⏩भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का उमरिया जिले में हुआ अवलोकन उमरिया //सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य उमरिया डॉ० पूजा द्विवेदी ने बताया कि आचंलिक विज्ञान केन्द्र भोपाल, मध्यप्रदेश के ग्रामीण विद्यालयो में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम का आयोजन उमरिया जिले में किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी जनजातीय कार्य विभाग म.प्र. शासन एवं आंचलिक विज्ञान केन्द्र भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित है, जो उमरिया जिले के 30 विद्यालयों का भ्रमण करेगें। यह भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी मूल से पहिया पर एक विज्ञान प्रदर्शनी है, जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभिन्न विषयों पर आकर्षक प्रदर्शनी की एक श्रृंखला शामिल है और इसे एक बस पर लगाया गया है।इसका संपूर्ण व्यय जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा किया जा रहा है। गत माह जिले के 14 विद्यालयों में इसका भ्रमण किया जा चुका है।द्वितीय चरण में यह प्रदर्शनी बालक क्रीड़ा परिसर उमरिया (भरौला) पंहुची,जहॉं पर इसका बच्चो के अवलोकन एवं ज्ञानवर्धन हेतु शुभारंभ सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य उमरिया डॉ० पूजा द्विवेदी एवं जिला शिक्षा अधिकारी उमरिया आर.एस. मरावी द्वारा फीता काट कर किया गया। इस अवसर पर ए.डी.पी.सी. रमसा बी.एस.मरावी, संजय पाण्डेय, जगदीश मसराम,अरविंद शर्मा,नारायण गौतम एवं हाई स्कूल भरौला के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी के बारे में अतिथियों, शिक्षकों एवं बच्चों को आंचलिक विज्ञान केन्द्र रोहित दीक्षित ने जानकारी दी। यह प्रदर्शनी निर्धारित रूट चार्ट अनुसार क्रमशः कन्या शिक्षा परिसर उमरिया, कालरी स्कू्ल उमरिया, सज्जन स्कूल उमरिया, कन्या हायर सेकेण्ड्ररी, हाई स्कूल खलेसर, मॉडल स्कूक करकेली, कुमार मंगलम नौरोजाबाद, हायर सेकेण्ड्ररी स्कूल बन्नौदा, चौरी, खिचकिड़ी बिजौरी, कन्या मानपुर, कन्या शिक्षा परिसर मानपुर, उत्कृष्ट मानपुर एवं ताला का भ्रमण करेगी, जहाँ प्रत्येक विद्यालय में दो दिवस प्रवास रहेगा। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी उमरिया ने सभी प्राचार्याे को निर्देश दिए है कि नियत तिथि को संबंधित विद्यालय एवं उसके आसपास विद्यालयों के विद्यार्थी भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन कर अपना ज्ञानवर्धन करें
⏩भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का उमरिया जिले में हुआ अवलोकन उमरिया //सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य उमरिया डॉ० पूजा द्विवेदी ने बताया कि आचंलिक विज्ञान केन्द्र भोपाल, मध्यप्रदेश के ग्रामीण विद्यालयो में भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन करता आ रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम का आयोजन उमरिया जिले में किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी जनजातीय कार्य विभाग म.प्र. शासन एवं आंचलिक विज्ञान केन्द्र भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित है, जो उमरिया जिले के 30 विद्यालयों का भ्रमण करेगें। यह भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी मूल से पहिया पर एक विज्ञान प्रदर्शनी है, जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभिन्न विषयों पर आकर्षक प्रदर्शनी की एक श्रृंखला शामिल है और इसे एक बस पर लगाया गया है।इसका संपूर्ण व्यय जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा किया जा रहा है। गत माह जिले के 14 विद्यालयों में इसका भ्रमण किया जा चुका है।द्वितीय चरण में यह प्रदर्शनी बालक क्रीड़ा परिसर उमरिया (भरौला) पंहुची,जहॉं पर इसका बच्चो के अवलोकन एवं ज्ञानवर्धन हेतु शुभारंभ
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य उमरिया डॉ० पूजा द्विवेदी एवं जिला शिक्षा अधिकारी उमरिया आर.एस. मरावी द्वारा फीता काट कर किया गया। इस अवसर पर ए.डी.पी.सी. रमसा बी.एस.मरावी, संजय पाण्डेय, जगदीश मसराम,अरविंद शर्मा,नारायण गौतम एवं हाई स्कूल भरौला के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी के बारे में अतिथियों, शिक्षकों एवं बच्चों को आंचलिक विज्ञान केन्द्र रोहित दीक्षित ने जानकारी दी। यह प्रदर्शनी निर्धारित रूट चार्ट अनुसार क्रमशः कन्या शिक्षा परिसर उमरिया, कालरी स्कू्ल उमरिया, सज्जन स्कूल उमरिया, कन्या हायर सेकेण्ड्ररी, हाई स्कूल खलेसर, मॉडल स्कूक करकेली, कुमार मंगलम नौरोजाबाद, हायर सेकेण्ड्ररी स्कूल बन्नौदा, चौरी, खिचकिड़ी बिजौरी, कन्या मानपुर, कन्या शिक्षा परिसर मानपुर, उत्कृष्ट मानपुर एवं ताला का भ्रमण करेगी, जहाँ प्रत्येक विद्यालय में दो दिवस प्रवास रहेगा। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी उमरिया ने सभी प्राचार्याे को निर्देश दिए है कि नियत तिथि को संबंधित विद्यालय एवं उसके आसपास विद्यालयों के विद्यार्थी भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन कर अपना ज्ञानवर्धन करें
