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उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में करीब 20 हजार रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रयागराज के धरना स्थल पर टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी एक दिवसीय धरने पर बैठे और सरकार से पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का नया विज्ञापन जारी करने की माँग उठाई। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 16 सितंबर 2025 को लागू की गई नई नियमावली की वजह से प्रदेश के 5 से 7 लाख अभ्यर्थी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इस पूरे मुद्दे पर हमारे संवाददाता कुलदीप सिंह ने धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों से खास बातचीत भी की।
Shivam Dwivedi
उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में करीब 20 हजार रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रयागराज के धरना स्थल पर टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी एक दिवसीय धरने पर बैठे और सरकार से पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का नया विज्ञापन जारी करने की माँग उठाई। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 16 सितंबर 2025 को लागू की गई नई नियमावली की वजह से प्रदेश के 5 से 7 लाख अभ्यर्थी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इस पूरे मुद्दे पर हमारे संवाददाता कुलदीप सिंह ने धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों से खास बातचीत भी की।
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- पीलीभीत में बीसलपुर-बरेली हाईवे पर भड़रिया मोड़ के पास जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क की अस्थायी मरम्मत किसान नेता एवं क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने कराई। उन्होंने मंगलवार रात संगठन के कार्यकर्ताओं और मंडरा सुमन के ग्राम प्रधान अजय सिंह गंगवार के सहयोग से ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से ईंट, रोड़ा और राबिश डलवाकर सड़क के गड्ढों को भरवाया। देव स्वरूप पटेल ने बताया कि भड़रिया मोड़ पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लगातार जलभराव हो रहा है, जिससे सड़क बार-बार टूट रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों ने उन्हें बताया कि पिछले वर्ष जल निकासी के लिए जो नाला खुदवाया गया था, उसका एक हिस्सा इस बार पाट दिया गया है। इस पर किसान नेता ने नाला पाटने को गैरकानूनी व जनहित के विरुद्ध बताते हुए जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बीसलपुर के उप जिलाधिकारी से संपर्क न होने पर जिलाधिकारी पीलीभीत तथा लोक निर्माण विभाग बरेली के मुख्य अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर पाटे गए नाले की तत्काल खुदाई और सड़क सुधार की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीसलपुर, बरेली और लखीमपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हाईवे है, जिससे रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। साथ ही सावन माह में कछला, बरेली, बाबा गुलेश्वरनाथ बीसलपुर और छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ जाने वाले हजारों कांवड़िए भी इसी मार्ग से गुजरेंगे। किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया और कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।2
- जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच अखिलेश यादव ने कड़ा जवाब दिया है। इस आंदोलन के दौरान अखिलेश यादव की ओर से यह सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) का उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन 25 और 26 जुलाई को गोहनिया स्थित स्वास्तिक गेस्ट हाउस में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में एआईकेएमएस किसानों के अधिकारों पर मंथन करने के लिए जुटेगा। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड अशोक मेहता द्वारा उद्घाटन के साथ होगी। वहीं 25 जुलाई को सुबह 11 बजे सम्मेलन का खुला सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वागत समिति के अध्यक्ष विजय चितौरी करेंगे।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित रानीगंज तिराहे पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के कार्यकर्ताओं ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना से बेहद आक्रोशित थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग उठाई।1
- भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र उपाध्याय ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी कार्यप्रणाली को तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम व्यवस्था संभालना है, लेकिन सरकार को जवाब देना चाहिए कि सफेदपोश लोग कहां से आ रहे हैं। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि मौजूदा समय में लड़कों के ऊपर ट्रकों से गिट्टी लाकर डलवाई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जवाबदेही से बचने के लिए नेता सदन और प्रधानमंत्री नीट परीक्षा तथा अन्य प्रमुख मुद्दों पर सदन छोड़कर भाग रहे हैं, जबकि इसी देश ने कभी उनके लिए थाली, घंटा और हथौड़ी बजाई थी। उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चंदा चोरी से जुड़े बयान पर सवाल उठाते हुए मांग की कि दूध का दूध और पानी का पानी अलग करके स्थिति साफ की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हनुमान गढ़ी पर जानबूझकर विवाद पैदा करने की कोशिश हो रही है, जबकि उसका निर्माण एक मुस्लिम ने कराया था और वहां इसका शिलापट भी लगा है। किसान नेता ने सरकार पर देश को बांटने और डर के माहौल में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज जनता और विपक्ष के साथ न्याय नहीं हो रहा है।1
- जंतर-मंतर से जुड़े आंदोलन का रुझान और असर अब हर जगह देखने को मिल रहा है। इस आंदोलन की गूंज और प्रभाव व्यापक रूप से हर तरफ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।1
- भागलपुर जिले के जटामा और मोहानी के बीच परिजन अपने ही तीन मासूम बच्चों को सड़क किनारे लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और मामले की सूचना पुलिस को दी। सड़क किनारे मिले इन बच्चों में से एक की उम्र करीब डेढ़ महीने, दूसरे की करीब डेढ़ साल और तीसरे बच्चे की उम्र ढाई से तीन साल के बीच बताई गई है।1