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आधी रात का बड़ा खुलासा: बेतिया बस स्टैंड में देहव्यापार के ‘गंदे खेल’ का भंडाफोड़, S9 बिहार के स्टिंग ऑपरेशन ने खोली पोल—प्रशासन पर गंभीर सवाल पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया बस स्टैंड से सामने आई यह खबर सिर्फ एक सनसनीखेज खुलासा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाली सच्चाई है। जिस बस स्टैंड से हर दिन हजारों लोग गुजरते हैं, वही जगह देर रात कथित तौर पर अवैध गतिविधियों का अड्डा बनी हुई थी। इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ S9 बिहार न्यूज के साहसिक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए, जिसने उन सच्चाइयों को कैमरे में कैद किया, जो अब तक अंधेरे में छिपी हुई थीं। S9 बिहार के संवाददाता जब रात करीब 1 बजे शहर के बस स्टैंड पहुंचे, तो पहली नजर में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया। लेकिन जैसे ही गुप्त कैमरे के जरिए अंदर की परतें खुलनी शुरू हुईं, एक-एक कर चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। बस स्टैंड परिसर में, बसों के पीछे और यहां तक कि बसों के नीचे भी कथित तौर पर इस अवैध धंधे का संचालन किया जा रहा था—वो भी बिना किसी डर के। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान एक महिला दलाल सामने आई, जिसने बिना किसी हिचकिचाहट के पूरे नेटवर्क की जानकारी दी। उसने साफ शब्दों में बताया कि मौके पर कई महिलाएं उपलब्ध हैं और ग्राहक के अनुसार तुरंत व्यवस्था की जा सकती है। बातचीत में उसने रेट भी खुलेआम बताए—200 रुपये से लेकर 500 और 1000 रुपये तक, जबकि पूरी रात के लिए 5000 रुपये तक की मांग की जाती है। इतना ही नहीं, महिला दलाल ने यह भी कहा कि यदि ग्राहक चाहे तो बाहर ले जाकर भी व्यवस्था की जा सकती है। उसने अपने अन्य साथियों से फोन पर संपर्क कर उनकी लोकेशन और उपलब्धता के बारे में बात भी की—जो पूरे स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कैमरे में रिकॉर्ड हुआ। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई एक-दो लोगों का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित हो रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल—आखिर यह सब इतने लंबे समय से कैसे चल रहा था? बस स्टैंड जैसा संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला इलाका, जहां पुलिस की नियमित गश्त और प्रशासनिक निगरानी होनी चाहिए, वहां इस तरह की गतिविधियों का खुलेआम चलना सीधे-सीधे प्रशासन की लापरवाही की ओर इशारा करता है। क्या पुलिस को इस पूरे रैकेट की भनक नहीं थी? अगर नहीं थी, तो यह खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता है। और अगर थी, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या कहीं न कहीं मिलीभगत का खेल चल रहा है? या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे हुए थे? ऐसे कई सवाल अब आम लोगों के बीच उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड पर इस तरह की गतिविधियां नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से यहां संदिग्ध माहौल बना रहता है, लेकिन कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। S9 बिहार न्यूज का यह स्टिंग ऑपरेशन सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि सिस्टम के लिए एक कड़ा संदेश है। यह दिखाता है कि अगर मीडिया अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो छिपी हुई सच्चाइयां भी सामने आ सकती हैं। लेकिन साथ ही यह प्रशासन की जवाबदेही भी तय करता है कि अब इस खुलासे के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप है और लोगों की नजरें अब पुलिस और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा? या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगा? यह खुलासा एक चेतावनी है—कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे रैकेट समाज को अंदर से खोखला करते रहेंगे। अब वक्त है जवाब देने का, कार्रवाई करने का और यह साबित करने का कि कानून अब भी जिंदा है।

2 hrs ago
user_S9 Bihar
S9 Bihar
News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
2 hrs ago

आधी रात का बड़ा खुलासा: बेतिया बस स्टैंड में देहव्यापार के ‘गंदे खेल’ का भंडाफोड़, S9 बिहार के स्टिंग ऑपरेशन ने खोली पोल—प्रशासन पर गंभीर सवाल पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया बस स्टैंड से सामने आई यह खबर सिर्फ एक सनसनीखेज खुलासा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाली सच्चाई है। जिस बस स्टैंड से हर दिन हजारों लोग गुजरते हैं, वही जगह देर रात कथित तौर पर अवैध गतिविधियों का अड्डा बनी हुई थी। इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ S9 बिहार न्यूज के साहसिक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए, जिसने उन सच्चाइयों को कैमरे में कैद किया, जो अब तक अंधेरे में छिपी हुई थीं। S9 बिहार के संवाददाता जब रात करीब 1 बजे शहर के बस स्टैंड पहुंचे, तो पहली नजर में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया। लेकिन जैसे ही गुप्त कैमरे के जरिए अंदर की परतें खुलनी शुरू हुईं, एक-एक कर चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। बस स्टैंड परिसर में, बसों के पीछे और यहां तक कि बसों के नीचे भी कथित तौर पर इस अवैध धंधे का संचालन किया जा रहा था—वो भी बिना किसी डर के। