मीना अग्रवाल के अनुसार, कद्दू में भरपूर मात्रा में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और जिंक आपकी त्वचा को उम्रदराज़ होने से रोकते हैं, झाइयों और झुर्रियों को दूर रखते हैं। यह आपकी त्वचा को कोमलता से एक्सफोलिएट करता है और उसे उजला निखार भी देता है। विटामिन का एक अच्छा स्रोत होने के कारण यह कोलेजन के उत्पादन में सहायता करता है, जो त्वचा का लचीलापन और मज़बूती सुनिश्चित करने वाला प्रोटीन है। कद्दू एक प्रभावी क्लींजर भी है जो त्वचा के बंद पोरों में जमी गंदगी को साफ करता है। विभिन्न त्वचा संबंधी आवश्यकताओं के लिए कई कद्दू आधारित फेस पैक बनाए जा सकते हैं। कद्दू और अंडे का फेस पैक बनाने के लिए एक अंडा, ¼ कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच सेब का सिरका और 1 चम्मच शहद का उपयोग करें। एक अंडे को फेंटकर उसमें कद्दू का पल्प अच्छी तरह मिलाएं; अंडे का सफेद भाग ढीली त्वचा को कसता है और पीला भाग पोषण देता है। यदि आपकी त्वचा रूखी है, तो 2-3 चम्मच शहद मिलाएँ, जो मॉइस्चर देने के साथ-साथ अपने एंटी-बैक्टीरियल तत्वों से मुंहासे आने से भी रोकता है। तैलीय त्वचा के लिए 1-2 चम्मच सेब का सिरका मिलाया जा सकता है, जो त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने के साथ-साथ मुलायम भी बनाता है। इस मिश्रण को चेहरे पर 15-20 मिनट लगाकर ठंडे पानी से धो लें, जिससे रंगत में सुधार होता है। इस फेस पैक को हफ्ते में 2-3 बार इस्तेमाल करें। तैलीय त्वचा के लिए कद्दू और एप्पल साइडर वेनिगर फेस पैक भी कारगर है। इसके लिए 1 कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच एप्पल साइडर वेनिगर और 1 चम्मच शहद की आवश्यकता होती है। एक कटोरे में कद्दू के गूदे को मैश करके उसमें शहद और एप्पल साइडर वेनिगर डालकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को 20 मिनट तक लगाकर ठंडे पानी से धो लें। त्वचा को गोरा करने के लिए कद्दू, चावल के आटे और हल्दी का फेस पैक काफी अच्छा साबित होता है। इस मास्क को बनाने के लिए कद्दू की प्यूरी, चावल के पाउडर, हल्दी पाउडर और दूध को एक पात्र में मिश्रित करें। इस पेस्ट का प्रयोग उँगलियों की मदद से अपने चेहरे पर करें और 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसे हल्के हाथों से रगड़कर पानी से धो लें। उम्र के निशानों को छिपाने के लिए कद्दू, लाल मसूर की दाल के पाउडर और दही का फेस पैक काफी असरदार है। इसमें 1 कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच लाल मसूर की दाल का पाउडर और 2 चम्मच दही का प्रयोग होता है। यह बेहतरीन मास्क व्यस्क त्वचा पर उम्र के निशान नहीं आने देता और इसे जवान बनाए रखता है। यह चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने का भी काफी कारगर तरीका साबित होता है। कद्दू, लाल मसूर की दाल के पाउडर और दही का पेस्ट बनाएं और इसका प्रयोग अपने चेहरे पर करें। इसे सूखने के लिए छोड़ दें और फिर उँगलियों की गोलाकार मुद्रा की मदद से चेहरे को रगड़कर पानी से धो लें। कद्दू और बेसन का फेस पैक स्क्रब और फेस पैक दोनों रूपों में प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए 1 कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच बेसन, 1/4 कप दूध और 1 चम्मच नींबू का रस चाहिए। कद्दू की स्लाइस को पीसकर उसमें बेसन मिलाएं और दूध व नींबू के रस की कुछ बूंदें डालें। इसे 15 मिनट के लिए लगाकर ठंडे पानी में धो लें। यह फेस पैक हर त्वचा के लिए उपयुक्त है। एक्ने से मुक्ति के लिए चंदन और कद्दू का फेस पैक बनाया जा सकता है। 