जालौन DM ने तहसील कोंच का निरीक्षण कर, लंबित वादों व राजस्व वसूली पर दिया जोर!!.. जालौन में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त और जनहितैषी बनाने की कवायद के तहत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को तहसील कौंच एवं नगर पालिका परिषद उरई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण, राजस्व वसूली में तेजी लाने और नगर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी सबसे पहले तहसील कौंच पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न पटलों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने पत्रावलियों के रख-रखाव, अभिलेखों की स्थिति और रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था को परखा। सर्विस बुक और जीपीएफ पासबुक के अवलोकन के दौरान कुछ विसंगतियां पाए जाने पर उन्होंने नायब तहसीलदार को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जनसुनवाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया। इसी कड़ी में उन्होंने शिकायत पंजिका में दर्ज चार शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर संपर्क कर उनकी समस्या के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी, जिसमें सभी ने संतुष्टि जताई। तहसील न्यायालय में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तीन वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरसीसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने और रियल टाइम खतौनी पोर्टल पर अभिलेखों को अद्यतन रखने पर जोर दिया। राजस्व वसूली को लेकर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने 10 सबसे बड़े बकायेदारों की सूची तलब करते हुए उनकी संपत्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकता है और इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खतौनी कक्ष, लिपिक कार्यालय और संग्रह अमीन कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड सुव्यवस्थित रखने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही। तहसील का निरीक्षण समाप्त करने के बाद जिलाधिकारी नगर पालिका परिषद उरई पहुंचे। यहां उन्होंने नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी वार्डों के सभासदों के साथ संवाद किया। सभासदों ने खराब सड़कों, स्ट्रीट लाइट की कमी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से डीएम को अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित के कार्यों में लापरवाही न बरती जाए और अंधेरे वाले क्षेत्रों में शीघ्र स्ट्रीट लाइटें ठीक कराई जाएं। डीएम ने नगर विकास कार्यों को गति देने के लिए पालिका की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने गृहकर, दुकानाता, लाइसेंस फीस, ई-रिक्शा/ऑटो लाइसेंस शुल्क, विज्ञापन शुल्क और पार्किंग शुल्क की दरों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पालिका के संसाधन बढ़ेंगे और नागरिकों को बेहतर सड़क एवं प्रकाश जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, उप जिलाधिकारी बिरेन्द्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित विभिन्न वार्डों के सभासद और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जालौन DM ने तहसील कोंच का निरीक्षण कर, लंबित वादों व राजस्व वसूली पर दिया जोर!!.. जालौन में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त और जनहितैषी बनाने की कवायद के तहत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को तहसील कौंच एवं नगर पालिका परिषद उरई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण, राजस्व वसूली में तेजी लाने और नगर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी सबसे पहले तहसील कौंच पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न पटलों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने पत्रावलियों के रख-रखाव, अभिलेखों की स्थिति और रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था को परखा। सर्विस बुक और जीपीएफ पासबुक के अवलोकन के दौरान कुछ विसंगतियां पाए जाने पर उन्होंने नायब तहसीलदार को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जनसुनवाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया। इसी कड़ी में उन्होंने शिकायत पंजिका में दर्ज चार शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर संपर्क कर उनकी समस्या के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी, जिसमें सभी ने संतुष्टि जताई। तहसील न्यायालय में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तीन वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरसीसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने और रियल टाइम खतौनी पोर्टल पर अभिलेखों को अद्यतन रखने पर जोर दिया। राजस्व वसूली को लेकर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने 10 सबसे बड़े बकायेदारों की सूची तलब करते हुए उनकी संपत्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकता है और इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खतौनी कक्ष, लिपिक कार्यालय और संग्रह अमीन कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड सुव्यवस्थित रखने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही। तहसील का निरीक्षण समाप्त करने के बाद जिलाधिकारी नगर पालिका परिषद उरई पहुंचे। यहां उन्होंने नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी वार्डों के सभासदों के साथ संवाद किया। सभासदों ने खराब सड़कों, स्ट्रीट लाइट की कमी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से डीएम को अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित के कार्यों में लापरवाही न बरती जाए और अंधेरे वाले क्षेत्रों में शीघ्र स्ट्रीट लाइटें ठीक कराई जाएं। डीएम ने नगर विकास कार्यों को गति देने के लिए पालिका की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने गृहकर, दुकानाता, लाइसेंस फीस, ई-रिक्शा/ऑटो लाइसेंस शुल्क, विज्ञापन शुल्क और पार्किंग शुल्क की दरों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पालिका के संसाधन बढ़ेंगे और नागरिकों को बेहतर सड़क एवं प्रकाश जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, उप जिलाधिकारी बिरेन्द्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित विभिन्न वार्डों के सभासद और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- रॉन्ग साइड आ रहे डंपर की हुई दूसरे डंपर से भिड़ंत कालपी (जालौन) झांसी कानपुर नेशनल हाईवे 27 में स्थित गल्ला मंडी के पास दूसरी साइड से आ रहे डंपर की बैलेंस से दोनों डंपर में नुकसान हुआ है। भिड़ंत की सूचना पाकर मौके पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी की गाड़ी आई। दूसरी तरफ से आ रहे डंपर से हुई भिड़ंत के बाद मौके पर पहुंचे सिपाही अभिषेक कुमार ने मौके का जायजा लिया।1
