आजमगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशानुसार थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण द्वारा आयोजित एक काउंसलिंग बैठक के दौरान एक बिखरे परिवार को फिर से एकजुट करने में सफलता मिली है। प्रभावी काउंसलिंग के बाद, पति-पत्नी ने अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ रहने पर सहमति जताई। अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन पंकज कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में हुई इस बैठक में कुल नौ मामलों की सुनवाई के लिए पक्षकारों को नोटिस और फोन के माध्यम से बुलाया गया था। इनमें से छह मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। लंबी काउंसलिंग और समझाइश के बाद एक मामले में पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया, जबकि एक पत्रावली अन्य कारणों से बंद कर दी गई। शेष मामलों की अगली सुनवाई के लिए नई तिथि तय की जाएगी और पक्षकारों को सूचित किया जाएगा। जिस मामले में समझौता हुआ, वह अहरौला थाना क्षेत्र के पीठापुर निवासी सहदेव निषाद और उनकी पत्नी से संबंधित था, जिनकी शिकायत पत्नी के बार-बार बिना बताए मायके चले जाने और पारिवारिक विवाद बढ़ने की थी। काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक समझाया, जिसके बाद उन्होंने आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, 'नई किरण' प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर बिखरे परिवारों को जोड़ना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते मामलों का बोझ कम करना है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार शाह और आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता काउंसलिंग टीम में शामिल रहे। इस पहल के माध्यम से एक परिवार में फिर से खुशियाँ लौट आईं, जहाँ काउंसलिंग के जरिए पति-पत्नी के बीच समझौता हो सका।
आजमगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशानुसार थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण द्वारा आयोजित एक काउंसलिंग बैठक के दौरान एक बिखरे परिवार को फिर से एकजुट करने में सफलता मिली है। प्रभावी काउंसलिंग के बाद, पति-पत्नी ने अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ रहने पर सहमति जताई। अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन पंकज कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में हुई इस बैठक में कुल नौ मामलों की सुनवाई के लिए पक्षकारों को नोटिस और फोन के माध्यम से बुलाया गया था। इनमें से छह मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। लंबी काउंसलिंग और समझाइश के बाद एक मामले में पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया, जबकि एक पत्रावली अन्य कारणों से बंद कर दी गई। शेष मामलों की अगली सुनवाई के लिए नई तिथि तय की जाएगी और पक्षकारों को सूचित किया जाएगा। जिस मामले में समझौता हुआ, वह अहरौला थाना क्षेत्र के पीठापुर निवासी सहदेव निषाद और उनकी पत्नी से संबंधित था, जिनकी शिकायत पत्नी के बार-बार बिना बताए मायके चले जाने और पारिवारिक विवाद बढ़ने की थी। काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक समझाया, जिसके बाद उन्होंने आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, 'नई किरण' प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर बिखरे परिवारों को जोड़ना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते मामलों का बोझ कम करना है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार शाह और आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता काउंसलिंग टीम में शामिल रहे। इस पहल के माध्यम से एक परिवार में फिर से खुशियाँ लौट आईं, जहाँ काउंसलिंग के जरिए पति-पत्नी के बीच समझौता हो सका।
- आजमगढ़ जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 को नकलविहीन, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने गुरुवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रैदोपुर और अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज पहुंचकर डीएम और एसएसपी ने परीक्षा कक्षों, अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों, सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम तथा परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का गहनता से मूल्यांकन किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से किसी भी स्तर पर समझौता न करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, सतत निगरानी और प्रभावी प्रशासनिक प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को अपनी जिम्मेदारियों का सतर्कता से निर्वहन करने का निर्देश दिया। जनपद में यूपीटीईटी-2026 का आयोजन कुल 14 परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है, जिसमें 2 और 3 जुलाई को दोनों पालियों में तथा 4 जुलाई को प्रथम पाली में परीक्षाएँ होंगी। इस प्रकार, कुल पाँच पालियों में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक पाली में 6,432 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं और कुल 32,160 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं, जिनमें आजमगढ़ मंडल में अतिरिक्त बसों का संचालन शामिल है। साथ ही, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन से सभी 14 परीक्षा केंद्रों तक की दूरी, रूट चार्ट और निकटवर्ती धर्मशालाओं तथा मैरिज लॉन की सूची प्रमुख स्थानों पर चस्पा की गई है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रसारित की गई है। इसके अतिरिक्त, जनपद के सभी होटल और लॉज में उपलब्ध कमरों की सूची, संबंधित प्रबंधकों के नाम और मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को ठहरने में कोई असुविधा न हो। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ रखें, तथा परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करें।4
