बिहार निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पश्चिम चंपारण का बेतिया शहर सुरक्षा के कड़े घेरे में रहा, जहाँ रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी देखने को मिली। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया। जिला पुलिस, रेल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त तैयारियों के चलते परीक्षा दोनों पालियों में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या हंगामे की कोई सूचना नहीं मिली। यह परीक्षा राज्य के 38 जिलों में आयोजित की गई थी, जिसमें बेतिया को एक महत्वपूर्ण परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और रेल पुलिस सुबह से ही पूरी तरह अलर्ट पर थी, बेतिया रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, साथ ही शहर में लगातार पुलिस गश्त जारी रही और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। सदर-1 डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन परीक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद था, और दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की भी पुष्टि की, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित और आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँचने में मदद मिली। वहीं, रेल थानाध्यक्ष राजेश पासवान ने जानकारी दी कि हाल ही में पटना रेलवे स्टेशन पर हुई तोड़फोड़ और हंगामे की घटनाओं को देखते हुए पूरे बिहार में रेल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत बेतिया रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस और जिला पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत रही कि परीक्षा के दौरान कहीं भी कोई अव्यवस्था उत्पन्न नहीं हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इन्हीं स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता, बेहतर समन्वय और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरे जिले में शांति, व्यवस्था और सौहार्द का माहौल बना रहा, जिसके फलस्वरूप बेतिया में मध्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल रहा।
बिहार निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पश्चिम चंपारण का बेतिया शहर सुरक्षा के कड़े घेरे में रहा, जहाँ रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी देखने को मिली। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया। जिला पुलिस, रेल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त तैयारियों के चलते परीक्षा दोनों पालियों में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या हंगामे की कोई सूचना नहीं मिली। यह परीक्षा राज्य के 38 जिलों में आयोजित की गई थी, जिसमें बेतिया को एक महत्वपूर्ण परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और रेल पुलिस सुबह से ही पूरी तरह अलर्ट पर थी, बेतिया रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, साथ ही शहर में लगातार पुलिस गश्त जारी रही और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। सदर-1 डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन परीक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद था, और दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की भी पुष्टि की, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित और आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँचने में मदद मिली। वहीं, रेल थानाध्यक्ष राजेश पासवान ने जानकारी दी कि हाल ही में पटना रेलवे स्टेशन पर हुई तोड़फोड़ और हंगामे की घटनाओं को देखते हुए पूरे बिहार में रेल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत बेतिया रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस और जिला पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत रही कि परीक्षा के दौरान कहीं भी कोई अव्यवस्था उत्पन्न नहीं हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इन्हीं स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता, बेहतर समन्वय और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरे जिले में शांति, व्यवस्था और सौहार्द का माहौल बना रहा, जिसके फलस्वरूप बेतिया में मध्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल रहा।
- बेतिया जिला अतिथि गृह में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बिहार सरकार के पूर्व मंत्री राणा रणधीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सर्वप्रथम देश की सुरक्षा में जुटे रक्षकों को नमन किया और बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशव्यापी जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत लोगों को सरकार के विकास कार्यों और सफलताओं से अवगत कराया जा रहा है। राणा रणधीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बताया, जिनके नेतृत्व में भारत ने विकास और सुशासन का एक नया अध्याय लिखा है। उन्होंने इस 12 वर्षीय कार्यकाल को केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की यात्रा का प्रतीक करार दिया। पूर्व मंत्री के अनुसार, यह भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे कर एक नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पूर्व मंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व प्रगति की है। देश अब दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ गाँव, गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के हर वर्ग तक पहुँचा है। सड़क, रेल, हवाई सेवा, डिजिटल इंडिया, स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में हुए कार्यों ने देश की तस्वीर बदलने का काम किया है। राणा रणधीर ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है, जिससे देश की प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि हुई है। उनका कहना था कि आज भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता और नेता इसी उद्देश्य से घर-घर जाकर लोगों को सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दे रहे हैं, ताकि आम जनता विकास की इस यात्रा को समझे और उसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के ये 12 वर्ष "सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण" को समर्पित रहे हैं और विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और तेजी से विकास करेगा तथा विकसित भारत का सपना साकार होगा। अंत में, उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे सरकार की इन उपलब्धियों और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुँचाने में मदद करें।1
