आजमगढ़ जनपद में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण, सकुशल और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने इस परीक्षा को नकलविहीन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और पुख्ता इंतज़ाम किए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से चली। परीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में उन्होंने सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्थाओं और परीक्षार्थियों के लिए किए गए इंतजामों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेटों और पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे और पूरी प्रक्रिया शासन की निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार पूरी तरह से पारदर्शी बनी रहे। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आजमगढ़ में यूपी-टीईटी परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। उन्होंने पुष्ट किया कि केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और परीक्षा का संचालन शांतिपूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया गया है, जिसमें परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो और परीक्षा शुचिता के साथ पूरी हो, यही प्रशासन की प्राथमिकता रही। इसके अतिरिक्त, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी विशेष सतर्कता बरती, ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में कोई कठिनाई न हो। इस महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय शिक्षा परीक्षा के मद्देनजर आजमगढ़ प्रशासन द्वारा की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं की व्यापक सराहना की जा रही है।
आजमगढ़ जनपद में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण, सकुशल और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने इस परीक्षा को नकलविहीन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और पुख्ता इंतज़ाम किए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से चली। परीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में उन्होंने सुरक्षा मानकों, सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्थाओं और परीक्षार्थियों के लिए किए गए इंतजामों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेटों और पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे और पूरी प्रक्रिया शासन की निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार पूरी तरह से पारदर्शी बनी रहे। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आजमगढ़ में यूपी-टीईटी परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। उन्होंने पुष्ट किया कि केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और परीक्षा का संचालन शांतिपूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया गया है, जिसमें परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो और परीक्षा शुचिता के साथ पूरी हो, यही प्रशासन की प्राथमिकता रही। इसके अतिरिक्त, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी विशेष सतर्कता बरती, ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में कोई कठिनाई न हो। इस महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय शिक्षा परीक्षा के मद्देनजर आजमगढ़ प्रशासन द्वारा की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं की व्यापक सराहना की जा रही है।
- आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के नयापुरा मोहल्ले में एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ एक छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना 30 जून को हुई, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज पांच घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान दिलशेर अहमद के रूप में हुई है, जो करीब दो वर्ष दुबई में रहने के बाद 15 दिन पहले ही घर लौटा था। घटना के समय दिलशेर और उसकी मां के बीच घर के खर्च को लेकर बहस हो रही थी, तभी गुस्से में छोटे भाई मो. अनस उर्फ राजू ने पास रखा चाकू उठाकर दिलशेर पर कई वार कर दिए, जिससे गंभीर रूप से घायल दिलशेर की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मृतक की पत्नी सुमैया अख्तरी की तहरीर पर जहानागंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के दिशा-निर्देशों पर थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने करहा मार्ग स्थित पुनर्जी पुलिया के पास घेराबंदी कर 30 जून की रात 11:24 बजे आरोपी मो. अनस उर्फ राजू (24) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि घर के खर्च को लेकर चल रहे विवाद के कारण उसे काफी गुस्सा आ गया था, जिसके चलते उसने यह जघन्य अपराध किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा के साथ हेड कांस्टेबल दिनकर कुशवाहा, कांस्टेबल गोविन्द सिंह, अमित कुमार और महिला आरक्षी अवन्तिका तिवारी शामिल रहीं।1
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- मऊ जनपद के सहादतपुरा स्थित बिजली विभाग के कंपाउंड में लगी पानी की टंकी अत्यंत जर्जर हालत में पहुँच गई है। इस टंकी से लगातार सीमेंट और प्लास्टर का मलबा नीचे गिर रहा है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि इस जर्जर टंकी के ठीक बगल में बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत करने या इसे हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने बताया कि पानी की यह टंकी काफी पुरानी हो चुकी है और समय-समय पर इसका प्लास्टर टूटकर नीचे गिरता रहता है। चूंकि परिसर में प्रतिदिन अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग बड़ी संख्या में आते-जाते हैं, ऐसे में दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या से भली-भांति अवगत हैं, फिर भी उन्होंने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस जर्जर पानी की टंकी की मरम्मत नहीं की गई या इसे हटाया नहीं गया, तो किसी भी क्षण एक बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें बिजली विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस खतरनाक स्थिति को लेकर कब सक्रिय होते हैं और संभावित दुर्घटना को टालने के लिए क्या उपाय करते हैं।2