- आजमगढ़ जनपद में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण, सकुशल और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने इस परीक्षा को नकलविहीन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और पुख्ता इंतज़ाम किए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से चली। परीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में उन्होंने सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्थाओं और परीक्षार्थियों के लिए किए गए इंतजामों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेटों और पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे और पूरी प्रक्रिया शासन की निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार पूरी तरह से पारदर्शी बनी रहे। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आजमगढ़ में यूपी-टीईटी परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। उन्होंने पुष्ट किया कि केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और परीक्षा का संचालन शांतिपूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया गया है, जिसमें परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो और परीक्षा शुचिता के साथ पूरी हो, यही प्रशासन की प्राथमिकता रही। इसके अतिरिक्त, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी विशेष सतर्कता बरती, ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में कोई कठिनाई न हो। इस महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय शिक्षा परीक्षा के मद्देनजर आजमगढ़ प्रशासन द्वारा की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं की व्यापक सराहना की जा रही है।1
- अतरौलिया के सुखीपुर में एक बड़ा और दुखद हादसा सामने आया है, जहाँ घर में काम कर रही 21 साल की महिमा की सांप के काटने से मौत हो गई।1
- मऊ में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत घोसी थाना पुलिस टीम ने एक सिर कटे अज्ञात शव के मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में पवन कुमार, भारत बांसफोर, अवधेश कुमार (सभी निवासी मसीना, घोसी) और बबलू कुमार (निवासी मनिकपुर असना, घोसी) शामिल हैं। यह गिरफ्तारी मुखबिर की सूचना पर की गई। दरअसल, 30 जून 2026 को जमालपुर मिर्जापुर हाइवे पुलिया के नीचे एक सिर कटा अज्ञात शव मिला था, जिसकी पहचान सुभाष बांसफोर, निवासी सद्दोपुर, मुहम्मदाबाद गोहना के रूप में हुई थी। इसके बाद, 01 जुलाई 2026 को मृतक सुभाष के पुत्र हरिकेश बांसफोर ने अपने पिता की हत्या और शव छिपाने के आरोप में घोसी थाने में मु0अ0सं0 268/26, धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत भारत बांसफोर और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में फरार चल रहे अभियुक्तों को घोसी पुलिस टीम ने 02 जुलाई 2026 को नदवासराय अंडरपास और अन्य स्थानों से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्त भारत बांसफोर सहित अन्य अभियुक्तों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अभियुक्तों ने बताया कि सुभाष झाड़-फूंक का काम करता था और उसकी ओझाई के कारण भारत की माता और बाद में एक माह पूर्व भारत की पत्नी की मृत्यु हो गई थी। इस कारण भारत और उसके लड़के सुभाष से बहुत नाराज थे। इसी बदले की भावना से उन्होंने सुभाष की हत्या की योजना बनाई और अपने रिश्तेदार बबलू को भी इसमें शामिल कर लिया। हत्या के बाद उन्होंने सुभाष के शव को पुलिया के नीचे नाले के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया था। अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक अदद चाकू (आला-कत्ल) और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई है और सभी अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।3
- गोरखपुर जिले के एक गांव में सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। स्थानीय निवासियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकास है।1
- पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने घोसी थाना क्षेत्र में हुई एक सिर कटी लाश के मामले का बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड में मृतक ससुर सुभाष का गला उसके दामाद ने ही काटकर धड़ से अलग कर दिया था। पुलिस के अनुसार, मृतक सुभाष तांत्रिक का काम करता था और वह अपने दामाद के परिवार वालों पर तंत्र विद्या का प्रयोग करता था। अपनी दादी और माँ की पिछली मौत का बदला लेने के लिए, दामाद ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सुभाष की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी।1
- आजमगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशानुसार थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण द्वारा आयोजित एक काउंसलिंग बैठक के दौरान एक बिखरे परिवार को फिर से एकजुट करने में सफलता मिली है। प्रभावी काउंसलिंग के बाद, पति-पत्नी ने अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ रहने पर सहमति जताई। अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन पंकज कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में हुई इस बैठक में कुल नौ मामलों की सुनवाई के लिए पक्षकारों को नोटिस और फोन के माध्यम से बुलाया गया था। इनमें से छह मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। लंबी काउंसलिंग और समझाइश के बाद एक मामले में पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया, जबकि एक पत्रावली अन्य कारणों से बंद कर दी गई। शेष मामलों की अगली सुनवाई के लिए नई तिथि तय की जाएगी और पक्षकारों को सूचित किया जाएगा। जिस मामले में समझौता हुआ, वह अहरौला थाना क्षेत्र के पीठापुर निवासी सहदेव निषाद और उनकी पत्नी से संबंधित था, जिनकी शिकायत पत्नी के बार-बार बिना बताए मायके चले जाने और पारिवारिक विवाद बढ़ने की थी। काउंसलिंग टीम ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक समझाया, जिसके बाद उन्होंने आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, 'नई किरण' प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर बिखरे परिवारों को जोड़ना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा पारिवारिक न्यायालयों पर बढ़ते मामलों का बोझ कम करना है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार शाह और आरक्षी सुनील कुमार गुप्ता काउंसलिंग टीम में शामिल रहे। इस पहल के माध्यम से एक परिवार में फिर से खुशियाँ लौट आईं, जहाँ काउंसलिंग के जरिए पति-पत्नी के बीच समझौता हो सका।1
- आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र में स्थित चेवता मोड़, जो इंडियन पेट्रोल पंप के पास है, पर एक टाटा हैरियर और पिकअप वाहन के बीच सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में कुल पाँच लोग घायल हुए हैं। घायलों में से दो को एंबुलेंस की सहायता से सदर अस्पताल आजमगढ़ भेजा गया, वहीं अन्य तीन घायलों को उपचार के लिए सीएचसी रानीपुर ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही कंधरापुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। वर्तमान में, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यह जानकारी उपलब्ध स्थानीय सूचनाओं और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर जनहित में दी गई है, हालांकि आधिकारिक जांच के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है। इस संदर्भ में, लोगों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने, सीट बेल्ट लगाने और सुरक्षित ड्राइविंग करने का आग्रह किया गया है।1