1 चम्मच चंदन पाउडर को 1 कप कद्दू के पल्प और थोड़ा सा शहद के साथ मिलाएं। इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें और फिर चेहरा धो लें। इससे एक्ने के दाग भी साफ हो जाएंगे। त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए कद्दू और पपीते का मास्क एक सौम्य स्क्रब का काम करता है। इसे बनाने के लिए 1/2 कप पपीते का पल्प, 1/2 कप कद्दू का पल्प और एक अंडा चाहिए। पपीते और कद्दू को मसलकर उनका गूदा बना लें, फिर इस मिश्रण में अंडा डालकर इन्हें अच्छे से पीसकर एक महीन पेस्ट बनाएं। इसका प्रयोग चेहरे और गले पर करें और इस बात का ध्यान रखें कि यह मुंह और आँखों के भाग के संपर्क में न आए। इस मास्क को 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। केले और कद्दू का फेस पैक भी त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए एक सौम्य स्क्रब का काम करता है। इसके लिए 1 कप केले और कद्दू की प्यूरी, थोड़ा सा शहद और 1 चम्मच चीनी सामग्री बताई गई है। हालाँकि, इसकी बनाने की विधि के अनुसार, पपीते और कद्दू को मसलकर उनका गूदा बना लें, फिर इस मिश्रण में अंडा डालकर इन्हें अच्छे से पीसकर एक महीन पेस्ट बनाएं। इसका प्रयोग चेहरे और गले पर करें और इस बात का ध्यान रखें कि यह मुंह और आँखों के भाग के संपर्क में न आए। इस मास्क को 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। आगरा से मीना अग्रवाल का कहना है कि "Health is wealth" (स्वास्थ्य ही धन है) और कद्दू के ये चमत्कारी गुण आपकी त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाएंगे।
मीना अग्रवाल के अनुसार, कद्दू में भरपूर मात्रा में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और जिंक आपकी त्वचा को उम्रदराज़ होने से रोकते हैं, झाइयों और झुर्रियों को दूर रखते हैं। यह आपकी त्वचा को कोमलता से एक्सफोलिएट करता है और उसे उजला निखार भी देता है। विटामिन का एक अच्छा स्रोत होने के कारण यह कोलेजन के उत्पादन में सहायता करता है, जो त्वचा का लचीलापन और मज़बूती सुनिश्चित करने वाला प्रोटीन है। कद्दू एक प्रभावी क्लींजर भी है जो त्वचा के बंद पोरों में जमी गंदगी को साफ करता है। विभिन्न त्वचा संबंधी आवश्यकताओं के लिए कई कद्दू आधारित फेस पैक बनाए जा सकते हैं। कद्दू और अंडे का फेस पैक बनाने के लिए एक अंडा, ¼ कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच सेब का सिरका और 1 चम्मच शहद का उपयोग करें। एक अंडे को फेंटकर उसमें कद्दू का पल्प अच्छी तरह मिलाएं; अंडे का सफेद भाग ढीली त्वचा को कसता है और पीला भाग पोषण देता है। यदि आपकी त्वचा रूखी है, तो 2-3 चम्मच शहद मिलाएँ, जो मॉइस्चर देने के साथ-साथ अपने एंटी-बैक्टीरियल तत्वों से मुंहासे आने से भी रोकता है। तैलीय त्वचा के लिए 1-2 चम्मच सेब का सिरका मिलाया जा सकता है, जो त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने के साथ-साथ मुलायम भी बनाता है। इस मिश्रण को चेहरे पर 15-20 मिनट लगाकर ठंडे पानी से धो लें, जिससे रंगत में सुधार होता है। इस फेस पैक को हफ्ते में 2-3 बार इस्तेमाल करें। तैलीय त्वचा के लिए कद्दू और एप्पल साइडर वेनिगर फेस पैक भी कारगर है। इसके लिए 1 कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच एप्पल साइडर वेनिगर और 1 चम्मच शहद की आवश्यकता होती है। एक कटोरे में कद्दू के गूदे को मैश करके उसमें शहद और एप्पल साइडर वेनिगर डालकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को 20 मिनट तक लगाकर ठंडे पानी से धो लें। त्वचा को गोरा करने के लिए कद्दू, चावल के आटे और हल्दी का फेस पैक काफी अच्छा साबित होता है। इस मास्क को बनाने के लिए कद्दू की प्यूरी, चावल के पाउडर, हल्दी पाउडर और दूध को एक पात्र में मिश्रित करें। इस पेस्ट का प्रयोग उँगलियों की मदद से अपने चेहरे पर करें और 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसे हल्के हाथों से रगड़कर पानी से धो लें। उम्र के निशानों को छिपाने के लिए कद्दू, लाल मसूर की दाल के पाउडर और दही का फेस पैक काफी असरदार है। इसमें 1 कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच लाल मसूर की दाल का पाउडर और 2 चम्मच दही का प्रयोग होता है। यह बेहतरीन मास्क व्यस्क त्वचा पर उम्र के निशान नहीं आने देता और इसे