- माधोपुर पंचायत में स्थित लोहिया पुल ध्वस्त होने की कगार पर पहुँच गया है, जो राहगीरों और ग्रामीणों के लिए एक बड़े खतरे को दावत दे रहा है। यह पुल माधोपुर और रुलही पंचायतों के साथ-साथ पूर्वी चंपारण के सुगौली और हरसिद्धि को भी जोड़ता है, और वर्तमान में इसकी स्थिति अत्यंत जर्जर व दयनीय है। लगभग 23 वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद रघुनाथ झा और विधायक बीरबल यादव के प्रयासों से करीब 40 लाख रुपये की लागत से बना यह पुल अब इतना खराब हो चुका है कि इस पर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। छोटे-बड़े वाहन जान जोखिम में डालकर ही इससे गुजरते हैं, जबकि भारी और बड़े वाहनों का परिचालन तो पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन, सांसद और विधायकों पर वादाखिलाफी और उदासीनता का आरोप लगाते हुए बताया है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और जीतने के बाद विकास के सारे वादे खोखले साबित होते हैं। मुखिया प्रत्याशी जितेंद्र चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि शशि भूषण प्रसाद, राजद प्रखंड अध्यक्ष रहमान मियां, ओम प्रकाश चौधरी और रामभरोस ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने इस स्थिति पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने विभाग की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी को पुल की जर्जर स्थिति का मुख्य कारण बताया। ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन, क्षेत्रीय सांसद और विधायक का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल पुल के मरम्मत या नए निर्माण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह लोहिया पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना घट सकती है।4
- iska ek hi ilaaz hai or wo hai khan sir ki dawaai jo ki ise jaroor milna chahiye1
- एक पुल के गिरने के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की गई है। इस चर्चा का मुख्य बिंदु यह जानना रहा कि आखिर पुल क्यों ढह गया। बातचीत के दौरान पुल गिरने के पीछे की संभावित वजहों और कारणों पर विचार-विमर्श किया गया।1
- पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत छपरा बहास गांव में रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सरकारी निर्देशों पर पहुंचे बुलडोजर ने कथित अतिक्रमित भूमि पर बने कई मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार में हाल के महीनों में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियानों के बीच की गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जमीन संबंधी आपसी विवाद के बाद लगभग चार महीने पहले अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को एक आवेदन दिया गया था। इस आवेदन पर जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने आज यह कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, और बुलडोजर चलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। प्रभावित लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं, वहीं प्रशासन ने यह बताया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन ने आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।1
- रविवार को छपरा बहास बाजार में सुगौली-छपरा बहास बाईपास रोड पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने हटा दिया। यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के पालन में की गई। इस दौरान, सीओ, थानाध्यक्ष और पुलिस बल के जवानों ने मिलकर जेसीबी की सहायता से चार लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई जगह को खाली कराया।1
- बिहार के गोपालगंज जिले में सिपाया पॉलिटेक्निक कॉलेज रोड की मौजूदा हालत ने लोगों को हैरान कर दिया है। 18 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से निर्मित इस सड़क को देखकर यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि यह वास्तव में एक सड़क है या नाला। स्थानीय लोग इसकी दयनीय स्थिति पर गहरा सवाल उठा रहे हैं और निर्माण में खर्च हुई बड़ी राशि के बावजूद इसके मौजूदा 'रूप' को देखकर अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं।1
- बिहार निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पश्चिम चंपारण का बेतिया शहर सुरक्षा के कड़े घेरे में रहा, जहाँ रेलवे स्टेशन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी देखने को मिली। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया। जिला पुलिस, रेल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त तैयारियों के चलते परीक्षा दोनों पालियों में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या हंगामे की कोई सूचना नहीं मिली। यह परीक्षा राज्य के 38 जिलों में आयोजित की गई थी, जिसमें बेतिया को एक महत्वपूर्ण परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और रेल पुलिस सुबह से ही पूरी तरह अलर्ट पर थी, बेतिया रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, साथ ही शहर में लगातार पुलिस गश्त जारी रही और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। सदर-1 डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन परीक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद था, और दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की भी पुष्टि की, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित और आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँचने में मदद मिली। वहीं, रेल थानाध्यक्ष राजेश पासवान ने जानकारी दी कि हाल ही में पटना रेलवे स्टेशन पर हुई तोड़फोड़ और हंगामे की घटनाओं को देखते हुए पूरे बिहार में रेल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत बेतिया रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस और जिला पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत रही कि परीक्षा के दौरान कहीं भी कोई अव्यवस्था उत्पन्न नहीं हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इन्हीं स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता, बेहतर समन्वय और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरे जिले में शांति, व्यवस्था और सौहार्द का माहौल बना रहा, जिसके फलस्वरूप बेतिया में मध्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल रहा।1