Shuru
Apke Nagar Ki App…
भारत तिवारी को एक देसी क्रांतिकारी के रूप में याद किया गया है। इसी के साथ यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या बिहार का सिस्टम इतनी बुरी तरह से खराब हो चुका है।
Kamal singh Verma
भारत तिवारी को एक देसी क्रांतिकारी के रूप में याद किया गया है। इसी के साथ यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या बिहार का सिस्टम इतनी बुरी तरह से खराब हो चुका है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- भारत तिवारी को एक देसी क्रांतिकारी के रूप में याद किया गया है। इसी के साथ यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या बिहार का सिस्टम इतनी बुरी तरह से खराब हो चुका है।1
- सीहोर में फादर्स डे के अवसर पर, जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा ने अपने दिवंगत पिता की स्मृति में श्यामपुर पहुँचकर पौधरोपण किया। यह उनके पिता के स्वर्गवास के बाद पहला फादर्स डे था, जिस कारण उन्होंने इस खास मौके पर पौधारोपण का निर्णय लिया। इस अवसर पर श्यामपुर के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सत्यनारायण भाटी, रामेश्वर दयाल माहेश्वरी, देवेंद्र गिरी और लक्ष्य कंप्यूटर एकेडमी श्यामपुर के संचालक विरेन्द्र विश्वकर्मा सहित मित्र मंडल के सदस्य भी मौजूद थे। पंकज शर्मा ने सभी जिलेवासियों से प्रत्येक खुशी के अवसर पर कम से कम एक पौधा लगाने की भावनात्मक अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते हर साल पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और बढ़ते प्रदूषण ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण कम बारिश की समस्या सामने आ रही है, जिससे नदी-नाले और अन्य जलस्रोत सूख रहे हैं, और भीषण जलसंकट उत्पन्न हो रहा है। इन सभी समस्याओं से निजात पाने का एकमात्र तरीका है कि हम सभी अपने जन्मदिन जैसे अवसरों पर अनिवार्य रूप से पौधारोपण करें, ताकि पर्यावरण शुद्ध रह सके और पारिस्थितिक संतुलन बना रहे। उनका मानना है कि इससे हमारी आने वाली पीढ़ियों का जीवन सुरक्षित होगा और वे स्वच्छ वातावरण में साँस ले पाएँगे। इसके साथ ही, शर्मा ने शासन और प्रशासन से विकास व औद्योगीकरण के नाम पर होने वाली पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और पेड़ काटने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की पुरज़ोर माँग की, ताकि पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा रखा जा सके।2
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना ने यह जानकारी दी है।1
- भोपाल के गांधीनगर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 58.5 लीटर देशी शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस को माइक्रो बीट जनसंवाद से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने एयरोसिटी रोड पर घेराबंदी कर आरोपी जगदीश कुमार प्रियानी उर्फ जग्गू को उसकी एक्टिवा सहित पकड़ा। पुलिस ने आरोपी के पास से 325 क्वार्टर देशी शराब और वाहन जब्त कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मात्र 30 सेकंड की देरी के कारण छात्रों का सपना टूट गया। NEET परीक्षा केंद्र के बाहर कई छात्र फूट-फूटकर रोते हुए नज़र आए, क्योंकि इस मामूली विलंब के चलते उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका और उनके परीक्षा देने की उम्मीदें धराशायी हो गईं।1
- भोपाल में स्थित ईपीएस स्कूल एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी प्रतीक्षित है।1
- सिंधी समाज मेला समिति द्वारा 'हिल फ्रॉम द रूट' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिंधी धर्मशाला, 5 नंबर शिवाजी नगर में आयोजित किया गया।4
- मध्य प्रदेश के एक शहर में आज री-नीट परीक्षा चार परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। गर्ल्स कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर कुल तीन छात्रों को परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। इनमें से दो छात्र तय समय पर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर सकीं, जबकि तीसरी छात्र पुराने परीक्षा के प्रवेश पत्र के साथ पहुंच गई थी। विदिशा के आरएमपी नगर निवासी स्नेहा दुबे और कुरवाई तहसील के कुला ग्राम निवासी रागनी विश्वकर्मा को परीक्षा में प्रवेश नहीं मिल सका। दरअसल, परीक्षा में प्रवेश की अनुमति सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक थी, लेकिन ये दोनों छात्र 1:30 बजे के 2 मिनट बाद पहुंची थीं। घटना की जानकारी मिलने पर, इस परीक्षा की नोडल अधिकारी और केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदौरिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दोनों छात्रों को अंदर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उनका बायोमेट्रिक सफल नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें परीक्षा से बाहर ही रहना पड़ा। इसी बीच, विदिशा की एक अन्य छात्र अक्षत श्रीवास्तव को भी परीक्षा से वंचित कर दिया गया। उनके द्वारा लाया गया प्रवेश पत्र मान्य नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने कुछ दिन पहले हुई परीक्षा का ही प्रवेश पत्र निकाला था, और यह री-नीट परीक्षा के लिए वैध नहीं था।1