लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के कमता से 22 मई 2026 को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 23 वर्षीय चालक गुलफान अहमद का 58 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस बीच, 18 जुलाई को पुलिस ने उनकी अर्टिगा कार (UP 53 AF 4894) बरामद कर ली है, लेकिन चालक का पता न चलने से मामला और भी गंभीर हो गया है। सुल्तानपुर जनपद के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम ज्ञानीपुर निवासी गुलफान अहमद 22 मई को कमता बस स्टैंड से कार लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। इस संबंध में परिजनों ने 2 जून को चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जबकि वाहन स्वामी ने भी 25 मई को ही गोरखपुर में कार व चालक के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा लापता अर्टिगा कार बरामद किए जाने के बाद परिजनों ने दावा किया है कि गाड़ी के अंदर कई अलग-अलग नंबर प्लेटें भी मिली हैं, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसी बीच, गुलफान के भाई महमूद को एक युवती का फोन आया था, जिसने अपने पति आदिल के साथ साहिल, तालिब और समीर के नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस इन आरोपों के साथ-साथ अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने समीर और तालिब को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसमें से तीन दिन बाद तालिब को छोड़ दिया गया है और समीर से पूछताछ अभी भी जारी है। गुलफान का कोई सुराग न मिलने से उनकी मां पिछले 58 दिनों से आस लगाए बैठी हैं और पूरा परिवार बेहद चिंतित और बेचैन है। कमता पुलिस चौकी के प्रभारी अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश पुलिस और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच कराकर गुलफान अहमद का जल्द से जल्द पता लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि 58 दिन बाद कार तो मिल गई, लेकिन आखिर गुलफान अहमद कहां हैं।
लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के कमता से 22 मई 2026 को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 23 वर्षीय चालक गुलफान अहमद का 58 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस बीच, 18 जुलाई को पुलिस ने उनकी अर्टिगा कार (UP 53 AF 4894) बरामद कर ली है, लेकिन चालक का पता न चलने से मामला और भी गंभीर हो गया है। सुल्तानपुर जनपद के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम ज्ञानीपुर निवासी गुलफान अहमद 22 मई को कमता बस स्टैंड से कार लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। इस संबंध में परिजनों ने 2 जून को चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जबकि वाहन स्वामी ने भी 25 मई को ही गोरखपुर में कार व चालक के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा लापता अर्टिगा कार बरामद किए जाने के बाद परिजनों ने दावा किया है कि गाड़ी के अंदर कई अलग-अलग नंबर प्लेटें भी मिली हैं, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसी बीच, गुलफान के भाई महमूद को एक युवती का फोन आया था, जिसने अपने पति आदिल के साथ साहिल, तालिब और समीर के नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस इन आरोपों के साथ-साथ अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने समीर और तालिब को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसमें से तीन दिन बाद तालिब को छोड़ दिया गया है और समीर से पूछताछ अभी भी जारी है। गुलफान का कोई सुराग न मिलने से उनकी मां पिछले 58 दिनों से आस लगाए बैठी हैं और पूरा परिवार बेहद चिंतित और बेचैन है। कमता पुलिस चौकी के प्रभारी अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश पुलिस और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच कराकर गुलफान अहमद का जल्द से जल्द पता लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि 58 दिन बाद कार तो मिल गई, लेकिन आखिर गुलफान अहमद कहां हैं।
- लखनऊ के थाना वजीरगंज क्षेत्र का कैसरबाग इलाका इन दिनों अराजक तत्वों का गढ़ बनता जा रहा है। आरोप है कि वजीरगंज पुलिस के संरक्षण में यहां के कई होटल पूरी रात धड़ल्ले से खुले रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। रात 12 बजे के बाद यहां संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लग जाता है और गाली-गलौज व हुड़दंग से पूरे इलाके का माहौल खराब हो रहा है। इसके अलावा मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग और भीड़ की वजह से यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे आम लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब पुलिस की आंखों के सामने हो रहा है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि नियमों के मुताबिक रात में होटल बंद होने के बावजूद वजीरगंज पुलिस इन पर इतनी मेहरबान क्यों है और क्या इसके पीछे किसी बड़े रसूखदार का हाथ है? मांग की गई है कि इन होटलों पर तुरंत छापा मारकर कार्रवाई की जाए, वरना कैसरबाग जल्द ही अपराधियों की पनाहगाह बन जाएगा।1
- राजधानी लखनऊ के भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड में बदहाल सफाई व्यवस्था और जाम नालियों के कारण स्थानीय निवासियों का जीवन मुश्किल हो गया है। क्षेत्र की गलियों में लगातार गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दूषित माहौल की वजह से कई परिवारों में डेंगू सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के मामले भी सामने आने लगे हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक न तो नालियों की सफाई कराई गई और न ही जलभराव का कोई स्थायी समाधान निकाला गया। घरों के बाहर बदबूदार पानी भरा रहने से लोगों का रोजमर्रा का आवागमन भी कठिन हो गया है, जिससे सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों की मांग है कि जाम नालियों की तुरंत सफाई की जाए, जल निकासी की समुचित व्यवस्था हो और क्षेत्र में नियमित रूप से फॉगिंग व एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जाए। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो डेंगू और अन्य जलजनित बीमारियां क्षेत्र में महामारी का रूप ले सकती हैं।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ के काकराबाद में सड़क खराब पड़ी है। इस समस्या को लेकर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हजरतगंज चौराहे पर एक बड़ा प्रदर्शन हुआ है। लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर हुए इस बड़े प्रदर्शन की जानकारी सामने आई है।1
- दो दिन पहले "या तो यहां से मेरी लाश जाएगी, या फिर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे" कहकर आमरण अनशन शुरू करने वाले अभिजीत दिपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। अनशन खत्म होने के बाद अब उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे ब्रेड पकोड़े खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि अब सबको केवल 'सेफ एग्जिट' चाहिए। यहाँ सभी लोग एक-दूसरे का नाम लेकर अपनी-अपनी हड़ताल खत्म करने में लगे हुए हैं।1
- लखनऊ के राजाजीपुरम चौराहे पर 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन के खंभे में भीषण आग लग गई। इस आग के कारण बिजली के तार जलकर राख हो गए।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं और आंदोलन स्थल पर भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। पुलिस और सुरक्षा बल हालात पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए हैं और इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित बजरंग चौराहा पर बेखौफ बदमाशों का दुस्साहस सामने आया है। यहाँ अखिलेश नाम के व्यक्ति को चेतराम नाम के गुंडे और उसके साथियों ने घेरकर बुरी तरह से पीट दिया। पीड़ित अखिलेश का कहना है कि चेतराम उससे काफी दिनों से रंगदारी मांग रहा था, और आज पैसे न देने पर चेतराम और उसके साथियों ने उसे घेर लिया। बदमाश अखिलेश को इस कदर पीटने के बाद उसे शायद मरा हुआ समझकर मौके से भाग खड़े हुए। इस घटना के बाद पुलिस ने फिलहाल एक आरोपी को पकड़ लिया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है।1