राजधानी लखनऊ में आज दोपहर लगभग 1 से 2 बजे के बीच टेढ़ी पुलिया के पास बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक के सामने एक महिला के साथ लूट की घटना हुई। महिला अपने छोटे भाई के साथ बाइक पर सवार होकर मायके से लौट रही थी, तभी उसके भाई ने उसे वहां छोड़कर चला गया। इसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवार आए, जिन्होंने महिला को बहला-फुसलाकर उसके सारे जेवरात उतरवा लिए और फिर मौका देखकर जेवर व नगदी लेकर फरार हो गए। इस घटना पर पुलिस का रवैया चौंकाने वाला और आपत्तिजनक रहा, जिसमें कार्यवाही करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। पीड़िता की शिकायत पर चौकी प्रभारी फनीश कुमार सिंह ने उल्टे महिला से सवाल किया कि “जेवर और पैसे लेकर सड़क पर चलने की क्या जरूरत?” पीड़िता का आरोप है कि जब उसने और उसके परिजनों ने चौकी प्रभारी से कार्रवाई की मांग की, तब दरोगा जी ने उन्हें धमकाया और चौकी से भगा दिया। ऐसा प्रतीत होता है जैसे महिला के ज़ेवर और पैसे लेकर फरार होने वाले दरोगा जी के जानने वाले हों। अब पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।
राजधानी लखनऊ में आज दोपहर लगभग 1 से 2 बजे के बीच टेढ़ी पुलिया के पास बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक के सामने एक महिला के साथ लूट की घटना हुई। महिला अपने छोटे भाई के साथ बाइक पर सवार होकर मायके से लौट रही थी, तभी उसके भाई ने उसे वहां छोड़कर चला गया। इसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवार आए, जिन्होंने महिला को बहला-फुसलाकर उसके सारे जेवरात उतरवा लिए और फिर मौका देखकर जेवर व नगदी लेकर फरार हो गए। इस घटना पर पुलिस का रवैया चौंकाने वाला और आपत्तिजनक रहा, जिसमें कार्यवाही करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। पीड़िता की शिकायत पर चौकी प्रभारी फनीश कुमार सिंह ने उल्टे महिला से सवाल किया कि “जेवर और पैसे लेकर सड़क पर चलने की क्या जरूरत?” पीड़िता का आरोप है कि जब उसने और उसके परिजनों ने चौकी प्रभारी से कार्रवाई की मांग की, तब दरोगा जी ने उन्हें धमकाया और चौकी से भगा दिया। ऐसा प्रतीत होता है जैसे महिला के ज़ेवर और पैसे लेकर फरार होने वाले दरोगा जी के जानने वाले हों। अब पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।
- लखनऊ में एक पूर्व बीडीसी सदस्य ने सड़क का निर्माण न होने से नाराज़ होकर पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के चलते घटनास्थल पर करीब एक घंटे तक हंगामा जारी रहा।1
- शनिवार शाम 7:04 बजे अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र जमीन से 215 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इस भूकंप के झटके अफगानिस्तान के साथ-साथ भारत, पाकिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान सहित कुल 8 देशों में महसूस किए गए।1
- राजधानी लखनऊ में आज दोपहर लगभग 1 से 2 बजे के बीच टेढ़ी पुलिया के पास बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक के सामने एक महिला के साथ लूट की घटना हुई। महिला अपने छोटे भाई के साथ बाइक पर सवार होकर मायके से लौट रही थी, तभी उसके भाई ने उसे वहां छोड़कर चला गया। इसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवार आए, जिन्होंने महिला को बहला-फुसलाकर उसके सारे जेवरात उतरवा लिए और फिर मौका देखकर जेवर व नगदी लेकर फरार हो गए। इस घटना पर पुलिस का रवैया चौंकाने वाला और आपत्तिजनक रहा, जिसमें कार्यवाही करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। पीड़िता की शिकायत पर चौकी प्रभारी फनीश कुमार सिंह ने उल्टे महिला से सवाल किया कि “जेवर और पैसे लेकर सड़क पर चलने की क्या जरूरत?” पीड़िता का आरोप है कि जब उसने और उसके परिजनों ने चौकी प्रभारी से कार्रवाई की मांग की, तब दरोगा जी ने उन्हें धमकाया और चौकी से भगा दिया। ऐसा प्रतीत होता है जैसे महिला के ज़ेवर और पैसे लेकर फरार होने वाले दरोगा जी के जानने वाले हों। अब पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।1
- सवाल उठ रहे हैं कि जब पुलिस कानून लागू कराने आती है, तो क्या वह स्वयं ड्यूटी के दौरान सभी नियमों का पालन करती है। हाल ही में एक वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि कुछ पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट के अपनी ड्यूटी निभाते हुए देखे गए। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि नियमों का कोई उल्लंघन हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि अफवाहों और सच्चाई के बीच के अंतर को स्पष्ट किया जा सके।1
- प्रयागराज के करेली थाने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक युवक पुलिसकर्मियों से तीखी बहस करते हुए उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाता नजर आ रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वीडियो में किए गए युवक के दावों और आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह पूरा विवाद आखिर किस खास मामले को लेकर शुरू हुआ था। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच-पड़ताल के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक दुखद घटना घटी है। इस हादसे में, जुलूस के रास्ते में एक छज्जा गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई।1
- लखनऊ के पारा कोतवाली क्षेत्र में स्थित बुद्धेश्वर चौराहे पर आए दिन भीषण जाम की समस्या बनी रहती है। यह जाम मुख्य रूप से अवैध ई-रिक्शा और बस स्टैंडों के सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े होने के कारण लगता है, जिससे चौराहे के चारों ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। इस भयंकर जाम से राहगीरों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि ट्रैफिक व्यवस्था की कमान संभालने वाली डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी लगातार दिशानिर्देश जारी करती रहती हैं, इसके बावजूद क्षेत्रीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस इस गंभीर समस्या पर कोई कार्यवाही नहीं करती, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।1
- अयोध्या की पावन रामनगरी स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में प्रभु श्रीहनुमान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी बीच, एक श्रद्धालु के कंधे पर बैठे एक नन्हे बालक ने बड़े भोलेपन और सहज भाव से पास खड़े एक अन्य भक्त के खोले हुए प्रसाद में से थोड़ा-सा चख लिया। इस मनमोहक दृश्य ने वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। नन्हे बालक के प्रसाद चखते हुए इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल होते हुए आस्था का प्रतीक बताया जा रहा है।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश की कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति ने एक प्रेरणादायक गीत के माध्यम से अमर शहीद भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। गीत में शहीद भरत तिवारी को मातृभूमि का लाल और शौर्य की नई कहानी बताते हुए जन-जन की वाणी कहा गया है। उनके बलिदान को याद करते हुए कहा गया है कि उन्होंने भारत की आन और मर्यादा को सरहद पर बनाए रखा और वतन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। कवयित्री ने शहीद तिवारी के लहू बहाने को इस माटी की हरियाली सींचने जैसा बताया है, जिन्होंने हँसते-हँसते तूफानों की बेचैनी को झेला। उन्हें सिंह सरीखा शूरवीर बताया गया है, जिससे दुश्मन भी थर्राते थे, और वे भारत माँ के आँचल की सबसे बड़ी लकीर बन गए। गीत के अनुसार, शहीद भरत तिवारी का नाम इस वीर प्रसूता माटी में सदा गूँजेगा और उनकी गाथा हर आने वाली पीढ़ी में अमर रहेगी। कवयित्री ने नमन करते हुए कहा कि उनका मान कभी कम नहीं होगा और युग-युग तक उनका नाम ही सबका दम होगा।1