- ग्रामसभा गोसड़ी से सामने आए एक वीडियो के माध्यम से वहाँ के ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही को दर्शाया गया है। ग्राम प्रधान की इस लापरवाही के चलते मोहन जी समेत गाँव के कई लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि गोसड़ी के ग्राम प्रधान को केवल राजनीति में रुचि है और उन्हें जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते, और ऐसा प्रतीत होता है कि जनता को परेशान करना ही उनकी नियति बन चुकी है।4
- अंबेडकरनगर जनपद के आयुर्वेदिक चिकित्सालय कहरा सुलेमपुर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। एक शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित चिकित्सक ने अपनी ज्वाइनिंग के बाद से नियमित रूप से ड्यूटी नहीं की। यह शिकायत फिलहाल लंबित स्थिति में बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद जिले के एक व्यक्ति ने उन्हें ₹1000 से ₹1500 का लालच देकर शिकायत वापस लेने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने जिला आयुर्वेद अधिकारी (डीओ) पर भी पहले घूसखोरी के आरोप लगने का दावा किया है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी तक समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है, जिसे प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की सत्यता की जांच संबंधित विभाग के स्तर पर की जानी बाकी है।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुर विशुनपुर गांव की महिलाएं क्षेत्र में प्रस्तावित एक मदिरा दुकान का विरोध दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची थीं। महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा, जिसके चलते वे इस संबंध में प्रार्थना पत्र देने आई थीं। इसी दौरान, थाना प्रभारी कृष्ण कुमार गुप्ता का महिलाओं के साथ कथित तौर पर तीखी भाषा में बात करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में थाना प्रभारी कथित रूप से यह कहते सुनाई दे रहे हैं, "हम तुम्हारे गुलाम नहीं हैं कि चार-छह को लेकर आ गई हो... कार्रवाई कर देंगे तुरंत अभी, दिमाग सही हो जाएगा।" वीडियो सामने आने के बाद थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि जब कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर थाने पहुंचता है तो उससे संयमित और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है, और ऐसे में यह वायरल वीडियो कई सवाल खड़े कर रहा है। सरकार लगातार महिला सम्मान, जनसुनवाई और संवेदनशील पुलिसिंग की बात करती रही है। ऐसे में यदि यह वायरल वीडियो वास्तविक है, तो यह स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठाता है कि क्या अपनी समस्या लेकर पहुंची महिलाओं के साथ इस तरह की भाषा उचित मानी जा सकती है। सूत्रों का दावा है कि थाना प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद से उनके व्यवहार को लेकर जनता, पुलिस स्टाफ और जनप्रतिनिधियों के बीच भी असंतोष की चर्चाएं होती रही हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल, वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से नहीं की गई है। यदि वीडियो की जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में विभागीय कार्रवाई की मांग भी तेज हो सकती है।1
- अम्बेडकरनगर जनपद में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर एक आवेदन के निस्तारण में नियमों के कथित उल्लंघन पर सवाल खड़े हो गए हैं। आवेदक ने आरोप लगाया है कि एक ही वित्तीय वर्ष से संबंधित जानकारी को 'विस्तृत' बताकर उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया, जबकि यह जानकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर दी जानी चाहिए थी। आवेदक अमित मांझी ने 18 मार्च 2026 को पंचायती राज विभाग के माध्यम से अकबरपुर विकास खंड क्षेत्र की गौशालाओं से संबंधित सूचना मांगी थी। इस आवेदन में गौशालाओं की सूची, प्राप्त अनुदान, भूसा खरीद, आपूर्ति करने वाली फर्मों और वर्ष 2024-25 में एसएलडब्ल्यूएम (SLWM) मद से प्राप्त धनराशि व उसके व्यय का विस्तृत विवरण मांगा गया था। आवेदक का दावा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(3) के अनुसार, यदि आवेदन संबंधित लोक प्राधिकारी के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है, तो उसे पांच दिनों के भीतर संबंधित विभाग को स्थानांतरित किया जाना अनिवार्य है। हालांकि, उनके आरोप के मुताबिक, इस मामले में आवेदन का स्थानांतरण लगभग 10 दिनों बाद किया गया। इसके बाद, संबंधित ग्राम विकास विभाग ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराने के बजाय, लगभग 60 दिनों बाद यह कहकर सूचना देने से मना कर दिया कि मांगी गई जानकारी 'विस्तृत' है। विभाग ने अपने इस निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली, 2015 के प्रावधानों का हवाला दिया। आवेदक ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि मांगी गई सभी सूचनाएं एक ही विषय और एक ही वित्तीय वर्ष से संबंधित हैं, इसलिए इसे 'विस्तृत' बताकर अस्वीकृत करना उचित नहीं है। उन्होंने सक्षम अधिकारियों से इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने और मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि विभाग अपना पक्ष प्रस्तुत करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- अम्बेडकर नगर जिले में 2 जुलाई को दोपहर 01:45 बजे तेज बारिश दर्ज की गई। इस झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों को पानी मिलने से किसान वर्ग भी काफी प्रसन्न दिखाई दिया।1
- लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक हाई-राइज़ कॉम्प्लेक्स में पुलिस ने छापा मारा है। इस कार्रवाई में कुल 119 लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था और इसी उद्देश्य से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और घटना से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।1