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान एक महिला दलाल सामने आई, जिसने बिना किसी हिचकिचाहट के पूरे नेटवर्क की जानकारी दी। उसने साफ शब्दों में बताया कि मौके पर कई महिलाएं उपलब्ध हैं और ग्राहक के अनुसार तुरंत व्यवस्था की जा सकती है। बातचीत में उसने रेट भी खुलेआम बताए—200 रुपये से लेकर 500 और 1000 रुपये तक, जबकि पूरी रात के लिए 5000 रुपये तक की मांग की जाती है। इतना ही नहीं, महिला दलाल ने यह भी कहा कि यदि ग्राहक चाहे तो बाहर ले जाकर भी व्यवस्था की जा सकती है। उसने अपने अन्य साथियों से फोन पर संपर्क कर उनकी लोकेशन और उपलब्धता के बारे में बात भी की—जो पूरे स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कैमरे में रिकॉर्ड हुआ। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई एक-दो लोगों का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित हो रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल—आखिर यह सब इतने लंबे समय से कैसे चल रहा था? बस स्टैंड जैसा संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला इलाका, जहां पुलिस की नियमित गश्त और प्रशासनिक निगरानी होनी चाहिए, वहां इस तरह की गतिविधियों का खुलेआम चलना सीधे-सीधे प्रशासन की लापरवाही की ओर इशारा करता है। क्या पुलिस को इस पूरे रैकेट की भनक नहीं थी? अगर नहीं थी, तो यह खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता है। और अगर थी, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या कहीं न कहीं मिलीभगत का खेल चल रहा है? या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे हुए थे? ऐसे कई सवाल अब आम लोगों के बीच उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड पर इस तरह की गतिविधियां नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से यहां संदिग्ध माहौल बना रहता है, लेकिन कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। S9 बिहार न्यूज का यह स्टिंग ऑपरेशन सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि सिस्टम के लिए एक कड़ा संदेश है। यह दिखाता है कि अगर मीडिया अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो छिपी हुई सच्चाइयां भी सामने आ सकती हैं। लेकिन साथ ही यह प्रशासन की जवाबदेही भी तय करता है कि अब इस खुलासे के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप है और लोगों की नजरें अब पुलिस और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा? या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगा? यह खुलासा एक चेतावनी है—कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे रैकेट समाज को अंदर से खोखला करते रहेंगे। अब वक्त है जवाब देने का, कार्रवाई करने का और यह साबित करने का कि कानून अब भी जिंदा है।

More news from Pashchim Champaran and nearby areas
  • बेतिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नगर निगम के वार्ड नंबर 24 के पार्षद एनामुल हक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। मामला बेहद गंभीर है—आरोप है कि उन्होंने दो से अधिक संतान होने की जानकारी छुपाकर चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। राज्य निर्वाचन आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करने के बाद यह सख्त फैसला सुनाया। जांच में स्पष्ट हुआ कि 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण वे चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र के जरिए नियमों को दरकिनार कर पार्षद पद हासिल किया। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 18 के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है और वार्ड 24 की सीट को रिक्त घोषित कर दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं, गलत हलफनामा देने और तथ्य छुपाने के मामले में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। वहीं इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट देने में देरी को लेकर जिला प्रशासन भी सख्त नजर आ रहा है। डीएम तरनजोत सिंह ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि एनामुल हक पर पहले भी पद के दुरुपयोग, बैठकों में हंगामा करने और सरकारी कार्यों में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। यहां तक कि नगर आयुक्त के चेंबर में हंगामे का मामला भी सुर्खियों में रहा था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई की जोरदार चर्चा हो रही है।
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    बेतिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नगर निगम के वार्ड नंबर 24 के पार्षद एनामुल हक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। मामला बेहद गंभीर है—आरोप है कि उन्होंने दो से अधिक संतान होने की जानकारी छुपाकर चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की।
