✅ Personality Rights (पर्सनैलिटी राइट्स) क्या हैं? पूरी डिटेल Personality Rights (जिन्हें Publicity Rights भी कहा जाता है) व्यक्ति की पहचान, इमेज और कमर्शियल वैल्यू को कानूनी सुरक्षा देते हैं। सरल भाषा में समझें: आपका नाम, चेहरा, आवाज, बोलने का अंदाज, स्टाइल, मशहूर डायलॉग — ये सब आपकी बौद्धिक संपत्ति (Intellectual Property) हैं। जैसे कोई आपकी जमीन बिना इजाजत इस्तेमाल नहीं कर सकता, ठीक वैसे ही आपकी पहचान का कमर्शियल इस्तेमाल भी आपकी मंजूरी के बिना नहीं हो सकता। Personality Rights में क्या-क्या शामिल है? नाम (Name) फोटो / चेहरा (Image/Likeness) आवाज (Voice) हस्ताक्षर (Signature) मशहूर डायलॉग या कैचफ्रेज खास स्टाइल या लुक (उदाहरण: किसी अभिनेता का खास वेश या वॉक) कानूनी स्थिति (भारत में) भारत में Personality Rights को सीधा कोई अलग कानून नहीं है, लेकिन यह निम्नलिखित कानूनों के तहत सुरक्षा पाता है: आर्टिकल 21 (भारतीय संविधान) - Right to Life & Personal Liberty Copyright Act, 1957 Trade Marks Act, 1999 अपमानजनक मुकदमा (Defamation) पासिंग ऑफ (Passing Off) का सिद्धांत महत्वपूर्ण केस: Rajnikanth vs. Soul Digital Studio (2019): सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता की पहचान के दुरुपयोग पर रोक लगाई। Amitabh Bachchan और Sushant Singh Rajput केस में भी कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट्स को मान्यता दी। Daler Mehndi, Kangana Ranaut, Deepika Padukone आदि कई सेलिब्रिटीज ने अपने राइट्स की रक्षा के लिए केस लड़े हैं। सेलिब्रिटीज क्यों लड़ते हैं इसके लिए? ब्रांड एंडोर्समेंट के बिना उनका नाम/चेहरा इस्तेमाल करके प्रोडक्ट बेचना AI Deepfake वीडियो/वॉइस का दुरुपयोग बिना अनुमति मर्चेंडाइज, गेम्स, ऐड्स में इस्तेमाल मरने के बाद भी (Post-mortem Publicity Rights) — कुछ देशों और केसों में वारिसों को अधिकार मिलते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्थिति USA: बहुत मजबूत कानून (California Civil Code 3344) UK, Germany, France: अच्छी सुरक्षा भारत: अभी विकसित हो रहा है, लेकिन जजमेंट्स के जरिए मजबूत हो रहा है। आपके लिए क्या मतलब है? अगर आप कोई छोटे क्रिएटर, इन्फ्लुएंसर या सेलिब्रिटी हैं तो: अपनी ब्रांड वैल्यू प्रोटेक्ट करें कांट्रैक्ट में साफ-साफ लिखवाएं कि राइट्स किसे दिए जा रहे हैं और कितने समय के लिए अनऑथराइज्ड इस्तेमाल पर लीगल नोटिस भेज सकते हैं स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
✅ Personality Rights (पर्सनैलिटी राइट्स) क्या हैं? पूरी डिटेल Personality Rights (जिन्हें Publicity Rights भी कहा जाता है) व्यक्ति की पहचान, इमेज और कमर्शियल वैल्यू को कानूनी सुरक्षा देते हैं। सरल भाषा में समझें: आपका नाम, चेहरा, आवाज, बोलने का अंदाज, स्टाइल, मशहूर डायलॉग — ये सब आपकी बौद्धिक संपत्ति (Intellectual Property) हैं। जैसे कोई आपकी जमीन बिना इजाजत इस्तेमाल नहीं कर सकता, ठीक वैसे ही आपकी पहचान का कमर्शियल इस्तेमाल भी आपकी मंजूरी के बिना नहीं हो सकता। Personality Rights में क्या-क्या शामिल है? नाम (Name) फोटो / चेहरा (Image/Likeness) आवाज (Voice) हस्ताक्षर (Signature) मशहूर डायलॉग या कैचफ्रेज खास स्टाइल या लुक (उदाहरण: किसी अभिनेता का खास वेश या वॉक) कानूनी स्थिति (भारत में) भारत में Personality Rights को सीधा कोई अलग कानून नहीं है, लेकिन यह निम्नलिखित कानूनों के तहत सुरक्षा पाता है: आर्टिकल 21 (भारतीय संविधान) - Right to Life & Personal Liberty Copyright Act, 1957 Trade Marks Act, 1999 अपमानजनक मुकदमा (Defamation) पासिंग ऑफ (Passing Off) का सिद्धांत महत्वपूर्ण केस: Rajnikanth vs. Soul Digital Studio (2019): सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता की पहचान के दुरुपयोग पर रोक लगाई। Amitabh Bachchan और Sushant Singh Rajput केस में भी कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट्स को मान्यता दी। Daler Mehndi, Kangana Ranaut, Deepika Padukone आदि कई सेलिब्रिटीज ने अपने राइट्स की रक्षा के लिए केस लड़े हैं। सेलिब्रिटीज क्यों लड़ते हैं इसके लिए? ब्रांड एंडोर्समेंट के बिना उनका नाम/चेहरा इस्तेमाल करके प्रोडक्ट बेचना AI Deepfake वीडियो/वॉइस का दुरुपयोग बिना अनुमति मर्चेंडाइज, गेम्स, ऐड्स में इस्तेमाल मरने के बाद भी (Post-mortem Publicity Rights) — कुछ देशों और केसों में वारिसों को अधिकार मिलते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्थिति USA: बहुत मजबूत कानून (California Civil Code 3344) UK, Germany, France: अच्छी सुरक्षा भारत: अभी विकसित हो रहा है, लेकिन जजमेंट्स के जरिए मजबूत हो रहा है। आपके लिए क्या मतलब है? अगर आप कोई छोटे क्रिएटर, इन्फ्लुएंसर या सेलिब्रिटी हैं तो: अपनी ब्रांड वैल्यू प्रोटेक्ट करें कांट्रैक्ट में साफ-साफ लिखवाएं कि राइट्स किसे दिए जा रहे हैं और कितने समय के लिए अनऑथराइज्ड इस्तेमाल पर लीगल नोटिस भेज सकते हैं स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
- सुशासन तिहार पर कांग्रेस का हमला, खैरागढ़ विधायक प्रतिनिधि मनराखन बोले जनता परेशान, शिकायतें कागजों तक सीमित, 11 मई सोमवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार कांग्रेस नेता एवं खैरागढ़ विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने प्रदेश सरकार के सुशासन तिहार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों की समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं हो रहा और अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और अवैध शराब कारोबार बढ़ रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता अब आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला समाधान चाहती है प्रदेश की जनता। सुशासन तिहार पर कांग्रेस का हमला, खैरागढ़ विधायक प्रतिनिधि मनराखन बोले जनता परेशान, शिकायतें कागजों तक सीमित, 11 मई सोमवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार कांग्रेस नेता एवं खैरागढ़ विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने प्रदेश सरकार के सुशासन तिहार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों की समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं हो रहा और अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और अवैध शराब कारोबार बढ़ रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता अब आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला समाधान चाहती है प्रदेश की जनता।1
- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित युवराज पांडेय ने अपने गृह जिले गरियाबंद के देवभोग में आज से आयोजित भागवत महापुराण कथा स्थल पहुंचने से पहले ही पीएम मोदी के संदेश का अनुकरण कर देश भक्ति का परिचय दिया है। गरियाबंद छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित युवराज पांडेय ने अपने गृह जिले गरियाबंद के देवभोग में आज से आयोजित भागवत महापुराण कथा स्थल पहुंचने से पहले ही पीएम मोदी के संदेश का अनुकरण कर देश भक्ति का परिचय दिया है।कथा से पहले निकले यात्रा में इससे पहले कथावाचक के काफिले में वाहनों के लंबे काफिले में भक्तों का तांता लगता था,जिसमें युवराज पांडेय ने अपील कर कटौती कर दिया है।कथा से पहले उन्होंने बैठक कर अपने अनुयायि को दिखावे के लिए वाहनों के होने वाले उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा कर पैदल अथवा जरूर हुई तो बाइक का इस्तेमाल करने कहा था।आज इसकी साफ झलक दिखाई दिया।पांडे ने मीडिया सीधी बात कर सरकार और जनप्रतिनिधियों को भी अपने काफिले में कटौती कर देश भक्ति अथवा पीएम के अपील को शिरोधार्य कर आने वाले संकट से बचने का संदेश दिया है।3
- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी की तरह पेश किए जाने पर पत्रकार जगत में रोष है। समाज की आवाज़ उठाने वाले इस पत्रकार को अब मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना ने प्रदेश में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।1
- अंबागढ़ चौकी में एक नए डिस्काउंट स्टोर का भव्य शुभारंभ हुआ है। यहाँ घर की जरूरतों, सजावटी सामानों और बच्चों के खिलौनों सहित कई चीजें मात्र ₹24 की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध हैं। यह स्थानीय निवासियों के लिए खरीदारी का एक किफायती विकल्प है।1
- बेटे को खोने के दर्द से उबरी भुवनेश्वरी उमरे, “लखपति दीदी” ने बदल दी पूरे गाँव क बालाघाट के लांजी जनपद के छोटे से ग्राम करेजा में रहने वाली भुवनेश्वरी उमरे की कहानी केवल एक महिला की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मविश्वास और समाज परिवर्तन की ऐसी मिसाल है, जो हर ग्रामीण महिला को नई प्रेरणा देती है। सामान्य ग्रामीण परिवार से आने वाली भुवनेश्वरी उमरे की जिंदगी कभी खेती और परिवार तक ही सीमित थी। दसवीं तक शिक्षित भुवनेश्वरी अपने परिवार के साथ साधारण जीवन जी रही थीं। लेकिन अचानक आई एक ऐसी त्रासदी ने उनकी दुनिया ही बदल दी। उनके 19 वर्षीय बेटे का असमय निधन हो गया। एक माँ के लिए यह दुख असहनीय था। बेटे के जाने के बाद भुवनेश्वरी पूरी तरह टूट चुकी थीं। घर में सन्नाटा था, मन में गहरी निराशा थी और जिंदगी जैसे थम सी गई थी। परिवार और गाँव के लोग उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन एक माँ के दर्द को शब्दों में बांध पाना आसान नहीं था। लेकिन कहते हैं कि मजबूत इरादे सबसे कठिन अंधेरे को भी रोशनी में बदल देते हैं। भुवनेश्वरी ने भी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने टूटे हुए मन को फिर से संभाला और जीवन को नई दिशा देने का निर्णय लिया। इसी दौरान वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ीं। समूह गतिविधियों और आजीविका कार्यों ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत किया। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को समाज सेवा और खेती के कार्यों में पूरी तरह समर्पित कर दिया। उन्होंने EBMKN योजना और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लिया। सीखने की लगन और मेहनत ने उन्हें जल्द ही गाँव की महिलाओं के बीच एक नई पहचान दिला दी। आज भुवनेश्वरी उमरे “कृषि सखी”, “प्राकृतिक खेती मास्टर ट्रेनर” और ग्रामीण महिलाओं की प्रेरणा बन चुकी हैं। कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (CRP) के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने लगभग 250 स्व-सहायता समूहों के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे गाँव-गाँव जाकर महिलाओं को संगठित करती हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं और आजीविका से जोड़ने का कार्य करती हैं। भुवनेश्वरी दीदी नियमित रूप से “कृषि पाठशाला” और “पशुपाठशाला” का आयोजन कर किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की जानकारी देती हैं। उनके प्रयासों का असर यह हुआ कि आज उनके गाँव के अधिकांश किसान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ चुके हैं। उन्होंने स्वयं आटा चक्की संचालन का कार्य शुरू किया, जिससे परिवार की आय में वृद्धि हुई। इसके साथ ही वे उत्पादक समूह (PG) बनाकर महिलाओं और किसानों को सामूहिक व्यवसाय से जोड़ रही हैं। आज उनकी वार्षिक आय लगभग ढाई लाख रुपये तक पहुँच चुकी है। लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि केवल आर्थिक सफलता नहीं है। उनकी असली सफलता यह है कि जिस महिला ने कभी अपने बेटे को खोने के बाद जीवन से उम्मीद छोड़ दी थी, वही आज सैकड़ों महिलाओं और किसानों को जीने की नई उम्मीद दे रही है।