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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मऊ जनपद के सहादतपुरा स्थित बिजली विभाग के कंपाउंड में लगी पानी की टंकी अत्यंत जर्जर हालत में पहुँच गई है। इस टंकी से लगातार सीमेंट और प्लास्टर का मलबा नीचे गिर रहा है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि इस जर्जर टंकी के ठीक बगल में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत करने या इसे हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने बताया कि पानी की यह टंकी काफी पुरानी हो चुकी है और समय-समय पर इसका प्लास्टर टूटकर नीचे गिरता रहता है। चूंकि परिसर में प्रतिदिन अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग बड़ी संख्या में आते-जाते हैं, ऐसे में दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या से भली-भांति अवगत हैं, फिर भी उन्होंने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस जर्जर पानी की टंकी की मरम्मत नहीं की गई या इसे हटाया नहीं गया, तो किसी भी क्षण एक बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें बिजली विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस खतरनाक स्थिति को लेकर कब सक्रिय होते हैं और संभावित दुर्घटना को टालने के लिए क्या उपाय करते हैं।2
- बल्लिया के उभांव थाना क्षेत्र स्थित समसुद्दीनपुर गांव में एक चोरी की वारदात के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पीड़ित परिवार द्वारा तहरीर दिए जाने के बावजूद, इस मामले में अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका है। बीते सोमवार की रात समसुद्दीनपुर निवासी धनंजय कुमार के घर चोर एक कृत्रिम सीढ़ी का इस्तेमाल कर छत के रास्ते घर में घुस गए थे। भीषण गर्मी के कारण परिवार के सदस्य घर के बाहर सो रहे थे। चोर लगभग ₹25,000 नकद और करीब ₹1.5 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए थे। रात करीब 2:30 बजे घटना की जानकारी होने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित को थाने में तहरीर देने की सलाह दी थी। चोरों ने चोरी किए गए बक्से से नकदी और आभूषण निकालने के बाद उसे पशुहारी गांव के पास एक पुलिया के नीचे फेंक दिया था, जिसे साड़ी से ढका गया था। बक्से में रखे सिंहोरा से सिंदूर निकालकर पास के खेत में बिखेर दिया गया था, जिससे ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों की तलाश में खाली बक्सा पशुहारी गांव के पास पुलिया के नीचे बरामद किया गया। घटना के तीन दिन बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस के प्रति गहरा रोष है। उनका आरोप है कि पुलिस की ढीली कार्रवाई से चोरों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। इस संबंध में, उभांव के इंस्पेक्टर दिनेश पाठक ने बताया है कि घटना की छानबीन की जा रही है।2
- आजमगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशानुसार थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण द्वारा आयोजित एक काउंसलिंग बैठक के दौरान एक बिखरे परिवार को फिर से एकजुट करने में सफलता मिली है। प्रभावी काउंसलिंग के बाद, पति-पत्नी ने अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ रहने पर सहमति जताई। अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन पंकज कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में हुई इस बैठक में कुल नौ मामलों की सुनवाई के लिए पक्षकारों को नोटिस और फोन के माध्यम से बुलाया गया था। इनमें से छह मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। लंबी काउंसलिंग और समझाइश के बाद एक मामले में पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया, जबकि एक पत्रावली अन्य कारणों से बंद कर दी गई। शेष मामलों की अगली सुनवाई के लिए नई तिथि तय की जाएगी और पक्षकारों को सूचित किया जाएगा। जिस मामले में समझौता हुआ, वह अहरौला थाना क्षेत्र के पीठापुर निवासी सहदेव निषाद और उनकी पत्नी से संबंधित था, जिनकी शिकायत पत्नी के बार-बार बिना बताए मायके चले जाने और पारिवारिक विवाद बढ़ने की थी। काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक समझाया, जिसके बाद उन्होंने आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, 'नई किरण' प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर बिखरे परिवारों को जोड़ना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते मामलों का बोझ कम करना है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार शाह और आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता काउंसलिंग टीम में शामिल रहे। इस पहल के माध्यम से एक परिवार में फिर से खुशियाँ लौट आईं, जहाँ काउंसलिंग के जरिए पति-पत्नी के बीच समझौता हो सका।1
- आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के नयापुरा मोहल्ले में एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ एक छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना 30 जून को हुई, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज पांच घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान दिलशेर अहमद के रूप में हुई है, जो करीब दो वर्ष दुबई में रहने के बाद 15 दिन पहले ही घर लौटा था। घटना के समय दिलशेर और उसकी मां के बीच घर के खर्च को लेकर बहस हो रही थी, तभी गुस्से में छोटे भाई मो. अनस उर्फ राजू ने पास रखा चाकू उठाकर दिलशेर पर कई वार कर दिए, जिससे गंभीर रूप से घायल दिलशेर की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मृतक की पत्नी सुमैया अख्तरी की तहरीर पर जहानागंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के दिशा-निर्देशों पर थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने करहा मार्ग स्थित पुनर्जी पुलिया के पास घेराबंदी कर 30 जून की रात 11:24 बजे आरोपी मो. अनस उर्फ राजू (24) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि घर के खर्च को लेकर चल रहे विवाद के कारण उसे काफी गुस्सा आ गया था, जिसके चलते उसने यह जघन्य अपराध किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा के साथ हेड कांस्टेबल दिनकर कुशवाहा, कांस्टेबल गोविन्द सिंह, अमित कुमार और महिला आरक्षी अवन्तिका तिवारी शामिल रहीं।1
- देवरिया के भटनी विकास खंड में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज सुबह 7:45 बजे प्राथमिक विद्यालय देवघाट, उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय बभनवली कला तथा प्राथमिक विद्यालय सकरापार का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 'स्कूल चलो अभियान' के तहत बच्चों की उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से किया गया था। इस दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, समय पर विद्यालय पहुंचने और शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल चलो अभियान के तहत अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय सकरापार में बच्चों से बातचीत की और उनसे प्रश्न भी पूछे। उन्होंने विलंब से आने वाले शिक्षकों को समय पर पहुंचने की हिदायत देते हुए सचेत भी किया। जिलाधिकारी ने शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, बच्चों को निपुण बनाने और जनपद को 'निपुण जनपद' के रूप में स्थापित करने में शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं होनी चाहिए और छात्रों को सभी अनुमन्य सुविधाएँ समय से मिलनी चाहिए। साथ ही, अभिभावक-शिक्षक बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं से अभिभावकों को अवगत कराने के लिए भी निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा बीच में पढ़ाई न छोड़े, इसके लिए प्रभावी प्रयास किए जाएँ। निरीक्षण में एक प्रधानाध्यापक, एक सहायक अध्यापिका और दो शिक्षामित्र अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने इन अनुपस्थित कर्मियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।1
- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश को साइबर अपराध के मामलों में "अव्वल" बताते हुए मौजूदा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए। यादव ने विशेष रूप से साइबर धोखाधड़ी और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुर विशुनपुर गांव की महिलाएं क्षेत्र में प्रस्तावित एक मदिरा दुकान का विरोध दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची थीं। महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा, जिसके चलते वे इस संबंध में प्रार्थना पत्र देने आई थीं। इसी दौरान, थाना प्रभारी कृष्ण कुमार गुप्ता का महिलाओं के साथ कथित तौर पर तीखी भाषा में बात करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में थाना प्रभारी कथित रूप से यह कहते सुनाई दे रहे हैं, "हम तुम्हारे गुलाम नहीं हैं कि चार-छह को लेकर आ गई हो... कार्रवाई कर देंगे तुरंत अभी, दिमाग सही हो जाएगा।" वीडियो सामने आने के बाद थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि जब कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर थाने पहुंचता है तो उससे संयमित और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है, और ऐसे में यह वायरल वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। सरकार लगातार महिला सम्मान, जनसुनवाई और संवेदनशील पुलिसिंग की बात करती रही है। ऐसे में यदि यह वायरल वीडियो वास्तविक है, तो यह स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठाता है कि क्या अपनी समस्या लेकर पहुंची महिलाओं के साथ इस तरह की भाषा उचित मानी जा सकती है। सूत्रों का दावा है कि थाना प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद से उनके व्यवहार को लेकर जनता, पुलिस स्टाफ और जनप्रतिनिधियों के बीच भी असंतोष की चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल, वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है। यदि वीडियो की जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में विभागीय कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है।1
- सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार बीजेपी को न तो चढ़ावा मिलेगा और न ही जनता का समर्थन प्राप्त होगा।1
- एक स्थानीय निवासी ने बताया है कि उनके घर में बिजली कनेक्शन का तार टूट जाने के कारण कल से बिजली आपूर्ति ठप है। इस समस्या को लेकर उन्होंने चार बार शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1