राज्य निर्वाचन आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करने के बाद यह सख्त फैसला सुनाया। जांच में स्पष्ट हुआ कि 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण वे चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र के जरिए नियमों को दरकिनार कर पार्षद पद हासिल किया।
आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 18 के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है और वार्ड 24 की सीट को रिक्त घोषित कर दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं, गलत हलफनामा देने और तथ्य छुपाने के मामले में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
वहीं इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट देने में देरी को लेकर जिला प्रशासन भी सख्त नजर आ रहा है। डीएम तरनजोत सिंह ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
बताया जा रहा है कि एनामुल हक पर पहले भी पद के दुरुपयोग, बैठकों में हंगामा करने और सरकारी कार्यों में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। यहां तक कि नगर आयुक्त के चेंबर में हंगामे का मामला भी सुर्खियों में रहा था।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई की जोरदार चर्चा हो रही है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    42 min ago
  • रोती हुई महिला हंस दी... बच्चे को मिलेगा उपचार- योगी जी :- कौन बच्चा है ये क्या हो गया इसको? महिला :- यह है काफी दिनों से बीमार है। योगी जी :- उपचार हम करा रहे हैं लखनऊ में, आयुष्मान कार्ड नहीं लग रहा है इसमें? महिला :- बना नहीं योगी जी :- हम बनवाते हैं, ये श्रावस्ती के केंद्र पर बोलो इसका आयुष्मान कार्ड बनवाओ नहीं बने तो भी इसका स्टीमेट बनवाकर दे दो हम इलाज करायेंगे। धन्य पुरूष हैं हमारे महराज जी 🙏
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    रोती हुई महिला हंस दी... बच्चे को मिलेगा उपचार-
योगी जी :- कौन बच्चा है ये क्या हो गया इसको?
महिला :- यह है काफी दिनों से बीमार है।
योगी जी :- उपचार हम करा रहे हैं लखनऊ में, आयुष्मान कार्ड नहीं लग रहा है इसमें?
महिला :- बना नहीं
योगी जी :- हम बनवाते हैं, ये श्रावस्ती के केंद्र पर बोलो इसका आयुष्मान कार्ड बनवाओ नहीं बने तो भी इसका स्टीमेट बनवाकर दे दो हम इलाज करायेंगे।
धन्य पुरूष हैं हमारे महराज जी 🙏
    user_News of Kushinagar
    News of Kushinagar
    Classified ads newspaper publisher तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अमही और शाहपुर उचकी पट्टी में गूंजा ‘जय भीम’, भीमराव अंबेडकर जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा #भीमजयंती #जयभीम #AmbedkarJayanti #KushinagarNews #Dudahi #BahujanSamaj #SocialUnity #UPNews #DalitPride #VillageNews
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    अमही और शाहपुर उचकी पट्टी में गूंजा ‘जय भीम’, भीमराव अंबेडकर जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा
#भीमजयंती
#जयभीम
#AmbedkarJayanti
#KushinagarNews
#Dudahi
#BahujanSamaj
#SocialUnity
#UPNews
#DalitPride
#VillageNews
    user_Nagendra Yadav
    Nagendra Yadav
    Voice of people तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • दो से अधिक संतान छुपाने पर वार्ड पार्षद पद से हटाए गए एनामुल हक ​निर्वाचन आयोग का सख्त फैसला, वार्ड 24 में फिर होगा चुनाव ​मझौलिया से जापान भाई की रिपोर्ट ​बेतिया। नगर निगम बेतिया के वार्ड संख्या 24 के पार्षद एनामुल हक को दो से अधिक संतान होने का तथ्य छुपाने के मामले में बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। ​आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करते हुए यह सख्त निर्णय सुनाया। आदेश में कहा गया है कि एनामुल हक 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पार्षद पद हासिल किया। ​आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) एवं 18(2) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है। साथ ही वार्ड 24 का पद रिक्त घोषित कर पुनः चुनाव कराने का निर्देश भी जारी किया गया है। ​इसके अतिरिक्त, जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि एनामुल हक के खिलाफ गलत हलफनामा दाखिल करने और तथ्य छिपाने के मामले में अधिनियम की धारा 447 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ​आयोग ने मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हुई देरी को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित जांच पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है। ​इस कार्रवाई के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि एनामुल हक पर पूर्व में पद के दुरुपयोग और बैठकों में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप भी लगाए गए थे, जिनका जिक्र आयोग के फैसले में किया गया है।
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    दो से अधिक संतान छुपाने पर वार्ड पार्षद पद से हटाए गए एनामुल हक
​निर्वाचन आयोग का सख्त फैसला, वार्ड 24 में फिर होगा चुनाव