गाँव की महिलाएँ उन्हें केवल “दीदी” नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और सफलता की प्रेरणा मानती हैं। भुवनेश्वरी उमरे कहती हैं—“मैंने जीवन में बहुत बड़ा दुख देखा है। एक समय ऐसा था जब मुझे लगता था कि अब कुछ नहीं बचा। लेकिन आजीविका मिशन, खेती और समाज के साथ काम करने से मुझे जीने की नई ताकत मिली। आज जब गाँव की महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं और किसान प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं, तब लगता है कि मेरा जीवन फिर से सफल हो गया।”आज भुवनेश्वरी उमरे आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण और प्राकृतिक खेती की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर दर्द को संकल्प में बदल दिया जाए, तो एक महिला पूरे गाँव की तस्वीर बदल सकती है। भुवनेश्वरी उमरे जैसी “लखपति दीदी” आज उस नए ग्रामीण भारत की पहचान हैं, जहाँ महिलाएँ अब केवल घर तक सीमित नहीं, बल्कि बदलाव की अगुवाई कर रही हैं।1
- कवर्धा हत्या कांड में आरोपी गिरफ्तार, रक्तरंजित कपड़े जप्त।। Kawardha Chattisgarh News कवर्धा हत्या कांड में आरोपी गिरफ्तार, रक्तरंजित कपड़े जप्त कबीरधाम पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए हत्या प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित कपड़े भी जप्त किए हैं। मृतक भैयालाल यादव उर्फ भूपेन्द्र निवासी पैठूपारा 10 मई को आरोपी अखिलेष ठाकुर उर्फ अमन ठाकुर के साथ था। देर रात ठाकुर पारा स्थित मकान में वह गंभीर हालत में मिला, जहां उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने साथ में शराब सेवन किया था। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की हुई और आरोपी ने मृतक को जमीन पर पटक दिया, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। आरोपी अखिलेष ठाकुर उर्फ अमन ठाकुर (33 वर्ष) निवासी ठाकुर पारा कवर्धा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की विवेचना जारी है।4
- पानी की किल्लत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने नेशनल हाईवे पर किया चक्का जाम पानी की किल्लत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने नेशनल हाईवे पर किया चक्का जाम गरियाबंद। जिले के ग्राम पोड में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर देखने को मिला। गांव में लंबे समय से बनी पानी की समस्या से परेशान बड़ी संख्या में महिलाएं बाल्टी और गुंडी लेकर नेशनल हाईवे 130 पर बैठ गईं और चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। भीषण गर्मी में पानी की परेशानी बढ़ने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। चक्का जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पांडुका पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर जाम समाप्त कराने की कोशिश में जुट गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।2
- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक बुजुर्ग पत्रकार को कथित तौर पर अपराधी बनाया गया है। इस घटना ने पूरे पत्रकार जगत को झकझोर दिया है और प्रदेश में प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के औंधी स्थित महतारी वंदन योजना KYC सेंटर में भारी हंगामा हुआ। प्रक्रिया के दौरान महिलाओं से कथित अभद्र व्यवहार के बाद वे आक्रोशित हो गईं और प्रदर्शन किया।1