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लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक हाई-राइज़ कॉम्प्लेक्स में पुलिस ने छापा मारा है। इस कार्रवाई में कुल 119 लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था और इसी उद्देश्य से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और घटना से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक हाई-राइज़ कॉम्प्लेक्स में पुलिस ने छापा मारा है। इस कार्रवाई में कुल 119 लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था और इसी उद्देश्य से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और घटना से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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- अंबेडकरनगर जनपद के आयुर्वेदिक चिकित्सालय कहरा सुलेमपुर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। एक शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित चिकित्सक ने अपनी ज्वाइनिंग के बाद से नियमित रूप से ड्यूटी नहीं की। यह शिकायत फिलहाल लंबित स्थिति में बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद जिले के एक व्यक्ति ने उन्हें ₹1000 से ₹1500 का लालच देकर शिकायत वापस लेने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने जिला आयुर्वेद अधिकारी (डीओ) पर भी पहले घूसखोरी के आरोप लगने का दावा किया है। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी तक समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है, जिसे प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की सत्यता की जांच संबंधित विभाग के स्तर पर की जानी बाकी है।1
- अम्बेडकर नगर जिले में 2 जुलाई को दोपहर 01:45 बजे तेज बारिश दर्ज की गई। इस झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों को पानी मिलने से किसान वर्ग भी काफी प्रसन्न दिखाई दिया।1
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- अंबेडकर नगर जिले के बसखारी थाना क्षेत्र अंतर्गत लहटोरवा नेशनल हाईवे पर एक चार पहिया वाहन और मोटरसाइकिल की आपस में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ये युवक अंबेडकर नगर और अयोध्या के बताए जा रहे हैं। गंभीर हालत को देखते हुए दोनों घायल युवकों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।1
- पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा चलाए जा रहे 'क्रैक साइबर क्राइम अभियान' के तहत, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में, थाना महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने त्वरित और प्रभावी प्रयास करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित को ₹15,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। घटना का विवरण देते हुए बताया गया है कि संतकबीरनगर जनपद के थाना महुली अंतर्गत ग्राम हरिहरपुर निवासी सेराज अहमद पुत्र शरीफ अहमद ने 30.06.2026 को फोन-पे के माध्यम से पैसे का ट्रांजेक्शन करते समय गलत मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया, जिससे ₹15,000 गलत खाते में चले गए। इस मामले की शिकायत पीड़ित द्वारा 02.07.2026 को साइबर थाना महुली में दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने पर थाना महुली की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों से आवश्यक कार्यवाही की। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज दिनांक 02.07.2026 को पीड़ित के खाते में ₹15,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस आ गई। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष श्री दुर्गेश पाण्डेय, साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उ0नि0 श्री अनुज कुमार यादव, का0 अंकित पटेल, का0 सोनू यादव, का0 मनोज यादव और म0का0 कमलेश कुमारी शामिल थे। जनपद पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, मैसेज अथवा ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है। साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।1
- अतरौलिया के सुखीपुर में एक बड़ा और दुखद हादसा सामने आया है, जहाँ घर में काम कर रही 21 साल की महिमा की सांप के काटने से मौत हो गई।1
- अम्बेडकरनगर जनपद में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर एक आवेदन के निस्तारण में नियमों के कथित उल्लंघन पर सवाल खड़े हो गए हैं। आवेदक ने आरोप लगाया है कि एक ही वित्तीय वर्ष से संबंधित जानकारी को 'विस्तृत' बताकर उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया, जबकि यह जानकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर दी जानी चाहिए थी। आवेदक अमित मांझी ने 18 मार्च 2026 को पंचायती राज विभाग के माध्यम से अकबरपुर विकास खंड क्षेत्र की गौशालाओं से संबंधित सूचना मांगी थी। इस आवेदन में गौशालाओं की सूची, प्राप्त अनुदान, भूसा खरीद, आपूर्ति करने वाली फर्मों और वर्ष 2024-25 में एसएलडब्ल्यूएम (SLWM) मद से प्राप्त धनराशि व उसके व्यय का विस्तृत विवरण मांगा गया था। आवेदक का दावा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(3) के अनुसार, यदि आवेदन संबंधित लोक प्राधिकारी के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है, तो उसे पांच दिनों के भीतर संबंधित विभाग को स्थानांतरित किया जाना अनिवार्य है। हालांकि, उनके आरोप के मुताबिक, इस मामले में आवेदन का स्थानांतरण लगभग 10 दिनों बाद किया गया। इसके बाद, संबंधित ग्राम विकास विभाग ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराने के बजाय, लगभग 60 दिनों बाद यह कहकर सूचना देने से मना कर दिया कि मांगी गई जानकारी 'विस्तृत' है। विभाग ने अपने इस निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली, 2015 के प्रावधानों का हवाला दिया। आवेदक ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि मांगी गई सभी सूचनाएं एक ही विषय और एक ही वित्तीय वर्ष से संबंधित हैं, इसलिए इसे 'विस्तृत' बताकर अस्वीकृत करना उचित नहीं है। उन्होंने सक्षम अधिकारियों से इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने और मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि विभाग अपना पक्ष प्रस्तुत करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक हाई-राइज़ कॉम्प्लेक्स में पुलिस ने छापा मारा है। इस कार्रवाई में कुल 119 लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों को अपना निशाना बनाकर साइबर ठगी करता था और इसी उद्देश्य से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और घटना से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।1