- जिले में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाये जाने के उपलक्ष्य में कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ उमरिया/कृषि उपसंचालक संग्राम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्ष 2026 को 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के रूप में कृषि वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को नई तकनीक, योजनाओं (जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आदि) और नवाचारों की जानकारी देने के लिए कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ किया जा रहा है। जो उमरिया जिले के अंतर्गत सभी विकासखण्डो के ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषको के बीच जागरूकता फैलाएगा और इसके लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। कृषि रथ संचालन के मुख्य उद्देश्यः किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार सृजित करना, और कृषि को टिकाऊ व तकनीकी रूप से उन्नत बनाना। गतिविधियाँ: कृषि रथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, कीट-रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता और पराली प्रबंधन जैसी जानकारी देगा। रबी सीजन के दौरान प्रत्येक विकासखंड में एक माह तक रथों का संचालन होगा और प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों में भ्रमण किया जाएगा। कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय और एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय समितियां बनाई गई हैं, और प्रत्येक रथ के साथ कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों की एक टीम होगी जो ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए जागरूकता फैलाऐंगे।1
- मझगवा कटनी में ट्रकों का जमावड़ा। कभी भी हो सकती है दुघर्टना। जिम्मेदार बेखबर। सड़क के दोनों तरफ ट्रक ही ट्रक। कई बार वहां पर दुर्घटनाए घट चुकी है।1
- चैनल आज तक24×7 कटनी से संवाददाता मुकेश कुमार यादव की कलम से लोकेशन जिला कटनी शासकीय उच्चतर मूल्य मर्यादित प्रियदर्शनी सहकारिता समिति बिजरावगढ़ केंद्र बरही प्रभारी कपिल करेला केंद्र प्रभारी(m.k) के द्वारा खुलेआम किसानों को लूट रहे हैं सरकारी मानक रिकॉर्ड में 40 किलोग्राम बोरियों में पैकिंग करने का आदेश है जिसमें प्रभारी के द्वारा 41 किलो 500 ग्राम की भर्ती कराई जा रही है जिसमें भी किसानों को 39 किलो ग्राम की ही रसीद दी जाती है जिन किसानों की स्लॉट की डेट खत्म होने को है पर उनके वजह व्यापारियों की हजारों क्विंटल धान मोटी रकम लेकर वेयरहाउस गोदाम में शिफ्ट किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर किसानों के बोलने पर उनसे अभद्रता से बात कर मारपीट किया जा रहा है जबकि देश का ही अन्नदाता है किसान देश की अर्थव्यवस्था इन्हीं किसानों से चलती है फिर भी किसानों को ही चारों तरफ से घसीटा जा रहा है और भ्रष्टाचारीयों का ही बोलबाला है फिर भी इनके खिलाफकोई भी विभागीय कार्यवाही नहीं हो रही और यह लोग करोड़ों रुपए का हेरा फेरी कर अपने निजी प्रॉपर्टी बना रहे हैं किसान यूनिटी यूनियन की भी कोई सुनने वाला नहीं आपको दिखा रहे हैं आंखों देखा हाल सभी क्षेत्र वासियों और किसानों के साथ किसानों को न्याय मिले यही है प्रशासन से सवाल ना चले भ्रष्टाचारियों का राज2
- भट्टा मोहल्ला में भूजल पर हमला! इंडियन कॉफी हाउस के पीछे खदान को मलबे से भरने का खेल, प्रशासनिक आदेशों की उड़ाई धज्जियां कटनी। भट्टा मोहल्ला स्थित इंडियन कॉफी हाउस के पीछे मौजूद पुरानी खदान को सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे से भरा जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी हैं कि खदानों को पाटना पूर्णतः प्रतिबंधित है। कारण साफ है—ये खदानें वॉटर चार्जिंग जोन के रूप में कार्य करती हैं और भूजल संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद नगर निगम क्षेत्र में खुलेआम खनन स्थल को डंपिंग यार्ड में तब्दील किया जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट को भी न्योता दे सकता है। ⚠️ भूजल संचयन खत्म करने की साजिश? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानें वर्षा जल को धरती में समाहित कर जलस्तर बनाए रखने में सहायक होती हैं। इन्हें मलबे से भरना सीधे तौर पर भूजल स्रोतों की हत्या के समान है। 🤝 नगर निगम–नेता गठजोड़ की बू? स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे को जानबूझकर खदान में डलवाया जा रहा है, जो नगर निगम के कुछ अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि प्रशासन के आदेश स्पष्ट हैं, तो फिर यह कार्य किसकी अनुमति से हो रहा है—यह बड़ा सवाल है। ❓ प्रशासन की चुप्पी क्यों? क्या पर्यावरण नियम केवल कागजों तक सीमित हैं? क्या खदान भरने के बदले किसी प्रकार का लाभ लिया जा रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? 📢 जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप, मलबा डालने पर तुरंत रोक और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका खामियाजा पूरे शहर को जल संकट के रूप में भुगतना पड़ेगा।1
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट सतना मध्य प्रदेश1
- सब से पहले मईया को नमस्कार जय माता दी Boss Narayan Tripathi1
- मेरठ के कपसाड के पीड़ित परिवार से मिले बगैर हमारे नेता बड़े चन्द्रशेखर आजाद जी जाने वाले नहीं हैं। टोल पर बैठकर न्याय की आवाज बुलंद कर रहे हैं। यूपी सरकार में डर का माहौल है। आजाद को कैसे कैद कर सकते हो । हो उड़ता हुआ बाज है।1