दौसा जिले में पंचायत समिति लवाण में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित रहने और अपने मुख्यालय से बिना सूचना के गायब रहने के चलते तीन ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों में ग्राम पंचायत जीरोता खुर्द के अंकित कुमार मीणा, ग्राम पंचायत पीपल्या चैनपुरा के प्रशांत शर्मा और ग्राम पंचायत ढिगारिया के सुभाष डाबोलिया शामिल हैं। बैठक के बाद की गई जांच में यह सामने आया कि ये तीनों अधिकारी पिछले तीन-चार दिनों से अपने-अपने मुख्यालयों से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित थे। कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत इन तीनों को निलंबित किया गया है और इनका मुख्यालय पंचायत समिति महवा निर्धारित कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत रजवास के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार मीणा को तत्काल प्रभाव से जिला परिषद मुख्यालय पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
दौसा जिले में पंचायत समिति लवाण में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित रहने और अपने मुख्यालय से बिना सूचना के गायब रहने के चलते तीन ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों में ग्राम पंचायत जीरोता खुर्द के अंकित कुमार मीणा, ग्राम पंचायत पीपल्या चैनपुरा के प्रशांत शर्मा और ग्राम पंचायत ढिगारिया के सुभाष डाबोलिया शामिल हैं। बैठक के बाद की गई जांच में यह सामने आया कि ये तीनों अधिकारी पिछले तीन-चार दिनों से अपने-अपने मुख्यालयों से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित थे। कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत इन तीनों को निलंबित किया गया है और इनका मुख्यालय पंचायत समिति महवा निर्धारित कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत रजवास के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार मीणा को तत्काल प्रभाव से जिला परिषद मुख्यालय पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
- दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 30 जून और 1 जुलाई 2026 की दरमियानी रात हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ट्रेलर चालक राजेंद्र सिंह रावत को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। जांच के आधार पर पुलिस ने इस मामले को गैर इरादतन हत्या का मानते हुए आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस दुर्घटना में एक स्लीपर बस की टक्कर ट्रेलर से हुई, जिसके बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि दो गंभीर घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कई अन्य यात्री भी घायल हुए और उनका सामान जलकर नष्ट हो गया। जिला पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित और वृत्ताधिकारी लक्ष्मीकांत शर्मा के निर्देशन में कोलवा थाना पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि ट्रेलर चालक एक्सप्रेस-वे की इमरजेंसी लेन में वाहन चला रहा था और अचानक ब्रेक लगाकर ट्रेलर को मोड़ने के कारण पीछे से आ रही बस उससे टकरा गई। फिलहाल, पुलिस इस घटना को लेकर एक्सप्रेस-वे पर सड़क निर्माण कंपनियों की भूमिका, सुरक्षा मानकों के पालन, सांकेतिक बोर्डों की मौजूदगी और अन्य संभावित लापरवाहियों की गहन जांच कर रही है।3
- जयपुर द्वितीय के बस्सी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जीआरएस एंटरप्राइजेज पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रामक लेबल वाले कैफिनेटेड बेवरेज ड्रिंक के 10,000 से अधिक कैन जब्त किए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के निर्देश पर की गई इस छापेमारी में विभिन्न ब्रांडों के कैन बरामद किए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मित्तल के अनुसार, कार्रवाई के दौरान रेड बुल के 1512 कैन, कैंपा एनर्जी के 4928 कैन और प्रीडेटर एनर्जी के 3608 कैन सीज किए गए हैं। इन ड्रिंक्स के तीन नमूने भी एकत्रित किए गए, जिन्हें जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला जयपुर भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि एफएसएसएआई के मानकों के अनुसार बेवरेजेज के लेबल पर 'स्टीमूलेट्स माइंड', 'एनरर्जाइज बॉडीज' या 'हेल्थी ड्रिंक' जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक प्रचार माना जाता है। अधिक कैफीन वाले इन एनर्जी ड्रिंक्स को बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है। इस पूरी कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद यादव, अवधेश गुप्ता और नंदकिशोर कुमावत की टीम शामिल रही।4
- शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता वकील द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार से भारी हंगामा मच गया। कार्यवाही के बीच वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के खिलाफ अपशब्द कहे और गुस्से में फाइल भी फेंक दी। हालांकि, घटना के समय सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह पूरा घटनाक्रम जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुआ। अदालत के आदेश पर सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वकील को कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। घटना के बाद कुछ देर तक अदालत में सन्नाटा छाया रहा, जिसके बाद दिल्ली पुलिस वकील को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।1
- ग्वालियर में एक अधिवक्ता को सड़क पर बिना ड्राइवर खड़ी 'डायल 112' (Dial 112) वाहन के संबंध में सवाल पूछना महंगा पड़ गया। अधिवक्ता द्वारा गाड़ी के बारे में सवाल उठाए जाने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता ने विश्वविद्यालय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि कानून की जानकारी रखने वाले अधिवक्ता स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा। पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- हिंडौन सिटी के महुआ वाले फाटक के बंद हो जाने से वर्धमान नगर के निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंडरपास का निर्माण न होने के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्धमान नगर के निवासियों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए न केवल रेलवे प्रशासन से गुहार लगाई है, बल्कि राजस्थान सरकार के समक्ष भी अपनी बात रखी है। निवासियों ने जिला कलेक्टर को भी इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए किसके पास जाएं।1
- दौसा जिले में पंचायत समिति लवाण में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित रहने और अपने मुख्यालय से बिना सूचना के गायब रहने के चलते तीन ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने इन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। समीक्षा बैठक के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों में ग्राम पंचायत जीरोता खुर्द के अंकित कुमार मीणा, ग्राम पंचायत पीपल्या चैनपुरा के प्रशांत शर्मा और ग्राम पंचायत ढिगारिया के सुभाष डाबोलिया शामिल हैं। बैठक के बाद की गई जांच में यह सामने आया कि ये तीनों अधिकारी पिछले तीन-चार दिनों से अपने-अपने मुख्यालयों से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित थे। कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के कारण राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत इन तीनों को निलंबित किया गया है और इनका मुख्यालय पंचायत समिति महवा निर्धारित कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत रजवास के ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार मीणा को तत्काल प्रभाव से जिला परिषद मुख्यालय पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- दौसा के भांडारेज मोड़ पर शुक्रवार को परिवहन विभाग, मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने स्लीपर बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान गुजरने वाली स्लीपर बसों को रोककर उनके फिटनेस, दस्तावेजों, सुरक्षा मानकों और संचालन संबंधी नियमों की गहन जांच की गई। अधिकारी जगदीश अमरावत ने बताया कि हाल ही में स्लीपर बस से जुड़े एक भीषण सड़क हादसे के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में यह सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दौसा जिले में भी सुरक्षा मानकों और परमिट की पड़ताल की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ टीम द्वारा चालान, जब्ती और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और परिवहन नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है।4
- डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच, नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में राहुल गोयल का नाम सामने आया है। उन्हें हिंदू रत्न की उपाधि से भी नवाजा गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए राहुल गोयल से 9024234521 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- जयपुर के आमेर थाना क्षेत्र में परियों के बाग के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार एक युवक की मौत हो गई है। यह घटना गुरुवार शाम की है, जब आमेर से जलमहल की ओर जा रहे तीन युवकों की स्कूटी की सामने से आ रही एक फोर्स कार से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी सवार सड़क पर दूर जा गिरे और एक युवक हवा में उछलकर दूर जा गिरा। आमेर थाना प्रभारी गौतम डोटासरा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को एसएमएस अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल पुलिस मृतक और घायलों की पहचान करने में जुटी है और शव को पहचान के लिए एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हो रहा है कि हादसा स्कूटी के रॉन्ग साइड पर जाने के कारण हुआ है, जिसमें तेज रफ्तार स्कूटी अपनी लेन छोड़कर सामने से आ रही कार से जा टकराई।1