पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत छपरा बहास गांव में रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सरकारी निर्देशों पर पहुंचे बुलडोजर ने कथित अतिक्रमित भूमि पर बने कई मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार में हाल के महीनों में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियानों के बीच की गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जमीन संबंधी आपसी विवाद के बाद लगभग चार महीने पहले अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को एक आवेदन दिया गया था। इस आवेदन पर जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने आज यह कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, और बुलडोजर चलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। प्रभावित लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं, वहीं प्रशासन ने यह बताया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन ने आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।
पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत छपरा बहास गांव में रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सरकारी निर्देशों पर पहुंचे बुलडोजर ने कथित अतिक्रमित भूमि पर बने कई मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार में हाल के महीनों में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियानों के बीच की गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जमीन संबंधी आपसी विवाद के बाद लगभग चार महीने पहले अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को एक आवेदन दिया गया था। इस आवेदन पर जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने आज यह कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, और बुलडोजर चलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। प्रभावित लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं, वहीं प्रशासन ने यह बताया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन ने आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।
- बिहार निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पश्चिम चंपारण का बेतिया शहर सुरक्षा के कड़े घेरे में रहा, जहाँ रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी देखने को मिली। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया। जिला पुलिस, रेल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त तैयारियों के चलते परीक्षा दोनों पालियों में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या हंगामे की कोई सूचना नहीं मिली। यह परीक्षा राज्य के 38 जिलों में आयोजित की गई थी, जिसमें बेतिया को एक महत्वपूर्ण परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और रेल पुलिस सुबह से ही पूरी तरह अलर्ट पर थी, बेतिया रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, साथ ही शहर में लगातार पुलिस गश्त जारी रही और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। सदर-1 डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन परीक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद था, और दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की भी पुष्टि की, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित और आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँचने में मदद मिली। वहीं, रेल थानाध्यक्ष राजेश पासवान ने जानकारी दी कि हाल ही में पटना रेलवे स्टेशन पर हुई तोड़फोड़ और हंगामे की घटनाओं को देखते हुए पूरे बिहार में रेल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत बेतिया रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस और जिला पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत रही कि परीक्षा के दौरान कहीं भी कोई अव्यवस्था उत्पन्न नहीं हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इन्हीं स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता, बेहतर समन्वय और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरे जिले में शांति, व्यवस्था और सौहार्द का माहौल बना रहा, जिसके फलस्वरूप बेतिया में मध्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल रहा।1
- एक पुल के गिरने के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की गई है। इस चर्चा का मुख्य बिंदु यह जानना रहा कि आखिर पुल क्यों ढह गया। बातचीत के दौरान पुल गिरने के पीछे की संभावित वजहों और कारणों पर विचार-विमर्श किया गया।1
- गांधी संग्रहालय में कार्यरत कर्मियों को सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।1
- पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी। जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है। मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया। जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।1
- पकड़ीदयाल नगर पंचायत क्षेत्र में जाम और अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे प्रमुख मार्गों पर अव्यवस्थित यातायात के कारण लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर वार्ड संख्या 05 के पार्षद ने नगर पंचायत प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। नेहरू चौक से ढाका रोड तक, नालियों के ऊपर बने फेबर ब्लॉक पर अस्थायी दुकानें, फल की दुकानें, प्रचार बोर्ड और फ्लेक्स लगाए जाने से सड़क संकरी हो गई है, जिसके कारण इस मार्ग पर आए दिन जाम लगता है और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वार्ड संख्या 05 के पार्षद ने बताया कि फेबर ब्लॉक का निर्माण पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन अतिक्रमण के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है और उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसी तरह, मधुबन रोड पर नालियों का पानी सड़क पर बहने से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है, जबकि मोतिहारी रोड और लक्ष्मी रोड में भी अतिक्रमण और सड़क किनारे की दुकानों के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है। शेखपुरवा रोड पर भी अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है। नगर के विभिन्न इलाकों में बढ़ती जाम और अतिक्रमण की समस्या अब लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुकी है, और अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस दिशा में कब तक कार्रवाई करता है और नगरवासियों को इस समस्या से राहत मिल पाती है या नहीं।1
- बिहार के गोपालगंज जिले में सिपाया पॉलिटेक्निक कॉलेज रोड की मौजूदा हालत ने लोगों को हैरान कर दिया है। 18 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से निर्मित इस सड़क को देखकर यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि यह वास्तव में एक सड़क है या नाला। स्थानीय लोग इसकी दयनीय स्थिति पर गहरा सवाल उठा रहे हैं और निर्माण में खर्च हुई बड़ी राशि के बावजूद इसके मौजूदा 'रूप' को देखकर अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं।1
- पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लीपनी में हुई लूट की घटना को पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस मामले में कार्रवाई की रफ्तार तेज करते हुए, पश्चिम चंपारण बेतिया के पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बारीकी से पड़ताल करते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा मामले के त्वरित खुलासे के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जांच के हर पहलू पर विशेष ध्यान देने, तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटनास्थल निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नरकटियागंज, अंचल पुलिस निरीक्षक मैनाटांड़, जिला आसूचना इकाई की टीम, मैनाटांड़ थाना अध्यक्ष सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस टीम लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है और विभिन्न बिंदुओं पर साक्ष्य एकत्र कर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। लूट की इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता काफी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के खुलासे के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया जाएगा। पुलिस की इस सक्रिय कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- मोदी जी के 12 'बेमिसाल' साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, उनकी दीर्घायु के लिए विशेष पूजा-हवन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक राणा रणधीर सिंह ने भी उनकी लंबी आयु की कामना की।1
- गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक विवाहिता अपने पति के कथित अवैध संबंधों और घरेलू कलह से परेशान होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। महिला की पहचान मोहनपुर गांव निवासी सोनम शर्मा के रूप में हुई है। सोनम शर्मा की शादी वर्ष 2019 में विजयीपुर थाना क्षेत्र के खूटहां गांव में हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई थी और उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध है। सोनम लगातार इस संबंध का विरोध कर रही थी, लेकिन पति की हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। महिला को टावर के ऊपरी हिस्से पर देखकर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कटेया थाना पुलिस को दी। खबर मिलते ही कटेया पुलिस बल और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। काफी देर तक चले इस घटनाक्रम और कड़ी मशक्कत के बाद, आखिरकार महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि महिला को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है और दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच की जा रही है, ताकि पारिवारिक विवाद को सुलझाया जा सके।1