मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक घरेलू विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम उस समय खुद ही मुश्किल में घिर गई, जब पति-पत्नी के बीच का झगड़ा शांत कराने के बजाय मामला पुलिस और परिवार के बीच ही उलझ गया। इससे मौके पर हंगामा खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण बन गया। पुलिस को पति-पत्नी के बीच विवाद की शिकायत मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करने लगी। हालांकि, बातचीत के दौरान हालात बिगड़ गए और कहासुनी बढ़ते-बढ़ते विवाद का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस झगड़े को खत्म करने पुलिस पहुंची थी, वही झगड़ा इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों को भी लोगों के गुस्से और बहस का सामना करना पड़ा। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि घरेलू विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस और प्रशासन को किस तरह की रणनीति अपनानी चाहिए। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक घरेलू विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम उस समय खुद ही मुश्किल में घिर गई, जब पति-पत्नी के बीच का झगड़ा शांत कराने के बजाय मामला पुलिस और परिवार के बीच ही उलझ गया। इससे मौके पर हंगामा खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण बन गया। पुलिस को पति-पत्नी के बीच विवाद की शिकायत मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करने लगी। हालांकि, बातचीत के दौरान हालात बिगड़ गए और कहासुनी बढ़ते-बढ़ते विवाद का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस झगड़े को खत्म करने पुलिस पहुंची थी, वही झगड़ा इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों को भी लोगों के गुस्से और बहस का सामना करना पड़ा। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि घरेलू विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस और प्रशासन को किस तरह की रणनीति अपनानी चाहिए। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
- यह निवेदन किया गया है कि इलाके में सड़क, गली और नाली का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट रूप से बताया है कि गली और नाली अब तक नहीं बनी हैं।4
- गुरुआ ज्वैलर्स लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लूटे गए जेवरात के साथ-साथ दो तमंचे और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।1
- गया जिले के कोंच प्रखंड मुख्यालय स्थित गांधी इंटर उच्च विद्यालय खेल मैदान में बुधवार को प्रशासन इलेवन और पब्लिक इलेवन के बीच सद्भावना क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। खेल और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस मुकाबले में प्रशासन की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पब्लिक टीम को एकतरफा अंदाज में हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मैच का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए प्रशासन की टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 140 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पब्लिक इलेवन प्रशासन के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और मात्र 8 ओवर में 50 रन बनाकर ऑलआउट हो गई, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन की टीम ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। प्रशासनिक टीम की कप्तानी अनुमंडल पदाधिकारी प्रवीण कुंदन ने की, जबकि पब्लिक टीम का नेतृत्व डॉ. बी.डी. शर्मा ने किया। इस मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए गुरारू बीडीओ संभव सिंह को "मैन ऑफ द मैच" पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मैच के दौरान कोंच थानाध्यक्ष सुदेह कुमार के पुत्र सुधांशु शर्मा ने भी अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया और दर्शकों की वाहवाही लूटी। उन्होंने अपने पिता की गेंदबाजी पर आकर्षक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस अवसर पर डीएसपी सुशांत कुमार चंचल, डीसीएलआर अमित कुमार, बीडीओ विपुल भारद्वाज, टिकारी बीडीओ योगेंद्र पासवान, सीओ मयंक शेखर, कोंच सीओ मुकेश कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंदन कुमार, कोंच थानाध्यक्ष सुदेह कुमार, कुंदन कुमार, मुखिया उमेश सिंह, गिरजेश शर्मा, अबरार आलम, डॉ. सुमन शेखर, छोटू कुमार, श्रीनिवास कुमार, धनंजय कुमार, नवीन कुमार, पैक्स अध्यक्ष रोहित शर्मा, समाजसेवी अंकित शर्मा, नाजीर जयंत कुमार सहित कई प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे। इस सद्भावना मैच के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय, आपसी सहयोग और सौहार्द का संदेश दिया गया।1
- आज औरंगाबाद के हसपुरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में दूसरे दिन भी सहयोग सह जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सैकड़ों लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए।1
- बिहार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने एक SHO पर पिस्तौल तान दी, जिसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा। यह घटना सिर्फ एक अधिकारी को चुनौती देने का मामला नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है। इस घटना ने कानून के रखवालों की खुलेआम चुनौती को उजागर किया है, जिससे आम जनता की सुरक्षा के दावों की मज़बूती पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। बिहार की जनता जानना चाहती है कि आखिर अपराधियों में कानून का डर कब पैदा होगा।1
- Post by भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक घरेलू विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम उस समय खुद ही मुश्किल में घिर गई, जब पति-पत्नी के बीच का झगड़ा शांत कराने के बजाय मामला पुलिस और परिवार के बीच ही उलझ गया। इससे मौके पर हंगामा खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण बन गया। पुलिस को पति-पत्नी के बीच विवाद की शिकायत मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करने लगी। हालांकि, बातचीत के दौरान हालात बिगड़ गए और कहासुनी बढ़ते-बढ़ते विवाद का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस झगड़े को खत्म करने पुलिस पहुंची थी, वही झगड़ा इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों को भी लोगों के गुस्से और बहस का सामना करना पड़ा। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि घरेलू विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस और प्रशासन को किस तरह की रणनीति अपनानी चाहिए। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।1