- Sarkar , tak ye meri news , hai ki ye lite chalu kiye , jaye1
- जालौन में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त और जनहितैषी बनाने की कवायद के तहत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को तहसील कौंच एवं नगर पालिका परिषद उरई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण, राजस्व वसूली में तेजी लाने और नगर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी सबसे पहले तहसील कौंच पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न पटलों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने पत्रावलियों के रख-रखाव, अभिलेखों की स्थिति और रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था को परखा। सर्विस बुक और जीपीएफ पासबुक के अवलोकन के दौरान कुछ विसंगतियां पाए जाने पर उन्होंने नायब तहसीलदार को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने जनसुनवाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया। इसी कड़ी में उन्होंने शिकायत पंजिका में दर्ज चार शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर संपर्क कर उनकी समस्या के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी, जिसमें सभी ने संतुष्टि जताई। तहसील न्यायालय में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तीन वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरसीसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने और रियल टाइम खतौनी पोर्टल पर अभिलेखों को अद्यतन रखने पर जोर दिया। राजस्व वसूली को लेकर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने 10 सबसे बड़े बकायेदारों की सूची तलब करते हुए उनकी संपत्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकता है और इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खतौनी कक्ष, लिपिक कार्यालय और संग्रह अमीन कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड सुव्यवस्थित रखने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही। तहसील का निरीक्षण समाप्त करने के बाद जिलाधिकारी नगर पालिका परिषद उरई पहुंचे। यहां उन्होंने नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी वार्डों के सभासदों के साथ संवाद किया। सभासदों ने खराब सड़कों, स्ट्रीट लाइट की कमी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से डीएम को अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित के कार्यों में लापरवाही न बरती जाए और अंधेरे वाले क्षेत्रों में शीघ्र स्ट्रीट लाइटें ठीक कराई जाएं। डीएम ने नगर विकास कार्यों को गति देने के लिए पालिका की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने गृहकर, दुकानाता, लाइसेंस फीस, ई-रिक्शा/ऑटो लाइसेंस शुल्क, विज्ञापन शुल्क और पार्किंग शुल्क की दरों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पालिका के संसाधन बढ़ेंगे और नागरिकों को बेहतर सड़क एवं प्रकाश जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, उप जिलाधिकारी बिरेन्द्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित विभिन्न वार्डों के सभासद और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के जिला जालौन के भदेख दीवारा गांव मैं यमुना नदी में नाहाने आई 12 साल की लड़की डूब गई है जिसका नाम गीता था लगभग 9 घंटे हो गए हैं इसमे गलती उत्तर प्रदेश प्रसासन की है जो इतना टाइम लगा दिया कॉल किया था डूबने के 10 मिनट बाद किया था 30 मिनट बोल बोल कर 7 बजा दिये ओर वो ढूंढने में नाकाम रहे1
- जालौन में शुक्रवार दोपहर मंडप विसर्जन की रस्म के दौरान यमुना नदी में डूबने से एक किशोरी लापता हो गई। घटना के बाद से गोताखोरों और फायर ब्रिगेड की टीम द्वारा उसकी तलाश जारी है। लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। मामला कुठौंद थाना क्षेत्र के भदेख दिवारा गांव का है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी हरबिलास की बेटी छवि का विवाह 26 फरवरी को संपन्न हुआ था। शुक्रवार को विवाह की परंपरा के तहत परिजन और ग्रामीण यमुना नदी में मंडप विसर्जन के लिए एकत्र हुए थे।1
- *मंडप विसर्जन के लिए गयी किशोरी यमुना में डूबी* जालौन। जनपद जालौन के कुठौंद क्षेत्र के ग्राम भदेख़ में गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया। गांव की 12 वर्षीय किशोरी यमुना नदी में मंडप विसर्जन के बाद नहाने के दौरान डूब गई। बच्ची की पहचान गीता पुत्री गयाप्रसाद निषाद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गीता अन्य बच्चों के साथ यमुना में नहाने गई थी। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से वह डूबने लगी और देखते ही देखते लापता हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण तत्काल नदी किनारे पहुंच गए और बच्ची की तलाश में जुट गए। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गई है और स्थानीय लोगों की मदद से सर्च अभियान चलाया जा रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से गोताखोरों को बुलाने की तैयारी की जा रही है। खबर लिखे जाने तक बच्ची का पता नहीं चल सका था।1
- Post by Chhatrapal singh1
- जालौन में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर लाखों रूपए का घोटाला, भूमि संरक्षण के दो लिपिकों पर मुकदमा दर्ज, अब कई विभाग रडार पर!!..... बड़ा सवाल : जिस विभाग के कर्मचारी भ्रष्टाचार में सम्मिलित उन अधिकारियों को जांच टीम का सदस्य बनना बना चर्चा का विषय!! क्या भूमि संरक्षण ऑफिस तक ही जांच सीमित या फिर जिले के अन्य विभागों में भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामले का होगा खुलासा?!!..1