जवान बनाए रखता है। यह चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने का भी काफी कारगर तरीका साबित होता है। कद्दू, लाल मसूर की दाल के पाउडर और दही का पेस्ट बनाएं और इसका प्रयोग अपने चेहरे पर करें। इसे सूखने के लिए छोड़ दें और फिर उँगलियों की गोलाकार मुद्रा की मदद से चेहरे को रगड़कर पानी से धो लें। कद्दू और बेसन का फेस पैक स्क्रब और फेस पैक दोनों रूपों में प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए 1 कप कद्दू का पल्प, 2 चम्मच बेसन, 1/4 कप दूध और 1 चम्मच नींबू का रस चाहिए। कद्दू की स्लाइस को पीसकर उसमें बेसन मिलाएं और दूध व नींबू के रस की कुछ बूंदें डालें। इसे 15 मिनट के लिए लगाकर ठंडे पानी में धो लें। यह फेस पैक हर त्वचा के लिए उपयुक्त है। एक्ने से मुक्ति के लिए चंदन और कद्दू का फेस पैक बनाया जा सकता है। 1 चम्मच चंदन पाउडर को 1 कप कद्दू के पल्प और थोड़ा सा शहद के साथ मिलाएं। इसे 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें और फिर चेहरा धो लें। इससे एक्ने के दाग भी साफ हो जाएंगे। त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए कद्दू और पपीते का मास्क एक सौम्य स्क्रब का काम करता है। इसे बनाने के लिए 1/2 कप पपीते का पल्प, 1/2 कप कद्दू का पल्प और एक अंडा चाहिए। पपीते और कद्दू को मसलकर उनका गूदा बना लें, फिर इस मिश्रण में अंडा डालकर इन्हें अच्छे से पीसकर एक महीन पेस्ट बनाएं। इसका प्रयोग चेहरे और गले पर करें और इस बात का ध्यान रखें कि यह मुंह और आँखों के भाग के संपर्क में न आए। इस मास्क को 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। केले और कद्दू का फेस पैक भी त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए एक सौम्य स्क्रब का काम करता है। इसके लिए 1 कप केले और कद्दू की प्यूरी, थोड़ा सा शहद और 1 चम्मच चीनी सामग्री बताई गई है। हालाँकि, इसकी बनाने की विधि के अनुसार, पपीते और कद्दू को मसलकर उनका गूदा बना लें, फिर इस मिश्रण में अंडा डालकर इन्हें अच्छे से पीसकर एक महीन पेस्ट बनाएं। इसका प्रयोग चेहरे और गले पर करें और इस बात का ध्यान रखें कि यह मुंह और आँखों के भाग के संपर्क में न आए। इस मास्क को 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। आगरा से मीना अग्रवाल का कहना है कि "Health is wealth" (स्वास्थ्य ही धन है) और कद्दू के ये चमत्कारी गुण आपकी त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाएंगे।
- पूर्व राज्यमंत्री राजेश अग्रवाल के घर हुई चोरी के मामले में पुलिस ने एक बड़ा 'खुलासा' किया है। पुलिस की कार्रवाई में ₹40 लाख का चोरी का माल जब्त किया गया है और इस प्रकरण में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।1
- महू तहसील के ग्राम भगोरा में इन दिनों चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरी चिंता है। हाल ही में, किसान रंजीत परिहार के खेत में बीती रात अज्ञात बदमाशों ने बोरिंग से मोटर, केबल और रस्सी निकालने की कोशिश की। बदमाश बोरिंग में लगी केबल का कुछ हिस्सा काटकर अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलने पर रंजीत परिहार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया, साथ ही पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया। पीड़ित किसान ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों ने इन बढ़ती चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और सीनियर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंदौर विधानसभा-1 के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें 'काफिर' कहते हैं, तो उन्हें सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहिए। विजयवर्गीय ने इंदौर में मंच से कहा कि जब यहां सड़क बन रही है, तो यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों भाई रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मुस्लिम भाई उन्हें 'काफिर' कहते हैं। इसी पर उन्होंने चुनौती दी कि अगर वे 'काफिर' हैं, तो उनकी बनाई सड़क पर न चलें। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर 'काफिर' होने के बावजूद लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा उनके घरों में आ रहा है, तो वे उसे भी न लें। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' ही उनकी नीति रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही जनता उन्हें वोट दे या न दे, उनका काम जनता की सेवा करना है, हालांकि वोट मिलने पर वे 'ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे'। इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष और अपने आलोचकों पर तीखा निशाना साधा। उनके इस 'काफिर' वाले बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा और बवाल हो रहा है।1
- इंदौर में NEET परीक्षा के नाम पर छात्रों के साथ ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक लॉ स्टूडेंट ChatGPT और अन्य AI टूल्स का उपयोग करके NEET परीक्षा का एक फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर रहा था। वह इस फर्जी पेपर को असली बताकर छात्रों को 100 से 200 रुपये में बेच रहा था। शिकायत मिलने के बाद इंदौर पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है।1
- इंदौर में कनाडिया पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई युवक का चाकू से केक काटते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई है। पुलिस ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए युवक पर एक्शन लिया।1
- रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला योजना समिति के सदस्य महेंद्र शुक्ला को सर्पदंश का शिकार होने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के बावजूद घंटों तक बेड नहीं मिल सका, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना तब हुई जब पीड़ित दोपहर लगभग 2:30 बजे अपने प्रतिष्ठान “हिनौता नाथ कृषि एवं हार्डवेयर सेवा केंद्र” में थे और दुकान खोलने के दौरान अचानक एक चूहा और उसके पीछे आए सांप ने उनके दाहिने पैर में काट लिया, जिससे खून बहने लगा। घटना के बाद पीड़ित को तत्काल चुरहट ले जाया गया, जहाँ डॉ. गौरव पांडे ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित शाम करीब 4:30 बजे रीवा अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी में भर्ती हुए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें आईसीयू भेजा गया, लेकिन बेड उपलब्ध न होने के कारण रात 9 बजे तक, यानी लगभग पाँच घंटे तक, उन्हें स्ट्रेचर पर ही लेटे रहना पड़ा। पीड़ित ने बताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें समय पर बेड नहीं मिल सका। स्थिति बिगड़ने पर पीड़ित ने भाजपा संगठन से जुड़े विजय दुबे से भी संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन तत्काल कोई राहत नहीं मिल पाई। अंततः रात करीब 10 बजे उन्हें जनरल वार्ड में बेड उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो सका। पीड़ित ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें समय पर बेड न मिलना, शौचालयों की खराब स्थिति, बेड पर चादर की कमी और मरीजों के प्रति प्रशासन की लापरवाही शामिल है। पीड़ित ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से अपील करते हुए रीवा जैसे प्रमुख मेडिकल केंद्र की व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके। गौरतलब है कि रीवा का संजय गांधी अस्पताल विंध्य क्षेत्र (रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली आदि) के लाखों लोगों के लिए एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, और ऐसे में यहाँ की व्यवस्थाओं में सुधार अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।1