​मझौलिया से जापान भाई की रिपोर्ट
​बेतिया। नगर निगम बेतिया के वार्ड संख्या 24 के पार्षद एनामुल हक को दो से अधिक संतान होने का तथ्य छुपाने के मामले में बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है।
​आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करते हुए यह सख्त निर्णय सुनाया। आदेश में कहा गया है कि एनामुल हक 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर पार्षद पद हासिल किया।
​आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) एवं 18(2) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है। साथ ही वार्ड 24 का पद रिक्त घोषित कर पुनः चुनाव कराने का निर्देश भी जारी किया गया है।
​इसके अतिरिक्त, जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि एनामुल हक के खिलाफ गलत हलफनामा दाखिल करने और तथ्य छिपाने के मामले में अधिनियम की धारा 447 समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
​आयोग ने मामले की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने में हुई देरी को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित जांच पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है।
​इस कार्रवाई के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि एनामुल हक पर पूर्व में पद के दुरुपयोग और बैठकों में व्यवधान उत्पन्न करने के आरोप भी लगाए गए थे, जिनका जिक्र आयोग के फैसले में किया गया है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    52 min ago
  • जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में भारत - नेपाल सीमा पर सुरक्षा, तस्करी रोक थाम और नशा नियन्त्रण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। 16.04.2026.
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    जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में भारत - नेपाल सीमा पर सुरक्षा, तस्करी रोक थाम और नशा नियन्त्रण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। 16.04.2026.
    user_Vivek Kumar (Shrivastava).
    Vivek Kumar (Shrivastava).
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
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    user_विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    विज्ञान शिक्षण संस्थान मिश्रबत
    Teacher फुलवरिया, गोपालगंज, बिहार•
    8 hrs ago
  • पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल - Rahul sir pcb
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    पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल - Rahul sir pcb
    user_Rahul Sir
    Rahul Sir
    Teacher फुलवरिया, गोपालगंज, बिहार•
    8 hrs ago
  • बेतिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने सुनवाई पूरी करते हुए नामजद अभियुक्त साकीम अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 11 नवंबर 2024 का है, जब गांव की एक नाबालिग बच्ची अपने घर में सो रही थी। देर रात पानी पीने के लिए वह चापाकल के पास गई, तभी आरोपी ने उसे पकड़कर जबरदस्ती दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में मौखिक बयान नहीं दिया, लेकिन जांच और अनुसंधान में जुटी पुलिस की भूमिका तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पटना से आई डीएनए रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। डीएनए सैंपल मैच होने के बाद अदालत ने इसे ठोस आधार मानते हुए दोषसिद्ध किया और सजा सुनाई। फैसले में अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। इस पूरे मामले में विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया है। विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट इस केस में निर्णायक साबित हुई और उसी के आधार पर आरोपी को सजा मिली है।
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    बेतिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने सुनवाई पूरी करते हुए नामजद अभियुक्त साकीम अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला 11 नवंबर 2024 का है, जब गांव की एक नाबालिग बच्ची अपने घर में सो रही थी। देर रात पानी पीने के लिए वह चापाकल के पास गई, तभी आरोपी ने उसे पकड़कर जबरदस्ती दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में मौखिक बयान नहीं दिया, लेकिन जांच और अनुसंधान में जुटी पुलिस की भूमिका तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पटना से आई डीएनए रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। डीएनए सैंपल मैच होने के बाद अदालत ने इसे ठोस आधार मानते हुए दोषसिद्ध किया और सजा सुनाई।
फैसले में अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।
इस पूरे मामले में विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया है। विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट इस केस में निर्णायक साबित हुई और उसी के आधार पर आरोपी को सजा मिली है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    1 hr ago
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