगड़ | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पुलिस थाना बगड़ की ओर से महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों तथा नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक झुंझुनू बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत (RPS) के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी झुंझुनू ग्रामीण हरिसिंह धायल (RPS)के निर्देशन में थाना बगड़ की थानाधिकारी अंबिका चौधरी (RPS प्रोबेशनर) ने कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम बगड़ के स्पोर्ट्स जोन अकादमी, पीरामल फाउंडेशन बगड़ और गर्ल्स पावर महिला मंडल चिड़ावा के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान पुलिस टीम ने उपस्थित महिलाओं से संवाद करते हुए उन्हें उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और नई आपराधिक धाराओं के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को राजकॉप सिटीजन एप के उपयोग के बारे में बताया और इसे डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही महिला हेल्पलाइन 1090 चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930 और आपात स्थिति में डायल 112 की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों और ऑनलाइन निवेश घोटालों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अज्ञात कॉल, लिंक या निवेश के झांसे में आने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। कार्यक्रम के अंत में पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं से सतर्क रहने, तकनीक का सुरक्षित उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने की अपील की।1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1
- दुबई में फंसे 200 भारतीयों के लिए 'मसीहा' बना राजस्थान का लाल 11 गाड़ियां भेजकर अपने फार्महाउस में दी पनाह नागौर जिले के मेड़ता सिटी के रहने वाले धीरज जैन, जो पिछले 11 वर्षों से यूएई में एक सफल रियल एस्टेट डेवलपर हैं, उन्होंने संकट में फंसे अपने देशवासियों के लिए अपने घर के दरवाजे खोल दिए हैं। धीरज ने बताया कि युद्ध की स्थिति के कारण अचानक फ्लाइट्स और होटल बुकिंग्स कैंसल होने लगीं। कई भारतीय पर्यटक सीमित बजट के साथ वहां गए थे, और अचानक आए इस संकट ने उनके सामने रहने और खाने-पीने की गंभीर समस्या खड़ी कर दी थी। सोशल मीडिया पर नंबर जारी कर कहा- 'घबराएं नहीं, मैं हूँ न' जैसे ही धीरज को पता चला कि भारतीय लोग सड़कों और एयरपोर्ट्स पर परेशान हो रहे हैं, उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया पर अपना मोबाइल नंबर जारी कर दिया। उन्होंने मैसेज दिया कि जिस भी भारतीय के पास रुकने का ठिकाना नहीं है, वह बेझिझक उनके अजमान स्थित फार्महाउस पर आ सकता है। मैसेज वायरल होते ही उनके पास फोन कॉल्स की बाढ़ आ गई। खुद भेजी 11 गाड़ियां, 200 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया धीरज जैन केवल रहने की जगह देकर ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने देखा कि कई लोगों के पास फार्महाउस तक पहुँचने के लिए साधन भी नहीं हैं। उन्होंने तुरंत अपनी 11 गाड़ियां दुबई और आसपास के शहरों में भेजीं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित अपने ठिकाने पर बुलवाया। फिलहाल उनके फार्महाउस पर करीब 200 भारतीय ठहरे हुए हैं, जिनके खाने-पीने और रहने का पूरा खर्च धीरज खुद उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे 300 लोगों तक के रहने का इंतजाम कर सकते हैं। 'देश लौट सकता था, पर अपनों को अकेला नहीं छोड़ सका' धीरज जैन का कहना है कि उनके परिवार वाले भारत में उनकी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित थे। वे चाहते तो खुद के लिए निजी व्यवस्था कर भारत लौट सकते थे, लेकिन उन्होंने सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, "इस संकट की घड़ी में अपने देशवासियों की मदद करना मेरा पहला कर्तव्य है।" दिलचस्प बात यह है कि भारतीयों के साथ-साथ अन्य देशों के नागरिक भी उनसे मदद मांग रहे हैं और धीरज यथासंभव उनकी सहायता कर रहे हैं।1
- बीदासर में होटल में फायरिंग मामले में पुलिस ने मीडिया की जानकारी दी।1
- रामकृष्ण जयदयाल डालमिया सेवा संस्थान की ओर से झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में मंगलवार को जिला स्तरीय कृषि एवं किसान मेले का आयोजन किया गया। मेले में जिलेभर से करीब 2 हजार किसान और कृषक महिलाओं ने भाग लिया तथा कृषि से जुड़ी 45 स्टॉलें लगाई गईं। मेले में वर्षाजल संरक्षण, भूजल प्रबंधन, उन्नत कृषि यंत्र, अधिक उपज देने वाले बीज, खाद, जैविक खेती, फल-फसल प्रतियोगिता और ग्रामीण खेलों का आयोजन किया गया।1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1